सयुंक्त क्रिया क्या है?

संयुक्त क्रिया (परिभाषा एवं उदाहरण) | Sanyukt Kriya Kise Kahate Hain

 Sanyukt Kriya Kise Kahate Hain
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संयुक्त क्रिया की परिभाषा

Compound Verb in Hindi: संयुक्त क्रिया ऐसे किया है, जो किन्ही दो क्रियाओं के मिलने से पर बनती है। ऐसी क्रियाओं को संयुक्त क्रिया कहते हैं।

दूसरे शब्दों में कहें, तो जब दो तरह की क्रिया मिलकर किसी तीसरे नई क्रिया का अविष्कार करती हो, तो वह नई किया संयुक्त क्रिया के नाम से जानी जाएगी।

संयुक्त क्रिया के कुछ उदाहरण:

  • सीता स्कूल चली गई।
  • वह पढ़ चुका है।
  • तुम महाभारत पढ़ने लगे थे।
  • प्रियंका ने लस्सी पी लिया।

ऊपर दिए गए सभी उदाहरणों में जैसा कि आप ने समझा की वाक्य में सिर्फ एक ही क्रिया नहीं है, यहां पर दो अलग-अलग क्रियाएं मिलकर एक नई क्रियाका निर्माण कर रही है।

जैसे कि: लस्सी को पीना एवं ले लेना को जोड़कर पी लिया शब्द का उपयोग किया गया है, वहीं पढ़ने में लगना जोर का पड़ने लगी शब्द का निर्माण किया। जो कि एक संयुक्त क्रिया के अंतर्गत आते हैं।

  • राधा नाचने लगी।
  • मोहन स्कूल से लौट आया।
  • राम रोने लगा।
  • प्रीति घर पहुंच गई।
  • विद्यालय में पढ़ना लिखना होता है।
  • कभी लोग पढ़ाई कर चुके।

ऊपर दिए उदाहरणों में देखा कि वाक्यों में सिर्फ एक क्रिया प्रयोग नहीं की गई है। एक क्रिया ने दूसरी क्रिया के साथ मिलकर नयी क्रिया का निर्माण किया गया है।

जैसे: रोना और लगना मिलकर रोनी लगा, नई क्रिया का निर्माण किया। पहुंच और जाना यह दोनों मिलकर नई क्रिया का निर्माण किया उधार संयुक्त क्रिया के अंतर्गत आते हैं।

संयुक्त क्रिया में पहली क्रिया मुख्य क्रिया कहलाती है। और दूसरी क्रिया रंजक क्रिया कहलाती है। रंजक क्रिया मुख्य क्रिया के साथ जोड़कर इसके अर्थ में विश्लेषण डाल देती है।

उदाहरण: मोहन बाहर से आ गया।

इस वाक्य में ‘आ’ मुख्य क्रिया है तथा ‘गया’ रंजक क्रिया है। दोनों के लिए आए मिलकर संयुक्त क्रिया ‘आना’ का अर्थ को बता रही है।

आज्ञा और विधि को हटाकर या छोड़ कर सभी क्रियापद दो या अधिक क्रियाओं के योग से ही बनते हैं। परंतु संयुक्त क्रियाएं सबसे अलग हैं, क्योंकि इस क्रिया में एक और असाधारण क्रियापद ‘हो’, ‘रो’, ‘सो’, ‘का’ इत्यादि। धातु से मिलकर बनते हैं। वहां दूसरी ओर संयुक्त क्रियाएं ‘पाना’, ‘पड़ना’, ‘डालना’, ‘सकना’, ‘चुकना’, ‘लगना’, ‘करना’, ‘भेजना’, ‘चाहना’, ‘होना’, ‘आना-जाना’, ‘रहना, ‘रखना’, ‘उठाना’, ‘लेना’ आदि क्रियाएं के योग से बनती है।

इसके अअतिरिक्त अकर्मक और सकर्मक दोनों प्रकार की संयुक्त क्रियाएं भी बनती है।

जैसे: अकर्मक क्रिया- ‘गिर जाना’, ‘लेट जाना’ और सकर्मक क्रिया- ‘बेच देना’, ‘बुला लेना’, ‘मार देना’, ‘काम करना’।

संयुक्त क्रिया के भेद

हिंदी भाषा के अनुसार संयुक्त क्रिया के कुल 11 भेद हैं। जो कि निम्नलिखित हैं।

  1. आरंभ बोधक
  2. समाप्ति बोधक
  3. अवकाश बोधक
  4. अनुमति बोधक
  5. नित्यता बोधक
  6. आवश्यकता बोधक
  7. निश्चय बोधक
  8. इच्छा बोधक
  9. अभ्यास बोधक
  10. शक्ति बोधक
  11. पुनरुक्त बोधक

1.आरंभ बोधक

आरंभ बोधक है ऐसे संयुक्त क्रिया हैं, जिनसे किसी क्रिया का आरंभ होना का ज्ञान होता है, उसे आरंभ बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे:

  • मोहन पढ़ने लगा।
  • वर्षा होने लगी।
  • लक्ष्मण खेलने लगा।

2.समाप्ति बोधक

समाप्ति बोधक ऐसी संयुक्त क्रिया हैं, जिसे मुख्य क्रिया का समाप्ति या पूर्ण होने का बोध होता है। वह समाप्ति बोधक संयुक्त क्रिया कहलाता है। जैसे:

  • राधा ना चुकी है।
  • मोहन खा चुका है।
  • सीता विद्यालय जा चुकी है।
  • रमेश खाना खा चुका है। इत्यादि

