कंप्यूटर क्या है तथा इसकी बेसिक जानकारी

Computer Kya Hota Hai: नमस्कार दोस्तों, वर्तमान समय में इस पूरी दुनिया के सभी लोगों के द्वारा कंप्यूटर का उपयोग बड़ी ही तेजी से किया जा रहा है और हर एक व्यक्ति किसी न किसी रूप से कंप्यूटर से जुड़ा ही होता है। हम जो स्मार्ट फोन यूज करते हैं, वह भी एक तरह से कंप्यूटर ही होता है और कंप्यूटर की तकनीकी पर छोटे से बड़ा हर एक पोर्टेबल डिवाइस डिपेंडेड होता है।

टेक्नोलॉजी के बढ़ते हुए इस क्षेत्र में जो भी चीजें बनाई जा रही है, वह पूरी तरह से कंप्यूटर पर आधारित होती हैं। आज हम आपके सामने कंप्यूटर के विषय में संपूर्ण जानकारी (What is Computer in Hindi) लेकर प्रस्तुत हुए है।

Computer Kya Hota Hai
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इंटरनेट पर हर दिन बहुत से लोगों के द्वारा कंप्यूटर के विषय में जानने के लिए सर्च किया जाता है और आप बहुत ही ऐसी वेबसाइट पर चले जाते हैं, जहां पर आपको बहुत ही उलझे हुए आर्टिकल्स मिलते हैं।

परंतु हमारे द्वारा लिखे गए इस आर्टिकल में आपको कंप्यूटर के विषय की सभी जानकारियां (Computer in Hindi) जानने को मिलेगी, जो बहुत ही आवश्यक है।

कंप्यूटर क्या है तथा इसकी बेसिक जानकारी | Computer Kya Hota Hai

कंप्यूटर क्या है? (Computer Kya Hai)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जोकि यूजर द्वारा इनपुट दिए जाने पर हमें आउटपुट डाटा प्रदान करता है। कंप्यूटर हमें उन्हीं डाटा को दिखाता है, जिन्हें हम कंप्यूटर में इनपुट करते हैं। कंप्यूटर हम सभी लोगों को हमारे इनपुट के अनुसार डाटा को रिजल्ट्स के रूप में हमारे समक्ष प्रस्तुत करता है।

दूसरे शब्दों में हम यह भी कर सकते हैं कि कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो कि यूजर के द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का बड़ी ही सरलता एवं शुद्धता के साथ सर्च करके उन्हें डाटा प्रदान करती है। कंप्यूटर आपको उन्हीं चीजों को दिखा सकता है, जो उसमें पहले से प्रवेश कराया गया होता है और इसके अतिरिक्त कंप्यूटर आपको कुछ भी नहीं दिखा सकता।

यदि आप कंप्यूटर में इंटरनेट का उपयोग करते हैं तो आपको कंप्यूटर में स्टोर डाटा के अलावा भी अन्य डाटा की सूचनाएं देखने को मिल सकती हैं। परंतु यह सूचनाएं भी किसी के द्वारा इंटरनेट पर स्टोर की गई होती है।

कंप्यूटर वर्तमान समय में इतना ज्यादा प्रचलित हो चुका है कि हर व्यक्ति कंप्यूटर के साथ जुड़ चुका है और बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो कंप्यूटर का उपयोग करके अपनी इनकम करते हैं। कंप्यूटर में स्टोर करने की क्षमता होती है और इसके साथ-साथ पुनः प्राप्त और प्रोसेस करने की क्षमता होती है। कंप्यूटर क्षमता के कारण हमें आउटपुट डाटा प्रदान करता है।

वर्तमान समय में बहुत ऐसे कंप्यूटर बनाए जा चुके हैं, जो बहुत ही ज्यादा फास्ट है और यह आपको कुछ ही समय में आपके दिए गए निर्देशों को आपके सूचनाओं में बदल देंगे।

कंप्यूटर का उपयोग आप दस्तावेजों को टाइप करने, ईमेल भेजने, गेम खेलने और वेब ब्राउज़र के लिए भी उपयोग कर सकते हैं। वर्तमान समय में कंप्यूटर का उपयोग इसके अलावा स्प्रेडशीट, प्रेजेंटेशन और वीडियो बनाने के लिए भी किया जा रहा है।

कंप्यूटर किस तरह काम करता है?

