गूगल क्या है?, इसका अविष्कार कब और किसने किया?

Google Kya Hai: गूगल जो आज दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है और जिसके उपयोगकर्ता दुनिया भर में सबसे अधिक है। आज से 25 साल पहले इंटरनेट तो था लेकिन अभी की तरह इंटरनेट पर इतनी जानकारियां मौजूद नहीं थी। जिस तरह हम गूगल के प्रयोग से इंटरनेट से हर चीज की जानकारी तुरंत हासिल कर लेते हैं पहले यह कार्य बहुत कठिन होता था।

हालांकि उस समय इंटरनेट पर कुछ वेबसाइट मौजूद थी लेकिन कौन सी वेबसाइट सही है, उसका जल्दी से पता नहीं चल पाता था और ना ही जानकारी जल्दी से मिल पाती थी। तब स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 2 विद्यार्थियों ने गूगल की शुरुआत की।

Google Kya Hai
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आज के इस लेख में हम गूगल के बारे में जानने वाले हैं कि आखिर गूगल क्या है? (Google Kya Hai), गूगल की खोज किसने की और किस तरह गूगल आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है?

गूगल क्या है?, इसका अविष्कार कब और किसने किया? | Google Kya Hai

गूगल क्या है? (What Is Google In Hindi)

गूगल सबसे बड़ा सर्च इंजन है, जिसका प्रयोग इंटरनेट से विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता है। आज आप गूगल सर्च इंजन पर किसी भी कीवर्ड को डालकर सर्च करते हैं तो उससे संबंधित सैकड़ों वेबसाइट आपके सामने खुलकर आ जाती हैं।

हालांकि गूगल मात्र सर्च इंजन ही नहीं है। यह बहुत बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, जो सर्च इंजन के अतिरिक्त Internet Analytics और Cloud Computing की सेवा भी देती है।

गूगल कई प्रकार की फ्री सर्विस देता है, जिसके लिए इसने कई सारे प्रोडक्ट को बनाया है। जैसे कि Google drive, AdSense, Play Store, Google Chrome, Google Pay, Gmail इत्यादि। यहां तक कि गूगल के विभिन्न सर्विस प्लेटफार्म के अतिरिक्त Google Pixel नाम से मोबाइल फोन भी है।

गूगल का फुल फॉर्म क्या है?

यूँ तो आधिकारिक तौर पर google का कोई फूल फॉर्म नहीं है। लेकिन कुछ लोगों के अनुसार google का फुल फॉर्म Global Organization Of Oriented Group Language Of Earth है।

गूगल नाम कैसे चुना गया?

गूगल का नाम कैसे चुना गया यह भी एक दिलचस्प बात है। Edward Kasner और James Newman के द्वारा लिखे गए किताब Mathematics and Imagination में एक गणित के शब्द googol से गूगल को बनाया गया है।

इस शब्द का अर्थ 1 के पीछे 100 zero होता है। हालांकि Larry Page और Sergey Brian ने googol ना रख कर Google नाम अपने सर्च इंजन का रखा।

गूगल की खोज किसने की?

कैलिफोर्निया स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले दो PHD Students Sergey Brin और Larry Page गूगल सर्च इंजन की शुरुआत की।

गूगल का इतिहास

1996 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले दो स्टूडेंट Sergey Brin और Larry Page ने एक सर्च इंजन बनाने की सोची। 1997 में दोनों ने सर्च इंजन का नाम गूगल दिया, जो हकिकत में “googol” है। असल में यह शब्द गणित का एक शब्द है, जिसका मतलब 1 के पीछे 100 zero है। लेकिन इसे गलती से गूगल लिखा गया और तब से लेकर अब तक इसका नाम गूगल ही है।

2000 में google ने ऑनलाइन एडवर्टाइजमेंट सर्विस देने के लिए AdWords की शुरुवात की। इसके कारण बड़े-बड़े बिजनेस को सफलता मिलने में मदद मिली। इसके जरिए गूगल बड़ी-बड़ी कंपनियां, बिजनेसमैन जो अपने प्रोडक्ट या सर्विस को प्रमोट करना चाहते हैं, उनसे पैसे लेकर उनके प्रोडक्ट या सर्विस के text ad, Video ad और mobile ad की सेवा देती है।

2004 को गूगल ने एक मेलिंग सर्विस Gmail को launch किया, जिसके साथ Gmail Data Store करने के लिए अच्छा खासा space भी दिया था। आज ज्यादातर ऑफिस में मेलिंग करने के लिए जीमेल का ही इस्तेमाल होता है, जिसके साथ महत्वपूर्ण फाइलों को भी अटैच करके भेजा जा सकता है।

