द मैजिक बुक समरी

The Magic Book Summary in Hindi: The magic book नाम की इस किताब को अंग्रेजी में लिखा गया है, मगर इसके प्रचलिता को देखते हुए इसे हिंदी और अन्य भाषाओं में रूपांतरित किया गया है। Rhonda Byrne नाम की प्रचलित लेखिका ने इस किताब को लिखा है। इस किताब के जरिए वह उस जादू के बारे में बात करना चाहती है, जिस जादू की वजह से हमारा जीवन खुशियों से भर सकता है।

Rhonda Byrne कहती है कि किस प्रकार बचपन में हम किसी भी प्रकार के उलझनों में नहीं फंसते थे मगर जैसे-जैसे बड़े होते हैं हमारे जीवन में विभिन्न प्रकार की चिंता है आ जाती हैं। इस किताब के जरिए वह सभी पाठकों को अपने जीवन में खुशी को पाने का एक मंत्र बताने की कोशिश कर रही है।

अगर आप The magic book summary in Hindi को समझना चाहते है तो इस लेख में हम आपको इस किताब का एक संक्षिप्त सार बताने जा रहे हैं। 

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Image : The Magic Book Summary in Hindi

इस किताब को पढ़ने से पहले हम आपको बता दें कि इस किताब में Rhonda 28 दिन तक करने वाला एक कार्य बता रही हैं। अगर किताब में दिए गए तरीके से आप 28 दिन तक अपनी जिंदगी को जीते हैं तो आपके जिंदगी का नजरिया बदल जाएगा और आप हर फैसले को खुशी से ले पाएंगे और अपने जीवन में कोई हुए उत्साह और रोमांच को पा सकते है।

इस बात को ध्यान में रखते हुए आपको The magic book summary in Hindi के बारे में नीचे विस्तार पूर्वक दी गई जानकारी को पढ़ना चाहिए।

द मैजिक बुक समरी | The Magic Book Summary in Hindi

विषय सूची

The Magic Book Summary in Hindi

The magic book अग्रेजी किताब है, इसका हिंदी संस्करण जादू के नाम से प्रचलित है। इस किताब को raundabyrne नाम की एक महान लेखिका ने लिखा है। इस किताब को शुरू करने से पहले आपको बता दें कि यह वही लेखिका है, जिसने सालों पहले द सीक्रेट नाम की किताब लिखी थी, जो विश्व में सबसे अधिक बिकने वाली किताब में शुमार हुआ था।

द सीक्रेट नाम की किताब में उन्होंने उस रहस्य के बारे में चर्चा की थी, जिससे अमीर आदमी और अमीर बनता जाता है और एक गरीब व्यक्ति और गरीब होता जाता है। द मैजिक बुक के सहारे वह हर किसी के जीवन में जादुई मंत्र बताना चाह रही हैं। इस किताब में बताई गई 28 दिन के कार्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें, जिसमें बताया गया है।

पहला अध्याय – क्या आप जादू में विश्वास रखते हैं?

इस पहले अध्याय में देखी क्या कहना चाहती है कि क्या आप जीवन में एक जादू है इस बात पर विश्वास करते है। उनका कहना है कि अलग-अलग पीढ़ी के इंसान को ध्यान पूर्वक देखें एक बच्चा रोड पर गिरे हुए पत्थर में भी जादू ढूंढ लेता है और उसे देख कर खुश हो जाता है और एक व्यस्क इंसान अपने जीवन में हो रहे आश्चर्यचकित चीजों को देखकर भी खास खुशी व्यक्त नहीं कर पाता।

उनका कहना है कि हर उम्र के लोग आसपास की चीजों को देखकर अलग तरीके से उत्साहित होते हैं या नहीं होते यह किसी जादू से कम नहीं है, इस वजह से हम जीवन को एक जादू समझ सकते हैं।

वो कहती है इस अध्याय में कि आप को ध्यान पूर्वक एक एकांत में बैठकर यह सोचने की आवश्यकता है कि किस प्रकार आप एक उड़ती हुई तितली को देखकर खुश हुआ करते थे और पानी में गिरे हुए पत्थर को देखकर भी उत्साहित हो जाते थे और आज वह दिन आ चुका है।

जब आपके समक्ष दुनिया की हर खुशियां भी आ जाए तो भी आप अच्छे से जीवन नहीं जी पाएंगे आप हर चीज में चिंता ढूंढ लेते है और आपसे सालों पहले जब आप एक बच्चे थे तो आप चिंता में भी उत्साह ढूंढ लेते थे। 

इस अध्याय में लेखिका इस बात पर भरोसा करने को कहती है कि जीवन में जितने भी चीज़ों को महसूस करते थे वही जीवन का सच है और बड़े होकर सारी चिंताएं जो हमें घेर लेती है वह सब एक झूठ है। 

दूसरा अध्याय – एक महान रहस्य प्रकट हुआ

इस अध्याय में लेखिका एक महान रहस्य के बारे में बात करते है। वह कहती है कि यह दुनिया आकर्षण के सिद्धांत पर कार्य करती है और इस सिद्धांत को कायम रखने के लिए हमें कृतज्ञता पर भरोसा रखना चाहिए। इससे पहले उन्होंने जो रहस्य नाम की किताब लिखी थी उसमें उन्होंने विस्तार पूर्वक आकर्षण के सिद्धांत पर बात किया था, जहां उन्होंने बताया था कि हम दिल से जिस चीज को चाहते है, वह अपने आप हमारी ओर खिंचा चला आता है।

जादू की इस किताब में उन्होंने बताया कि अगर हम किसी चीज को दिल से चाहते है तो वह हमारी और आप तो जाता है मगर उसे अपने पास बनाए रखने के लिए हमें उसके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। 

सरल भाषा में अगर कहे तो वह कहती हैं कि अगर आप खूब सारा पैसा कमाना चाहते हैं तो आप पैसे के बारे में बहुत ज्यादा सोचे है ताकि पैसा आप की ओर आकर्षित हो मगर वह पैसा आपके पास हमेशा बना रहे। इसलिए आपको उस पैसे के प्रति कृतज्ञ होना होगा चाहे आपके पास काम हो या ज्यादा आपको पैसों के लिए शुक्रिया अदा करना होगा।

इस कृतज्ञता के सिद्धांत पर भरोसा करते वक्त वह यह कहना चाहती है कि आप जितनी गहराई से अपने पास मौजूद चीजों के लिए शुक्रिया अदा महसूस करेंगे आप की चीजें उतनी ही तेजी से बढ़ेगी।