वर्तमान समय की मॉडल कंप्यूटर में बहुत से ऐसे पार्ट्स होते हैं, जो एक कंप्यूटर को विशेष बना देते हैं। परंतु बिना इन चीजों के भी हम कंप्यूटर को संचालित कर सकते हैं। परंतु हमारे पास नीचे बताया गए कुछ जरूरी चीजें अवश्य होनी चाहिए और नीचे बताए गई चीजों के बिना हम कंप्यूटर को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

उनमें से कुछ बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, जैसे कि इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, सीपीयू, स्टोरेज डिवाइस इत्यादि।

  • इनपुट डिवाइस: यह कंप्यूटर की सबसे महत्वपूर्ण डिवाइस होती है, जिसके माध्यम से हम अपने डाटा को कंप्यूटर में प्रवेश कराते हैं। कंप्यूटर में डाटा प्रवेश कराने के लिए जिन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें ही इनपुट डिवाइस कहते हैं।

उदाहरण: कीबोर्ड, माउस इत्यादि।

  • आउटपुट डिवाइस: इनपुट सर्च करने के बाद कंप्यूटर जिन-जिन स्थानों से हमें हमारे डाटा को शो करता है या लिस्ट के रूप में प्रदान करता है, उन डिवाइसों को आउटपुट डिवाइस कहते हैं।

उदाहरण: प्रिंटर और मॉनिटर।

  • सीपीयू: कंप्यूटर को संचालित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है, सीपीयू। कंप्यूटर में किसी भी कार्य को संचालित करने के लिए जो भी उद्देश्य दिए जाते हैं, वह सब सीपीयू के द्वारा ही कंट्रोल किए जाते हैं, इसीलिए सीपीयू को कंप्यूटर का मस्तिष्क भी कहते हैं।
  • स्टोरेज डिवाइस: कंप्यूटर के मस्तिष्क सीपीयू के बाद कोई सबसे महत्वपूर्ण अंग है तो वह है कंप्यूटर का स्टोरेज डिवाइस। यदि कंप्यूटर में स्टोरेज डिवाइस कम है तो आप कंप्यूटर में किसी भी डाटा को कुछ सीमित मात्रा में ही स्टोर कर पाएंगे। यदि आपके कंप्यूटर की स्टोरेज डाटा काफी ज्यादा अधिक है तो आप और सीमित रूप से इसमें अपने सभी डाटा को स्टोर कर पाएंगे।

उदाहरण: हार्ड डिस्क और SSD drive

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कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

कंप्यूटर का फुल फॉर्म बहुत ही ज्यादा सिंपल है और यह अलग-अलग चीजों को दर्शाता है:

  • C: commonly
  • O: operated
  • M: machine
  • P: particularity
  • U: used for
  • T: technical and
  • E: educational
  • R: research

कंप्यूटर की खोज

कंप्यूटर के जनक चार्ल्स बैबेज है। Charles Babbage ने ही सन 1837 ईस्वी में एनालिटिकल इंजन को बनाया था। एनालिटिकल इंजन के माध्यम से ही कंप्यूटर को कंट्रोल किया जा रहा था, इसी कारण से चार्ल्स बैबेज जी को कंप्यूटर का जनक कहा जाने लगा।

चार्ल्स बैबेज के द्वारा बनाए गए इस कम्प्यूटर के इंजन में ए एल यू, बेस्ट फ्लो कंट्रोल और इंटीग्रेटेड मेमोरी का उपयोग विशेष रूप से किया गया था, जो कि काफी हद तक कार्यरत थी।

Charles Babbage के इसी महतवपूर्ण योगदान के कारण कंप्यूटर का निर्माण हो पाया था। कंप्यूटर का निर्माण करने के लिए चार्ल्स बैबेज के द्वारा बनाया गया यह इंजन काफी कार्यरत साबित हुआ।

कंप्यूटर का इतिहास

सिस्टम कंप्यूटर की खोज के विषय में जानते हैं, जो 1837 ईसवी में हुई थी। परंतु कंप्यूटर के डेवलपमेंट की शुरुआत कब से की गई? इस विषय में कोई विशेष मत प्रस्तुत नहीं है।

