विजय कार्णिक का जीवन परिचय

Vijay Karnik Biography in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम अपने इस महत्वपूर्ण लेख के माध्यम से बात करने वाले हैं, भारत के एक ऐसे युवा के बारे में जोकि भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर थे। वर्ष 2019 में विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान से वापस लौटे थे। उस समय पूरे भारत में काफी जोश था। ठीक इसी प्रकार के जोश भारतीय बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी देखने को मिला था, विंग कमांडर अभिनंदन के जीवन पर अभिनंदन और बालाकोट नाम से फिल्मों को बनाने के लिए टाइटल रजिस्टर्ड करवाने की होड़ ही लग गई थी।

विंग कमांडर अभिनंदन ने वाकई इतना सराहनीय कार्य किया है, जिसके लिए उन पर फिल्म तो अवश्य ही बननी चाहिए, परंतु आज हम अपने इस लेख में एक ऐसे वीर की बात करने वाले हैं, जिन्हें हमारा देश भूल ही चुका है। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से बात करेंगे, भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के बारे में। भारत के इस वीर विजय कार्णिक ने वर्ष 1971 ईस्वी में भारत और पाकिस्तान के युद्ध के दौरान भुज एयरबेस को जारी रखने की जिम्मेदारी उठाई थी।

Vijay Karnik Biography in Hindi
Image: Vijay Karnik Biography in Hindi

आज आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख में विजय कार्णिक कौन है, विजय कार्णिक का पारिवारिक संबंध विजय कार्निक को प्राप्त शिक्षा और विजय कार्णिक के जीवन पर बनी फिल्म (Vijay Karnik Story in Hindi) इत्यादि के बारे में विस्तार पूर्वक से चर्चा करेंगे। यदि आप स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के जीवन परिचय (Vijay Karnik Biography in Hindi) के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो कृपया इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

विजय कार्णिक का जीवन परिचय | Vijay Karnik Biography in Hindi

स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के विषय में संक्षिप्त जानकारी

नामविजय कार्णिक
उपनामविजय
उपाधिस्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक
जन्म6 November 1939
पिता का नामज्ञात नहीं
माता का नामज्ञात नहीं
कार्यक्षेत्रभारतीय वायु सेना के लीडर

विजय कार्णिक कौन है?

विजय ने वर्ष 1971 में भारतीय वायु सेना के लिए विंग कमांडर के पोस्ट को भी सुशोभित किया है। विजय भारतीय वायु सेना के लीडर भी थे, इन्होंने भुज एयरवेज को जारी रखने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। विजय वर्तमान समय में सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना के अधिकारी हैं। विजय को क्षतिग्रस्त भुज एयर बेस के निर्माण के लिए महिलाओं को एकत्रित करने के लिए पहचाने जाते हैं।

विजय कार्णिक का जन्म कब और कहां हुआ था?

विजय का जन्म वर्ष 1939 में 6 नवंबर को हुआ था। विजय का जन्म इस तिथि को नागपुर में हुआ था। विजय कार्निक अपने बचपन के समय से ही भारतीय सेना से जुड़ना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना किया।

विजय कार्णिक का पारिवारिक संबंध

वर्तमान समय में विजय के माता-पिता के बारे में अब तक इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। विजय के माता पिता काफी अच्छे व्यक्ति थे, इन्हें इनके माता-पिता से काफी प्रेम प्राप्त हुआ है। यह अपने माता-पिता से बहुत प्यार करते थे।

विजय के तीन भाई भी हैं, जिनका नाम लक्ष्मण, विनोद और अजय है। विजय के दो भाई इंडियन आर्मी और विजय के एक भाई भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं। इन लोगों ने भारत मां की सेवा में ही अपने जीवन को बिता दिया।

विजय कार्णिक को प्राप्त शिक्षा

विजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नागपुर से ही प्राप्त किया था, इसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक तक की शिक्षा को भी नागपुर के विश्वविद्यालय से प्राप्त किया। विजय ने अपनी स्नातक तक की शिक्षा पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना में शामिल हो गए हैं और अब तक भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं।

विजय कार्णिक का व्यक्तिगत जीवन

वर्तमान समय में विजय कार्णिक के व्यक्तिगत जीवन के बारे में इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

भुज क्या है?

