एन्क्रिप्शन क्या है? Encryption की पूरी जानकारी

Encryption Meaning in Hindi: नमस्कार दोस्तों, जैसा कि हम सभी जानते ही है कि आज का युग कंप्यूटर का युग है। आज के समय में हर छोटे से बड़ा काम कंप्यूटर के द्वारा किया जाता है। इसके साथ ही हम अपना अधिकतर समय कंप्यूटर और इन्टनेट पर बिताते है।

आपको बता दें कि इन्टरनेट एक ऐसी जगह हैं, जहाँ पर कुछ भी सुरक्षित नहीं है। इसका अंदाजा हम हमेशा हो रहे स्पैम, डाटा चोरी, फ्रॉड और साइबर अटैक जैसी घटनाओं से लगा सकते हैं। इन सभी घटनाओं को देखते हुए एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी (Encryption Technology) का चलन शुरू हुआ।

Encryption Meaning in Hindi

इस आर्टिकल में हम एन्क्रिप्शन क्या है, एन्क्रिप्शन का मतलब, एन्क्रिप्शन के प्रकार, एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है, इसके लाभ और हानि क्या है जानने के साथ ही एन्क्रिप्शन के बारे में पूरी जानकारी जानेंगे। तो आप हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

एन्क्रिप्शन क्या है? इसके प्रकार, लाभ और हानि | Encryption Meaning in Hindi

एन्क्रिप्शन क्या होता है? (What is Encryption in Hindi)

Encryption यह एक ऐसी विधि है जो हमारी जानकारी/डाटा को एक ऐसे कोड में बदल देती है, जिसे एक आम आदमी या फिर हैकर के द्वारा पढ़ा जाना मुश्किल हो जाता है। इस मेथड में एक गुप्त कोड जनरेट होता है जो हमारे डाटा के सही मतलब और अर्थ को हाईड कर देता है। अर्थात् सही मतलब को छुपा देता है।

हम सरल शब्दों में इसे समझे तो हमारी इन्फोर्मेशन को एक गुप्त कोड के द्वारा सुरक्षित रखना ही एन्क्रिप्शन कहलाता है।

जब डाटा एन्क्रिप्ट हो जाता है तो इसे हर कोई यूजर नहीं देख पाता। इसे केवल वही व्यक्ति देख सकता है जिसके पास इस एन्क्रिप्ट की Encryption Key हो। यह एन्क्रिप्शन की डाटा को फिर से अनलॉक करने, पढ़ने और समझने के योग्य बनाने में सक्षम होती है।

जब डाटा एन्क्रिप्ट नहीं हुआ होता है तब इसे PlaintText और एन्क्रिप्ट होने के बाद इसे Ciphertext कहा जाता है। डाटा का एन्क्रिप्शन और डिस्क्रिप्शन होने की पूरी प्रक्रिया को क्रिप्टोग्राफी (Cryptography) तकनीक कहते हैं। क्रिप्टोग्राफी टेक्नोलॉजी कई प्रकार की होती है। जिससे हमारे डाटा को और भी ज्यादा सुरक्षित रखा जाता है। Cryptography Technology से हमारे डाटा को घुसपैठ और अखंडता से बचाया जाता है।

एन्क्रिप्शन का मतलब क्या होता है? (Encryption Meaning in Hindi)

एन्क्रिप्शन मीनिंग इन हिंदी: अब आपके मन ये सवाल आ रहा होगा कि एन्क्रिप्शन का हिंदी में मतलब क्या होता है? या एन्क्रिप्ट का हिंदी अर्थ क्या होता है? आपको बता दें कि Encryption (एन्क्रिप्शन) एक अंग्रेजी शब्द है। इसका हिंदी में अर्थ कूट लेखन होता है। इसे हम गूढ़ लेखन भी कह सकते हैं। डाटा या इन्फोर्मेशन को कोड में बदलना भी इसका Encryption ka Matlab और अर्थ होता है।

