जातिवाचक संज्ञा (परिभाषा एवं उदाहरण)

Jati Vachak Sangya in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आपको बाते दें कि हिंदी व्याकरण में कुल 3 प्रकार की मुख्य संज्ञाएँ होती है, व्यक्तिवाचक, जाति वाचक और भाव वाचक। जाति वाचक संज्ञा किसी समूह और जाति को निर्दिष्ट करती है। इस आर्टिकल में आपको जातिवाचक संज्ञा (Jativachak Sangya) के बारे में विस्तारपूर्वक बताएँगे। हर कक्षा की परीक्षा में पूछा जाने वाले यह एक विशेष महत्वपूर्ण सवाल है। यहां पर हम जातिवाचक संज्ञा को निम्न स्टेप्स में जानेंगे।

  • जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं ?
  • जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण क्या है?
Jativachak Sangya

संज्ञा की परिभाषा, उसके सभी भेद और उनके उदाहरण के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें

इस आर्टिकल में हम आपको जाति वाचक संज्ञा किसे कहते है (jati vachak sangya kise kahate hain) और जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण (jativachak sangya ke udaharan) के बारे में बेहद सरल भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे, ताकि आप जाति वाचक संज्ञा के बारे में जल्दी और बेहतर जान सकें।

जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

Jativachak Sangya Kise Kahate Hain: जातिवाचक संज्ञा के नाम से ही पता चलता है कि कोई ऐसा वाक्य जिसमें किसी शब्द से किसी स्थान, वस्तु, प्राणी आदि का सम्पूर्ण बोध होता हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहा जाता है अर्थात् वह शब्द जातिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आएगा।

साधारण शब्दों में समझे तो वे शब्द जो किसी वस्तु, व्यक्ति या फिर किसी स्थान की सम्पूर्ण जाति का बोध कराते हैं, उन शब्दों को जातिवाचक संज्ञा कहा जाता है।

यदि कोई जातिवाचक संज्ञा का शब्द किसी व्यक्ति के लिए आएगा तो वह उस व्यक्ति का बोध न करवा के पूरी जाति का बोध कराता है और यदि किसी स्थान के लिए प्रयुक्त होता है, तो वह स्थान के साथ ही उसकी संपूर्ण जाति का बोध कराता। ठीक इसी प्रकार किसी वस्तु के लिए प्रयुक्त जातिवाचक संज्ञा का शब्द उस वस्तु का बोध ना कराके उसकी सम्पूर्ण जाति का बोध कराता है।

उदाहरण के तौर पर

  • गाय हमें दूध देती है। इस वाक्य में सम्पूर्ण गाय जाति को निर्दिष्ट किया गया है। यहाँ पर गाय जाति वाचक संज्ञा है।
  • नदी हमें पानी देती है। इस वाक्य में किसी एक नदी की नहीं बल्कि समग्र नदी की बात हो रही है। इसलिए नदी जातिवाचक संज्ञा है।
  • किसान खेतों में अनाज उगाता है। इस वाक्य में समग्र किसान की बात हो रही है। इसलिए किसान जाति वाचक संज्ञा है।

जाति वाचक संज्ञा को कैसे पहचाने

  • जातिवाचक संज्ञा द्रश्यमान होती है। मलतब ऐसे संज्ञा शब्द जिसे देखा जा सकता है।
  • जातिवाचक संज्ञा शब्द को एकवचन से बहुवचन और बहुवचन से एकवचन में परावर्तित किया जा सकता है।

जाति वाचक संज्ञा के भेद

जातिवाचक संज्ञा को दो प्रकार में विभाजित किया जाता है।

1.द्रव्यवाचक संज्ञा : जो शब्द किसी पदार्थ, धातु और द्रव्य को दर्शाते है उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है। उदाहरण के तौर पर गेहूं, चावल, घी, सोना, चांदी, तांबा, ऊन आदि।

2.समूहवाचक संज्ञा : जो संज्ञा शब्द से किसी भी व्यक्ति या वस्तु के समूह को दर्शाते है उन्हें समूहवाचक या समुदायवाचक संज्ञा कहते हैं। उदाहरण के तौर पर सेना, पुलिस, पुस्तकालय, दल, समिति, आयोग, परिवार आदि।

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण (Jativachak Sangya Examples in Hindi)

हम यहाँ पर बेहद आसान उदाहरण के द्वारा जातिवाचक संज्ञा को समझने की कोशिश करते है जाति वाचक संज्ञा में किसी भी प्राणी, वस्तु और स्थान का समावेश होता है।

जैसी की

  • प्राणी – पक्षी, पशु, कुता, आदमी, गाय, जानवर, लड़का, लड़की, औरत आदि।
  • वस्तु – कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी, टेबल, कुर्सी, किताब, गाड़ी, बस, कार आदि।
  • स्थान – होटल, कॉलेज, स्कूल, शहर, गांव, झरना, स्टेशन, भारत, अमेरिका, गोवा, दिल्ली, केरल, चीन आदि।