जिस धातु के आगे चुका रहे या चूक ना रहे तो इससे पता चलता है कि वह वाक्य समाप्त हो रहा है। इससे समाप्ति बोधक संयुक्त क्रिया का पता चलता है।

3.अवकाश बोधक

अवकाश बोधक ऐसी के लिए आए हैं, जिसमें वाक्य को निस पत्र करने के लिए अवकाश का ज्ञान प्राप्त होता हो। वह क्रियाएं अवकाश बोधक संयुक्त क्रियाएं कहलाएंगे। जैसे कि:

  • राधा रात को बहुत मुश्किल से आराम कर पाई।
  • राम गाना नहीं गा पाया।
  • लक्ष्मण युद्ध को नहीं जीत पाया

4.अनुमति बोधक

अनुमति बोधक ऐसी संयुक्त किए हैं, जिससे कार्य करने की अनुमति मिलने का ज्ञान प्राप्त हो। उसे अनुमति बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे:

  • उसे जाने दो।
  • राधा को बोलने दो।
  • मोहन को पढ़ने दो।
  • मुझे खाना दो।

ऐसी क्रियाएं जिनमें देना धातु के योग से वाक्य बनता हो उसे अनुमति बोधक क्रिया कहेंगे।

5.नित्यता बोधक

नित्यता बोधक ऐसी संयुक्त क्रियाएं जिसमें कार्य का नित्यता या उसके बंद होने का बोध हो। उसे नित्यता बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे:

  • हवा चल रही है।
  • तू बोल रहा है।

इनमें मुख्य क्रिया के आगे जाना या रहना लगा रहता हो, उसे नित्यता बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं।

6.आवश्यकता बोधक

आवश्यकता बोधक ऐसी संयुक्त क्रियाएं हैं, जिनमें की कार्य की आवश्यकता या कर्तव्य का ज्ञान प्राप्त हो। वह आवश्यकता बोधक संयुक्त क्रिया कहलाती है। जैसे:

  • इस काम को राधा को करना पड़ता है।
  • मोहन को इस काम को जल्दी करना चाहिए।

जिस वाक्य के अंत में साधारण क्रिया के साथ वरना होना या चाहिए धातु का प्रयोग किया जाए। वह आवश्यकता बोधक संयुक्त क्रिया कहलाती है।

7.निश्चय बोधक

निश्चय बोधक ऐसी संयुक्त क्रिया है,जिनसे मुख्य क्रिया के व्यापार की निश्चित का भाव प्रकट होता है। उसे निश्चय बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे:

  • श्याम बीच में ही बोल उठा।
  • श्याम ने कहा मैं मार बैठूंगा। और
  • फिर वह गिर पड़ा।
  • श्याम के दोस्त ने कहा अब पीट डालो।

जिस क्रिया में पूर्णता और नित्यता का भाव वर्तमान रहता हो उसे निश्चय बोधक संयुक्त क्रिया कहेंगे।

8.इच्छा बोधक

इच्छा बोधक ऐसी संयुक्त क्रिया है, जिस क्रिया में किसी कार्य को करने की इच्छा प्रकट होती है। उस क्रिया को इच्छा बोधक संयुक्त क्रिया कहेंगे। जैसे:

  • वह घर जाना चाहता है।
  • राधा खाना खाना चाहती है।
  • मैं विद्यालय जाना चाहता हूं।

साधारण क्रिया के अंत में चाहना के लिए जुड़ा रहे। वह इच्छा बोधक संयुक्त क्रिया की पहचान कराता है।

9.अभ्यास बोधक

अभ्यास बोधक ऐसी क्रियाएं हैं, जिन क्रिया को करने में अभ्यास का बोध होता हो आर सामान्य भूतकाल की क्रिया में करना क्रिया लगा रहे, तो उस क्रिया को अभ्यास बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे:

  • राहुल पढ़ा करता है।
  • तुम गाना लिखा करते हो।
  • गणेश खेला करता है।

10.शक्ति बोधक

शक्ति बोधक ऐसी संयुक्त क्रिया हैं जिसमें कार्य करने की शक्ति का भाव पता चलता है, उसे शक्ति बोधक संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे:

  • राम चल सकता है।
  • सीता बोल सकती है।

जिस संयुक्त क्रिया में सकना, सकती है, सकता है, वाक्य के अंत में लगा रहे। तो वह शक्ति बोधक किया जाता है।

11.पुनरुक्त संयुक्त क्रिया:

जब दो समर्थक और समान ध्वनि वाली क्रियाओं का योग बनता है, तब उसे पुनरुक्त संयुक्त क्रिया कहते हैं।

जैसे: राम पढ़ाई लिखाई करता है।

सीता विद्यालय प्रायः आया जाया करती है।

इस लेख में आपने जाना संयुक्त क्रिया किसे कहते हैं (Sanyukt Kriya Kise Kahate Hain) और संयुक्त क्रिया के कितने भेद होते हैं। उसके साथ आप लोगों ने संयुक्त क्रिया के कुछ उदाहरण भी देखें। जिससे कि आपको समझ में आ गया होगा, यह कितने प्रकार के होते हैं। और किस तरह से संयुक्त क्रिया शब्द मिलकर किसी वाक्य को परिवर्तित कर देते हैं। संयुक्त क्रिया, परिभाषा, भेद और उदाहरण आदि सभी की जानकारी इस लेख में दी गई है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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