एन्क्रिप्टेड का हिंदी अर्थ क्या होता है? (Encrypted Meaning in Hindi)

एन्क्रिप्टेड का हिंदी में मतलब होता है कि जानकारी को कूट रूप में बदल दिया गया है अर्थात इसे कोड की भाषा में बदल दिया गया है।

एन्क्रिप्शन का इतिहास

Encryption (एन्क्रिप्शन) की उत्पति Cryptus शब्द से हुई है, जो कि एक ग्रीक भाषा का शब्द है। Cryptus का मतलब होता है कि किसी को गुप्त रखना। पहले के समय में Encryption का उपयोग ना के बराबर होता था। लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता गया, इसका प्रयोग तेजी से होने लगा।

इंक्रिप्शन को उपयोग पहले के ज़माने में चित्रलिपि से किया जाता था, जिसे समझ पाना काफी कठिन था। यह शब्द 1970 में तेजी से प्रचलन में आने लगा। इसके बाद बी वाह्इटफिल्ड ​डेफी और मार्टिन हेल्मैन ने 1776 में Cryptography Paper बनाया, जिसमें उन्होंने एन्क्रिप्शन (Encryption) और डिक्रिप्शन (Decryption) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

एन्क्रिप्शन शब्द को पहले के समय में सिर्फ सेना के द्वारा या फिर किसी सरकारी संस्थान द्वारा ही प्रयोग में लाया जाता था। लेकिन आज के समय में तेजी बढ़ रहे तकनीकी क्षेत्र में इसका प्रयोग बढ़ता जा रहा है। वर्तमान समय में इसका प्रयोग बहुत जगह पर किया जाने लगा है।

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एन्क्रिप्शन के मुख्य घटक

  1. Plaintext
  2. Ciphertext
  3. Key
  4. Encryption Algorithms

एन्क्रिप्शन कितने प्रकार का होता है?

अब हम जानते है कि Types of Encryption in Hindi. साधारण रूप से इंक्रिप्शन दो प्रकार का होता है:

  • Asymmetric Encryption
  • Symmetric Encryption

Asymmetric Encryption Hindi

इस प्रकिया में दो Encryption Key होती है जो डाटा को एन्क्रिप्ट (Encrypt) और डिक्रिप्ट (Decrypt) करने में काम ली जाती है। इसमें एक Key को प्राइवेट की (Private Key) और दूसरी Key को पब्लिक की (Public Key) कहते हैं।

एन्क्रिप्शन करते समय Private Key यूजर के पास होती है। जबकि डिक्रिप्शन की Key को पब्लिक किया जाता है, जिसे डाटा या इन्फोर्मेशन को भेजना होता है।

Asymmetric Encryption को Public key Encryption (पब्लिक की एन्क्रिप्शन) भी कहा जाता है और यह SSL टेक्नोलॉजी की आधारभूत टेक्नोलॉजी है। इसका उपयोग वेबसाइट और ब्लॉग के URL में http को https बदलने SSL (Secure Socket Layer) में भी होता है।

Symmetric Encryption Hindi

इसे Shared Encryption भी कहा जाता है। इस प्रक्रिया में डाटा या इनफार्मेशन को एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट करने में एक ही Key का उपयोग किया जाता है। Key एक होने के कारण इंक्रिप्शन के समय डाटा को एन्क्रिप्ट करने वाले यूजर को ये Encryption Key उसके साथ भी शेयर करनी पड़ती है, जिसे वह डाटा भेजना है।

इस Symmetric Encryption में Asymmetric Encryption से डाटा प्रोसेस करने की गति तेज और better performance की होती है। इसका उपयोग Heavy Data Encryption और Payment Applications में अधिक होता है।

Symmetric Encryption भी दो प्रकार की होती है:

  1. Stream Algorithms
  2. Block Algorithms

एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है?