परंतु कंप्यूटर के डेवलपमेंट को जनरेशन के डिवाइड किया गया है, अब तक लगभग 5 पीढ़ी तक कंप्यूटर को डिवाइड और उसे मोडिफाइड कर दिया गया है।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर को ही मॉडर्न कंप्यूटर कहा जा रहा है और पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर को अल्ट्रा एडवांस्ड कंप्यूटर कहां जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि पांचवी पीढ़ी का कंप्यूटर खुद से ही सारे काम कर देगा, सिर्फ आपको उसे एक बार कहना होगा।

चलिए इन सभी जनरेशन के कंप्यूटर के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त करते हैं।

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार 1940 ईस्वी में शुरू हुआ था। प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में मेमोरी के स्थान पर वेक्यूम ट्यूब सर्किट और मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया जाता था। प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में बहुत ही ज्यादा बड़े होते थे, जिसके कारण उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में काफी कठिनाई होती थी।

इतना ही नहीं प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर को चलाने के लिए काफी ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती थी। यह कंप्यूटर बड़ा होने के कारण बहुत ही ज्यादा गर्मी उत्पन्न करता था, जिसके कारण इससे यह कई बार लॉक भी हो जाता था। आकार में इतना ज्यादा बड़ा होने के कारण और इतनी गर्मी उत्पन्न करने की वजह से इस कंप्यूटर का प्रोडक्शन वर्ष 1956 ईस्वी में बंद कर दिया गया।

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार 1956 ईस्वी में किया गया। द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर में आकार छोटा करने के लिए वेक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांसिस्टर्स का प्रयोग किया जाने लगा। ट्रांजिस्टर आकार में vacuum tube की तुलना में काफी ज्यादा छोटे होते थे और काफी ज्यादा फास्ट भी होते थे।

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर में प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के मुकाबले काफी कम बिजली खर्च होती थी और इससे गर्मी भी प्रथम पीढ़ी के मुकाबले काफी कम उत्पन्न होती थी। इतने सभी सुधार करने के बाद भी इसमें गर्मी की समस्या अभी भी रह गई थी, जिसके कारण वर्ष 1963 ईस्वी में इसका प्रोडक्शन भी बंद कर दिया गया।

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार वर्ष 1963 ईस्वी में शुरू हो गया था। तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर के स्थान पर इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग किया जाने लगा। तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में इंटीग्रेटेड सर्किट को बनाने के लिए ट्रांजिस्टर के छोटे-छोटे शिप का उपयोग किया जाने लगा, जिसे सेमीकंडक्टर कहा जाता था।

इसके उपयोग से यह फायदा हुआ कि कंप्यूटर की जो प्रोसेसिंग सिस्टम थी, वह काफी ज्यादा तेज हो गई और इसकी स्टोरेज क्षमता भी काफी ज्यादा बढ़ गई।

तृतीय पीढ़ी का कंप्यूटर पहला ऐसा कंप्यूटर था, जिसे चलाने के लिए मॉनिटर कीबोर्ड और ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाने लगा। हां इसमें भी कुछ त्रुटियां रह गई थी, जिसके कारण वर्ष 1971 ईस्वी में इस कंप्यूटर को बंद करना पड़ा, क्योंकि इसकी बिक्री नहीं हो रही थी।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार वर्ष 1971 में शुरू हो गया। चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर वर्तमान समय के मॉडर्न कंप्यूटर के रूप में प्रचलित है। चौथी पीढ़ी का कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाने लगा। इस कंप्यूटर में मेमोरी कार्ड के स्थान पर अनेकों इंटीग्रेटेड सर्किट को मिलाकर एक सिलीकान चिप बनाया गया, जिसे इस कंप्यूटर में अपडेट कर दिया।

इससे यह लाभ हुआ कि कंप्यूटर का आकार काफी ज्यादा छोटा हो गया। यह कंप्यूटर अब भी मार्केट में किसी भी व्यक्ति को बड़ी ही आसानी से मिल जाएगा। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में आपको इसके मॉनिटर की छुट्टियां मिलती थी, जिसके कारण इसके मॉनिटर को चेंज कर दिया गया। इस कंप्यूटर की पीढ़ी का समय 1985 तक रहा।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर को वर्ष 1950 ईस्वी से ही बनाया जा रहा है। ऐसे कंप्यूटर को बनाने का केवल यही उद्देश्य है कि कोई भी कार्य करने के लिए केवल हमें एक बार कहना पड़ेगा और वह हमारा काम बड़ी ही आसानी से कर दे।