2005 में गूगल ने Keyhole कंपनी को खरीद ली, जो मैप बनाने वाली एक कंपनी थी और और आज इसी को गूगल मैप के नाम से जाना जाता है। जिसकी मदद से दुनिया के किसी भी स्थान का लोकेशन देख सकते हैं। इतना ही नहीं, इसमें सैटेलाइट इमेज भी दिखाया जाता है।

2006 में गूगल ने नई वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब को भी खरीद लिया, जो आज के समय में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला वीडियो शेरिंग प्लेटफार्म है। आज यूट्यूब के उपयोगकर्ता लाखों-करोड़ों की संख्या में है। आज यूट्यूब पर हर घंटे हजारों की संख्या में वीडियो अपलोड किए जाते हैं और लाखों-करोड़ों की संख्या में अलग-अलग विषयों पर वीडियोस मौजूद है।

2007 Android को ख़रीदा। उसके बाद 2008 में खुद का ब्राउज़र क्रोम मार्केट में लांच किया, जो दुनिया का सबसे पसंदीदा ब्राउज़र है। 2011 में ही Google+ project की शुरुवात हुई। 2012 में Google nexus 7 tablet को launch किया गया।

इसी साल गूगल ने गूगल असिस्टेंट को लांच किया, जो वॉइस सर्च फीचर है। 2013 में Google Glass को मार्केट में लाया गया। वहीं 2015 में वीआर हेडसेट की शुरुआत की गई। 2016 में गूगल ने अपना पहला मोबाइल फोन Pixel को Launch किया।

2016 में गूगल ने गूगल होम को लांच किया, जिसके जरिए घर के सभी बिजली से चलने वाले डिवाइस को बोल कर चला सकते हैं। 2017 में Google के Google i/o में Google.ai को Launch किया गया। इसके साथ ही Google Lens की भी शुरुवात हुई।

इस तरह गूगल के विकास का इतिहास बहुत ही लंबा है और आज भी दिन पर दिन गूगल कुछ ना कुछ नया करने की कोशिश कर रहा है।

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गूगल की कमाई किस तरह होती है?

दुनियाभर में आधे से ज्यादा लोग इंटरनेट का इस्तेमाल गूगल के द्वारा निर्मित प्लेटफार्म को इस्तेमाल करते हैं। फिर चाहे वह गूगल सर्च इंजन हो, जीमेल हो या फिर वीडियो सर्विस यूट्यूब या फिर प्ले स्टोर हो। इन सभी सर्विस को गूगल फ्री में प्रोवाइड करवाता है। इसका कोई भी चार्ज हमें नहीं लगता तो यह प्रश्न आपके मन में निश्चित ही आता होगा कि आखिर गूगल इतनी सारी सर्विस फ्री में दे रहा है तो उसकी कमाई कैसे होती है?

इसका जवाब है एडवर्टाइजमेंट। गूगल की कमाई का सबसे ज्यादा हिस्सा एडवर्टाइजमेंट से ही आता है। यहां तक कि गूगल ने अपने इंटरव्यू में भी बताया है कि गूगल की कमाई का 96 परसेंट से भी ज्यादा कमाई केवल एडवर्टाइजमेंट से ही होता है।

अब प्रश्न यह आता है कि गूगल एडवर्टाइजमेंट से पैसे कैसे कमाता है? इसका जवाब है बड़ी-बड़ी कंपनियां और बिजनेसमैन। आज दुनिया भर में कई लोग बिजनेस करते हैं और कोई नया-नया स्टार्टअप भी करते हैं। शुरुआत में अपने प्रोडक्ट को दिखाने के लिए उन्हें अपने प्रोडक्ट का प्रचार करवाना होता है।

आज की सोशल मीडिया के समय में सोशल मीडिया से ज्यादा अच्छा और बड़ा प्लेटफार्म अपने प्रोडक्ट का प्रचार करने के लिए कोई दूसरा नहीं है। ज्यादातर लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं और यह बहुत अच्छा माध्यम है लोगों तक अपने व्यवसाय की जानकारी पहुंचाना, अपने प्रोडक्ट के बारे में बताना।

