मेडिटेशन क्या है और कैसे करें?

Meditation Kya Hota Hai: इस संसार में लोग पैसे कमाने के चक्कर में इधर उधर भागती दौड़ती जिंदगी में अपने मन और शरीर को शांत रखना अक्सर भूल जाते हैं। कहा जाता है ना यदि शरीर भले ही थका हो पर अगर मन शांत है तो हमारा शरीर बहुत ही ज्यादा स्वस्थ रहता है। यदि हमारा शरीर और मन दोनों को शांत रखना है, तो हमें हमारी इस भागती दौड़ती जिंदगी से थोड़ा सा समय निकाल कर मेडिटेशन करना चाहिए। अपने शरीर और मन को शांत करने के लिए मेडिटेशन एक ऐसा उपाय है, जिससे हम काफी लंबे समय तक स्ट्रेस फ्री रहते हैं।

आज हम आप सभी लोगों को इस लेख के माध्यम से बताने वाले हैं, मेडिटेशन के विषय में पूरी जानकारी। आप सभी लोगों को इस लेख में जानने को मिलेगा कि मेडिटेशन क्या होता है? मेडिटेशन क्यों करना चाहिए? कौन-कौन से मेडिटेशन हमारे लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकते हैं? हमें मेडिटेशन कब करना चाहिए? इत्यादि।

Meditation Kya Hota Hai
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यदि आप भी मेडिटेशन के द्वारा अपने मन और शरीर को शांत करना चाहते हैं तो आज का यह लेख आपके लिए आपके लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि आज हम आप सभी लोगों को इस लेख में मेडिटेशन से जुड़े सभी जानकारियों को बताने वाले हैं।

मेडिटेशन क्या है और कैसे करें? | Meditation Kya Hota Hai

मेडिटेशन क्या होता है?

मेडिटेशन एक प्रकार का ध्यान होता है। मेडिटेशन का अर्थ होता है, अपने मन को किसी एक निश्चित स्थान पर, विचार या फिर किसी कार्य पर केंद्रित करना। जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं, हमारा मन एक ही समय में अनेकों प्रकार की बातों को सोचता रहता है, जिससे कि हमें शांति का अनुभव नहीं होता और हमारे शरीर में अनेकों प्रकार के विकार भी उत्पन्न हो जाते हैं।

ऐसे में शरीर और मन की शांति को बनाए रखने के लिए हमें प्रतिदिन निश्चित समय पर और निश्चित वातावरण में मेडिटेशन करना चाहिए। मेडिटेशन करने से हमारा ध्यान, मन और कार्य करने की प्रणाली काफी मजबूत हो जाती है, जिससे हम एक समय में केवल एक ही वस्तु के बारे में सोच सकते हैं और उसका गहन अध्ययन भी कर सकते हैं।

मेडिटेशन क्यों करना चाहिए?

हम सभी लोगों को मेडिटेशन इसलिए करना चाहिए, ताकि हमारा शरीर तनाव एवं चिंता से मुक्त रहे और हम किसी वस्तु को एकाग्रता पूर्वक सोच सके। मेडिटेशन करने के बाद हम सभी लोग काफी ज्यादा सकारात्मक हो जाते हैं और चीजों को सकारात्मक रूप से सोचते हैं, जिसका असर हमारी प्रगति पर भी काफी पड़ता है।

यदि आप निर्धारित समय पर मेडिटेशन करते हैं, तो यह आपकी इंद्रियों को आपके वश में करने की काफी अच्छी तकनीक होती है और जब आप अपनी इंद्रियों को अपने वश में कर लेंगे, तब आप किसी भी कार्य को बड़ी आसानी से कर पाएंगे, वह चाहे कितना भी कठिन कार्य क्यों ना हो।

मेडिटेशन के लिए किन-किन वातावरण का चुनाव करें?

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि हमें मेडिटेशन करने के लिए एक शांत वातावरण चाहिए होता है और हमें मेडिटेशन करने के लिए कुछ अन्य वातावरण का भी ख्याल रखना होता है, जैसे कि स्थान इत्यादि तो आइए जानते हैं, हम इन वातावरण का चुनाव कैसे कर सकते हैं।

  1. स्थानों का करे चुनाव

मेडिटेशन करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात होती है, स्थान का चुनाव करना। हम सभी लोगों को मेडिटेशन करने के लिए काफी शांत स्थान का चुनाव करना होता है। ऐसे में आप मेडिटेशन करने के लिए अपने छत या फिर समुद्रों एवं नदियों के तटों का चुनाव कर सकते हैं। मेडिटेशन करने के लिए सबसे उचित स्थान समुद्र एवं नदी का तट होता है, क्योंकि यहां पर आपके मेडिटेशन को सफल करने के लिए प्रकृति भी आपका साथ देती है।

  1. समय का चुनाव करें

हालांकि मेडिटेशन करने के लिए किसी निश्चित समय को निर्धारित तो नहीं किया गया है, परंतु यदि आप प्रातः काल लगभग 4:00 से 5:00 बजे के आसपास या फिर शाम को मेडिटेशन करते हैं, तो यह आपके लिए काफी अच्छा होगा। ऐसे समय में मोटर वाहन सड़कों पर बहुत ही कम चलते हैं, जिसके कारण आपका मेडिटेशन की तरफ ध्यान ज्यादा आकर्षित होगा।

यदि आप दोपहर या फिर किसी और टाइम मेडिटेशन करते हैं, तो यह आपके लिए फायदेमंद होगा, परंतु आपका ध्यान नहीं लग पाएगा। अतः हमारी सलाह यही होगी कि मेडिटेशन करने के लिए आपको भोर का समय या फिर शाम का समय चुनना चाहिए।

  1. मेडिटेशन की प्रक्रिया शुरू करें

ऐसे स्थान और समय का चुनाव करने के बाद आपको इन स्थानों पर जाकर मेडिटेशन की प्रक्रिया को शुरू कर देनी है। आपके पास जितना ज्यादा से ज्यादा समय हो, आप उतने ज्यादा समय तक मेडिटेशन कर सकते हैं। आप जितनी ज्यादा समय तक मैडिटेशन करेंगे, आपको उतना ही ज्यादा लाभ आपके स्वास्थ्य पर देखने को मिलेगा।

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मेडिटेशन के प्रकार और संबंधित मेडिटेशन कैसे करें?

