अपनी पगड़ी अपने हाथ मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अपनी पगड़ी अपने हाथ मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Apanee pagadee apane haath Muhavara ka arth)

अपनी पगड़ी अपने हाथ मुहावरे का अर्थ – अपनी इज्जत अपने हाथ होना।

Apanee pagadee apane haath Muhavara ka arth – apanee ijjat apane haath hona.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: सोहर अपने अपने कक्षा में सबसे ज्यादा समझदार बनने की कोशिश करता है लेकिन असल में वह समझदार नहीं होता है और उसके कई बार बेज्जती भी होती है इसीलिए हमेशा कहा जाता है कि अपनी पगली अपने हाथ होती है, लोगों को अपना मान और सम्मान खुद अपने द्वारा ही मिलता है।

वाक्य प्रयोग: सोहन ने सभी के सामने अपने माता-पिता का बहुत ही अपमान करता है लेकिन उसके माता-पिता बिना कुछ कहे वहां से चुपचाप निकल जाते हैं इसके बाद सभी लोग सोहन को ही बुरा भला कहते हैं ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है कि अपनी पगड़ी अपने हाथ होती है सोहन के माता-पिता ने अपने मान सम्मान के लिए वहां से चुपचाप निकल जाना ही सही समझा।

वाक्य प्रयोग: सुमित ने कुछ लेनदार ओ से कर्ज ले रखा था और जब है उसे बाजार में मिला तो मैं उससे कुछ नहीं कहा चुपचाप ही रहा क्योंकि अगर मैं कुछ कहता तो शायद लेनदार उसका काफी अपमान करते हैं इसीलिए कहा जाता है कि अपनी पगड़ी अपने हाथ में ही सही होती है।

वाक्य प्रयोग: सीता के माता पिता ने उसकी शादी के लिए कुछ कर्ज लिया था जिसे बहुत दिनों से चुका नहीं पा रहे थे और एक दिन अचानक बाजार में उसे लेनदार ने घेर लिया और उससे काफी अपमानित किया लेकिन सीता के माता-पिता ने वहां से चुपचाप निकल जाना ही सही समझा ऐसी परिस्थिति में एक आ जाता है कि अपनी पगड़ी अपने हाथ में होती है अर्थात अपनी इज्जत केवल और केवल आदमी के अपने हाथ में होती है।

यहां हमने “अपनी पगड़ी अपने हाथ” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। अपनी पगड़ी अपने हाथ मुहावरे का अर्थ होता है कि अपनी इज्जत अपने हाथ में होती है अर्थात जब कोई आपके साथ बुरा करता हो या आपके लिए बुरा सोचता हो तो आपको भी वैसा बनाना नहीं है। जबकि आपको उससे दूर रहना है और वह अगर आपको बुरा बुरा भला भी कहे तो आपको वहां से अनसुना करके चुपचाप निकल जाना है। क्योंकि अपनी पगड़ी अपने हाथ होती है अपनी इज्जत अपने हाथ होती है। उसे कैसे संभाला है और कैसे नहीं संभालना है यह केवल और केवल हमारा निर्णय होता है । चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

अक्ल चरने जाना आड़े हाथों लेना
आसमान सिर पर उठाना अपने पाँव पर आप कुल्हाड़ी मारना
आपे से बाहर होना आकाश-पाताल एक करना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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