वर्ष 1971 ईस्वी को भारत और पाकिस्तान के मध्य एक युद्ध लड़ा गया था, जिसे बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के नाम से जाना जाता है। इस युद्ध में भारतीय वायु सेना के भुज एयरवेस को संचालित करने का कार्य विजय कार्णिक ने खुद के ऊपर लिया। इसमें भारत के मित्रों वाहिनी बल और पाकिस्तान के बीच एक भयंकर युद्ध हुआ था।

यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान में हुआ था जो कि 3 दिसंबर 1971 ईस्वी को शुरू हुआ था और 16 दिसंबर 1971 को बंद हुआ। इस युद्ध की शुरुआत ऑपरेशन चंगेज खान के नाम से 11 भारतीय हवाई स्टेशनों के द्वारा हवाई हमले से की गई थी।

विजय कार्णिक के साथ भुज में क्या हुआ था?

वर्ष 1971 ईस्वी में 8 दिसंबर को भारतीय सेना पर पर पाकिस्तानी घुड़सवार सेना के द्वारा रात्रि के समय में हमला किया गया था। इसी दिन भुज में भी भारतीय वायु सेना की एयरबेस पर 14 से भी अधिक बम गिराए गए थे, जिससे कि काफी जान माल का खतरा हुुआ था। भुज में वायु सेना की एयर बेस पर बम गिराने से वायु सेना के विमानों को उड़ान भरने में काफी समस्या उत्पन्न हुई थी।

वहां पर (जहां भारतीय सेना पर पाकिस्तानी घुड़सवार के द्वारा हमला किया गया था) BSF और IAF की मदद की आवश्यकता थी। परंतु इस काम को अंजाम देने के लिए पर्याप्त मात्रा में सैनिक नहीं थे। भुज के भारतीय एयरवेस की मरम्मत करने के लिए पास के ही गांव माधवपुर के लोगों ने वायु सेना के सैनिकों की मदद की। एयरवेज की मरम्मत करवाने का मुख्य श्रेय खासकर माधोपुर की महिलाओं को दिया जाता है।

माधवपुर की महिलाओं ने लगभग 72 घंटे तक की कड़ी मेहनत के बाद भारतीय वायु सेना के एयरवेज को तैयार करवा दिया। माधोपुर की महिलाओं की मदद से भारतीय वायु सेना ने एयर बेस को बनाने का का मात्र 72 घंटों में पूरा कर लिया।

इस विषय पर वालबाई सेघानी ने बताया कि उस एयर बेस पर उनके साथ लगभग 300 महिलाएं थी, इन महिलाओं ने भारतीय वायु सेना की काफी मदद की। इन महिलाओं ने अपने घरों के काम धंधे छोड़ दिए और भारतीय वायु सेना के एयरबेस को तैयार करवाने में जुट गई।

यह महिलाएं तब तक उसी एयरबेस पर थी, जब तक कि भारतीय वायु सेना ने उड़ान भर ली। वालबाई सेघानी ने यह भी कहा कि अगर हम भारतीय सेना की मदद करते हुए शहीद भी हो जाते तो भी यह एक सम्मानजनक मौत होती।

भारतीय वायु सेना के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए हल्के हरी साड़ी को पढ़ने के लिए कहा गया था ताकि किसी भी प्रकार का हमला होने की सूचना मिलने पर तुरंत जाकर झाड़ियों में छिप जाए और किसी को नजर ना आए।

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महिलाओं को मिली झांसी की रानी की उपाधि

जब यह युद्ध समाप्त हो गया तो उसी दिन भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भुज एयरबेस गई और एयर बेस की मरम्मत करवाने में लगी। महिलाओं को झांसी की रानी के नाम से संबोधित किया और प्रत्येक महिला को ₹50000 इनाम के रूप में कैश दिए गए।

विजय कार्णिक के जीवन पर आधारित फिल्म कौन सी है?

