अव उपसर्ग से शब्द

अव उपसर्ग से शब्द (Aw Upsarg se shabd in Hindi)

अव उपसर्ग से शब्द –अवकृपा, अवगुण, अवनति, अवसान,अवरोह, अवधारणा, अवमुल्यन, अवशेष, अवरोध, अवतरण,अवगणन।

Aw Upsarg se Shabd- awakripa, awagun, awasaan, sawaroh, awadharanaa, awamulyan, awasheshan, awataran, awaganan.

अव उपसर्ग से शब्द (prefix of Aw in Hindi)और उपसर्ग जोड़ने पर किसी भी शब्द का मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है। उपसर्ग शब्द या शब्दांश के पहले जुड़कर किसी भी शब्द के अर्थ में विशेषता को लाती है। उपसर्ग का प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सकता है। उपसर्ग शब्द किसी भी शब्द के आगे जुड़ कर विभिन्न प्रकार के शब्दों का निर्माण करती है जिसे हम वाक्यों के द्वारा जानेंगे। इसीलिए एक वाक्य में सभी उपसर्ग शब्दों का प्रयोग हो जाए, यह जरूरी नहीं है। स्थिति के आधार पर वाक्य में अलग अलग उपसर्ग का प्रयोग अलग अलग स्थान पर किया जा सकता है।

नीचे हम उदाहरण के माध्यम से इसे और अधिक गहराई से जानने का प्रयास करेंगे।

अव शब्द के वाक्य प्रयोग द्वारा उपसर्ग शब्दों के अंतर को समझना

  • अवकृपा- अवकृपा का अर्थ होता है कृपा का अभाव होना, कृपा भाव का ना रह जाना, नाखुश, उदासीनता। सोहन नीच जाति का होने के कारण लोग उनके ऊपर कोई कृपा नहीं दिखाते हैं सभी उसके साथ अवकृपा की भावना रखते हैं।
  • अवगुण- अवगुण अर्थ होता है जिसके अंदर कोई गुण ना हो जो कि दुर्गुणों से भरा हुआ हो।सोहन बुरी संगत में पड़ के दुर्गुणों व्यक्तियों से मिलकर अपने अंदर अवगुणों को भर लिया है।
  • अवनति- अवनति का अर्थ होता है नीचे गिरना, गिरावट होना, झुका, सामान्य स्थिति झुकना, अस्त होना ।भारतीय राज्यों के अवनति का कारण मुगलों का आक्रमण था।
  • अवसान- अवसान का अर्थ होता है समाप्त होना, मृत्यु होना, पतन होना, विराम होना। मोहनदास करमचंद गांधी के मृत्यु के पश्चात एक युग का अवसान हो गया।
  • अवमूल्यन – अवमूल्यन का अर्थ होता है किसी के महत्व को कम करना, मुद्रा के मूल्य में गिरावट होना तुलना करना । आधुनिक युग में दिन-प्रतिदिन रुपयों का अवमूल्यन हो रहा है।

उपसर्ग शब्द परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। उपसर्ग शब्द या शब्दांश के पहले जुड़कर किसी भी शब्द के अर्थ में विशेषता को लाती है। एक शब्द के कई उपसर्ग शब्द हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए शब्द उपसर्ग शब्द ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी उपसर्ग शब्दों में से किसी का भी उपसर्ग शब्द पूछा जा सकता है।

उपसर्ग शब्दों का विशेष महत्व है और इनकी सहायता से हम विभिन्न प्रकार के नए शब्दों का निर्माण कर सकते हैं। उपसर्ग शब्द का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में उपसर्ग शब्द पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से उपसर्ग शब्दों बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में उपसर्ग शब्दों का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत और उर्दू और फारसी में भीउपसर्ग शब्दों पूछे जाते हैं।

उपसर्ग शब्द कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण उपसर्ग से बने शब्द

परागैरअभि
समविस्व
प्रबदपरि

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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