मिश्र वाक्य (परिभाषा एवं उदाहरण)

मिश्र वाक्य (Mishra Vakya): हिंदी व्याकरण के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी सभी लोग रखते हैं। लेकिन हिंदी व्याकरण को स्टेप बाय स्टेप समझना काफी जरूरी है। हर प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं में भी हिंदी व्याकरण से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

Mishra Vakya
Mishra Vakya

आज हम यहां पर मिश्र वाक्य क्या है और मिश्र वाक्य की परिभाषा क्या होती है। इसके बारे में हम यहां पर विस्तार से बात करने वाले हैं।

वाक्य के बारे में गहराई से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वाक्य (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

मिश्र वाक्य किसे कहते है? (Mishra Vakya Kise Kahate Hain)

मिश्र वाक्य की परिभाषा: ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ साथ कोई भी दूसरा उपवाक्य शामिल हो, उन वाक्य को मिश्र वाक्य कहा जाता है। मिश्र वाक्य का निर्माण एक से अधिक साधारण वाक्य से होता है, जिनमें एक प्रधान वाक्य होता है और दूसरा वाक्य आश्रित होता है और इसी वजह से मिश्र वाक्य की पहचान भी होती है।

मिश्र वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएं होती है। मिश्र वाक्य के निर्माण में प्रधान वाक्य और आश्रित उपवाक्य को जोड़ने के लिए बहुत सारे संयोजक अव्यय का प्रयोग होता है। जैसे: आपस में, कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, यद्यपि, यदि, अगर, तो इत्यादि।

मिश्रित वाक्य में उपवाक्य के प्रकार

मिश्रित वाक्य में तीन तरह के उप वाक्यों का प्रयोग होता है, जो निम्नलिखित है:

संज्ञा उपवाक्य: प्रस्तुत उपवाक्य में जो संज्ञा का काम करता है, उसे ही संज्ञा उपवाक्य कहते हैं। वाक्य में संज्ञा उपवाक्य वही होता है, जहां पर “कि” अव्यय शब्द का उपयोग किया हुआ होता है।

उदाहरण

  • मैं चाहती थी कि तुम यहां पर आओ।
  • मुझे तुम पर विश्वास है कि तुम परीक्षा में पास हो जाओगे।
  • उसने कहा कि अब वह यहां काम नहीं करेगा।
  • वह तुमसे इतना प्यार करता है कि वह तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता है।
  • ऐसा लगता है कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है।

विशेषण उपवाक्य: विशेषण उपवाक्य उन्हें कहते हैं, जो प्रधान वाक्य के संज्ञा की विशेषता बताता है।

उदाहरण

  • कल जो तुम्हारे घर पर आया था, वह मेरा भाई है।
  • तुम जिस कुर्सी पर बैठने वाली हो, वह कुर्सी टूटी हुई है।
  • मैंने उस आदमी के हाथ में फुल थमाया था, जिसके हाथ में चोट लगी थी।
  • मैंने कल बाजार में उस लड़की को देखा, जिसने लाल रंग के बेड को लटकाया हुआ था।
  • आप जिसके बारे में पूछ रहे हैं, वो तो अब इस विद्यालय में नहीं पड़ता है।

क्रिया विशेषण उपवाक्य: क्रिया विशेषण उपवाक्य उसे कहते हैं, जिसके कारण प्रधान वाक्य के क्रिया की विशेषता व्यक्त होती है। क्रिया विशेषण उपवाक्य काल, स्थान, रिती, परिणाम, प्रकार इत्यादि का घोतन करता है।

उदाहरण

  • जहां स्त्रियों का सम्मान होता है, वहीँ देवी का वास होता है। (स्थान)
  • वह स्कूल नहीं जाएगी, क्योंकि उसके सिर में दर्द है। (कारण)
  • जैसे जैसे वह आगे बढ़ता है वैसे वैसे तुम भी आगे बढ़ो। (प्रकार)
  • उसने बहुत मेहनत की अतः उसका प्रमोशन हो गया। (परिणाम)
  • जब पानी बरसती है तब किसान खेत जोत डालते हैं। (समय)