मेडिटेशन अनेकों प्रकार के होते हैं, जिसमें से नीचे कुछ मेडिकेशन के बारे में बताया गया है और यह मेडिटेशन कैसे किए जाते हैं, इसकी भी जानकारी नीचे दर्शाई गई है, तो चलिए शुरू करते हैं:

1. डीप मेडिटेशन: यह एक ऐसा मेडिटेशन है, जिसमें आप अपनी इंद्रियों को अपने वश में करते हैं। आपको डीप मेडिटेशन करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी है, आपको केवल एक जगह बैठ कर या मेडिटेशन करना है।

डीप मेडिटेशन कैसे करें?

  • डीप मेडिटेशन करने के लिए सबसे पहले आपको एक स्थान पर एकाग्र चित्त होकर बैठ जाना है।
  • अब आपको एक लंबी सांस खींचनी है।
  • अब आपको ली गई लंबी सांस को वापस छोड़ देना है।
  • यह प्रक्रिया आपको तीव्रता के साथ करनी है।
  • आप जब इन सभी प्रक्रियाओं को करते हैं, तो इन्हीं प्रक्रियाओं को ही डीप मेडिटेशन का नाम दिया जाता है।

2. माइंडफुलनेस मेडिटेशन: यह मेडिटेशन करके आप अपने विचारों को स्वयं के वश में कर सकते हैं और उनको ऑब्जर्व कर सकते हैं। आप इस मैडिटेशन को करके अपनी एकाग्रता की शक्ति में वृद्धि कर पाएंगे, जो कि आपके बहुत ही लाभदायक होता है।

माइंडफुलनेस मेडिटेशन कैसे करें?

  • आपको यह मेडिटेशन करने के लिए उन्हीं प्रक्रियाओं को अपनाना है, जिन प्रक्रियाओं को आप डीप मेडिटेशन करने के लिए अपना आते थे।
  • डीप मेडिटेशन की प्रक्रिया तीव्रता के साथ की जाती है, परंतु माइंडफूलनेस मेडिटेशन की प्रक्रिया धीरे-धीरे की जाती है, जिससे कि हमारा विचार शुद्ध रहता है।

3. ओम शांति मेडिटेशन: यह एक ऐसा मेडिटेशन है, जिसके माध्यम से आपका ध्यान एक ही स्थान पर केंद्रित रहता है और धीरे-धीरे आप अपने मस्तिष्क की सभी चिंताओं को दूर कर देते हैं, यह मेडिटेशन आपके शरीर एवं मन को काफी ठंडक भी पहुंचाता है। इस मैडिटेशन को पॉइंट ऑफ़ लाइट मेडिटेशन भी कहा जाता है।

ओम शांति मेडिटेशन कैसे करें?

  • ओम शांति मेडिटेशन करने के लिए आपको एक स्थान पर योग करने की प्रक्रिया में बैठ जाना है।
  • एक स्थान पर बैठकर अपने मन को आपको एक जगह पर केंद्रित कर लेना है और ओम शांति ओम का जाप करना है।
  • आपको बार-बार लगभग 15 से 20 मिनट तक इसी मुद्रा में इसी मंत्र का जाप करना है, यह प्रक्रिया यदि आप प्रतिदिन उपयोग में लाते हैं, तो आप अपने शरीर को स्वस्थ रख पाएंगे और सदैव सकारात्मक क्रिएटिविटी कर पाएंगे।

मेडिटेशन के फायदे

  • मेडिटेशन हम सभी लोगों के लिए मानसिक एवं फिजिकली रूप से काफी फायदेमंद सिद्ध होता है।
  • प्रतिदिन मेडिटेशन करने से हमारे शरीर के ज्यादातर रोग कम हो जाते हैं।
  • प्रतिदिन निश्चित रूप से मेडिटेशन करने पर ब्लड प्रेशर, शुगर इत्यादि कंट्रोल में रहते हैं और दिल का दौरा पड़ने की शिकायत भी कम हो जाती है।
  • निश्चित रूप से मेरी टेंशन करने से आपका कंसंट्रेशन लेवल भी काफी बढ़ जाता है और आपको काफी हद तक शांति का अनुभव भी होता है।
  • मेडिटेशन करने से हम सभी लोगों को स्मोकिंग और ड्रिंकिंग इत्यादि जैसे नशीले पदार्थों को छोड़ने में काफी सहायता मिलती है।
  • मेडिटेशन के द्वारा अनिद्रा के रोग से भी छुटकारा मिल जाता है।

निष्कर्ष

हम उम्मीद करते हैं कि आज का हमारा यह लेख “मेडिटेशन क्या है और कैसे करें? (Meditation Kya Hota Hai)” आप सभी लोगों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद सिद्ध हुआ होगा।यदि हां! तो कृपया हमारे इस लेख को अवश्य शेयर करें और यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल है, तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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