एन्क्रिप्शन की प्रकिया में डाटा को पूरी तरह से बदल दिया जाता है, जिसे हर कोई समझ नहीं पाता है। इसे समझने के लिए Encryption Key की जरूरत पड़ती है। अर्थात् जिसके पास यह Key होती है वह व्यक्ति ही इस डाटा को एक्सेस कर पाता है।

इसे हम एक उदाहरण के द्वारा समझते है:

मैं कोई मैसेज अपने दोस्त को भेजना चाहता हूँ और मैं नहीं चाहता कि यह मैसेज कोई और भी पढ़े। इसलिए इस मैसेज को एन्क्रिप्ट करके मैं भेजता हूँ तो यह मैसेज सिर्फ वह ही पढ़ पायेगा।

मान लीजिये “Encryption Meaning in Hindi” यह मेरा मैसेज है। इसे एन्क्रिप्ट करने के बाद यह “51432516209151413511491497914891449” बन जायेगा। अब इसका Key, Alphabet के अनुसार होगा। मतलब A=1, D=4, Y=25, Z=26

इसका प्रयोग कर मैसेज को पढ़ा जा सकता है। यहां पर ये Key सिर्फ आपको समझाने के लिए है। आपको बता दें कि एन्क्रिप्शन का अल्गोरिथम बहुत ही मुश्किल होता है, जिसे हर कोई समझ नहीं सकता।

Encryption kya hota hai

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एन्क्रिप्शन की विशेषता क्या है?

जैसा कि अभी के दिनों में फ्रॉड, साइबर अटैक आदि जैसे मामले बहुत संख्या में बढ़ गये हैं। इसलिए हमें हमारा डाटा को सुरक्षित रखना बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है। एन्क्रिप्शन से हम अपने डाटा को सुरक्षित रख रख सकते हैं। एन्क्रिप्शन के महत्व (Importance of Encryption in Hindi) और विशेषता को हम निम्न प्रकार से समझ सकते हैं:

ओरिजिनल डाटा (Original Data)

एन्क्रिप्शन हमारे डाटा को सुरक्षित रखने के साथ ही डाटा की मौलिकता का भी पूरा ध्यान रखता है। इस प्रोसेस में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक डाटा भेजा जाता है तो उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होता। अर्थात् वह डाटा या इनफार्मेशन ओरिजिनल ही रहता है।

सुरक्षा (Security)

यदि हमें हमारे मोबाइल या कंप्यूटर का डाटा सुरक्षित रखना है तो हमारे लिए एन्क्रिप्शन तकनीक बहुत काम की है। इससे हम अपने डाटा/इन्फोर्मेशन की सुरक्षा बहुत अच्छे से कर सकते है। यदि आपका डिवाइस कहीं ऐसी जगह पर भूल जाते हैं और अपने यह तकनीक उपयोग में ली हुई है तो आपका डाटा बहुत सुरक्षित है।

गोपनीयता (Privacy)

हमें अपने डाटा और इन्फोर्मेशन की गोपनीयता को लेकर बहुत चिंता रहती है। लेकिन आप इस एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर अपनी चिंता से मुक्त हो सकते हैं। इसके लिए आपको अपना डाटा एन्क्रिप्ट करना होगा। इसके बाद आपको अपने डिवाइस को लॉक करने की भी जरूरत नहीं रहेगी और आपका डाटा की सुरक्षा होने के साथ ही इसकी गोपनीयता भी बनी रहेगी।

What is Encryption in Hindi

मोबाइल को Encrypt करने से पहले सावधानी क्या रखें?

