मिश्र वाक्य (परिभाषा एवं उदाहरण)

मिश्र वाक्य (Mishra Vakya): हिंदी व्याकरण के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी सभी लोग रखते हैं। लेकिन हिंदी व्याकरण को स्टेप बाय स्टेप समझना काफी जरूरी है। हर प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं में भी हिंदी व्याकरण से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

Mishra Vakya
Mishra Vakya

आज हम यहां पर मिश्र वाक्य क्या है और मिश्र वाक्य की परिभाषा क्या होती है। इसके बारे में हम यहां पर विस्तार से बात करने वाले हैं।

वाक्य के बारे में गहराई से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वाक्य (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

मिश्र वाक्य किसे कहते है?

मिश्र वाक्य की परिभाषा: ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ साथ कोई भी दूसरा उपवाक्य शामिल हो, उन वाक्य को मिश्र वाक्य कहा जाता है। मिश्र वाक्य का निर्माण एक से अधिक साधारण वाक्य से होता है, जिनमें एक प्रधान वाक्य होता है और दूसरा वाक्य आश्रित होता है और इसी वजह से मिश्र वाक्य की पहचान भी होती है।

मिश्र वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएं होती है। मिश्र वाक्य के निर्माण में प्रधान वाक्य और आश्रित उपवाक्य को जोड़ने के लिए बहुत सारे संयोजक अव्यय का प्रयोग होता है। जैसे:
आपस में, कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, यद्यपि, यदि, अगर, तो इत्यादि।

मिश्र वाक्य के प्रमुख उदाहरण

Mishra Vakya ke Udaharan

  • वह कौन सा व्यक्ति है, जिसने नरेंद्र मोदी का नाम ना सुना हो।

ऊपर उदाहरण में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दो उपवाक्य है। इसमें एक उपवाक्य के प्रधान है और दूसरा उपवाक्य आश्रित है। इस वाक्य में वह कौन सा व्यक्ति है। यह प्रधान उपवाक्य हैं एवं जिसमें नरेंद्र मोदी का नाम ना सुना हो यह आश्रित वाक्य है। एक वाक्य में दो विधेय हैं। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • राहुल ने दुकान खरीदी जो उसके मामा की थी।

जिस प्रकार के ऊपर उदाहरण में दर्शाया गया है कि राहुल ने दुकान खरीदी यह प्रधान वाक्य है और जो उसकी मामा की थी। यह वाक्य आश्रित वाक्य है, इस वाक्य में दो उद्देश्य और दो उपवाक्य है। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • यह वही जोधपुर है, जिसे ब्लू सिटी कहा जाता है।

ऊपर उदाहरण के रूप में वाक्य में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि दो उपवाक्य शामिल है। यह वही जोधपुर है। यह प्रथम वाक्य है और जिसे ब्लू सिटी कहा जाता है। यह आश्रित वाक्य है। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत आएगा।

  • यह वही राम है, जो बहुत ज्यादा बीमार रहता है।

प्रयुक्त उदाहरण में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दो उपवाक्य शामिल है। यह वही राम है। यह पहला और प्रधान वाक्य है। जो बहुत ज्यादा बीमार रहता है। यह आश्रित उपवाक्य है। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत आएगा।

मिश्र वाक्य के कुछ अन्य उदाहरण

  • जो औरत बाहर बैठी है, वह मेरी दादी है।
  • जो लड़की कमरे में बैठी है, वह मेरी चचेरी बहन है।
  • यदि आप मेहनत करोगे, तो परीक्षा में पास हो जाओगे।
  • मैं अच्छी तरह से जानता हूं, कि तुम्हारी हैंडराइटिंग अच्छी नहीं है।
  • यह वही राजस्थान है, जिसे मरू प्रदेश के नाम से जाना जाता है।

वाक्य रूपांतरण

मिश्र वाक्य से सरल वाक्य

  • मिश्र वाक्य: जब एक्सीडेंट का समाचार मिला, तब दिल काफी दुखी हो गया।
  • सरल वाक्य: एक्सीडेंट का समाचार मिलते ही दिल दुखी हो गया।
  • मिश्र वाक्य: अपराधी ने कहा मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं।
  • सरल वाक्य: अपराधी ने अपने आप को निर्दोष घोषित किया।
  • मिश्र वाक्य: अध्यापिका ने कहा सभी को प्रोजेक्ट का कार्य खुद करना है।
  • सरल वाक्य: अध्यापिका ने सबको प्रोजेक्ट का कार्य खुद करने के लिए कहा हैं।
  • मिश्र वाक्य: राधा ने जो लैपटॉप लिया वह पुराना है।
  • सरल वाक्य: राधा ने पुराना लैपटॉप लिया है।
  • मिश्र वाक्य: विकास ने घर खरीदा हुआ उसके चाचा का था।
  • सरल वाक्य: विकास ने अपने चाचा का घर खरीदा है।

मिश्र वाक्य से सयुंक्त वाक्य

  • मिश्र वाक्य: पड़ोसी की मौत की खबर सुनी, तब मन दुखी हो गया।
  • संयुक्त वाक्य: पड़ोसी के मौत की खबर सुनी और मन दुखी हो गया।
  • मिश्र वाक्य: राधिका की शादी में हम गए हमारा आदर और सम्मान हुआ।
  • संयुक्त वाक्य: राधिका की शादी में हम गए, हमारा सम्मान हुआ और आदर भी।
  • मिश्र वाक्य: रेखा ने जो मोबाइल खरीदा,वह नया है।
  • संयुक्त वाक्यः रेखा ने जो मोबाइल खरीदा है वह पूरी तरह से नया है।
  • मिश्र वाक्य: टीचर ने कहा कि सबको फाइल खुद बनानी है।
  • सयुक्त वाक्य: टीचर ने सबको फाइल बनाने के लिए कहा और खुद बनाने के लिए कहा।

हमने क्या सीखा?

हमने यहां पर मिश्र वाक्य किसे कहते हैं (Mishra Vakya), मिश्र वाक्य की परिभाषा आदि के बारे में विस्तार से पढ़ा है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह अच्छे से समझ आ गये होंगे, इन्हें आगे शेयर जरूर करें। यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

वाक्य के अन्य भेद

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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