IPO क्या है?, IPO में कैसे इनवेस्ट किया जाता है?

IPO Kya Hota Hai: आज की दुनिया जिसमें हर व्यक्ति पैसे को इन्वेस्ट करके कमाई करना चाहता है। आज की दुनिया के लोग जो इन्वेस्ट करने में ज्यादा रुचि रखते हैं। हालांकि लोगों को पता है कि कई बार इन्वेस्ट करने से लोस भी हो जाता है। लेकिन फिर भी व्यक्ति इन्वेस्ट करके अच्छा पैसा बनाना पसंद करता है। इन्वेस्टमेंट करने के लिए ऐसे तो बहुत सारे तरीके हैं। इन्वेस्टमेंट ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों माध्यम से हो रहा है।

लेकिन वर्तमान में ऑनलाइन डिजिटल तरीके से इन्वेस्टमेंट को काफी अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट में आईपीओ का नाम भी शामिल है। आईपीओ एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपना पैसा इन्वेस्ट करके अच्छा खासा रिटर्न वापस कमा सकता है।

IPO Kya Hota Hai
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आईपीओ एक प्रकार का ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। आईपीओ की तरह और भी बहुत सारे ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। लेकिन ये प्लेटफार्म अन्य प्लेटफार्म की तुलना में काफी बेहतरीन माना जा रहा है। वर्तमान में लाखों लोग आईपीओ प्लेटफार्म का प्रयोग करके अच्छे खासे पैसे कमा रहे हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आईपीओ क्या है? (IPO Meaning in Hindi), आईपीओ में पैसा कैसे लगाएं? इत्यादि के बारे में संपूर्ण जानकारी आपको देने वाले हैं।

IPO क्या है?, IPO में कैसे इनवेस्ट किया जाता है? | IPO Kya Hota Hai

IPO क्या है? (IPO Kya Hai)

आईपीओ जिसका पूरा नाम इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग होता है। आईपीओ की अंग्रेजी फुल फॉर्म Initial Public Offering है। आईपीओ शब्द के अर्थ की बात करें तो जब भी कोई कंपनी अपने स्टॉक मार्केट या शेयर को पहली बार जनता के सामने लाती है तो उसे आईपीओ कहा जाता है।

इनिशियल पब्लिक आफरिंग मुख्य रूप से लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी किए जाते हैं। आईपीओ लिमिटेड कंपनियों द्वारा इसलिए जारी किए जाते हैं। ताकि उनके पैर को अन्य व्यक्ति खरीद सके और उन्हें अपने व्यापार को बढ़ाने में आर्थिक सहायता मिल सके। एक बार शेयर बाजार में कोई भी कंपनी सूचीबद्ध हो जाती है तो उसके पश्चात कंपनी के शेयर को कोई भी साधारण व्यक्ति खरीद सकता है और उन शेयर को आगे भी बेच सकता है।

आईपीओ मुख्य रूप से छोटी कंपनियों और नई कंपनियों द्वारा जारी किया जाता है। क्योंकि आई पी ओ का मतलब हमने पहले भी बताया कि जब कोई भी कंपनी अपने शेयर बाजार में पहली बार जारी करती है तो वह IPO के लाता है अथवा इससे यह स्पष्ट है कि नहीं और छोटी कंपनियां मुख्य रूप से आईपीओ को जारी करती है, जो अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए आईपीओ जारी करती है और जब व्यक्ति इन कंपनियों द्वारा जारी किए गए।

आईपीओ को खरीदना है तो इससे कंपनी को अपने व्यापार बढ़ाने के लिए पूंजी मिल जाती है। कंपनी के द्वारा जारी किए गए आईपीओ को खरीदने के बदले कंपनी द्वारा व्यक्ति को निजी स्वामित्व दिया जाता है। इसके अलावा व्यक्ति को कंपनी के इन शेयर को आगे भी बेचने की अनुमति मिलती है।

साधारण रूप से देखा जाए तो छोटी-छोटी कंपनियों द्वारा जो जारी किया जाता है तो हर कोई व्यक्ति कंपनी द्वारा जारी किए गए स्टॉक और शेयर को नहीं खरीदना है और ना ही व्यक्ति कंपनी पर विश्वास करता है। ऐसे में कंपनियां बैंक के साथ संगठन करके अपने आईपीओ को जारी करती है। बैंक के द्वारा उन शेयर की बिक्री करवाई जाती है और इसके बदले में बैंक को कंपनी के तरफ से 8% तक कमीशन प्राप्त होता है।

IPO कैसे काम करते हैं?

