Poems in Hindi on Love: नमस्कार दोस्तों, आज यहां पर आप मोहोब्बत के उन नगमों को पढ़ेंगे जो किसी बड़े शायर ने नहीं लिखे हैं, बल्कि मेरे और आप ही की तरह मुहोब्बत के एक परवाने ने लिखे हैं और किसी शायर ने भी क्या खूब कहा है कि “मुहोब्बत के परवाने जब कलम पकड़ते हैं तो कत्ले आम हो जाते हैं।”

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झुमका
आज मैंने अपने तोहफे का बॉक्स निकाला,
जिसे बड़े सलीके से मैंने संभाल के रखा था,
आदत कहूं या तोहफे के प्रति मेरा लगाव
मैंने अपना हर एक तोहफा संभाल के रखा है बड़े प्यार से
और जब ये तोहफा आपके प्यार का दिया हो
तो उसके प्रति प्यार और बढ़ जाता है,
मेरे साथ भी ऐसा ही कुछ था मुझे बेहद प्यार है इन झुमकों से,
ये झुमके मेरे प्यार के प्यार की निशानी है,
और स्वाभाविक है कि मैंने उनके टूट जाने के डर से
उन्हें एक बॉक्स में बंद कर रख दिया,
जबकि चाइए ये था कि मैं उन्हें पहनती,
उन्हें पहन के संवरती पर मैंने चुना उन्हें महज संभाल के रखना
और आज जब मैंने उन्हें संभाला एक लंबे अरसे के बाद
तो वो मुझे टूटे हुए मिले,
और मैं आहत हुई कि कैसे ये टूट सकते है
मैंने तो बहुत संभाल के बंद कर रखे थे,
पर बार बार उन्हें देखते हुए मन में
आते हुए विचारों से झुंझते हुए समझ आया
कि क्या हमारे रिश्ते भी यू ही नहीं बिख
जाते है झुमकों की तरह
जब हम उन्हें महज संभालने के नाम पर
रिश्तों के एहसासों को जज्बातों को दिल दिमाग
के किसी कोने में बंद कर रख देते है
जबकि झुमकों की ही तरह रिश्ता भी वक़्त मांगता है
जज्बातों की सार संभाल मांगता है किसी बन्द बॉक्स का कोना नहीं,
क्यों हम रिश्तों को प्यार से,
जज्बातों से वक़्त के साथ और नहीं संवार लेते,
क्यों उन्हें बंद कर रख देते है धीरे धीरे टूटने के लिए,
तो अब वक़्त रहते रिश्तों को भी वक़्त दिया जाए
उन्हें महज संभाल नहीं रखते है, उन्हें और संवारते है।
Heart Broken Love Poems in Hindi
खामोशी से भरी आंखो में कई राज है,
झुकी है नज़रे आज इन्हें किसी का तो इंतजार है,
ख़ामोशी अब लफ्ज़ चाहती हैं,
ये अपना महबूब चाहती हैं,
गिरा के आओ दूरियों की दीवार,
तो बताए किसका है इंतजार
हमें बस तुमसे है प्यार।

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Poems in Hindi on Love
लबों पे आके ठहर गई,
बातें कुछ अनकही सी,
ज़िद थी इस बार,
शुरुआत वो करे।
आंखे दर्द बयां कर रही थी,
पर दिल ज़िद पे अडा था,
वो रूठा था किसी बात पे,
और वो अडी थी अपने सम्मान पे।
खता थी न दोनों की,
फिर भी खफा दोनों थे,
एक को खोने का डर था,
दूजे की वफा पे प्रश्न था।
वो प्रेम की गहराई उसकी जाने,
वो अपना प्रेम उसी को माने,
फिर कैसी ज़िद पे दोनों अडे है,
साथ होके क्योंप अलग खड़े हैं।

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सिलेबस जिन्दगी का (Syllabus Zindagi Ka)
ज़िन्दगी का हाल अब exam का syllabus बन चुका है,
खुशियां अब इतिहास की किताब बन चुकी है,
जो आ जाती है खुशियां कभी रास्ता भटक,
सारा भूगोल हिल जाता है,
आंखो से बहती नदियां बाढ़ ला देती है,
और दिल की ज़मीन में फिर भी सूखा पड़ जाता है,
फिर राजनीति अपना खेल शुरू कर देती है,
लफ्ज़ अपनी ही सरकार के आंसुओ पे पर्दा डालने की कोशिश करते है,
और आंखे विपक्ष बन खामोशी पे सवाल खड़ा कर देती है,
ज़िन्दगी की पहेलियां गणित के उन प्रमेयो के भांति लगती है,
जहां पता है कि जवाब है क्या,
पर जवाब तक के सफर को मानसिक योग्यता पार ही नहीं करने देती,
इन सब को सुलझाने में पूरा अर्थशास्त्र हिल जाता है,
और फिर बजट पत्र और बचत पत्र निकाले जाते है,
जैसे तैसे कर समसामयिकी मुद्दे संभाले जाते है,
और फिर समय अपनी कलाओं से अपनी संस्कृति निभाने का,
Officer बनने का ख्वाब अच्छा है,
पहले जरा अपने हाथों में मेहंदी सजाओ
हाथों को पीला करवाओ,
Officer बन ही जायेगे एक दिन,
पहले किसी के घर के home minister तो बन जाओ।
तेरी याद में एक लम्हा
मुझे यकीन हैं आज मैं तुम्हें पसंद हूं,
कब तक रहूंगी यह बता दो।
जब साथ नहीं रहूंगी तब भी,
जब पास नहीं रहूंगी तब भी,
जब तुम्हारे साथ कोई और होगी,
क्या तब भी???
जब मेरे साथ कोई और होगा,
क्या तब भी???
क्या हम एक दूसरे की,
आखिरी पसंद नहीं बन सकते?
क्याी किसी और को पसंद कर,
हम एक दूजे को पसंद कर पाएंगे,
क्या एक दूजे को पसंद करते हुए,
किसी और को पसंद कर पाएंगे??
अगर नहीं तो फिर,
कैसे रहेंगे बिना एक दूजे के,
और यदि हां तो फिर,
क्यों आज साथ है एक दूजे के??