लेकिन कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट को सोशल मीडिया पर अपलोड कर देने से वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंचेगा। इसके लिए वह गूगल जैसी कंपनी की मदद लेती है, जहां पर करोड़ों की संख्या में लोगों का ट्रैफिक है। लाखों-करोड़ों लोग गूगल को उपयोग करने वाले हैं। गूगल चाहे तो सभी लोगों तक प्रोडक्ट की जानकारी पहुंचा सकता है।

इसीलिए यह बड़ी-बड़ी कंपनियां या फिर बिजनेसमैन अपने व्यवसाय और प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए गूगल को पैसे देती है। गूगल उनके प्रोडक्ट को एडवर्टाइजमेंट की तरह यूट्यूब या फिर ब्लॉग पर दिखाता है।

अब सवाल यह आता है कि कंपनी को एडवर्टाइजमेंट से किस तरह फायदा होता है। तो गूगल आपके पसंद ना पसंद के बारे में सब कुछ जानता है। आपने देखा होगा जब कभी आप यूट्यूब पर या फिर किसी अदर वेबसाइट पर किसी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए सर्च करते हैं और फिर उस वेबसाइट को बंद करने के बाद भी आप दोबारा यूट्यूब पर या फिर दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाते हैं तो वहां पर आपको उस प्रोडक्ट का एडवर्टाइजमेंट दिखता है।

इसी तरह google सभी को एक ही एडवर्टाइजमेंट नहीं दिखाता है। उनके पसंद नापसंद क्या है, उसके अनुसार एडवर्टाइजमेंट दिखाता है ताकि लोग एडवर्टाइजमेंट पर क्लिक करके उस प्रोडक्ट को खरीदें और इतना ही नहीं गूगल केवल एडवर्टाइज में दिखाने के लिए ही कंपनियों से मात्र पैसा नहीं लेता बल्कि जो प्रोडक्ट बिकता है, उसका भी कुछ हिस्सा गूगल लेता है।

गूगल के कमाई करने का अन्य माध्यम

गूगल एडसेंस

जैसा अभी हमने आपको बताया कि गूगल के कमाई करने का सबसे बड़ा जरिया एडवर्टाइजमेंट है। वेबसाइट या यूट्यूब पर जो एडवर्टाइजमेंट दिखाया जाता है, वह गूगल ऐडसेंस की मदद से दिखाया जाता है। गूगल ऐडसेंस गूगल का ही प्रोडक्ट है, जो एडवर्टाइजमेंट के लिए इस्तेमाल होता है।

गूगल जिस भी प्रोडक्ट या सर्विस का एडवर्टाइजमेंट दिखाता है, उनके ऑनर से पैसा लेता है और फिर वह लोगों के वेबसाइट पर उस एडवर्टाइजमेंट को दिखाता है। हालांकि गूगल किसी अन्य के वेबसाइट के ब्लॉग पर एडवर्टाइजमेंट दिखाने के लिए उन्हें भी कुछ हिस्सा देता है और इसी के मदद वेबसाइट ओनर ब्लॉग लिखकर या फिर यूट्यूब पर वीडियो डालकर पैसा कमाते हैं।

हालांकि गूगल adsense अपने मन माने ढंग से आपके ब्लॉग पर एडवर्टाइजमेंट नहीं दिखाता है। इसके कुछ नियम होते हैं जैसे कि जब आपके ब्लॉग या youtube पर एक निश्चित व्यूज की संख्या आ जाती है तब आप google adsense के लिए अप्लाई करते हैं और जब इसका अप्रुवल हो जाने के बाद ही google adsense आपके ब्लॉग पर एडवरटाइजमेंट दिखाता है।

गूगल प्ले स्टोर

एडवर्टाइजमेंट के अतिरिक्त गूगल के कमाई का जरिया गूगल प्ले स्टोर भी है। अपने एंड्रॉयड फोन में किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने के लिए सबसे ज्यादा गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल किया जाता है। गूगल प्ले स्टोर में हजारों-लाखों की संख्या में विभिन्न एप्लीकेशन, बुक्स होते हैं।

हालांकि कुछ एप्लीकेशन फ्री होते हैं लेकिन उन एप्लीकेशन को बनाने वाला ऑनर गूगल प्ले स्टोर में अपने एप्लीकेशन को डालने के लिए गूगल को कुछ निश्चित अमाउंट देता है। इस तरह एप्लीकेशन या फिर किताब लिखने वाला author को अपने किताब को प्ले store में लिस्ट में दिखाने के लिए गूगल प्ले स्टोर को पैसे देने पड़ते हैं।