जब किसी भी कंपनी का आईपीओ जारी होता है तो उससे पहले वह कंपनी निजी होती है। लेकिन एक बार आईपीओ जारी होने के पश्चात उस कंपनी के एक से अधिक मालिक हो जाते हैं। ऐसा कह सकते हैं कि निजी रूप से 1 से अधिक लोगों का स्वामित्व उस कंपनी पर आ जाता है। आईपीओ जारी होने से पहले कंपनी पूरी तरह से निजी होती है।

जब भी कोई व्यक्ति कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयर को खरीदना है तो ऐसे में व्यक्ति का उस कंपनी पर निजी स्वामित्व आ जाता है। कंपनी अपने विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शेयर जारी करती है। कंपनी जब भी शेयर जारी करती है तब SEC नियमों का मुख्य रुप से ध्यान रखा जाता है। कंपनियों द्वारा जब शेयर जारी किया जाता है तो उसके पश्चात कंपनी सार्वजनिक हो जाती है। मतलब ऐसे कह सकते हैं कि उस कंपनी में हर कोई व्यक्ति अपना स्वामित्व खरीद सकता है।

साधारण तौर पर ऐसा देखा जाए तो एक कंपनी लगभग एक $1 बिलियन के निजी आंकड़े तक पहुंच गई है, जिसे यूनिकॉर्न का दर्जा भी माना जाता है। हर कंपनी के लिए मजबूत मूल सिद्धांत और सिद्ध लाभप्रदता क्षमता के साथ ही अलग-अलग प्रकार के मूल्यांकन जारी किए जाते हैं और अलग-अलग प्रकार के मूल्यांकन वाली निजी कंपनियां बाजार में अपने आईपीओ को जारी करने की अनुमति प्राप्त कर सकती है।

कंपनी आईपीओ इसलिए जारी करती है क्योंकि कंपनी को आईपीओ जारी करने के बदले में बहुत सारा पैसा मिलता है। ऐसा कह सकते हैं कि कंपनी अपने आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए आईपीओ जारी करके लोगों से पैसा लेती है और लोगों को उन पैसों के बदले स्वामित्व देती है। हर प्रकार की कंपनी अपने विकास के लिए आईपीओ और शेयर जैसे रास्तों का चयन करती है ताकि जल्द से जल्द आर्थिक स्थिति को सुधारकर कंपनी अपने विकास को आगे बढ़ा सके।

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IPO के बारे में कुछ जरुरी बातें

आईपीओ एक प्रकार का निजी क्षेत्र है। यहां पर शेयर और नए स्टोर को जारी करने एवं जनता को देने की प्रक्रिया पूरी तरह से निजी रहती है। आईपीओ के बारे में कुछ जानकारी नीचे निम्नलिखित रुप से दी गई है।

  • आईपीओ एक प्रकार का निजी प्लेटफॉर्म है।
  • छोटी कंपनियों द्वारा आईपीओ को जारी किया जाता है। कंपनियों के द्वारा प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश रखने के लिए कई प्रकार के एक्सचेंज और SEC के तहत जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करना व्यक्ति का मुख्य काम होता है।
  • आईपीओ के लिए कंपनियां सबसे पहले बैंक का चयन करती है ताकि बैंक के माध्यम से उनके द्वारा जारी किए गए सर जल्द से जल्द बाजार में बिक सके।
  • कंपनी जब भी अपने आईपीओ को जारी करती है तब कंपनी द्वारा कीमत और तारीख को तय किया जाता है।
  • कंपनी का संस्थापक आईपीओ इसलिए जारी करता है ताकि कंपनी में अन्य लोगों का मालिकाना हक देकर उनसे पैसा ले सकी और कंपनी को और अधिक बढ़ा सकें।

