गिरगिट की तरह रंग बदलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गिरगिट की तरह रंग बदलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Giragit kee tarah rang badalana Muhavara ka arth)

गिरगिट की तरह रंग बदलना मुहावरे का अर्थ – सिद्धांतहीन होना, कभी कुछ और कभी कुछ करना, एक बात पर स्थिर न रहना, स्वार्थ के अनुसार बात को बदलना या विचार बदलना।

Giragit kee tarah rang badalana Muhavara ka arth – siddhaantaheen hona, kabhee kuchh aur kabhee kuchh karana, ek baat par sthir na rahana, svaarth ke anusaar baat ko badalana ya vichaar badalana.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल गिरगिट की तरह रंग बदलते रहता है और चाहता है कि हर कोई उसकी बातों को सुने जबकि ऐसे व्यक्ति के बातों को कोई सुनना नहीं चाहता।

वाक्य प्रयोग: सोहनलाल बहुत ही धोखेबाज इंसान है उसके बातों पर जो भी भरोसा करता है वह अपना नुकसान ही करवाता है ऐसे लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए जो कि धोखेबाज हो और गिरगिट की तरह रंग बदलते रहता हो।

वाक्य प्रयोग: सीता अपने फायदे के लिए किसी को भी नुकसान पहुंचा सकती है और किसी को भी बेइज्जत कर सकती है सीता गिरगिट की तरह रंग बदलते रहती है।

वाक्य प्रयोग: मीरा ने सीता को किसी काम के लिए वादा किया था लेकिन जब उस काम को करने का समय आया तो मीरा गिरगिट की तरह रंग बदल दी और उसकी मदद करने से इंकार करती कर दी।

यहां हमने “गिरगिट की तरह रंग बदलना” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। गिरगिट की तरह रंग बदलना मुहावरे का अर्थ होता है कि जिस व्यक्ति का कोई सिद्धांत ना हो, ऐसा व्यक्ति जो कि कुछ भी कर सकता है अपने फायदे के लिए ऐसा व्यक्ति जो कि अपने बात पर अडिग ना रहे। इसका सबसे अच्छा उदाहरण हम हमारे देश के नेता को देख कर कह सकते हैं जब भी चुनाव का समय आता है तो हमारे देश के नेता बढ़ चढ़कर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं गरीबों के लिए मदद करने के लिए बड़े-बड़े वादे कर देते हैं लेकिन जैसे ही वह अपना चुनाव जीत लेते हैं तुरंत गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं और गरीब और लाचार लोगों के लिए कुछ भी नहीं करते बल्कि उनसे उनका खून चूसते रहते।चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

आकाश-पाताल एक करनाचार चाँद लगाना
आड़े हाथों लेनाअपना घर समझना
आपे से बाहर होनाआसमान सिर पर उठाना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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