इसके अतिरिक्त प्ले स्टोर में जिस भी एप्लीकेशन या बुक्स को खरीदने के लिए हमें पैसे देने पड़ते हैं, उसका कुछ हिस्सा गूगल रख लेता है और बाकी उसके ऑनर को दे दिया जाता है।

गूगल मैप

गूगल मैप का इस्तेमाल किसी भी स्थान का लोकेशन ढूंढने के लिए होता है। यह सर्विस बिल्कुल फ्री होती है। लेकिन गूगल, गूगल मैप के जरिए भी कमाई करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि हर महीने गूगल मैप पर एक बिलियन से भी ज्यादा लोगों की ट्रैफिक आती है। यानी कि हर महीने 100 करोड़ से भी ज्यादा लोग गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं और इसी कारण गूगल का गूगल मैप्स अच्छी खासी कमाई हो जाती है।

अब प्रश्न आता है कि गूगल मैप से गूगल किस तरह पैसे कमाता है। बता दें गूगल मैप की सहायता से गूगल दो तरीके से पैसे कमाता है। पहला तरीका विभिन्न स्थानों को प्रमोट करके। आपने देखा होगा कि जब गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं और किसी भी स्थान को सर्च करते हैं जैसे कि कोई होटल या क्लीनिक है या फिर बस स्टैंड, कोई रेलवे स्टेशन तो वहां पर आपको डीटेल्स सर्च में उन स्थानों की लिस्ट दिखती है।

जब आप अपने नजदीकी किसी होटल या रेस्टोरेंट को सर्च करते हैं तो लिस्ट में सबसे ऊपर या टॉप पर अपने होटल या रेस्टोरेंट को दिखाने के लिए उसका ऑनर गूगल को पैसे देता है।

दूसरा तरीका पार्टनरशिप है। बड़ी-बड़ी सर्विस कंपनियां जो लोगों को होम डिलीवरी की सर्विस देती है जैसी कि uber, ola, swiggy, Zomato इत्यादि। जब आप अपनी सर्विस का आर्डर देते हैं तब यह कंपनियां आपके करंट लोकेशन का उपयोग करके आप तक सर्विस को पहुंचाती है।

आपके करंट लोकेशन को जानने के लिए ही यह कंपनियां गूगल मैप का इस्तेमाल करती है, जिसके लिए इन कंपनियों के ओनर को गूगल को कुछ पैसे देने पड़ते हैं। इस तरीके से गूगल मैप के जरिए गूगल का अच्छा खासा कमाई हो जाता है।

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गूगल के कुछ महत्वपूर्ण प्रोडक्ट

गूगल एक बहुत नामी ब्रांड है, इसकी सर्विस ऑफ प्रोडक्ट काफी ज्यादा प्रचलित है। आज इंटरनेट का विभिन्न तरीके से इस्तेमाल करने के लिए सबसे ज्यादा गूगल के द्वारा निर्मित प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाता है। यहां नीचे गूगल के कुछ प्रोडक्ट लिखे हुए हैं:

गूगल क्रोम (Google Chrome)

क्रोम ब्राउज़र भी एक सर्च इंजन है, जो गूगल का ही प्रोडक्ट है। यह काफी फास्ट और सिंपल ब्राउज़र है और गूगल के बाद सबसे अत्यधिक क्रोम ब्राउज़र का इस्तेमाल किया जाता है।

ज्यादातर लोग विभिन्न प्रकार की वेबसाइट खोलने के लिए या फिर ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए शॉपिंग करने के लिए क्रोम ब्राउज़र का ही इस्तेमाल करते हैं। गूगल क्रोम के जरिए इंटरनेट से किसी भी चीज की जानकारी हासिल करना बहुत आसान हो जाता है।

गूगल ट्रांसलेटर (Google Translator)

गूगल ट्रांसलेटर गूगल द्वारा निर्मित एक ऐसा एप्लीकेशन है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग 100 भाषाओं को एक दूसरे में अनुवाद कर सकते हैं। हालांकि प्ले स्टोर पर गूगल ट्रांसलेटर के अतिरिक्त भी अनेक लैंग्वेज ट्रांसलेटर एप है। लेकिन गूगल ट्रांसलेटर सबसे पुराना और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला एप्लीकेशन है।

आज दुनिया के विभिन्न भाषाओं में कंटेंट लिखकर वेबसाइट पर अपलोड किए जाते हैं, जिसे गूगल ट्रांसलेटर के जरिए अन्य देश का व्यक्ति भी बहुत आसानी से पढ़ पाने में सक्षम है।