तीसरा अध्याय – जादू को अपने जीवन में उतारे 

इस अध्याय में लेखिका बताना चाहती है कि अगर आप परिवार खुशी घर करियर पैसा जैसी चीजों को अपने जीवन में अपार मात्रा में चाहते है तो आपको इन सभी चीजों के प्रति कृतज्ञ होना होगा और यह कृतज्ञ होना एक कला है, जिसे सीखना होगा।

कृतज्ञ होने की कला को ही लेखिका जादू कह रही है। इस जादू को सीखने के लिए उन्होंने 28 दिन तक आप को किस प्रकार का कार्य करना है, उसके बारे में बताया गया है। उन सभी कार्यों को ध्यान पूर्वक पढ़े और अपने जीवन में जादू को उतारें।

पहले दिन का कार्य – अपने आशीर्वाद को गिने

लेखिका कहती है कि पहले दिन आपको अपनी आशीर्वाद को गिरना चाहिए। अगर आप आशीर्वाद को गिनते है तो आपका ध्यान अपने अच्छे काम की तरफ जाता है और आप जिस अच्छे काम की तरफ अपना ध्यान केंद्रित कहते है, वह काम बार-बार होने लगता है।

जब हम किसी के गलती की ओर ध्यान देते है तो ज्यादा गलतियां होने लगती है और जब हम अच्छे काम की ओर ध्यान देते हैं तो केवल अच्छा काम होता है इस वजह से आपको कभी भी अपनी गलतियों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मगर जब हम आपको कहेंगे की गलतियों पर ध्यान मत देना तब आप केवल गलतियों पर ही ध्यान देंगे।

इस वजह से लेखिका कहती है कि आप को अपने जीवन में आशीर्वाद को गिरना चाहिए पहले देना ऐसे काम करें जिससे आपको खूब सारा आशीर्वाद मिले और रात में बैठकर उन सभी कामों को लिखे, जिसके लिए आपको आशीर्वाद मिला है। 

दूसरे दिन का कार्य – जादुई पत्थर चुने

जब आप अपने जीवन में जादू लाने के लिए काम करेंगे तो पहला कार्य आपके आशीर्वाद और को बढ़ाना है और दूसरा कार्य जादुई पत्थर की खोज है। इस जादुई पत्थर की खोज के बारे में दुनिया को सर्वप्रथम द ग्रेट इश्यूड रॉक नाम की किताब से पता चला था। लेखिका कहती है कि आपको जादुई पत्थर के बारे में पता होना चाहिए और इस पत्थर का इस्तेमाल करना चाहिए। 

अपने जीवन में जादुई पत्थर लाने के लिए आपको अपने घर के आस-पास किसी चट्टान का टुकड़ा या एक ऐसा पत्थर खोजना है जो आपके हाथों में फिट बैठे और उसे अपनी मुट्ठी में बंद करके रात को सोने से पहले हर वह चीज याद करें, जिसके लिए आप शुक्रिया अदा करना चाहते है।

जब आप ऐसा कोई पत्थर अपने हाथ में रख कर अपने जीवन में मौजूद हर खुशी के चीज के लिए शुक्रिया अदा करते है तो आपकी हर वह खुशी का कारण तेजी से बढ़ने लगता है और इसे पूरी दुनिया में बहुत सारे लोगों ने आजमा कर देखा है।

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तीसरे दिन का कार्य – जादुई रिश्ता चुने

विचार करें जैसे आप दुनिया में एकलौती जीवित इंसान हो बाकी हर कोई मर चुका है। जब आप ऐसा कुछ विचार करेंगे ध्यान आएंगे की पेंटिंग बनाने का क्या फायदा अगर उसे कोई नहीं देख सकता गाना गाने का क्या फायदा अगर इस दुनिया में आपके सिवा उसे कोई सुन नहीं सकता।

इसी प्रकार आपके मन में हर काम को ना करने के ख्याल आने लगेंगे मगर तभी, आपको एक एकांत कमरे में शांति से बैठ कर उस व्यक्ति के बारे में याद करें, जो आपके दिल के काफी करीब हो। याद रखें ऐसे किसी व्यक्ति को याद करते वक्त तो उसका फोटो अपने हाथ में रखें और एक पन्ने पर उसकी खूबी, काबिलियत, खुशी के पाल और बाकी बहुत सारी चीज है, उस कागज पर लिखते जाएं और सोचते जाएं।

ऐसा करने के बाद एक डायरी लें और उस व्यक्ति के फोटो के आगे रख दें अब उस व्यक्ति की फोटो की ओर देखते हुए उस डायरी में उस व्यक्ति की पांच खूबियां लिखे, जिसके लिए आप उसके प्रति कृतज्ञ है और उन सभी खूबियों को डायरी लेकर उस व्यक्ति का नाम लेते हुए पड़े जोर-जोर से।

आप अपने जीवन का कोई भी रिश्ता इस तरह ठीक कर सकते है। अगर उस रिश्ते को और अच्छा बनाना हो तो आप यह प्रैक्टिस रोज-रोज कर सकते हैं।

चौथे दिन का कार्य – जादुई सेहत पाएं

आज के जीवन में यह सच बात है कि हम अपने सेहत को नजरअंदाज करते हैं हर कोई अपने सेहत को नजरअंदाज कर रहा है अगर आप चाहते हैं कि आपके चेहरे पर एक अलग नहीं खा रहा है और आपकी सेहत और सुंदरता तेजी से बढ़े तो इसके लिए आपको एक अद्भुत कार्य करना है। 

इस किताब में लेखक आपकी सेहत को अच्छा करने के लिए कोई व्यायाम नहीं बता रहा वह कहती है कि आप एक कार्ड ले और उस कार्ड पर मोटा मोटा लिख दें कि अच्छा स्वास्थ्य मुझे जीवित रखता है और इस बात को दिन में चार से पांच बार धीरे-धीरे पढ़ें और अपनी सेहत के लिए शुक्रिया अदा व्यक्त करें जब आपके शरीर को और दिमाग को ऐसा महसूस होगा कि आप अपने दिल से अपने शरीर के लिए शुक्रिया अदा व्यक्त कर रहे है तो आपकी सेहत दिन पर दिन सुधारने लगेगी और आप और भी ज्यादा रौनक दार हो जाएंगे।

अपनी सेहत को और अच्छा करने के लिए उसे कार्ड को अपनी जेब में रखें और जब भी आपको वक्त मिले। चार से पांच बार दिन में उस कार्ड को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी सेहत और शरीर के लिए शुक्रिया अदा व्यक्त करें।