मिश्र वाक्य के उदाहरण (Mishra Vakya ke Udaharan)

  • वह कौन सा व्यक्ति है, जिसने नरेंद्र मोदी का नाम ना सुना हो।

ऊपर उदाहरण में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दो उपवाक्य है। इसमें एक उपवाक्य के प्रधान है और दूसरा उपवाक्य आश्रित है। इस वाक्य में वह कौन सा व्यक्ति है। यह प्रधान उपवाक्य हैं एवं जिसमें नरेंद्र मोदी का नाम ना सुना हो यह आश्रित वाक्य है। एक वाक्य में दो विधेय हैं। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • राहुल ने दुकान खरीदी जो उसके मामा की थी।

जिस प्रकार के ऊपर उदाहरण में दर्शाया गया है कि राहुल ने दुकान खरीदी यह प्रधान वाक्य है और जो उसकी मामा की थी। यह वाक्य आश्रित वाक्य है, इस वाक्य में दो उद्देश्य और दो उपवाक्य है। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • यह वही जोधपुर है, जिसे ब्लू सिटी कहा जाता है।

ऊपर उदाहरण के रूप में वाक्य में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि दो उपवाक्य शामिल है। यह वही जोधपुर है। यह प्रथम वाक्य है और जिसे ब्लू सिटी कहा जाता है। यह आश्रित वाक्य है। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत आएगा।

  • यह वही घर है, जिसे मैं इस दिवाली खरीदने वाला हूं।

उपरोक्त वाक्य में आप देख सकते हैं 2 वाक्य संयोजक “जिसे” से जुड़ा हुआ है। यहां पर “यह वही घर है” यह प्रावधान वाक्य है। वहीँ “जिसे मैं इस दिवाली खरीदने वाला हूं” यह आश्रित वाक्य है। इस उपरोक्त वाक्य में दो उद्देश्य और दो उपवाक्य है, जिस कारण यह मिश्रित वाक्य का उदाहरण है।

  • जहां तुम जाना चाहते हो, वहां मैं भी जाना चाहता हूं।

उपरोक्त वाक्य मिश्रित वाक्य का उदाहरण है। क्योंकि यहां पर दो उपवाक्य एवं उद्देश्य है। यहां पर “जहां तुम जाना चाहते हो” यह प्रधान वाक्य है। वहीँ “वहां मैं भी जाना चाहता हूं” यह आश्रित वाक्य है। उपरोक्त वाक्य में “जहां, वहां” जैसे संयोजक का प्रयोग किया गया है।

  • यह वही राम है, जो बहुत ज्यादा बीमार रहता है।

प्रयुक्त उदाहरण में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दो उपवाक्य शामिल है। यह वही राम है। यह पहला और प्रधान वाक्य है। जो बहुत ज्यादा बीमार रहता है। यह आश्रित उपवाक्य है। अतः यह उदाहरण मिश्र वाक्य के अंतर्गत आएगा।

मिश्र वाक्य के कुछ अन्य उदाहरण (Mishra Vakya Examples in Hindi)

  • जो औरत बाहर बैठी है, वह मेरी दादी है।
  • जो लड़की कमरे में बैठी है, वह मेरी चचेरी बहन है।
  • यदि आप मेहनत करोगे, तो परीक्षा में पास हो जाओगे।
  • मैं अच्छी तरह से जानता हूं, कि तुम्हारी हैंडराइटिंग अच्छी नहीं है।
  • यह वही राजस्थान है, जिसे मरू प्रदेश के नाम से जाना जाता है।

उदाहरण

  • तुम जिससे प्यार करते हो, उसका नाम मैं जानता हूं।
  • तुम जिस कार में बैठे हो, वह कार मेरे पिताजी का है।
  • तुम जितना ज्यादा मुसीबत से भागोगे, उतना ही मुसीबत तुम्हारा पीछा करेगा।
  • वह तुम्हें देखकर दंग रह गई जब तुम अचानक से पार्टी में आ पहुंचे।
  • जिधर तुम्हारे घर का रास्ता है, उधर मेरे घर का भी रास्ता है।