हालांकि इस कार्य को कर भी दिया गया है। वर्तमान समय में बहुत से ऐसे रोबोट बनाया जा चुके हैं, जो कि केवल हमारे एक कहने पर ही सभी कार्य कर देते हैं। इन्हीं रोबोट को ही पांचवी पीढ़ी का कंप्यूटर कहा जाता है।

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कंप्यूटर के लिए आवश्यक हार्डवेयर एंड सॉफ्टवेयर

आप सभी लोग यह जानते ही होंगे कि कंप्यूटर को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुछ आवश्यक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की आवश्यकता पड़ती है।

इन्हीं हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मदद से एक कंप्यूटर काफी सुविधा पूर्वक बिना किस रुकावट के चलता है। तो चलिए जानते हैं, यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कौन-कौन से हैं:

Software

सॉफ्टवेयर एक ऐसा समूह होता है, जो कि हार्डवेयर्स को बताता है कि उन्हें क्या काम करना है और इस काम को कैसे करना है। साधारण रूप में कहां जाए तो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक ऐसा डिजिटल प्रोडक्ट है, जो केवल हमें दिखाई देता है, हम उन्हें छू नहीं सकते। सॉफ्टवेयर का अर्थ होता है, अनेकों प्रकार के कोड का कलेक्शन।

उदाहरण: browser, games, word processor, MS office, itelcore इत्यादि।

Hardware

कंप्यूटर के ऐसे भाग जिन्हें हम छू सकते हैं, देख सकते हैं, उन्हें ही हार्डवेयर कहा जाता है। इसके अंतर्गत मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस इत्यादि आते हैं।

दूसरे शब्दों में हार्डवेयर उन्हीं को कहा जाता है, जिनके माध्यम से हम डाटा को कंप्यूटर में इनपुट करते हैं। आइए हम कंप्यूटर के हार्डवेयर के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं।

Keyboard

कीबोर्ड कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है, देश के माध्यम से हम किसी भी डाटा को टाइप करके कंप्यूटर में प्रवेश करते हैं। कीबोर्ड को वर्तमान समय में इतना मॉडर्न बना दिया गया है कि वर्तमान समय में जो कीबोर्ड उपयोग में लाए जा रहे हैं, उसमें मल्टीफंक्शनल बटन भी मौजूद होते हैं।

इसके साथ-साथ कंप्यूटर के कीबोर्ड को वायरलेस भी बना दिया गया है, इनमें वायर की कोई आवश्यकता नहीं होगी, यह पूरी तरह से वाईफाई तकनीकी पर कार्य करेंगे।

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Mouse

हालांकि वर्तमान समय में कंप्यूटर में बहुत से ऐसे फीचर्स अपडेट कर दिए गए हैं, जिनके उपयोग से हम बिना माउस का उपयोग किए किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन कर सकते हैं। परंतु बहुत से ऐसे सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम सहित जिन्हें हम बिना माउस की सहायता से ओपन ही नहीं कर सकते।

माउस कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग माना जाता है। यह भी एक इनपुट डिवाइस है, जो कि कंप्यूटर में डाटा इनपुट करने के लिए उपयोग की जाती है।

CPU

सीपीयू कंप्यूटर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है। सीपीयू के बिना कंप्यूटर अधूरा है अर्थात कंप्यूटर सीपीयू के बगैर चल ही नहीं सकता। कंप्यूटर में उपयोग किए जाने वाले सभी प्रोग्राम्स को सीपीयू में ही स्टोर किया जाता है।

कंप्यूटर में किए जाने वाले किसी भी कार्य का निर्देश सीपीयू के द्वारा ही दिया जाता है। सीपीयू के द्वारा यह निर्देश तभी दिया जाता है, जब हम अपने डाटा को कीबोर्ड या माउस के द्वारा इनपुट करते हैं। CPU को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है।

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Monitor

कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग सीपीयू के बाद मॉनिटर है। क्योंकि यदि मॉनिटर नहीं होगा तो सीपीयू होने के बावजूद भी कोई कार्य नहीं किया जा सकेगा। कंप्यूटर तभी पूर्ण माना जाता है, जब मॉनिटर के साथ-साथ अन्य सभी पार्ट एक साथ संलग्न होते हैं।

