सार्वनामिक विशेषण (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan): विशेषण जो कि हिंदी व्याकरण की एक मुख्य शाखा है और हिंदी व्याकरण में विशेषण का काफी महत्व है। जो विद्यार्थी वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं, उनको विशेषण के बारे में जानकारी लेना बहुत जरुरी है।

इस लेख में आपको सार्वनामिक विशेषण की जानकारी देखने को मिलेगी। यहां पर सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण के बारे में बात करने वाले हैं।

Sarvanamik Visheshan
Sarvanamik Visheshan

सार्वनामिक विशेषण किसे कहते है?

सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा: ऐसे सर्वनाम शब्द जो संज्ञा से पहले प्रयोग होकर उस संज्ञा शब्द की विशेषता बतलाते है। उन शब्दों को सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

इस प्रकार के शब्द जो कि सर्वनाम के लिए विशेषण के रूप में काम करते हैं। उदाहरण: मेरी गाड़ी, मेरी कार, मेरा घर, वह बाइक, वह आदमी, वह लड़की, वह व्यक्ति, वह जानवर, किसी का घर इत्यादि।

सार्वनामिक विशेषण के मुख्य उदाहरण

  • उस गाड़ी को वहां छोड़ दो।

ऊपर दिए गए इस वाक्य में उस शब्द का प्रयोग गाड़ी को हाथ छोड़ने का संकेत दिया जा रहा है। इसलिए इस शब्द को संज्ञा से पहले लगाकर विशेषता बताने के लिए प्रयोग हो रहा है। अतः इसे सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत रखा गया है।

  • किस व्यक्ति से बात कर रहे हो।

जैसा कि ऊपर उदाहरण में किस शब्द का प्रयोग संज्ञा से पहले किया गया है। इस शब्द का प्रयोग करके व्यक्ति की विशेषता का बोध कराया गया है। इसलिए इस शब्द को सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत रखा गया है।

  • मेरा आदमी घर पहुंच गया है।

इस वाक्य में मेरा शब्द का प्रयोग सर्वनाम से पहले संज्ञा के रूप में किया गया है। इसलिए इस शब्द को सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत रखा गया है। क्योंकि यह शब्द संज्ञा से पहले प्रयुक्त होकर विशेषण की तरह ही विशेषता बता रहा है।

  • वह टीचर सभी छात्रों के प्रिय है।

ऊपर दिए गए वाक्य में वह शब्द का प्रयोग अध्यापक की ओर संकेत करने के लिए किया गया है। इस वह शब्द का प्रयोग संज्ञा से पहले प्रयुक्त होकर संज्ञा की विशेषता बताने का कार्य कर रहा है। इसलिए इस शब्द को सर्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) के अंतर्गत रखा गया है।

सार्वनामिक विशेषण के प्रकार

सार्वनामिक विशेषण मुख्य रूप से 6 प्रकार के होते हैं, जो निम्न है:

  1. संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण
  2. अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण
  3. प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण
  4. सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण
  5. मौलिक सार्वनामिक विशेषण
  6. यौगिक सार्वनामिक विशेषण

संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण

वह सार्वनामिक शब्द जो संज्ञा शब्दों की विशेषता का बोध करवाते हैं, उन्हें संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है जैसे: इस, उस, वह, यह इत्यादि।

  • यह मेरी मेज है।
  • इस पलंग पर सामान ना रखें।
  • उस बाइक को हाथ मत लगाओ।
  • वह घोड़ा मेरा है।
  • इस गाड़ी को टच मत करना।

ऊपर दिए गए वाक्यों में प्रयुक्त यह, इस, उस, वह, इस शब्द किसी विशेष चीज की ओर या वह चीज अपनी होने का संकेत दे रहे हैं। इसलिए यह शब्द संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत आते हैं।

अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण

किसी वाक्य में ‘कोई’ और ‘कुछ’ जैसे सर्वनाम शब्द संज्ञा से पहले प्रयुक्त होते हैं और संज्ञा शब्दों की विशेषता का बोध कराते हैं, उन्हें अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है।

