प्र उपसर्ग से शब्द

प्र उपसर्ग से शब्द (Pr upasarg se shabd in Hindi)

प्र उपसर्ग से शब्द – प्रगति, प्रबल, प्रभाव, प्रणाम, प्रख्यात, प्रकृति, प्रस्थान, प्रकोप, प्रसारित, प्रभु, प्रचार, प्रयोग, प्रसार, प्रकाश, प्रयास।

Pr upasarg se shabd pragati, prabal, prabhav, pranam, prakhyat, prasharit, prabhu, prachar, prayog, prasar, prakash, prayash.

प्र उपसर्ग से शब्द (Prefix of Pr in Hindi) और उपसर्ग जोड़ने पर किसी भी शब्द का मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है। उपसर्ग शब्द या शब्दांश के पहले जुड़कर किसी भी शब्द के अर्थ में विशेषता को लाती है। उपसर्ग का प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सकता है। उपसर्ग शब्द किसी भी शब्द के आगे जुड़ कर विभिन्न प्रकार के शब्दों का निर्माण करती है जिसे हम वाक्यों के द्वारा जानेंगे। इसीलिए एक वाक्य में सभी उपसर्ग शब्दों का प्रयोग हो जाए, यह जरूरी नहीं है। स्थिति के आधार पर वाक्य में अलग अलग उपसर्ग का प्रयोग अलग अलग स्थान पर किया जा सकता है।

नीचे हम उदाहरण के माध्यम से इसे और अधिक गहराई से जानने का प्रयास करेंगे।

प्र शब्द के वाक्य प्रयोग द्वारा उपसर्ग शब्दों के अंतर को समझना

  • प्रगति- प्रगति का अर्थ होता है आगे बढ़ना, पहले की अवस्था से ऊंचा ऊपर उठना, अग्रसर गति की ओर बढ़ना। हमारे भारत की उन्नति या प्रगति हम भारतीयों पर ही निर्भर करती है।
  • प्रबल- प्रबल का अर्थ होता है शक्तिशाली, बलवान, जिसके अंदर बहुत अधिक बल हो। सम्राट अशोक एक बहुत ही प्रबल और शक्तिशाली राजा थे, जिन्होंने कई देशों को युद्ध करके अपने राज्य में मिला लिया था।
  • प्रभाव- प्रभाव का अर्थ होता है दूसरों पर पड़ने वाला हमारा प्रभाव, हमारा दबाव, दूसरों पर पड़ने वाले हमारे गुण जो उसे आगे बढ़ने की ओर प्रेरित करते हैं। जब भी हम किसी सफल व्यक्ति से मिलते हैं तो उसका प्रभाव हमें भी सफल बनने की ओर प्रेरित करता है।
  • प्रकृति- प्रकृति अर्थात वह मूल शक्ति किस के अनुरूप जगत का विकास हुआ है और जिसके रूप से दृष्टि से हमें चारों ओर हरियाली दिखाई देती है अत्यधिक पेड़ पौधों के कटने से प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है और हमारे चारों ओर कार्बन डाइऑक्साइड फैल रही है जिसके वजह से अत्यधिक गर्म वातावरण बन रहा है।
  • प्रस्थान- प्रस्थान का अर्थ होता है एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर जाना, चलना, गमन करना, मार्ग। भगवान राम के अयोध्या से प्रस्थान करने का खबर सुनकर सभी अयोध्यावासी को गहरा आघात लगा।

उपसर्ग शब्द परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। उपसर्ग शब्द या शब्दांश के पहले जुड़कर किसी भी शब्द के अर्थ में विशेषता को लाती है। एक शब्द के कई उपसर्ग शब्द हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए शब्द उपसर्ग शब्द ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी उपसर्ग शब्दों में से किसी का भी उपसर्ग शब्द पूछा जा सकता है।

उपसर्ग शब्दों का विशेष महत्व है और इनकी सहायता से हम विभिन्न प्रकार के नए शब्दों का निर्माण कर सकते हैं। उपसर्ग शब्द का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में उपसर्ग शब्द पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से उपसर्ग शब्दों बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में उपसर्ग शब्दों का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत और उर्दू और फारसी में भीउपसर्ग शब्दों पूछे जाते हैं।

उपसर्ग शब्द कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण उपसर्ग से बने शब्द

बदकमअन
गैरपरिअनु
समअभिअप

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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