जिस प्रकार से आपने ऊपर पढ़ा होगा कि आईपीओ नई कंपनियां जारी करती है और कई बार नई कंपनियों के आईपीओ खरीदने पर आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। जो कंपनी अपने शेयर बाजार में लाती है, उस कंपनी को जारी कर्ता के रूप में पहचाना जाता है। कंपनी द्वारा जारी किए गए, शेयर में निवेश बैंक के माध्यम से होते हैं।

इसके अलावा कई स्थिति में कंपनी के आईपीओ या शेयर खुले बाजार में कारोबार शुरू करते हैं। इस प्रकार के शेयर को द्वितीय बाजार व्यापार प्रक्रिया के तहत निवेशकों द्वारा आगे बेचा जाता है।

IPO को लाने का कारण क्या है?

कोई भी नई कंपनी जिसे आर्थिक रूप से पूंजी की आवश्यकता होती है तो ऐसे में नई कंपनी अपने आईपीओ जारी करती है और उस आईपीओ के माध्यम से कंपनी लोगों से पैसा वसूलते हैं या ऐसे कह सकते हैं कि पूंजी इकट्ठा करती है। कंपनी द्वारा आईपीओ तक जारी किया जाता है जब कंपनी के पास धन की कमी हो और कंपनी अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से लोन लेने की बजाय आईपीओ जारी करके पैसा इकट्ठा करना बेहतर समझती है।

इसके लिए कंपनी को सबसे पहले शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना जरूरी है, उसके पश्चात कंपनी अपने शहर को बाजार में बेच सकती है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा आईपीयू जारी करने वाली कंपनी को एक प्रकार से सरकारी रेगुलेटरी कंपनी माना जाता है। सरकार द्वारा जब कोई भी कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाता है तो उस कंपनी के ऊपर आईपीओ से संबंधित कई प्रकार के नियमों को थोपा जाता है। कंपनी के लिए उन नियमों को हर हाल में पालन करना अनिवार्य होता है।

कंपनी पूरी तरह से उन नियमों में बन जाती है और आईपीओ के माध्यम से सामान्य लोगों द्वारा कंपनी को जुटाई जाने वाली राशि को लेकर भी कंपनी पर कई प्रकार के नियम लागू होते हैं। कई बार कंपनी के ऊपर पहले से कर्ज जाता है। ऐसे में कंपनी अपने आईपीओ को जारी करके पूंजी को इकट्ठा करती है और उस पूंजी को कर्ज चुकाने में लगा सकती है।

आईपीओ में कैसे निवेश करें?

आईपीओ में निवेश कैसे करें?, यह बात सब के दिमाग में जरूर घूम रही होगी। तो दोस्तों आपको बताना चाहूंगा कि आईपीओ जिस कंपनी द्वारा जारी किया जाता है, उस कंपनी द्वारा आईपीओ खरीदने के लिए लिंक और समय का भी प्रावधान रखा जाता है।

आप इस लिंक के माध्यम से दिए गए निश्चित समय के भीतर आईपीओ खरीद सकते हैं और अपना पैसा आईपीओ में निवेश कर सकते हैं। दोस्तों आईपीओ खरीदने के लिए कंपनी द्वारा न्यूनतम 3 दिन से अधिकतम 10 दिन दिए जाते हैं। इस अवधि के भीतर ही आपको आईपीओ में पैसा निवेश करना होगा। अन्यथा आप आईपीओ में पैसा निवेश नहीं कर पाएंगे।

आईपीओ में पैसा निवेश करने के लिए आपको सर्वप्रथम कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा, जहां पर आप को रजिस्टर्ड ब्रोकरेज के ऑप्शन पर क्लिक करके आईपीओ में इन्वेस्ट करना होगा।

यदि आप फिक्स प्राइस इशू के भीतर आवेदन करना चाहते हैं तो वेबसाइट पर आपको फिक्स प्राइस का ऑप्शन दिखाई देगा, वहां से आप आवेदन कर सकते हैं। लेकिन यदि आप बुक बिल्डिंग इश्यू के तहत आईपीओ में पैसा लगाना चाहते हैं तो आपको बुक बिल्डिंग इश्यू वाले ऑप्शन पर चयन करते हुए पैसा निवेश करना होगा।