पांचवें दिन का कार्य – जादुई धन पाए

आप अपने जीवन में देखे होंगे कि आप के आस पास कुछ ऐसे लोग हैं जो दूसरों के धन से जलते है उन्हें सामने वालों का धन देखकर ईर्ष्या होता है आप गौर करेंगे कि ऐसे लोग के घर में कभी भी पर्याप्त मात्रा में धन नहीं होता। लेखिका कहती है कि यह एक खास किस्म का जादू है जिसके बारे में आपको गौर करने की आवश्यकता है जब हम किसी चीज के लिए सामने वाले से जलते या ईर्ष्या करते है तो वह चीज हमारे हिस्से में कम होने लगती है।

अपने जीवन में जादुई रूप से धन पाने के लिए अपने जेब में किसी भी कीमत का एक नोट रखें और उस नोट पर एक स्टीकर चिपका कर उस पर लिख दें कि आज तक मुझे जीवन में जितना भी धन मिला उसके लिए धन्यवाद।

अब एक बार सुबह एक बार दोपहर और एक बार रात को सोने से पहले इस नोट को अपने हाथों में ले और पढ़े कि मुझे जीवन में जितना भी धन मिला उसके लिए धन्यवाद आप देखेंगे कि यह धन्यवाद व्यक्त करने पर आपका धन तेजी से बढ़ेगा।

आपको बता दें कि इसको करने पर आपके पॉकेट में एक से दो नोट नहीं होगा। आपके जीवन में ऐसे रास्ते खुलेंगे, जिससे आप उसे एक नोट को दो नोट बना सकते हैं।

छठे दिन का कार्य – जादू से अपना काम करना

इस अध्याय में लेखिका बताना चाहती है कि अगर आप अपने काम के प्रति कृतज्ञ होंगे तो आपको काम में बड़ी जल्दी सफलता मिलेगी। आपका काम चाहे कैसा भी हो और उससे आपको कैसी भी सफलता मिलती हो आप अपने काम के प्रति कृतज्ञ रही है और उसके लिए शुक्रिया दावत में दीजिए जैसे ही आप अपने काम के लिए शुक्रिया अदा कहेंगे।

आपके मन में काम के प्रति अच्छी अच्छी चीज है आएंगे और आप अति उत्साह के साथ काम कर पाएंगे इसका परिणाम यह होगा कि आपको अपने काम में सफलताएं मिलेंगी। 

वहीं अगर आप अपने काम के प्रति शुक्रिया दावत नहीं करेंगे तो आपको अपने काम की गलतियां दिखाई देंगी और उन गलतियों को देखकर आप अपने काम को अच्छे से नहीं कर पाएंगे, जिस वजह से आप सफलता नहीं मिल पाएगी।

सातवें दिन का कार्य – नकारात्मकता से बाहर आने का जादुई तरीका

अगर आप अपने जीवन में नकारात्मक महसूस कर रहे है और ऐसा लग रहा है कि हर चीज है आप के खिलाफ हो रही है तो ऐसी परिस्थिति में आप को नीचे बताए गए उपाय को आजमाना चाहिए।

जब भी आपको लगे कि आपके जीवन में हर चीज आपके विरोध हो रही है और अप नकारात्मक महसूस कर रहे हैं तो ऐसी परिस्थिति में आपको शुक्रिया अदा व्यक्त करना चाहिए अगर आपको किसी चीज के लिए नहीं कर सकते तो कम से कम इसलिए ही शुक्रिया अदा व्यक्त करें कि आप आज हमारे तो नहीं सब कुछ जैसा भी हुआ।

लेकिन आप जिंदा तो है बस इस बात के लिए आप शुक्रिया अदा व्यक्त करना शुरू करें आप यह देखेंगे कि जैसे ही आप अपने नकारात्मकता की ओर ध्यान दिए बिना शुक्रिया अदा की ओर ध्यान देंगे आपकी जिंदगी खुशी में हो जाएगी।

आठवें दिन का कार्य – जादुई तत्व के बारे में जाने

लेखिका कहती है कि हमारे आस पास जितनी भी छोटी मोटी चीज है, जिनकी वजह से हमारा जीवन चल रहा है, हमें उसके प्रति कृतज्ञ महसूस करना चाहिए। वह बताती है कि पुराने जमाने में लोग खाना पानी और हवा के प्रति कृतज्ञ हुआ करते थे लोगों का मानना था कि अगर वे हवा पानी और खाना जैसी चीजों को शुक्रिया व्यक्त करते है तो वह शुद्ध हो जाती है और हमारे शरीर में किसी भी प्रकार का बीमारी नहीं होता।

अगर हम आधुनिक जीवन की बात करें तो Reki नाम की खास किस्म के विज्ञानिक पढ़ाई करवाई जाती है जिसमें हमारे शरीर में मौजूद एनर्जी के बारे में बताया जाता है उसमें यह सिखाया जाता है कि अगर आप आसपास की छोटी-मोटी चीजों को शुक्रिया द व्यक्त करते हैं, वह किस प्रकार हमारे शरीर पर अच्छा प्रभाव डालती है और जब आप उसी चीज को नकारात्मकता या गाली देकर जाते है तो वह हमारे शरीर में बुरा प्रभाव डालती हैं।

इस वजह से लेखिका कहती है कि हमारे आसपास के तत्वों को पहचानिए और रोजाना खाना पानी या हवा का इस्तेमाल करने से पहले इस पर शुक्रिया व्यक्त जरूर करें।

नौवें दिन का कार्य – धन का चुंबक बनने वाला मंत्र

इस अध्याय में लेखिका कहना चाहती है कि पैसा कमाना और अमीर होने में फर्क होता है अमीर होने का अर्थ होता है यहां पर कैसा चुंबक बन चुके हैं कि पैसा चाहे कहीं भी हो वह आपकी ओर खिंचा चला आता है और पैसा कमाना एक अलग चीज है, जिसके लिए हर कोई रोजाना मेहनत करता है।

इस अध्याय में लेखिका आपको पैसे का चुंबक बनने को कहती है वह कहती है कि आप एक ऐसा व्यक्ति बने जो पैसे को अपनी ओर खींच सकें इसके लिए वह उपाय बताती है कि आपको अपने पैसों के प्रति कृतज्ञ महसूस करना होगा। इसका इस बात से फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि आप अमीर है या गरीब आपके पास पैसा है या नहीं।

आपके पास जो भी है जितना भी पैसा है, उसके लिए कृतज्ञ महसूस करें। जब भी किसी को दिल दे तो उसके लिए शुक्रिया कहें कि आपने वह बिल दिया और जब आपको कोई पैसे दे दो इसके लिए शुक्रिया व्यापक रहे हैं कि आपको आज पैसे मिले।