मोबाइल को एन्क्रिप्ट (encrypt) बहुत ही आसान और सरल भी है। लेकिन इसके लिए सावधानी रखना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि encrypt करते समय थोड़ी सी भी गलती हुई तो आपको इसकी बड़ी परेशानी हो सकती हैं। इसके लिए आप पहले ये जान लें

  • मोबाइल को एन्क्रिप्ट (encrypt) करने से पहले यह जांच लें कि आपके फोन कितना चार्ज है। क्योंकि कम चार्ज होगा तो परेशानी आ सकती हैं। इसके लिए आप अपने मोबाइल को कम से कम 50% तो चार्ज जरूर रखें।
  • आपको एन्क्रिप्शन की ऐसी सलेक्ट करनी है जो मुश्किल हो, जिसे हर कोई नहीं जान पाएं और आप उसे आसानी से याद रख पायें।

मोबाइल को Encrypt कैसे करें?

Mobile ko Encrypt Kaise Kare इसके लिए आपको निम्न स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

  • सबसे पहले अपने फोन की फ़ोन सेटिंग्स को ओपन करना है।
  • सेटिंग्स ओपन करने के बाद आपको वहां पर Security का ऑप्शन मिलेगा, उसे ओपन करें।
  • Security Tab में पहुंचने के बाद आपको सबसे नीचे Encryption (एन्क्रिप्शन) दिखाई देगा, उसे सलेक्ट करें।
  • फिर आपके सामने कुछ ऑप्शन होंगे, जिसमें आपको पूछा जायेगा कि आपको फ़ोन स्टोरेज एन्क्रिप्ट करना है या फिर SD Card Storage?
  • इसमें आप अपना ऑप्शन सलेक्ट कर लें।
  • ऑप्शन सलेक्ट करने के बाद आपको Continue पर क्लीक कर देना है। फिर आपसे पासवर्ड मांगा जायेगा, उसे ही Encryption Key कहा जाता है।
  • Encryption Key डालने के कुछ समय तक यह प्रोसेस चलेगा और फिर आपके पास एक नोटिफिकेशन आएगा कि आपका मोबाइल पूरी तरह से एन्क्रिप्ट (encrypt) हो गया है।

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एन्क्रिप्शन के लाभ

एन्क्रिप्शन के फ़ायदे (Advantages of Encryption in Hindi) निम्न हैं:

  1. यदि अपने अपने डिवाइस के डाटा को एन्क्रिप्ट कर लेते है तो आपका डाटा बहुत सुरक्षित और सेफ हो जाता है और चोरी होने से भी बच जाता है।
  2. हमारे इम्पोर्टेन्ट डाटा को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में सुरक्षित भेजने के लिए यह तकनीक बहुत ही अच्छी तकनीक है।
  3. डाटा की ओरिजिनलिटी के लिए यह तकनीक बहुत ही उपयोगी है।
  4. किसी तकनीकी खराबी से यदि आपका डाटा चोरी भी हो जाता है तो यह Encryption Key के बिना ओपन नहीं होगा।
  5. आप अपने डाटा की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए इस तकनीक का उपयोग कर सकते हैं।
  6. इस तकनीक में आपका डाटा वह व्यक्ति ही जान सकता है जिसे आप अपनी Encryption Key बताते हैं।

एन्क्रिप्शन के नुकसान

एन्क्रिप्शन के लाभ बहुत है तो एन्क्रिप्शन की हानि (Disadvantages of Encryption in Hindi) भी है जो निम्न है:

  1. इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि बिना पासवर्ड के इसे एक्सेस नहीं कर पाएंगे।
  2. यदि आप इसके एन्क्रिप्शन की को भूल जाते हैं तो फिर इसे वापस एक्सेस करना बहुत मुश्किल या नामुमकिन हो जाता है। इससे आप अपना डाटा खो भी सकते हैं।
  3. अपने डिवाइस को एन्क्रिप्ट करने के बाद आपके डिवाइस की स्पीड भी स्लो हो सकती है।
  4. यदि आपने अपने डिवाइस को रिसेट कर दिया है तो फिर आपको वापस अपना डाटा एन्क्रिप्ट करना पड़ेगा।

एन्क्रिप्शन कहां कहां देखने को मिलता है?