मॉनिटर का उपयोग किसी भी क्रियाकलाप को दिखाने के लिए किया जाता है। मॉनिटर के माध्यम से ही हम अपने सभी डाटा को देख पाते हैं।

कंप्यूटर के प्रकार

बहुत से लोग ऐसे होंगे जो कंप्यूटर का नाम सुनते ही पर्सनल कंप्यूटर को सोच लेते होंगे। परंतु हम बता दें कि कंप्यूटर बहुत से प्रकार के होते हैं। कंप्यूटर को उनके आकार एवं साइज के माध्यम से अलग-अलग नाम दे दिया गया है। नीचे बहुत से कंप्यूटर के विषय में बताया गया है, जो निम्नलिखित है:

Desktop

यह एक ऐसा कंप्यूटर होता है, जिसका उपयोग हम केवल अपने घर में एक स्थान पर स्थापित करके कर सकते हैं। ऐसे कंप्यूटर पोर्टेबल नहीं होते हैं, अर्थात इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से नहीं किया जा सकता। इनका आकार थोड़ा बड़ा होता है, जिसके कारण इन्हें कहीं पर भी आसानी से नहीं ले जाया जा सकता।

एक डेस्कटॉप कंप्यूटर को तैयार करने के लिए बहुत से पार्ट्स की आवश्यकता पड़ती है, जैसे कि कीबोर्ड, कंप्यूटर केस, माउस, मॉनिटर इत्यादि।

Server computer

हम सभी लोग अब तक server को एक इंटरनेट का प्लेटफार्म मानते रहे होंगे, परंतु इसे भी एक प्रकार का कंप्यूटर ही कहा जाता है। क्योंकि जब हम अपने किसी भी इंफॉर्मेशन को आदान प्रदान करना चाहते हैं तो हमें वेब सर्वर का उपयोग करना पड़ता है, इसी वेब सर्वर को सरवर कंप्यूटर कहा जाता है।

Laptop

यह एक ऐसा कंप्यूटर है, जिसका उपयोग हम किसी भी स्थान पर और कभी भी कर सकते हैं। लैपटॉप को पोर्टेबल कंप्यूटर भी कहा जाता है अर्थात आप इस लैपटॉप को कहीं पर भी ले जा सकते हैं, वह भी बड़ी ही आसानी से।

इस कंप्यूटर का आकार डेस्कटॉप कंप्यूटर की तुलना में काफी कम होता है। आप लैपटॉप का उपयोग उन कार्यों के लिए बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं, जिन कार्यों को कंप्यूटर में किया जाता है।

Tablet

जैसा कि आप सभी जानते हैं लैपटॉप भी एक कंप्यूटर है, ठीक इसी का एक छोटा सा वर्जन टेबलेट होता है। आप जो भी काम लैपटॉप में कर सकते हैं, उसे एक टेबलेट के माध्यम से भी कर सकते।

जहां लैपटॉप पोर्टेबल होता था, वहीं पर टैबलेट हैंडेबल कंप्यूटर होता है। हम सभी लोग टेबलेट के माध्यम से वह सभी काम कर सकते हैं, जो कि एक लैपटॉप या कंप्यूटर में किया जाता है।

कंप्यूटर का क्या उपयोग है?

  • वर्तमान समय में कंप्यूटर का उपयोग छात्र-छात्रा अपने शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं।
  • कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक क्षेत्रों में भी काफी तेजी से किया जा रहा है। हालांकि कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिकों के लिए ही किया गया था।
  • कंप्यूटर का उपयोग वर्तमान समय में हेल्थ और मेडिसिन के क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। कंप्यूटर के उपयोग से लोग अपने मेडिसिंस का एडवर्टाइजमेंट करते हैं और अपने प्रोडक्ट को मार्केट में सेल भी करते हैं।
  • कंप्यूटर का उपयोग बिजनेस क्षेत्र में काफी ज्यादा किया जा रहा है। आपको किसी भी बिजनेस कंपनी में कंप्यूटर देखने को मिल जाएगा। बिजनेस के क्षेत्र में लोग कंप्यूटर का उपयोग करके अपने डाटा को एक दूसरे के साथ शेयर करते हैं।
  • वर्तमान समय में गवर्नमेंट कंप्यूटर के विकास पर ही फोकस कर रही है। कई राज्य की सरकारों ने अपने राज्य के छात्रों को लैपटॉप तक दिया है।