तुम हमेशा खुश रहना मेरे बिना भी
Sad Love Poems in Hindi for Boyfriend
मैंने कभी नहीं चाहा,
तुम्हे दर्द में देखना,
आज भी नहीं चाहती हूं,
कभी तुमने खुद से जुदा किया था मुझे,
आज मैं तुम्हें खुद से आजाद करती हूं,
दर्द जो तुम लौट के सह रहे हो,
वो मैंने तुम्हारे चले जाने पे सहा था,
और आज जब तुम दावा करते हो
टूट के भी मुस्कुराने का,
तो देखना कभी मेरी मुस्कुराहट को,
जो आंखों के काले घेरे छुपाती है,
फिर लौट जाना अपनी दुनिया में तुम भी,
जहां मेरा कोई वजूद ना हो,
जहां मेरी कोई याद ना हों,
और करना कोशिश खुश रहने की तुम भी,
मैं दुआ करूंगी तुम्हें जहान कि हर खुशी मिले,
मगर मैं तुम्हें फिर मिल जाऊ,
ऐसी कोशिश भी अब मुझसे नहीं होगी।

मुझे दूर चले जाना है सबसे
कहीं गुम हो जाना है मुझे,
जहां वजूद सिर्फ मेरा हो,
कहीं दूर जहां मेरी सच्चाई हो,
इस झूठी मुस्कान के पीछे,
दबी है चीख एक अरसे से,
आंखे थक चुकी उठाते हुए,
बोझ आंसुओ का,
वो खामोश चीख जहां चीख सके,
आंखे जहां बह सकें,
ऐसी दुनिया में खो जाना है मुझे,
जहां मैं रहूं और मेरा वजूद हो,
जहां झूठी मुस्कान नहीं मेरा दर्द मेरा साथ हो,
जहां आंखो को बेहने के लिए,
इंतजार न करना पड़े अकेलेपन का,
मुझे खुद की दुनिया में खो जाना है,
मुझे सबसे दूर कहीं चले जाना हैं।

टूटा विश्वास
Sab manjur hai tumhara visvas nhi ho mujpe toh Kuch bhi manjur nhi ,
मैंने अपने पे लगे इल्ज़ामों को,
दिए गए सब तानो को,
मैंने बिना किसी शिकायत के सहा,
और बनाए रखी मुस्कुराहट वो ही,
खड़ी रही हर सवालों के सामने,
बनाए रखी ढाल हमारे प्यार की,
और यकीन रखा इस रिश्ते पे,
इस रिश्ते की नींव था,
एक दूजे पे किया गया विश्वास,
और जब तुम्हारा ही विश्वास की नींव,
हिलने लगती है,
वो एक घाव छोड़ जाती हैं,
हमारे रिश्ते पर,
जैसे घर की नींव कमजोर होने,
पर घर टूटने लगता है,
तुम्हारे विश्वास के ना रहने पे,
ये रिश्ता कैसे बच पाएगा,
अपनी डाली गई नींव को,
ज़रा परखो, जरा संभालो,
ये रिश्ता नायाब हैं,
टूट गया तो सब बिखर जाएगा।

कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे
बातें मिलन की होती रही,
और बिछड़े बरस बीत गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे,
याद उनकी नयी यादें बनाती रही,
वो हमे याद करना ही भूल गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे,
रातें भी आईं, सुबह भी हो गई,
बस सोना हम ही भूल गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे,
लिखते रहे प्रेमपत्र भी कई,
बस भेजना उन्हें भूल गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे,
याद उन्हें हर लम्हा रहा,
बस प्रेम करना वो भूल गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे,
कोशिश वक़्त को रोकने की रही,
रोकना बस उन्हें हम भूल गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे,
भूल बैठे इश्क़ में ज़माने को,
बस भूले कैसे इश्क़ को,
ये हम तो भूल ही गए,
कुछ ख़्वाब अधूरे ही रहे।
कश्मीर जाना है मुझे तुम्हारे साथ, ले चलो ना
Kashmir Valley
एक ख़्वाब देखा है,
कसा कर दो न,
चलो चलते हैं न,
उन हसीन वादियों में,
जहां तुम मुझ में,
और मैं तुम में,
बस कहीं खो जाए,
जहां बस दूर दूर तक,
हमारा प्यार ही हो,
कोई तन्हाई नहीं,
कोई रुष्वाई नहीं,
बस तुम मेरा हाथ
सुबह से शाम तक थामे रखो,
रात के चांद से सुबह का सूरज,
सब तुम्हारी बाहों में निकले,
सर्द सी शाम हो, गुलाबी रात हो,
हर लम्हा तेरा साथ हो,
कुछ हो तो बस तेरे मेरे प्यार की
बात हो

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