गूगल पे (Google Pay)

गूगल पे, गूगल के द्वारा निर्मित किया गया ऑनलाइन मनी ट्रांसफर एप्लीकेशन है। इस एप्लीकेशन के जरिए एक खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। हालांकि ऑनलाइन मनी ट्रांसफर के कई सारे ऐप है लेकिन गूगल पे का सबसे अत्यधिक इस्तेमाल किया जाता है।

यह एंड्रॉयड फोन में काम करता है। इस एप्लीकेशन के जरिए बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल से लेकर कई प्रकार के बिल का भुगतान बहुत आसानी से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन का सबसे अच्छी विशेषता यह है कि इस एप्लीकेशन के जरिए पैसे ट्रांसफर करने पर या फिर शॉपिंग करने पर लोगों को कैशबैक भी मिलता है।

ऐडसेंस (AdSense)

ऐडसेंस गूगल का ही प्रोडक्ट है, जिसका इस्तेमाल ऑनलाइन कमाई करने के लिए होता है और लाखों-करोड़ों लोग गूगल ऐडसेंस से पैसे कमा रहे हैं। ब्लॉग या यूट्यूब पर गूगल ऐडसेंस के द्वारा ही पैसे कमाए जाते हैं। यह ब्लॉग या यूट्यूब पर ऐड दिखाता है।

यूट्यूब (YouTube)

यूट्यूब सबसे अधिक वीडियो देखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्लेटफार्म है। हालांकि यह पहले गूगल का प्रोडक्ट नहीं हुआ करता था। लेकिन गूगल ने अब इसे खरीद लिया है, इसीलिए अब यूट्यूब गूगल का प्रोडक्ट बन चुका है। गूगल की कमाई में यूट्यूब का भी काफी अच्छा खासा हिस्सेदारी है।

क्योंकि दुनिया के लाखों लोग यूट्यूब पर हर दिन हजारों वीडियोस अपलोड करते हैं और इसका सबसे मूल कारण है कि यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने से लोग पैसे भी कमाते हैं। यही कारण है कि वीडियो देखने के लिए सबसे ज्यादा यूट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है।

गूगल मैप (Google Map)

गूगल मैप गूगल के द्वारा निर्मित किया गया बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला प्रोडक्ट है। गूगल मैप के जरिए बहुत आसानी से किसी भी जगह का पता ढूंढ सकते हैं। हालांकि पहले जब यह एप्लीकेशन नहीं हुआ करता था तब लोगों को किसी भी जगह पहुंचने के लिए एक दूसरे से पूछना पड़ता था।

लेकिन अब गूगल मैप के जरिए किसी भी अनजान जगह में खड़े होकर भी आप दुनिया के किसी भी जगह का लोकेशन फाइंड कर सकते हैं। इसमें दुनिया का मैप बना रहता है और बहुत आसानी से इसके जरिए आप अपने पते पर जा सकते हैं।

गूगल मैप में आपको सेटेलाइट मैप इमेज देखने को भी मिलता है। इसके अतिरिक्त आपको अपने मंजिल पर जाने में कितना समय लगेगा या फिर वहां तक की दूरी कितनी है, वह भी इस एप्लीकेशन के जरिए पता चल जाता है।

गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store)

गूगल प्ले स्टोर गूगल का एक ऐसा प्रोडक्ट है, जो सभी एंड्रॉयड फोन में होता है और इसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के ऐप को इंस्टॉल करने के लिए होता है। गूगल प्ले स्टोर में लाखों एप्लीकेशन मौजूद है।

जीमेल (Gmail)

जीमेल गूगल का बहुत ही प्रचलित मेलिंग सर्विस प्लेटफॉर्म है। यह गूगल का बहुत ही पुराना और बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने वाला प्रोडक्ट है। किसी को मेल करने के लिए ज्यादातर लोग जीमेल का प्रयोग करते हैं और इसकी सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यहां पर मेल के साथ फाइल भी अटैच करके भेज सकते हैं।

डॉग्स (Docs)

डॉग्स गूगल का ही प्रोडक्ट है। हम कंप्यूटर में कुछ भी लिखने के लिए माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का प्रयोग करते हैं। लेकिन एंड्रॉयड फोन में जब हमें कुछ भी कंटेंट लिखना होता है तब डॉग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह बिल्कुल माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की तरह ही होता है और इसमें माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की तरह सभी प्रकार के फीचर्स मौजूद होते हैं।

