निषेधवाचक वाक्य (परिभाषा एवं उदाहरण)

निषेधवाचक वाक्य (Nishedh Vachak Vakya): व्याकरण में वाक्य का काफी महत्व है। वाक्य को समझने के बाद ही आप व्याकरण को स्पष्ट रूप से समझ पाएंगे। आज हम यहां पर वाक्य के मुख्य भाग निषेधवाचक वाक्य के बारे में विस्तार से जानने वाले है।

Nishedh Vachak Vakya
Nishedh Vachak Vakya

निषेधवाचक वाक्य क्या होता है और निषेधवाचक वाक्य की परिभाषा क्या है आदि के बारे में यहां पर विस्तार से वर्णन किया है।

वाक्य के बारे में गहराई से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वाक्य (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

निषेधवाचक वाक्य किसे कहते है?

निषेधवाचक वाक्य की परिभाषा: ऐसे वाक्य जिनमें किसी भी कार्य के निषेध का बोध होता है, उन वाक्यों को निषेधवाचक वाक्य कहा जाता है।

निषेधवाचक वाक्य के उदाहरण

  • मैं हॉस्टल नहीं जाऊंगा।

उदाहरण के रूप में ऊपर वाक्य में आप देख सकते हैं कि काम को नहीं कर करने का बोध हो रहा है। वक्ता द्वारा काम करने से मना किया जा रहा है। अतः इस उदाहरण को निषेधवाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • आज आंधी नहीं आएगी।

जिस प्रकार से ऊपर उदाहरण में दर्शाया गया है कि यहां पर आंधी नहीं आने का पता चल रहा है। मतलब काम के ना होने का बोध हो रहा है। अतः इस उदाहरण को निषेधवाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • आज विज्ञान के टीचर नहीं आएंगे।

प्रयुक्त उदाहरण में पता चलता है कि विज्ञान के टीचर नहीं आने की बात की गई है। मतलब काम के ना होने का बोध हो रहा है। अतः यह उदाहरण निषेधवाचक वाक्य के अंतर्गत आएगा।

  • मैं अपने घर नहीं जाऊंगा।

उदाहरण के रूप में ऊपर दिए गए इस वाक्य में देख सकते हैं कि वक्ता द्वारा काम करने से मना किया जा रहा है। अतः हमें इस वाक्य में काम के ना होने का बोध हो रहा है। इसलिए इस वाक्य को निषेधवाचक वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

निषेधवाचक वाक्य के अन्य उदाहरण

  • राधा आज स्कूल नहीं जाएगी।
  • आज मैं फिल्म देखने नहीं जाऊंगा।
  • हम आज कहीं पर भी घूमने नहीं जाएंगे।
  • राकेश आज राधा को नहीं मारेगा।
  • पूनम आज पढ़ाई नहीं करेगी।
  • रितिक आज खेलने नहीं जाएगा।
  • कौशल अपनी किताब मुझे नहीं देगा।

ऊपर उदाहरण में स्पष्ट रूप से काम के ना होने का बोध हो रहा है। अतः यह सभी उदाहरण निषेधवाचक वाक्य के अंतर्गत रखे जाएंगे।

हमने क्या सीखा?

हमने यहां पर निषेधवाचक वाक्य किसे कहते हैं, निषेधवाचक वाक्य की परिभाषा आदि के बारे में विस्तार से पढ़ा है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह अच्छे से समझ आ गये होंगे, इन्हें आगे शेयर जरूर करें। यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

वाक्य के अन्य भेद

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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