रहीम दास का जीवन परिचय

Rahim Das Biography in Hindi: नमस्कार दोस्तों, भारत में ऐसे कई संत और कवि हुए है जिनकी रचनाओं से हमें प्रेरणा मिलती है, कुछ नया सिखने को मिलता है। आज हम आपको रहीम दास जी के जीवन के बारे में बताने जा रहे है (Rahim Das Biography in Hindi)। जो कि थे तो मुसलमान लेकिन उनका हिन्दू धर्म में बहुत ही लगाव था। रहीम दास जी (Rahim Das Ji) हिन्दी साहित्यिक जगत के महान कवियों में से एक थे।

Rahim Das Biography in Hindi

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आइये जानते है है रहीम दास जी के जीवन के बारे में विस्तार से (Rahim Information in Hindi):

रहीम दास का जीवन (Rahim Das Biography in Hindi):

अपने रहीम दास जी के दोहे तो पढ़े ही होंगे (Rahim Das ke Dohe in Hindi)। रहीम दास जी का पूरा नाम अब्दुल रहीम खान-ए-खाना (Abdul Rahim Khan i Khana in Hindi) है। रहीम दास जी (Rahim Das Information) एक कवि के साथ-साथ अच्छे सेनापति, आश्रयदाता, दानवीर, कूटनीतिज्ञ, कलाप्रेमी, साहित्यकार और ज्योतिष भी थे। रहीम दास जी मुगल बादशाह अकबर (Akbar Biography in Hindi) के नवरत्नों में से एक थे। रहीम दास जी अपने हिंदी दोहों से काफी मशहूर भी थे और इन्होने कई सारी किताबें भी लिखी थी। रहीम दास जी के नाम पर पंजाब (Panjab) में एक गांव का नाम भी खानखाना रखा गया है।

रहीम दास का जीवन (Rahim Das Biography in Hindi):

रहीम दास जी का पूरा नाम अब्दुल रहीम खान-ए-खाना (Abdul Rahim Khan i Khana in Hindi) है और इनका जन्म 17 दिसम्बर 1556 को लाहोर में हुआ था। जो लाहोर अभी पाकिस्तान में स्थित है। इनके पिता का नाम बैरम खान (Bairam Khan History in Hindi) और माता का नाम सुल्ताना बेगम था। बैरम खान एक तुर्की परिवार से थे और हुमायूँ (Humayun History in Hindi) की सेना में शामिल हो गये थे। बैरम खान अकबर किशोरावस्था में सरंक्षक के रूप में भी थे। बैरम खान ने हुमायूँ की मुगल साम्राज्य (Empire) को वापस स्थापित (Established) करने में सहायता की थी।

हुमायूँ (Humayun) ने जमाल खान की बड़ी बेटी से अपना विवाह किया था। फिर हुमायूँ ने बैरम खान को जमाल खान की छोटी बेटी से विवाह करने को कहा। बैरम खान ने हुमायूँ के कहने पर जमाल खान (Jamal Khan) की छोटी बेटी से विवाह कर लिया और उससे बैरम खान को रहीम पुत्र मिला। एक बार बैरम खान हज के लिए जा रहे थे तो गुजरात (Gujrat) के पाटन में विश्राम के लिए वहां ठहरे थे। वहां पर धोखे से बैरम खान की हत्या कर दी गई। वहां से बैरम खान की पत्नी अपने सेवको के साथ अहमदाबाद (Ahmedabad) के लिए निकल गई।

जब इस बात की खबर अकबर (Akabar) की को लगी तो अकबर ने सुल्ताना बेगम को अपने दरबार में हाजिर होने का आदेश दिया है। जैसे ही सन्देश पहुंचा तो सुल्ताना बेगम (Sultana Begum) दरबार में हाजिर हुई। वहां पर अकबर ने रहीम (Rahim) को अपने पुत्र के समान रखने का आदेश दिया कि इसको किसी चीज की कमी नहीं आनी चाहिए। रहीम को हमेशा मेरी आँखों के सामने ही रखा जाए। फिर बाद में अकबर (Akabar) ने सुल्ताना बेगम से शादी कर ली और रहीम को “मिर्जा खान” की उपाधि दी।

रहीम की शिक्षा और विवाह:

रहीम (Rahim Das in Hindi) के शिक्षक की भूमिका मुल्ला मुहम्मद अमीन ने निभाई। इन्होने रहीम को अरबी, तुर्की और फारसी भाषा का ज्ञान दिया। इन्होंने रहीम को छंद रचना और फारसी व्याकरण का भी ज्ञान दिया था। रहीम की रचनाएँ (Rahim Das ki Rachnaye in Hindi) और दोहे (Rahim Das ke Dohe in Hindi) आज भी पढ़े जाते है।

Rahim की शिक्षा पूरी हो जाने के बाद 16 साल की उम्र में मुगल बादशाह अकबर ने रहीम का विवाह मिर्जा अजीज कोका की बहन माहबानो से करवा दिया। रहीम के दो बेटियां और तीन बेटे हुए। रहीम (Rahim) के बेटों का नाम भी अकबर ने ही रखा था। Rahim के बेटों का नाम इरीज, दाराब और फरन था।

फिर रहीम (Rahim) का एक और विवाह हुआ जो कि एक सौदा जाति की लड़की से हुआ था। इससे रहीम को एक बेटा हुआ। जिसका नाम रहमान दाद रखा। रहीम दास का तीसरा विवाह भी हुआ। यह विवाह एक दासी से हुआ था। इस पत्नी से भी उन्हें के बेटा हुआ जिसका नाम मिर्जा अमरुल्ला रखा।

रहीम कवि के रूप में (Rahim Hindi Poet):

मुग़ल बादशाह अकबर (Mughal Emperor Akbar) का दरबार ही एक ऐसा दरबार था जिसमें धर्म निरपेक्षता (Secularism) चलती थी। अकबर के दरबार में सभी धर्मो के देवी-देवताओं को उचित समान दिया जाता था। रहीम दास श्रीकृष्ण के भक्त थे। अकबर के धर्म निरपेक्ष (Secularism) होने के कारण कभी रहीम की कृष्ण भक्ति का विरोध नहीं किया।

Rahim Das Ke Dohe in Hindi

रहीम (Rahim Poet) के दोहे आज भी कई पुस्तकों में देख सकते है। रहीम की कृष्ण भक्ति और हिन्दू धर्म (Hindu Dharm) को समान देने पर रहीम को रहीम दास जी कहा जाने लगा। फिर रहीम दास जी की गिनती तुलसीदास (Tulsidas) और सूरदास (Soordas) जैसे कवियों में होने लगी। रहीम दास जी ने ज्योतिष पर अपनी दो पुस्तके भी लिखी जो काफी प्रसिद्ध है। उनका नाम कौतुकम (Kautukam) और द्वाविष्ट योगावली है।

रहीम की मृत्यु (Rahim Das Death):

अकबर की मौत हो जाने के बाद अकबर का बेटा जहाँगीर (Jhangir in Hindi) राजा बना। लेकिन रहीम जहाँगीर के राजा बनने के पक्ष में नहीं थे। इस कारण अब्दुल रहीम के दो बेटों को जहाँगीर ने मरवा दिया और फिर 1627 में अब्दुल रहीम की भी चित्रकूट में मौत हो गई। रहीम की मौत हो जाने के बाद इनके शव को दिल्ली लाया गया और वहां पर इनका मकबरा (Tomb) आज भी स्थित है।

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