सीट (Sheet)

जैसा आप जानते हैं कि कंप्यूटर में जब हमें किसी चीज का बिल तैयार करना होता है या कोई डाटा तैयार करनी होती है तो हम एक्सेल का प्रयोग करते हैं। लेकिन एंड्रॉयड फोन में एक्सेल की सुविधा नहीं होती है, उसके जगह पर हम एंड्रॉयड फोन में सीट का प्रयोग कर सकते हैं। यह बिल्कुल एक्सेल की तरह ही होता है। एक्सेल में दिए जाने वाले सभी फीचर्स सीट में मौजूद होते हैं।

गूगल भारत में किस तरह पॉपुलर हुआ?

सब जानते हैं कि गूगल के विभिन्न प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के लिए हमें इंटरनेट की जरूरत पड़ती है। हालांकि इंटरनेट सर्विस तो भारत में बहुत लंबे समय से ही थी लेकिन गूगल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल Jio सिम के मार्केट में आने के बाद हुआ। क्योंकि Jio मार्केट में आते ही इसने कुछ महीने के लिए फ्री इंटरनेट डाटा का ऑफर दे दिया, जिसके कारण धना धन लोगों ने जियो सिम खरीदना शुरू कर दिया और भरपूर इंटरनेट का आनंद लेना शुरू कर दिया।

चूंकि एंड्राइड में सबसे ज्यादा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म गूगल के द्वारा ही निर्मित है। इसके कारण गूगल भारत में काफी ज्यादा पॉपुलर हो गया और यह दिन प्रतिदिन कुछ ना कुछ नई-नई सर्विस लाते ही रहता है। इसके कारण यह न केवल भारत में बल्कि अन्य देशों में भी काफी पॉपुलर हो चुका है।

दूसरा कारण यह भी है कि गूगल के जरिए लोग पैसे भी कमा रहे हैं जैसे कि यूट्यूब या वेबसाइट बनाकर। यही कारण है कि आज गूगल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो चुका है।

FAQ

गूगल का फुल फॉर्म क्या है?

हालांकि आधिकारिक तौर पर गूगल का कोई भी पूरा नाम नहीं है लेकिन कुछ विद्वानों ने इसका पूरा नाम बना दिया है। उनके अनुसार गूगल का पूरा अर्थ Global Organization Of Oriented Group Language Of Earth होता है।

गूगल को किसने बनाया है?

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी मैं पढ़ने वाली 2 स्टूडेंट लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने गूगल को शुरू किया है।

गूगल की शुरुआत कब हुई?

4 सितंबर 1998 को मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका में एक प्राइवेट कंपनी के रूप में गूगल की शुरुआत हुई थी।

गूगल के सीईओ कौन है?

वर्तमान में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई हैं, ये एक भारतीय है।

गूगल क्या है?

गूगल एक सर्च इंजन है, जो हमारे द्वारा दिए गए किवर्ड के अनुसार जानकारी पहुंचाता है।

गूगल कैसे काम करता है?

जब हम गूगल को कोई भी किवर्ड देते हैं तो गूगल का वेब क्रॉलर सॉफ्टवेयर इंटरनेट पर मौजूद सभी वेब पेजेस को देखता है और उनमें मौजूद लिंक और डेटा को गूगल सर्वर पर भेजता है। इसके बाद डेटा की इंडेक्सिंग करके सर्च इंजन पर भेजता है।

क्या गूगल को सभी की निजी जानकारी मालूम रहती है?

दरअसल गूगल को वही सब जानकारी मालूम रहती हैं, जो हम गूगल के सर्च इंजन पर सर्च करते हैं और हमारे द्वारा सर्च किए गए कीवर्ड से ही गूगल को हमारी पसंद नापसंद के बारे में पता रहता है। इसके अतिरिक्त हमारे द्वारा अपलोड किए जाने वाली तस्वीरें, ईमेल आईडी इत्यादि के बारे में गूगल को जानकारी होती है।

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने जाना कि गूगल क्या है? (Google Kya Hai), गूगल किस तरीके से पैसे कमाता है?, गूगल के निर्माता कौन है और गूगल के कुछ प्रोडक्ट के बारे में जाना। हमें उम्मीद है कि इस लेख के जरिए आपको गूगल के बारे में आवश्यक सभी जानकारी मिल गई होगी।

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गूगल मेरा नाम क्या है?

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 5 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।

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