आइये यहाँ पर जातिवाचक संज्ञा उदाहरण के द्वारा विस्तार से समझते है

लड़का: लड़के शब्द से सभी जगह के और सही प्रकार के लड़कों का बोध होता है अर्थात् मनुष्य जाती में लड़का विशेष उम्र का बोध करवा रहा है, इसलिए लड़का शब्द जातिवाचक संज्ञा में आता है। जैसे – राम, श्याम, अनिल, सुनील आदि।

स्कूल: यह शब्द सभी स्कूल का एक साथ बोध करा रहा है अर्थात् यह भी किसी एक विशेष स्थान का बोध ना करवाकर सभी स्कूल का बोध करा रहा है। इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा के अंतर्गत आता है।

नदी: नदी जलश्रोतों में से एक जाति का बोध करा रहा है। मतलब नदी शब्द से किसी एक नदी का बोध न होकर विश्व की सभी नदियों का बोध होता है, इसलिए नदी शब्द जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण है।

गाय: गाय शब्द सम्पूर्ण जावनरों में गाय जाति का बोध कराता है, इसलिए गाय जातिवाचक संज्ञा का शब्द है। गाय शब्द बोलने से काली, सफ़ेद, पहाड़ी, विदेशी, देशी, जर्सी, हरियाणवी आदि सभी गाय की प्रजाति का बोध होता है।

शहर: शहर शब्द से किसी विशेष स्थान का बोध न होकर विश्व के सभी शहरों का बोध हो रहा है तो यह एक स्थान सूचक जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण है जैसे – मुंबई, जयपुर, देहरादून आदि।

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण वाक्य

  • खिलौनों से बच्चे खेल रहे हैं।
  • पक्षी पेड़ पर चहचहाट कर रहे हैं।

यहां पर प्रयुक्त खिलौनों, बच्चे, पक्षी, पेड़ शब्द किसी विशेष का बोध न कराकर सम्पूर्ण जाति का बोध करवा रहे है तो ये शब्द जातिवाचक संज्ञा में आते हैं।

  • देश की जनसंख्या बढ़ रही है।
  • लड़के शहर जा रहे हैं।

यहां पर प्रयुक्त देश, शहर, लड़के आदि किसी विशेष स्थान का बोध नहीं करवा रहे अपितु सम्पूर्ण जाति का बोध करवा रहे हैं। इसलिए यह शब्द जातिवाचक संज्ञा के अंतर्गत आते हैं।

  • मुझे बिल्ली पालना पसंद है।
  • मुझे ट्रेन का सफर पसंद है।

यहां पर प्रयुक्त बिल्ली, ट्रेन शब्द किसी विशेष बिल्ली या ट्रेन का बोध नहीं करवा रहे अर्थात् पूरी जाति का बोध करवा रहे हैं, इसलिए यह शब्द जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण में आते हैं।

  • शेर हिरण का शिकार कर रहा है।
  • कार सड़क से जा रही है।

यहां पर शेर, हिरण, कार, सड़क आदि शब्द किसी विशेष प्राणी या स्थान का बोध ना करवाके, सम्पूर्ण जाति का बोध करवा रहे है। इसलिए ये शब्द जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण में आते हैं।

  • तालाब बहुत प्रदूषित है।
  • यह नदी बहुत प्रदूषित हो रही है।

यहां पर प्रयुक्त शब्द तालाब, नदी किसी विशेष स्थान का बोध नहीं करवा कर सम्पूर्ण जाति का बोध करा रहे हैं, इसलिए यह शब्द जातिवाचक संज्ञा के अच्छे उदाहरण है।

  • मानव सबसे पुरानी प्रजाति है।
  • शेर एक जानवर है।

यहां पर प्रयुक्त शब्द मानव, प्रजाति, शेर, जानवर किसी विशेष प्राणी का बोध नहीं करवाके, सभी मानव, प्रजाति, शेर, जानवर की जाति का बोध करवा रहे है। इसलिए ये शब्द जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण है।

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण

  1. हमें सभी सेहतमंद रहने के लिए घी पीना चाहिए।
  2. राधा को सोने की चीज़े बहुत पसंद है।
  3. वसंतनगर छोटा शहर है।
  4. लक्ष्मी का घर नदी के पास है। 
  5. अमिताभ बच्चन एक एक्टर है।
  6. सचिन तेंदुलकर एक प्रसिद्ध क्रिकेटर हैं।
  7. मछली पानी के बिना एक पल भी नहीं जी सकती।
  8. प्रदुषण के कारण मनुष्य में नई नई बीमारियों का जन्म हो रहा है।
  9. भारत देश में कई प्रकार के वस्त्र बनाए जाते है।
  10. गोदाम पूरे अनाज से भरा हुआ था।

अंतिम शब्द

हम उम्मीद करते हैं कि आप अब “जातिवाचक संज्ञा (Jati Vachak Sangya)” को अच्छी तरह से समझ गये होंगे। यदि आपको इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस जानकारी को आगे शेयर जरूर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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