IPO अलॉटमेंट प्रोसेस

जब कंपनी के द्वारा जारी किए गए आईपीओ की तारीख खत्म होती है। मतलब ऐसे कह सकते हैं कि निर्धारित समय अवधि पूरा होने के पश्चात आईपीओ जारी करने वाली कंपनी द्वारा आईपीओ का अलॉटमेंट किया जाता है। इस प्रक्रिया के वित्त कंपनी इन्वेस्टमेंट करने वाले लोगों के आईपीओ को एलॉट करती है। कंपनी द्वारा आईपीओ को आउट करने के पश्चात आपका नाम शेयर स्टॉक एक्सचेंज की लिस्ट में आ जाता है।

एक बार शेयर मार्केट में आपका नाम सूचीबद्ध हो जाता है तो उसके पश्चात आप अपने द्वारा खरीदे गए आईपीओ या शेयर जिसे आगे खरीद या बेच सकते हैं। इसी प्रकार से शेयर मार्केट में शेयर एक दूसरे के बीच में एक्सचेंज होते रहते हैं।

क्या आईपीओ में निवेश करना अच्छा है?

दोस्तों आईपीओ में निवेश करना बहुत ही अच्छा ऑप्शन माना जाता है। लेकिन आईपीओ में निवेश करने से पहले व्यक्ति के पास आईपीओ शेयर मार्केट स्टॉक मार्केट से संबंधित संपूर्ण जानकारी होना अनिवार्य है। संपूर्ण जानकारी लेने के पश्चात ही व्यक्ति आईपीओ में अपना पैसा निवेश करें। अन्यथा व्यक्ति को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि आईपीओ में नुकसान होने के चांस बहुत कम होते हैं।

व्यक्ति आईपीओ में निवेश करके अच्छा पैसा कमा सकता है। लेकिन इसके लिए यदि व्यक्ति के पास बिल्कुल जानकारी नहीं है। व्यक्ति अज्ञात होकर आईपीओ में निवेश कर रहा है तो व्यक्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि आप शेयर मार्केट में नए हैं तो कम पैसों के साथ शुरुआत करें और कम पैसों के आईपीओ खरीदें ताकि यदि आपको नुकसान हो तो भी कम पैसे जाने के चांसेस रहते हैं।

आईपीओ जारी करने वाली कंपनी को क्या फायदा होता है?

जो कंपनी आईपीओ जारी करती है, उस कंपनी को सबसे बड़ा यह फायदा होता है कि कंपनी बिना किसी इंटरेस्ट या लोन के बहुत सारी पूंजी को एकत्रित कर सकती है। ताकि उस पूंजी से कंपनी अपने कर्ज को भी चुका सकती हैं। इसके अलावा कंपनी के विकास को बढ़ाने में भी वह पूंजी काम में ले सकती हैं।

आईपीओ कैसे कमाता है?

आईटीओ एक बहुत बड़ी श्रंखला है, जिसमें शामिल सभी व्यक्ति को किसी न किसी रूप से फायदा होता है। एक या एक से अधिक बैंकों का समूह आईपीओ को बेचने के बाजार में मार्केटिंग करता है। कंपनी के आईपीओ को लोगों तक पहुंचाने का कार्य बैंक का होता है। बैंक इसके बदले में कंपनी से 8% तक कमीशन लेती है। इसके अलावा आईपीओ के माध्यम से जितना भी पैसा लगाया जाता है, उस पैसे का ब्याज बनाया जाता है।

निष्कर्ष

हर कोई व्यक्ति शेयर मार्केट के माध्यम से पैसा कमाने की इच्छा रखता है। लेकिन कई लोगों के पास ज्यादा जानकारी नहीं होने की वजह से शेयर मार्केट में नुकसान हो जाता है। जो व्यक्ति शेयर मार्केट में नए हैं, उन लोगों के लिए आईपीओ सबसे बेहतरीन ऑप्शन है।

आज के आर्टिकल में हमने आईपीओ क्या होता है? (IPO Kya Hota Hai), आईपीओ में पैसा कैसे लगाएं? इसके बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी। इस जानकारी को आगे शेयर जरूर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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