विजय कार्णिक के जीवन पर वर्तमान समय में एक फिल्म बन रही है, जिसका नाम “BHUJ: The pride of India” रखा गया है। इस फिल्म में 1971 में घटित हुए भारत पाकिस्तान के युद्ध में भारतीय जवान और माधोपुर की महिलाओं को दर्शाया गया है। इस फिल्म में विजय कार्णिक के योगदान और माधोपुर की महिलाओं की वीरता के प्रदर्शन को दर्शाया गया है। इस फिल्म में विजय कार्णिक का किरदार बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता अजय देवगन ने किया है।

इस फिल्म में आपको जानने को मिलेगा कि किस प्रकार से विजय कार्णिक और उनकी टीम ने मिलकर इस लड़ाई को लड़ा और स्थानीय ग्राम की लगभग 300 महिलाओं ने मिलकर किस प्रकार से मदद करके भारतीय वायु सेना के एयरबेस को कुछ घंटों में तैयार कर दिया और किस प्रकार से भारत में युद्ध को जीता, इन सभी घटनाओं को इस फिल्म में सराहनीय करार दिया गया है।

भुज फिल्म में विजय कर्णिक के जीवन का रोल लिए अजय देवगन ही क्यों चुने गए?

हम सभी जानते हैं, कि किसी भी फिल्म में उसी एक्टर को चुना जाता है जो कि उसके लिए काबिल हो। परंतु इस फिल्म में विजय कार्णिक के किरदार के लिए कोई दूसरा भी एक्टर एक्टिंग कर सकता था। परंतु इस फिल्म में अजय देवगन को ही चुना गया। इस फिल्म में अजय देवगन को इसलिए चुना गया क्योंकि विजय कार्णिक चाहते थे कि यदि उनके जीवन पर कोई भी फिल्म बने तो उसमें अजय देवगन को ही उनके जगह पर एक्टिंग करने के लिए दिया जाए।

इसके अलावा अजय देवगन को अन्य फिल्मों (सिंघम, एलओसी कारगिल इत्यादि) में वर्दी अर्थात पुलिस के किरदार में देखा गया है जो कि इन पर काफी सूट भी करती है। इसके कारण अजय देवगन को “भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया” फिल्म के लिए भी चुना गया है, इस फिल्म में अजय देवगन विजय कार्णिक के किरदार में नजर आएंगे।

भुज फिल्म का ट्रेलर कब लांच हुआ है?

अजय देवगन की फिल्म भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया का ट्रेलर अभी हाल ही में लांच किया गया है। इस फिल्म के ट्रेलर में अजय देवगन के किरदार को काफी सराहनीय माना जा रहा है। इस फिल्म के ट्रेलर को सोशल मीडिया पर काफी शेयर भी किया जा रहा है। भुज द प्राइड ऑफ इंडिया का ट्रेलर 12 जुलाई 2021 को लॉन्च हो चुका है और यह फिल्म बहुत जल्द ही देखने को भी मिलेगी।

भुज फिल्म को कब रिलीज किया जा रहा है?

अजय देवगन की फिल्म भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया को इसी वर्ष 13 अगस्त 2021 को लांच किया जाएगा। इस फिल्म को ओटीटी चैनल डिजनी प्लस हॉटस्टार पर प्रसारित किया जाएगा। यदि आपको यह फिल्म देखनी है तो ओटीटी चैनल डिजनी प्लस हॉटस्टार की सब्सक्रिप्शन को खरीदना पड़ेगा।

यदि आप इस फिल्म को फ्री में देखना चाहते हैं तो आपको कुछ दिन और रुकना पड़ सकता है, जब तक कि यह टीवी चैनलों पर प्रसारित न किया जाने लगे।

विजय कार्णिक कौन है?

वायुसेना के अध्यक्ष।

भुज का युद्ध कब लड़ा गया था?

8 दिसम्बर 1971

विजय कार्णिक के जीवन पर बनी फिल्म का नाम क्या है?

भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया।

भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया में लीड एक्टर कौन है?

अजय देवगन।

भुज एयर बेस की मरम्मत करने वाली महिला को पुरस्कार के रूप में कितना पैसा दिया गया था?

₹50000

निष्कर्ष

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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