End To End Encryption

यह तकनीक Asymmetric Encryption का ही एक रूप है। एंड टू एंड एन्क्रिप्शन में किसी मैसेज को जब भेजा जाता है तो वह मैसेज एन्क्रिप्ट होता है और फिर उस मैसेज को न तो भेजने वाली कम्पनी पढ़ पाती है और न ही वहां की सरकार। इसे केवल भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ पाता है।

मैसेज के लिए यह End To End Encryption बहुत ही सुरक्षित तकनीक है। WhatsApp अपने यूज़र के मैसेज को सुरक्षित रखने के लिए इस तकनीक का उपयोग करता है। एन्क्रिप्शन मीनिंग इन हिंदी व्हाट्सएप्प का मतलब भी यही होता है कि आपके मैसेज इस तकनीक द्वारा सुरक्षित है।

Field-Level Encryption

अपने ऑनलाइन लॉग इन तो कई बार किया ही होगा चाहे वो सोशल मीडिया साईट हो या शिक्षा से जुड़ी वेबसाइट हो। आप जैसे ही वेबसाइट पर अपना पासवर्ड डालते है तो वह पासवर्ड एक कोड के रूप में बदल जाता है। कोड में बदलने वाली प्रकिया फिल्ड लेवल एन्क्रिप्शन तकनीकी के द्वारा ही होती है।

आपको बता दें कि बैंक अकाउंट या फिर क्रेडिट कार्ड के लिए भी इस तकनीकी का प्रयोग होता है। इस तकनीकी का प्रयोग किसी विशेष फिल्ड को एन्क्रिप्ट करने के लिए किया जाता है।

Network-Level Encryption

इस प्रकिया में कई तरह की तकनीक और टूल्स का प्रयोग किया जाता है। इस तकनीक में भेजी जाने वाली जानकारी सही तरीके से एन्क्रिप्ट हुई है या नहीं और सामने वाले के पास कोई नुकसान बिना पहुँच रही है, इसे जांचने के लिए दो या दो से अधिक तरह की विधियों का प्रयोग किया जाता है।

इस तकनीक का प्रयोग हर तरह के IP नेटवर्क में किया जाता है। इस प्रक्रिया में एन्क्रिप्ट किये गये डाटा को कुछ विशेष व्यक्तियों द्वारा ही डिक्रिप्ट किया जा सकता है।

FAQ

एन्क्रिप्शन का अर्थ क्या होता है?

Encryption (एन्क्रिप्शन) एक अंग्रेजी शब्द है। इसका हिंदी में अर्थ कूट लेखन होता है। इसे हम गूढ़ लेखन भी कह सकते हैं। डाटा या इन्फोर्मेशन को कोड में बदलना भी इसका Encryption ka Matlab और अर्थ होता है।

एन्क्रिप्शन कितने प्रकार के होते हैं?

साधारण रूप से एन्क्रिप्शन दो प्रकार का होता है: Asymmetric Encryption
और Symmetric Encryption

क्या एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को हैक किया जा सकता है?

एन्क्रिप्टेड जानकारी तक केवल वो ही पहुँच सकते है, जो जानकारी भेजने वाला हो या फिर दूसरा उस जानकारी को प्राप्त करने वाला हो।

एन्क्रिप्शन का सबसे मजबूत प्रकार क्या है?

AES-256 सबसे मजबूत एन्क्रिप्शन है, जिसकी लंबाई 256 बिट्स कुंजी की है।

अंतिम शब्द

हमने इस आर्टिकल में जाना कि Encryption क्या है, एन्क्रिप्शन क्या है इन हिंदी (Encryption Meaning in Hindi) और एन्क्रिप्शन का अर्थ क्या है। उम्मीद करते हैं आप एन्क्रिप्शन के बारे में अच्छी तरह से जान गये होंगे। यदि आपका कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और हमारे फेसबुक पेज को जरूर लाइक कर दें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 5 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।

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