  • मुझे कुछ खाना है।
  • कोई आदमी मुझे मार रहा था।
  • मेरी गाड़ी में से कुछ सामान गायब है।
  • वहां देखो कोई आ रहा है।
  • कल कुछ सामान मार्केट से लाना पड़ेगा।

ऊपर दिए वाक्यों में कुछ और कोई शब्द का प्रयोग संज्ञा से पहले हो रहा है और संज्ञा की ओर संकेत कर रहे हैं, इसलिए यह शब्द अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत आयेंगे।

प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण

किसी भी वाक्य में प्रयुक्त शब्द क्या, कौन, कैसे, किस आदि से संज्ञा की विशेषता का बोध हो, उन्हें प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है।

  • क्या मैं वहां जा सकता हूं।
  • कौन सा आदमी मेरे से ताकतवर है।
  • कौन है जो तुझे बहुत परेशान कर रहा है।
  • क्या मैं इसके बारे में जान सकता हूं।
  • क्या मुझे यह चीजें खानी चाहिए।

प्रयुक्त उदाहरणों में क्या और कौन शब्द का प्रयोग संज्ञा से पहले हो रहा है, इसलिए यह शब्द प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत आते हैं।

सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण

ऐसे शब्द जिनमें हमारा, तुम्हारा, तेरा, मेरा, उसका, इसका, उनका, जिसका इत्यादि संबंध के रूप में शब्दों का प्रयोग होता है और इन शब्दों के माध्यम से सर्वनाम संज्ञा शब्दों की विशेषता को बताता है। इसलिए इन शब्दों को संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत रखा गया है।

  • तुम्हारी गाड़ी मेरे पास है।
  • मेरा नाम कुशाल है।
  • तुम्हारा भाई वहां क्या कर रहा था।
  • मेरा भाई अभी तक आया नहीं है।
  • तुम्हारे दोनों दोस्त मुझे वहां मिले थे।

ऊपर प्रयुक्त वाक्यों में तुम्हारा, मेरा आदि शब्दों का प्रयोग हुआ है जो सम्बन्धवाचक सर्वनाम के अंतर्गत आते हैं जब ये शब्द विशेषण के लिए प्रयोग किये जाते हैं तब इन्हें सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है।

मौलिक सार्वनामिक विशेषण

ऐसे शब्द जो मूल रूप से संज्ञा के आगे प्रयुक्त होकर संज्ञा की विशेषता का बोध करवाते हैं, उन्हें मौलिक सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है उदाहरण: यह लड़का, वह आदमी, कोई व्यक्ति, वह स्कूल इत्यादि।

  • वह लड़की देखने में बहुत खूबसूरत है।
  • वह लड़का काफी ताकतवर है।
  • मुझे तुम बहुत पसंद हो।
  • मुझे यह लड़की परेशान करती है।
  • यह घर मेरा है।
  • यह बंगला काफी पुराना हो गया है।

ऊपर प्रयुक्त वाक्यों में यह, वह आदि शब्द संज्ञा के आगे जुड़कर संज्ञा शब्दों की विशेषता बता रहे हैं, इसलिए यह मौलिक सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण है।

यौगिक सार्वनामिक विशेषण

मूल शब्द ऐसा, कैसा, जैसा, उतना इत्यादि जो सर्वनाम में प्रत्यय लगाने से बनते हैं और उन शब्दों के जरिए संज्ञा की विशेषता को बताया जाता है, उनको योगिक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

  • अगर आपको ऐसा आदमी दिखाई दे तो मुझे फोन करना।
  • जितना पैसा उतना कार्य।
  • जैसा देश वैसी जनता
  • ऐसा कैसा बंगला है जिसके ऊपर छत भी नहीं है।
  • ऐसा आदमी कौन है जो कोई बात नहीं मानता।

प्रयुक्त वाक्यों में ऐसा आदमी, उतना कार्य, वैसी जनता, कैसा बंगला आदि शब्दों का प्रयोग हुआ है।

निष्कर्ष

हमने यहां पर सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) की परिभाषा, भेद और उदाहरण के बारे में विस्तार से जाना है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह समझ आ गया होगा। यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछे।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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