समूहवाचक संज्ञा (परिभाषा एवं उदाहरण)

Samuh Vachak Sangya in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हमने यहां पर समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण (Samuh Vachak Sangya) के बारे में विस्तार से बताया है। हर कक्षा की परीक्षा में पूछा जाने वाले यह एक विशेष महत्वपूर्ण सवाल है। यहां पर हम समूहवाचक संज्ञा को निम्न स्टेप्स में जानेंगे।

  • समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
  • समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण क्या है?
Samuh Vachak Sangya

संज्ञा की परिभाषा, उसके सभी भेद और उनके उदाहरण के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें

समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

वह शब्द जिनसे किसी वस्तु या व्यक्ति के समूह होने का बोध होता हो, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहा जाता है। समूहवाचक संज्ञा को समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है।

उदाहरण के लिए

झुंड, मेला, परिवार, दल, सेना, कक्षा, मेला, भीड़, टुकड़ी, पुस्तकालय आदि इन शब्दों में हमें समूह होने का बोध होता है।

कक्षा में सभी छोत्रों के समूह के होने का बोध होता है, सेना में सैनिकों के समूह का बोध बोध होता है, परिवार में सदस्यों के होने का बोध होता है आदि।

समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण (Samuh Vachak Sangya Examples)

  • मैंने आज एक अंगूरों का गुच्छा खाया।

यहां पर गुच्छा अधिक अंगूरों के होने का बोध होता है, इसलिए यहां पर गुच्छा शब्द में समूहवाचक संज्ञा है।

  • आज मेरी कक्षा नहीं लगेगी।

यहां पर कक्षा शब्द से विद्यार्थियों के समूह होने का बोध होता है, इसलिए यहां पर कक्षा शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • चोरों की गाड़ी से पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद कर लिया है।

यहां पर जखीरा शब्द से हमें हथियारों के समूह होने का बोध होता है, इसलिए यहां पर जखीरा शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • भारतीय सेना बहुत ही साहसी सेना है।

यहां पर सेना शब्द से सैनिकों के समूह का बोध होता है, इसलिए यहां पर सेना में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • मेरे परिवार में पांच सदस्य है।

यहां पर परिवार में हमें सदस्यों के समूह होने का बोध होता है, इसलिए परिवार शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • जंगल में हिरणों का झुण्ड रहता है।

यहां पर झुण्ड शब्द से हमें यह बोध होता है कि हिरण अधिक संख्या में है, इसलिए यहां पर झुण्ड शब्द में समुदायवाचक संज्ञा है।

  • आज मैंने 2 दर्जन आम खरीदे।

यहां आपर दर्जन शब्द से हमने पता चलता है कि आम की संख्या अधिक है, इसलिए यहां पर दर्जन शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • आज हमारी सभा में हुई।

यहां पर सभा शब्द से यह बोध होता है कि अधिक संख्या में लोगों की उपस्तिथि थी, इसलिए सभा शब्द में समुदायवाचक संज्ञा है।

  • वहां पर हाथियों का झुण्ड आया था।

यहां पर झुण्ड में अधिक हाथी थे, इसलिए यहां पर झुण्ड शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • मेरी कक्षा में मैं सबसे पहले स्थान पर हूँ।

यहां पर कक्षा शब्द से बोध होता है कि विद्यार्थियों का समूह है, इसलिए यहां पर कक्षा शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • मैंने बधाई के रूप में उसको फूलों का गुलदस्ता दिया है।

यहां पर गुलदस्ता शब्द यह होता है कि फूल का समूह है, इसलिए यहां पर गुलदस्ता शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • सुरेश ने एक करतब दिखाया तो वहां पर भीड़ जमा हो गई।

यहां पर भीड़ से यह बोध होता है कि अधिक संख्या में लोग है अर्थात् लोगों के समूह का बोध हो रहा है, इसलिए यहां पर भीड़ शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • भारतीय टीम ने वर्ड कप जीता है।

यहां पर टीम शब्द से खिलाडियों के समूह का बोध होता है, इसलिए टीम शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

  • कल रात में पुलिस ने रंगे हाथों चोरों के गिरोह को गिरफ्तार किया।

यहां पर गिरोह शब्द से चोरों के समूह का बोध हो रहा है, इसलिए यहां पर गिरोह शब्द में समूहवाचक संज्ञा हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि आप अब “समूहवाचक संज्ञा (परिभाषा एवं उदाहरण) – Samuh Vachak Sangya in Hindi को अच्छी तरह से समझ गये होंगे। यदि आपको इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस जानकारी को आगे शेयर जरूर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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