कंप्यूटर का भविष्य

कंप्यूटर का भविष्य आने वाले समय में काफी ज्यादा उज्जवल होने वाला है। क्योंकि दिन प्रतिदिन कंप्यूटर का उपयोग बढ़ता ही जा रहा है और भारत सरकार ने भी सभी कार्यों को कंप्यूटराइज्ड कर दिया है। भारत सरकार के द्वारा ऐसा किया जाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पूरा भारत डिजिटल बन जाए और किसी भी डिजिटल देश का विकास काफी तेजी से होता है।

कंप्यूटर वर्तमान समय में बहुत ही ज्यादा प्रचलित है। अतः किसी भी देश में या यूं कहें कि पूरे विश्व में कंप्यूटर का उपयोग बहुत ही तेजी से किया जा रहा है तो या गलत नहीं होगा।

बहुत अच्छे एक्सपर्ट के द्वारा ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में कंप्यूटर इतना ज्यादा विकसित हो जाएगा कि किसी भी व्यक्ति को कार्य करने के लिए घर से बाहर जाने की आवश्यकता तक नहीं पड़ेगी, वह किसी भी काम को घर बैठे ही कर सकता है।

कंप्यूटर से होने वाले लाभ

  • कंप्यूटर मल्टी टास्किंग होते हैं, जिसके कारण कंप्यूटर में कोई भी व्यक्ति आसानी से कितने भी ज्यादा न्यूमेरिकल प्रॉब्लम हो, काफी आसानी से सॉल्व कर सकता है।
  • कंप्यूटर की स्पीड काफी तेज होती है, जिसके कारण कोई भी कार्य बड़ी ही आसानी से और शीघ्र हो जाता है।
  • कंप्यूटर में डाटा स्टोर करने की क्षमता भी पाई जाती है, जिसके कारण लोग अपने पर्सनल डाक्यूमेंट्स और इंपॉर्टेंट डाक्यूमेंट्स को कंप्यूटर में स्टोर करके रखते हैं।
  • आप सभी लोगों को कंप्यूटर में डिजिटल प्रोटेक्शन भी मिल जाता है, डिजिटल प्रोटेक्शन के साथ-साथ आप अपने कंप्यूटर को फायरवाल की मदद से सिक्योर भी कर सकते हैं।
  • कंप्यूटर किसी भी कल कुलेशन को करने के लिए बहुत ही ज्यादा एक्यूरेसी होते हैं।

कंप्यूटर से होने वाली हानियां

  • वर्तमान समय में कंप्यूटर का उपयोग लोग हैकिंग करने के लिए भी करते हैं, जिसके कारण किसी भी वेबसाइट के ऑनर या बैंक के खाताधारक के विषय में पता ना होने के बावजूद भी उनकी सभी जानकारियां हैक कर ली जाती है।
  • बहुत से क्रिमिनल्स ऐसे हैं, जो कि कंप्यूटर का उपयोग करके अपने कामों को अंजाम देते हैं, उनके द्वारा किए गए इन कामों को साइबर क्राइम कहा जाता है।

FAQ

कंप्यूटर क्या होता है?

कंप्यूटर एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जिसके माध्यम से हम डाटा इनपुट करके उसके रिजल्ट को बड़ी ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?

कंप्यूटर के जनक चार्ल्स बैबेज हैं।

वर्तमान समय में कंप्यूटर मार्केट में कितने रुपए तक मिल जाएंगे?

वर्तमान समय में कंप्यूटर मार्केट में आप सभी लोगों को ₹20000 से लेकर ₹200000 तक देखने को मिल जाएगा। हालांकि यह ब्रांड और स्टोरेज कैपेसिटी, प्रोसेसर, रैम इत्यादि पर डिपेंड करता है।

कंप्यूटर का मस्तिष्क किसे कहा जाता है?

सीपीयू को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है।

निष्कर्ष

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख कंप्यूटर क्या होता है, कंप्यूटर की बेसिक जानकारी (Computer ke Bare Mein Jankari) अवश्य ही पसंद आया होगा। कृपया आप हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण को अवश्य शेयर करें। यदि आपके मन में इसलिए को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 5 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।

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