पैसों की संख्या पर ध्यान ना दें मिले हुए पैसे के लिए धन्यवाद व्यक्त करेंगे। आपके पास जितना भी है अगर आप उसके लिए शुक्रिया व्यक्त करेंगे तो आप देखेंगे कि वक्त के साथ धीरे-धीरे आपका पैसा वक्त के साथ 10 गुना या 100 गुना भी हो सकता है।

दसवीं दिन का कार्य – जादुई धूल का छिड़काव

इस अध्याय में लेखिका कहती है कि आप को हमेशा सामने वालों के दिल पर अपनी एक गहरी छाप छोड़ देनी चाहिए, जिसमें कृतज्ञता एक अहम भूमिका निभा सकती है। पुराने जमाने में लोगों का यह मानना था कि हम जितना लोगों को देंगे, यह प्रकृति हमें उससे ज्यादा देगा। इसी बात पर ध्यान देते हुए लेखिका कहती है कि आपको अपने आसपास मौजूद सभी लोगों को शुक्रिया व्यक्त करना चाहिए।

लेखिका कहती है कि जब आप लोगों से मिलते है चाहे वह फोन पर हो, ईमेल पर हो, सोशल मीडिया साइट पर हो, या ट्रेन बस में हो, इन सभी जगहों पर आपको ऐसे बहुत सारे लोग मिलते होंगे जिनकी वजह से आपका कार्य आसान हो पा रहा है जैसे टैक्सी चलाने वाला ड्राइवर जो आपको जल्दी ऑफिस पहुंच आता है।

रोड पर सफाई करता हुआ वह व्यक्ति जो आपके लिए इस शहर को स्वच्छ कर रहा है। लेखिका कहती है कि आपको इन सभी के लिए शुक्रिया अदा व्यक्त करना चाहिए जब आप इन सब के लिए शुक्रिया व्यक्त करते है तो आप इनके दिल पर एक गहरी छाप छोड़ जाते है और लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

इस अध्याय में लिख कर बताती है कि शुक्रिया द व्यक्त करते वक्त लोगों की आंखों में आंखें डाल कर देखें और उन्हें उनके काम के लिए शुक्रिया कहें।

ग्यारहवें दिन का कार्य – जादुई सुबह का अनुभव करें

इस अध्याय में लेखिका बताना चाहती है कि जब आप सुबह उठे तो अपने जीवित रहने के लिए धन्यवाद दें अपने जीवन में हर चीज के लिए धन्यवाद देने से जब आप अपनी सुबह का शुरुआत करेंगे तो आप देखेंगे कि आपके जीवन में इसका अलग ही प्रभाव पड़ रहा है और आप को दिन भर अनेक लाभ होंगे। 

आपको इस अध्याय में बताया जाता है कि जब आप उठे है तो बिस्तर से नीचे उतरने से पहले इस प्रकृति को या जिस भगवान को आप मानते है उन्हें शुक्रिया दावत करेगी उन्होंने आपको जीवनदान दिया और 1 दिन और दिया ताकी कि आप अपने लक्ष्य में कामयाब हो सके।

अगले दिन जब सुबह उठे तो बिस्तर से पांव उतारने से पहले अपने जीवित होने का शुक्रिया अदा व्यक्त करें और तैयार होने सेपहले जितनी भी चीजों को छुए उन सबके लिए एक शुक्रिया व्यक्त जरूर करें।

बारवें दिन का कार्य – जादुई लोग जिन्होंने आप पर फर्क डाला 

इस अध्याय में Raunda बताती है कि ऐसा बहुत बार होता है जब कोई ऐसा व्यक्ति आपके जीवन में काफी बदलाव लाता है और हम उसे भूल जाते है। जैसे पति पत्नी, भाई बहन या माता-पिता जैसा कोई आम रिश्ता हमारे जीवन में काफी बड़ा बदलाव लेकर आता है और साधारण है क्या रोजमर्रा के जीवन होने की वजह से हम उन्हें धन्यवाद देना भूल जाते हैं।

लेखिका कहती है कि जब कोई रिश्ता हमारे जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाता है और आप उस रिश्ते को धन्यवाद नहीं व्यक्त करते हैं तो आप उस काम में सफल नहीं हो पाते हैं आपको बहुत सारी अड़चनों का सामना करना पड़ता है इस वजह से वह एक युक्ति सो जाते हैं कि आप एक एकांत कमरे में बैठे हैं और उस व्यक्ति को याद करें, जिसने आपके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाया हो जिस परिवर्तन की वजह से आप खुश हो।

उसे याद करते हुए उसका नाम लेकर जोर-जोर से आप उसे शुक्रिया अदा व्यक्त करें जिससे आपके मन में एक शांति होगी कि आपने उस व्यक्ति को उसके किए हुए कार्य की वजह से शुक्रिया अदा व्यक्त किया और यह आपके जीवन में आए बदलाव में आपको तरक्की देगा।

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तेरहवें दिन का कार्य – अपनी सारी भाषाओं को हकीकत में बदलने का जादू

इस किताब का यह मजेदार अध्याय है जिसमें लिखेगा आपको बता दी है कि आप किस प्रकार अपनी सभी मनचाही इच्छाओं को पूरा कर सकते है। इस अध्याय में लेखिका लॉ ऑफ अट्रैक्शन के बारे में बात करती है, वह बताती है इस दुनिया में हर चीज लॉ ऑफ अट्रैक्शन के आधार पर काम करती है। अर्थात जब हम किसी चीज को पूरी शिद्दत से चाहते है तो वह हमारी ओर आकर्षित होने लगता है।

मगर यह सिद्धांत काम करें इसकी एक प्रक्रिया है जिस पर आपको बड़े खास तरीके से ध्यान देना है अर्थात आपकी मनचाही इच्छा पूरी होने से पूर्व आप उसके लिए कृतज्ञ महसूस करें और उसे धन्यवाद दें आप पाएंगे कि वह चीज और भी तेजी से आपकी ओर खिंची चली आ रही है।

इस तरह अपनी मनचाही चीज को अपनी और आकर्षित करने के लिए आप एक डायरी खरीदें और उसे डायरी पर 10 ऐसी चीजों के बारे में लिखें जिसे आप पूरी शिद्दत से पाना चाहते हो और इस तरीके से लिखें जैसे वह चीजें पूरी हो चुकी है।

उदाहरण के लिए अगर आप एक अच्छा घर जाते है तो अपनी डायरी में लिखे – कि मेरे मन चाहे घर के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद मैंने यही घर बिल्कुल ऐसी ही कमरों वाला ऐसा ही आकार का अपने विचारों में कभी सोचा था और यह पूरा हो गया इसके लिए धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद।

