ऊँची दुकान फीका पकवान मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

ऊँची दुकान फीका पकवान मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Oonchee dukaan pheeka pakavaan Muhavara ka arth)

ऊँची दुकान फीका पकवान मुहावरे का अर्थ – जहाँ बाहरी दिखावा अधिक हो और गुणकर्म बहुत ही कम हो, दिखावा बहुत अधिक होना लेकिन वास्तव में वस्तु कुछ न होना, दिखावा ज़्यादा लेकिन गुण कम होना, नाम के अनुसार वस्तु का ना होना, दिखावे ज्यादा होना पर गुणवान वस्तु न होना या केवल दिखावटी वस्तु का होना, आडम्बर ही आडम्बर।

Oonchee dukaan pheeka pakavaan Muhavara ka arth – jahaan baaharee dikhaava adhik ho aur gunakarm bahut hee kam ho, dikhaava bahut adhik hona lekin vaastav mein vastu kuchh na hona, dikhaava zyaada lekin gun kam hona, naam ke anusaar vastu ka na hona, dikhaave jyaada hona par gunavaan vastu na hona ya keval dikhaavatee vastu ka hona, aadambar hee aadambar.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: मोहन जब शहर गया तो वहां के एक बहुत ही उचित ऊँची दुकान से उसने मिठाई खरीदी लेकिन वह मिठाई काफी महंगी थी, लेकिन खाने में बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी ऐसी स्थिति में ही कहा जाता है ऊंची दुकान फीके पकवान।

वाक्य प्रयोग: सोहन एक बड़े से मॉल में कपड़े खरीदने के लिए गया लेकिन जब वहां गया तो वहां के कपड़े सही नहीं थे ऐसी स्थिति में ही कहा जाता है ऊँची दुकान फीका पकवान।

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल की दुकान काफी बड़ी और फेमस है लेकिन उसके दुकान में मिलने वाले सामान बहुत ही मामूली और बेकार है ऐसी स्थिति में ही कहा जाता है ऊँची दुकान फीका पकवान। मोहनलाल की दुकान तो बहुत ऊंची है और बहुत फेमस है लेकिन उसके दुकान के कोई भी सामान अच्छा नहीं है।

वाक्य प्रयोग: हमारे बड़े बुजुर्ग हमें सिखाते हैं कि जरूरी नहीं है कि जो ऊंची दुकान जो बहुत फेमस दुकान है वहीं पर अच्छे सामान मिलेंगे क्योंकि अक्सर ऊंची दुकान में खराब सामान मिलते हैं इसीलिए कहा जाता है कि ऊँची दुकान फीका पकवान।

यहां हमने “ऊँची दुकान फीका पकवान” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। ऊंची दुकान फीके पकवान मुहावरे का अर्थ है कि जहां बाहरी दिखावा तो अधिक होता है लेकिन उसके सामान में गुण बहुत ही कम होता है अर्थात किसी चीज को इतना ज्यादा सजा धजा के दिखाया जाता है लेकिन अगर उसके अंदर की गुणवत्ता को देखें तो वास्तव में उस वस्तु में वैसा कुछ गुण नहीं होता जो कि उसे दिखाया जाता है, इसे दूसरे भाषा में समझे तो अक्सर लोग वहां ज्यादा जाते हैं जहां की ज्यादा चमक-दमक हो ज्यादा सजा हुआ हो लेकिन जरूरी नहीं है कि जो दुकान बहुत ऊंची हो या वेरी फेमस हो क्या बहुत फेमस हो या बहुत ही अच्छी तरीके से हो तो जरूरी नहीं है कि वहां पर हमें अच्छे समान ही मिले अक्षर छोटे दुकानों में भी हमें अच्छे सामान मिल सकते हैं इसीलिए हमें ज्यादा ऊंची दुकान और फीके पकवान जैसे काम को नहीं करना चाहिए। हमें हर चीज को अच्छे से देख कर परख कर ही लेना चाहिए। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

अपने पाँव पर आप कुल्हाड़ी मारनाअक्ल पर पत्थर पड़ना
आपे से बाहर होनाअक्ल चरने जाना
आसमान सिर पर उठानाआड़े हाथों लेना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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