इस तरीके को और अच्छा बनाने के लिए आप एक बोर्ड बना सकते है। जिस बोर्ड पर उन सभी चीजों की एक तस्वीर चिपका दें जिन्हें आप अपने जीवन में पाना चाहते है और उस बोर्ड के ऊपर लिख दें धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद जब भी आप उस बोर्ड को देखें तो उन सभी चीजों के लिए धन्यवाद व्यक्त करें। ऐसा अपने मन को विश्वास दिलाएं कि आपके पास हर वह जिज आ चुका है, जिसकी तस्वीर आपने उस बोर्ड पर चिपकाई है।

चौदहवें दिन का कार्य – यह मन लें की आज एक जादुई दिन है। 

इस अध्याय में लेखिका चाहती है कि आप यह भरोसा करें कि आज ही वह जादुई दिन है, जिसे आप जीना चाहते है। अर्थात सुबह होते ही आप अपने जीवन के लिए धन्यवाद व्यक्त करें और एक योजना बनाए कि आज का दिन आप कैसे बिताना चाहते है और आज के दिन आप अपनी योजना के अनुसार जो भी कार्य करने वाले है, उसके लिए धन्यवाद व्यक्त करें।

इस अभ्यास में कुछ मिनटों का वक्त लगेगा, आपको एक कागज पर आज के दिन की पूरी योजना लिखनी है और आप आज के दिन में क्या क्या करने वाले है उन सभी काम के लिए धन्यवाद व्यक्त करें भी पुलिस की वजह से वह काम जैसा आप चाहते है वैसा हो चुका है।

पन्द्रहवें दिन का कार्य – जादू से अपने संबंधों को मधुर बनाने

इस अध्याय में लिखी का यह कहना चाहती है कि आप उस व्यक्ति के बारे में सोचें, जिसके साथ आपके संबंध भी कर चुके हैं जैसे वह आपके माता पिता, पति पत्नी, भाई बहन या बॉस और कर्मचारी भी हो सकते हैं।

इस अभ्यास को करने के लिए एक एकांत स्थान का चयन करें और वहां उस व्यक्ति की फोटो को लेकर बैठे हैं जिससे आप अपने रिश्ते को सुधारना चाहते हैं और उस व्यक्ति के बारे में अच्छी बातों को सोचे। कूल se10 बातों की लिस्ट तैयार करें, जिसके लिए आप उस व्यक्ति को दान करना चाहते हो और उस व्यक्ति की वजह से आपके जीवन में बदलाव आया हो ऐसी 10 बातों को एक कागज पर लिखकर उस व्यक्ति को धन्यवाद दें अपने मन ही मन लगा उस व्यक्ति का नाम लेकर इन सभी कार्यों के लिए उसे धन्यवाद दें। 

आप देखेंगे कि जब आपसे मिलेंगे आपके शरीर में एक अलग ऊर्जा का संचार होगा और आपका रिश्ता पहले से मधुर होने लगेगा इसके लिए आपको कुछ करना नहीं पड़ेगा जैसे ही आप एक कमरे में बैठकर उन्हें धन्यवाद देंगे, अगली बार उनसे मिलते ही आपका रिश्ता मधुर होने लगेगा।

सोलहवें दिन का कार्य – स्वास्थ्य का जादू

इस अध्याय में लेखिका कहना चाहते है कि आपको अपना स्वास्थ्य अच्छा करने के लिए स्वास्थ्य के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। वह कहती है कि लोग अक्सर जब भी बीमार पड़ते है तो वह डर जाते हैं और उनके मन में यह भावना आती है कि अगर यह बीमारी ठीक नहीं हुई तो क्या होगा।

लेखक कहता है कि ऐसा भाव मन में नहीं लेना चाहिए या आपको हमेशा अपने स्वास्थ्य के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। जब आपको यह लगे कि आपका स्वास्थ्य बिगड़ चुका है तो इसके लिए शुक्रिया व्यक्त करें कि आपका स्वास्थ्य का भी अच्छा था और वह फिर अच्छा हो जाएगा जब आपके मन को इस प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा मिलती है तो वह अपने आप शरीर को और स्वस्थ बना देता है।

इसी के साथ आपको अपने शरीर पर बार-बार इस तरह ध्यान देना चाहिए जैसे आप शरीर चाहते हैं वैसा आपके पास है। अपने दिमाग को इस बात का भरोसा दिलाया और इस बात के लिए कृतज्ञ महसूस करें कि आप जैसा शरीर और जैसी त्वचा चाहते हैं। आपके पास वैसा ही है और जब आपके दिमाग को इस बात पर भरोसा होने लगेगा तो अभी आ देखेंगे कि आपका शरीर अपने आप आपके मन चाहे स्वास्थ्य शरीर का रूप ले चुका है।

सत्रहवें दिन का कार्य – एक जादुई चेक से पैसा कमाए

ऐसा दो ही चेक का अभ्यास आपको कई अन्य किताबों में भी मिलेगा इस प्रयोग के असाधारण फल मिले है। दुनिया में ऐसे कई महान लोग हैं जिन्होंने इस प्रयोग को अपने जीवन में अपनाएं और उन्होंने जादुई चक्की जादू को माना है।

इस बार में लिखेगा कहती है कि आप एक चेक अपने पास रखें जिस पर अपनी मनचाही राशि लिखकर उसे पढ़ ले और उसे अपने पास रखें और रोज चेक को देखे और इस बात का शुक्रिया अदा करें कि आपके पास इतनी रकम आ चुकी है।

यह विचार करेगी चेक में लिखी हुई राशि अगर आपको मिल जाए तो आप कौन सा सामान खरीदना चाहेंगे और उसके बाद इस बात के लिए शुक्रिया अदा करें कि जैसे आपने वह सामान खरीद लिया हो इस राशि को अपने हाथों में महसूस करें जब आप इसे चेक को देखें।

आती हो पाएंगे कि अपने आप आपका जो सामान था वह आपके पास पहुंच गया है या फिर आप जितनी राशि चाहते थे वह आपके पास आ गई है जब कुछ दिन में आपके साथ ऐसा हो जाए तो उस चेक पर लिखी हुई राशि को मिटा दें और उस जगह पर अन्य राशि लिखें और फिर से इस अभ्यास को दोबारा दोहरए।

अट्ठारहवें दिन का कार्य – जादुई कार्य की सूची

इस अध्याय में लेखिका बताती है कि आपको एक सूची बनाने की जरूरत है ताकि आप हर उस कार्य को अच्छे से कर सके जिसे आप अब तक नहीं किए है और करना आवश्यक है। इस सूची से बड़े आश्चर्य चकित परिणाम मिले है जिसमें लेखिका अपनी बेटी की एक कहानी भी प्रस्तुत करती है। 

इस अध्याय में लेखिका कहती है कि आप एक सूची बनाएं और उस सूची पर लिखे है उन सभी कार्यों के बारे में जिन्हें आप करना चाहते है मगर वक्त नहीं जुटा पा रहे। इस सूची में आप होगा ऐसे कार्यों के बारे में भी लिख सकते है जो करना काफी जरूरी है मगर आपने अभी तक किया नहीं।

लेखिका कहती है कि आप ऐसी एक सूची बनाएं और उस सूची में है सभी उस तरह के कार्य को लिखे जो करना काफी आवश्यक है मगर आप तो कर नहीं पा रहे और इस तरह विचार करें जैसे वह कार्य हो चुका है और आप अपने उस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न होने पर कृतज्ञ है और उस कार्य को पूरा करने पर धन्यवाद प्रकट कर रहे हैं।

जब आप ऐसा करेंगे तो आप पाएंगे कि वह कार्य अपने आप आपके हाथों या किसी और के हाथों संपन्न हो रहा है इस बात को साबित करने के लिए लेखिका अपने बेटी की एक कहानी सुनाती है, जिसमें वह कहती है कि उसकी बेटी एक बार रात में कहीं घूमने गई और उसका पर्स कहीं खो गया।

उसने अपने पर्स को हर जगह खोजा मगर वह कहीं नहीं मिला। अंत में उसकी बेटी ने आंख बंद करके एक एकांत रूम में इस बात को सोचा कि उसके हाथ में वह पर्स है और उसके पर्स में हर प्रकार की चीजें है, उसने अपने पर्स के मिलने पर शुक्रिया दा व्यक्त किया।

ऐसा करने के बाद वह उसकी बेटी ने दिन भर में 4 से 5 बार अपने पर्स के बारे में सोचा और ऐसा महसूस किया कि जैसे वह पर्स उसके हाथों में है और उसमें सभी प्रकार की चीजें सही सलामत है और इस पर इसके मिलने पर शुक्रियाअदा व्यक्त किया।

ऐसा करने के बाद अगले दिन रात में एक किसान का फोन आया, जिसे उनके घर का नंबर पर्स में मिला और उसने बताया कि उसके पास एक लड़की का पर्स है, जो उसे उनके घर से 100 मील दूर एक रोड पर गिरा हुआ मिला। लेखिका बताना चाहती है कि कृतज्ञता व्यक्त करने से एक जादू होता है और यह उसके घर में हुआ है।

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उन्नीसवें दिन का कार्य – जादुई कदम उठाएं

इस अभ्यास में लेखिका कहती है कि आपको अपनी हर कदम के साथ ईश्वर को शुक्रिया अदा व्यक्त करना चाहिए कि आपने आज एक कदम चला। अपने किसी पुस्तक में विलियम ए वार्ड कहते है क्या आज भगवान ने आपको 86400 सेकेंड्स का उपहार दिया क्या आपने ईश्वर को इतने सेकंड के बदले 1 सेकंड भी धन्यवाद कहा।

लेखिका कहती है कि इस बात में काफी गहराई है भगवान आपको 80 हजार से भी ज्यादा सेकंड देते है ताकि आप अपने काम को कर सके अपने जीवन को अच्छा बना सकें और इसके लिए अपने भगवान को एक सेकेंड के लिए भी धन्यवाद नहीं कहा तो आप उनके रणी हो जाते है।

लेखिका कहती है कि हर रोज आप एक साधारण जगह पर खड़े हो जाएं और आंख बंद करके पहला कदम उठाएं जैसे ही पहला कदम जमीन को छुए भगवान को शुक्रिया अदा व्यक्त करें। फिर दूसरा कदम उठाएं और जैसे ही आपका दूसरा कदम जमीन को छुए भगवान को शुक्रिया अदा व्यक्त करें।

अर्थात 90 सेकंड तक कदम चलें एक साधारण व्यक्ति 90 सेकंड में 100 कदम चल सकता है। इसके लिए आप भगवान को सौ बार शुक्रिया द व्यक्त करें। इतना बार शुक्रिया कहना आवश्यक है ताकि आपको अपने जीवन की अहमियत और इसके प्रति शुक्रिया का महत्व पता चले।

याद रखें कि या अभ्यास केवल सौ कदम चलने के लिए शुक्रियाद व्यक्त करने का नहीं है। यह अभ्यास कम से कम आप सौ कदम चल सके इसके लिए भगवान को शुक्रियादा व्यक्त करने का है।

बीसवें दिन का कार्य – हृदय का जादू

आपने अब तक समझा होगा कि हर एक अभ्यासा आपको अपने जीवन के प्रति और अपने जीवन में होने वाले हर कार्य के प्रति शुक्रिया अदा व्यक्त करने पर मजबूर कर रहा है। लेखिका चाहती है कि आप अपने जीवन के प्रति शुक्रिया अदा व्यक्त करें और इस भाव को अपने दिल की गहराई तक समझ लें।

इस सफर में आप और तेजी से आगे बढ़ सके इसके लिए वह कहती है कि अपने दिल पर हाथ रखे और अपने पूरे ध्यान को अपने दिल की ओर केंद्रित करते हुए कहे कि आप अपने दिल में मौजूद हर किसी की याद और हर तरह के कार्य के लिए शुक्रिया व्यक्त कर रहे है या कृतज्ञ महसूस कर रहे हैं।

इक्कीसवें दिन का कार्य – बेहतरीन परिणाम

चाहे हमारी प्रस्थिति कैसी भी हो हम हमेशा यह चाहते हैं कि हमारा हर काम अच्छे से हो और हमें अच्छा ही परिणाम मिले हम परीक्षा की तैयारी करें या ना करें हम हमेशा यह चाहते है कि हमारा रिजल्ट अच्छा ही आए। इस विषय में लेखिका कहती है कि पूरा ब्रह्मांड आकर्षण के सिद्धांत पर कार्य करता है अर्थात आप जिस चीज के प्रति आकर्षण महसूस करेंगे वह चीज आपकी ओर खिंची चली आएगी।

लेखिका चाहती है कि आप अपना एक लक्ष्य बनाएं और उस लक्ष्य को इस प्रकार महसूस करें जैसे वह पूरा हो चुका है और आप उसे बार-बार याद करें और अपने दिमाग को यह विश्वास दिलाया कि यह लक्ष्य पूरा हो चुका है। आपका लक्ष्य पूरा हो चुका है।

इस बात को सोचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति कृतज्ञ महसूस करें और बार-बार उस काम के प्रति धन्यवाद व्यक्त करें आप पाएंगे कि आप जिस कार्य को करना चाहते थे यह आपका लक्ष्य धीरे-धीरे अब पूरा हो रहा है आपके समक्ष ऐसे विभिन्न प्रकार के रास्ता खुल रहे है, जिनकी सहायता से आप अपना लक्ष्य पूरा कर सकते हैं।

बाईसवें दिन का कार्य – आपकी नजरों के ठीक सामने

इस अध्याय में लेखिका कहना चाहती है कि आपके जीवन के जितने भी लक्ष्य है जिसे आप सचमुच पाना चाहते है उन्हें पाने का राजा आपके आंखों के ठीक सामने रखा हुआ है। इसके लिए वह एक खास किस्म का अभ्यास करने को कहती है जिसमें वह कहती है कि एक कागज के टुकड़े पर अपनी सभी इच्छाओं का एक लिस्ट बनाए और उस लिस्ट को बार-बार देखते रहे जब आप कोई कार्य कर रहे हो।

एक लिस्ट बनाएं और उस लिस्ट पर हर उस से इच्छा के बारे में लिखें जिससे आप सचमुच पूरा करना चाहते है और अपना कार्य करें लेखिका कहती है कि उसकी एक ही इच्छा थी कि वह बोरा बोरा नाम के आईलैंड पर घूमने जा सके। मगर उसके पास इतने पैसे नहीं थे।

लेकिन वह एक कागज के टुकड़े पर अपने इस लक्ष्य को लिखकर बार-बार काम करते वक्त उसे पढ़ा करती थी और इसके लिए शुक्रिया महसूस करती थी कि जैसे हुआ उसका आईलैंड पर घूमने जा रही है। 

एक दिन इसी प्रक्रिया के दौरान एक बिजनेस ट्रिप का फोन आया वह ट्रिप किसी दूसरे जगह के लिए था मगर उस ट्रिप के लिए जाते वक्त उनके इतिहास को बोरा बोरा आईलैंड पर किसी असुविधा के कारण रुकनापड़ा और कुछ देर के लिए उस जगह पर घूमने का हर किसी को मौका दिया गया यह दिन उस लेखिका के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।

तेईसवें दिन का कार्य – जादुई हवा हम जिस में सांस लेते हैं

लेखिका कहती है कि हम जैसे हवा में सांस लेते हैं यह काफी आवश्यक है। हमें जीवित रहने के लिए सांस लेना जरूरी है अगर हम अपने इस हवा के लिए कहता क्या महसूस करें और धन्यवाद प्रकट करें तो आनंद में हो सकता है अपने सभी विचार को शांत करने के लिए लिखी का एक उपाय बताती है। 

इस अभ्यास में लेखिका कहती है कि आप हर रोज एक शांत जगह पर बैठकर गहरी सांस लें और अपनी सांसो पर ध्यान केंद्रित करें और मन ही मन में अपने साथ के लिए धन्यवाद या कृतज्ञ महसूस करें। इस प्रक्रिया को रोजाना करने से आपका मन शांत होगा और आप काफी अच्छा महसूस करेंगे और दिन पे दिन व स्वस्थ होते जाएंगे। 

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चौबीसवें दिन का कार्य – जादू की छड़ी का महत्व

लेखिका कहती है कि आप ऐसा विश्वास करें कि आपके पास एक जादू की छड़ी है जिसे हवा में लहरा कर आप किसी भी व्यक्ति की समस्या दूर कर सकते है। हम अपनी समस्या के बारे में हमेशा चिंता करते है मगर का बूचड़खाना अपने से कम रहने वाले व्यक्ति को धन्यवाद नहीं व्यक्त करना चाहते।

अगर आप चाहते हैं कि आप की सारी समस्याएं दूर हो जाए तो सबसे अच्छा तरीका हो सकता है कि आप ऐसा महसूस करें कि आपके पास एक जादू की छड़ी है जैसे हवा में लहराकर आप हर किसी की समस्या का समाधान कर सकते हैं।

उसके बाद तीन ऐसे व्यक्ति को अपने ध्यान में लेकर आए, जिनकी समस्याओं का समाधान करना चाहते हो और ऐसे तीन व्यक्ति की फोटो को लेकर एकांत कमरे में बैठे हैं और आंख बंद करें ऐसा विचार करें कि जैसे आपने उनकी समस्या का समाधान कर दिया हो और वह आपसे कह रहे हो की उनकी समस्या का समाधान ना हो गया है।

अगर आप ऐसा करते हैं और आपको अच्छा महसूस होता है तो फोटो की ओर देखें और तीन बार धन्यवाद कहे और अपने कार्य के प्रति कृतज्ञ महसूस करें आप ऐसा देखेंगे कि धीरे-धीरे आपके पास ऐसी दिव्य शक्ति आ गई है।

जिससे आप लोगों की समस्या के बारे में सुनते हैं और आपके समक्ष ऐसे दरवाजे खुल जाते हैं यह आपके हाथ से अपने आप ऐसा कोई कार्य हो जाता है, जिससे उस व्यक्ति की समस्या ठीक हो जाती है। अगर ऐसा हो जाए तो अगली बार किसी अन्य तीन व्यक्ति की फोटो लेकर उनकी समस्या के बारे में विचार करें। 

पच्चीसवें दिन का कार्य – जादुई संकेत को समझे

इस दुनिया में हर कोई चाहता है कि उसके द्वारा सूची हुई हर चीजों को जाए और उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो लेकिन सृष्टि हर किसी को उसकी मनोकामना पूर्ण करके उसके हाथ में नहीं दे सकती इसलिए उसने आकर्षण का सिद्धांत बनाया अर्थात आप जिस चीज के प्रति सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं उस चीज है के संकेत आपके चारों तरफ नजर आने लगते हैं। 

लेखिका कहती है कि आप जिस चीज के प्रति सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं उस चीज के लिए धन्यवाद देना शुरू करें आपका दिल उसकी ओर आकर्षित हो जाएगा लेकिन संकेत को समझने का क्या राज है?

इस बात को समझाने के लिए लेखिका कहती है कि अगर आप प्रकृति के दिए हुए संकेत को समझना चाहते हैं तो अपने सभी चीजों के लिए कृतज्ञ हो जाए अर्थात जब आपको एंबुलेंस के सायरन सुनाई दे तो समझे कि प्रकृति कह रही है कि अपने सेहत के प्रति कृतज्ञ रहे जब आप किसी को न्यूज़ पढ़ते देखें तो यह समझे कि प्रकृति कह रही है आप अच्छी न्यूज़ के लिए कृतज्ञ महसूस करें और घटना में छुपी हुई खुशी को ढूंढने लगे तब आपको आकर्षण के सिद्धांत में छुपा हुआ संकेत दिखने लगेगा और आपकी सभी चीजों के रास्ते आपके आगे होंगे।

छब्बीसवें दिन का कार्य – अपनी गलती को वरदान में बदले

लेखिका कहती है कि हमारे साथ ऐसा बहुत कुछ होता है जिससे हम निराश हो जाते है और हमें ऐसा लगता है कि यह बहुत ही गलत हुआ मगर हर गलती में कुछ ऐसा होता है जिसके लिए आप कृतज्ञ हो सकते हैं। 

इस अध्याय के जरिए लेखिका यह बताना चाहती है कि आप अपने साथ हुई हर गलत चीज को ध्यान पूर्वक याद करें और इस बात के लिए सोचे कि उसने आपको ऐसा क्या सिखाया जिसके लिए आप कृतज्ञ हो सकते है।

अर्थात किसी भी व्यक्ति के साथ हुई किसी भी गलती या गलत काम के लिए उससे अच्छा चीज खोजना चाहिए एक कागज पर उसे लिखना चाहिए कि ऐसा क्या हुआ जिसे वह उस गलती से सीख सकता है? और यह बार-बार पूछे कि वह कौन सी अच्छी चीज है जो इस गलती के फल स्वरुप उसके समक्ष आई?

सत्ताईसवें दिन का कार्य – जादुई दर्पण

इस अध्याय में लेखिका बताना चाहती है कि आपने ऊपर बताए सभी कार्य को ध्यानपूर्वक अगर किया होगा तो आपने अभी तक आपने पैसे के लिए अपने कार्य के लिए अपने परिवार और अपने बाकी रिश्तो के लिए कृतज्ञ महसूस किया मगर जिसके लिए आप को सबसे ज्यादा कृतज्ञ महसूस करना चाहिए वह व्यक्ति आप स्वयं है। क्योंकि इन सब चीजों के लिए आप स्वयं जिम्मेदार है और आप स्वयं इन सब को सुधार सकते है। 

इसलिए लेखिका कहती है कि आप एक आईने के पास खड़े हो जाए जिसमें आपका चेहरा स्पष्ट दिख रहा हो और उसके बाद उस चेहरे को देखते हुए अपने आप के लिए कृतज्ञ महसूस करें और अपने आपको धन्यवाद कहें।

अपने आपको धन्यवाद कहने से बहुत कुछ बदलता है आप की परिस्थितियां आपका नजरिया हर चीज में आपको एक बदलाव नजर आएगा या 1 दिन में नहीं होगा मगर कुछ दिन तक ऐसा करने पर आपको नजर आएगा कि आप धीरे-धीरे बदल रहे हैं। 

अट्ठाइसवें दिन का कार्य – इस जादू को हमेशा याद रखें

इस अंतिम अध्याय में लेखिका कहना चाहती है कि आपके साथ जो भी होता है वह हर रोज एक जैसा नहीं होता हर दिन बीते हुए दिन से अलग होता है रोजाना आपको कुछ नए पढ़ाओ मिलते है और नए कार्य मिलते है। हर दिन आप एक नया फैसला लेते है और उस फैसले को लेने के लिए अलग तरीके से विचार करते है।

लेखिका कहती है कि आप हर चीज के लिए कृतज्ञ महसूस करें और अपने आसपास को रहे बदलाव को देखें और हर दिन आपके साथ जो भी घटना हो रही है, उसे याद रखें रात में सोते वक्त आप उन सभी घटनाओं को याद करें और आपने जिस प्रकार के भी साथ ले लिए हो उनके लिए कृतज्ञ महसूस करें। 

लेखिका बताती है कि ऊपर बताए हुए सभी बातों को आप को ध्यान पूर्वक अपने दिमाग में याद रखना चाहिए क्योंकि जादू की इस किताब का एक ही मकसद है जिससे आप यह सीख सकें कि प्रकृति हमें किसी ना किसी संकेत से यह बताती है कि जो भी अपने पास है – “उसके लिए अगर आप कृतज्ञ हैं तो आपको और मिलेगा और अगर आप इसके लिए करता गया नहीं है तो आपके पास जो है आपसे वह छीन लिया जाएगा”।

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FAQ

The Magic Book का लेखक कौन है?

Raunda Byrne नाम के लेखिका ने The magic book को लिखा है। 

द मैजिक बुक का हिंदी संस्करण का क्या नाम है?

आप इस किताब को हिंदी में “जादू” के नाम से पढ़ेंगे। 

Raunda Byrne कौन है?

आपको बता दें की Raunda Byrne एक उत्तम लेखिका है जिन्हें उनकी किताब द सीक्रेट की वजह से जाना जाता है जिस किताब ने कई वर्षों तक विश्व में सबसे अधिक बिकने का रिकॉर्ड बनाया। 

The magic book किताब से हम क्या सीखते है?

इस किताब से हम सीखते है कि हम अपने जीवन में सभी प्रकार की चीजों के लिए कृतज्ञ होना चाहिए अगर हमारे पास जो है हम उसके लिए कृतज्ञ रहेंगे तो हमें और मिलेगा अन्यथा हमारे पास जो है प्रकृति हमसे वह भी छीन लेगी। 

The magic book में किस जीज की कहानी है? 

The Magic Book या जादू के नाम से प्रचलित इस किताब में जीवन में सभी प्रकार की खुशियों को जीतने का एक तरीका बताया गया है कुल 28 दिनों का अभ्यास बताया गया है। जिसे आप रोजाना अगर करेंगे तो आप अपने जीवन में हर उस चीज को पा सकते है जिसकी आप इच्छा करते हैं। 

निष्कर्ष

The Magic Book Summary in Hindi के बारे में हमने अपने इस महत्वपूर्ण लेख में विस्तृत जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया हिंदी में यह बुक समरी आपको काफी ज्यादा पसंद आया होगा और आसानी से समझ में भी आया होगा।

आपको आज के हमारे इस बुक समरी से क्या जानने को या क्या सीखने को मिला है इसके बारे में आप हमें कमेंट बॉक्स में बताइए। इसके अलावा अगर आपको यह बुक समरी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूले ताकि आप  जैसे ही अन्य लोगों को भी इसके बारे में पता चल सके।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 5 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।

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