वाक्य रूपांतरण

मिश्र वाक्य से सरल वाक्य

सरल वाक्य: वह तुम्हें देख खुश हो गई
मिश्रा वाक्य: उसने जैसे तुम्हें देखा वह खुश हो गई।

सरल वाक्य: मैच शुरू होते ही दर्शकगन स्टेडियम में इकट्ठे हो गए।
मिश्रा वाक्य: जैसे ही मैच शुरू हुआ वैसे ही दर्शकगन स्टेडियम में इकट्ठे हो गए।

सरल वाक्य: निकिता के घर जाने पर मेरा बहुत सम्मान हुआ।
मिश्रा वाक्य: जब मैं निकिता के घर गया मेरा बहुत सम्मान हुआ।

सरल वाक्य: मेरे भाई ने नया मोबाइल खरीदा।
मिश्रा वाक्य: मेरे भाई ने जो मोबाइल खरीदा है वह नया है।

सरल वाक्य: वह बड़े घर में रहती है।
मिश्रा वाक्य: वह जिस घर में रहती है वह बड़ा है।

मिश्र वाक्य: जब एक्सीडेंट का समाचार मिला, तब दिल काफी दुखी हो गया।
सरल वाक्य: एक्सीडेंट का समाचार मिलते ही दिल दुखी हो गया।

मिश्र वाक्य: अपराधी ने कहा मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं।
सरल वाक्य: अपराधी ने अपने आप को निर्दोष घोषित किया।

मिश्र वाक्य: अध्यापिका ने कहा सभी को प्रोजेक्ट का कार्य खुद करना है।
सरल वाक्य: अध्यापिका ने सबको प्रोजेक्ट का कार्य खुद करने के लिए कहा हैं।

मिश्र वाक्य: राधा ने जो लैपटॉप लिया वह पुराना है।
सरल वाक्य: राधा ने पुराना लैपटॉप लिया है।

मिश्र वाक्य: विकास ने घर खरीदा हुआ उसके चाचा का था।
सरल वाक्य: विकास ने अपने चाचा का घर खरीदा है।

मिश्र वाक्य से सयुंक्त वाक्य

मिश्र वाक्य: पड़ोसी की मौत की खबर सुनी, तब मन दुखी हो गया।
संयुक्त वाक्य: पड़ोसी के मौत की खबर सुनी और मन दुखी हो गया।

मिश्र वाक्य: राधिका की शादी में हम गए हमारा आदर और सम्मान हुआ।
संयुक्त वाक्य: राधिका की शादी में हम गए, हमारा सम्मान हुआ और आदर भी।

मिश्र वाक्य: रेखा ने जो मोबाइल खरीदा,वह नया है।
संयुक्त वाक्यः रेखा ने जो मोबाइल खरीदा है वह पूरी तरह से नया है।

मिश्र वाक्य: टीचर ने कहा कि सबको फाइल खुद बनानी है।
सयुक्त वाक्य: टीचर ने सबको फाइल बनाने के लिए कहा और खुद बनाने के लिए कहा।

मिश्र वाक्य: जिसके गोद में बच्चा है उस औरत को बुलाओ।
संयुक्त वाक्य: गोद में बच्चे वाली औरत को बुलाओ।

मिश्र वाक्य: वह तुम्हें खुश करना चाहता था इसलिए यह उपहार लाया।
संयुक्त वाक्य: उसने तुम्हें खुश करने के लिए यह उपहार लाया।

मिश्र वाक्य: जब तुम धड़ाधड़ अंग्रेजी बोलते हो तो मैं दंग रह जाता हूं।
संयुक्त वाक्य: तुम्हें धड़ाधड़ अंग्रेजी बोलते देख मैं दंग रह जाता हूं।

मिश्र वाक्य: जैसे बच्चों ने तुम्हें आते देखा वैसे वे भाग गए।
संयुक्त वाक्य:तुम्हें आते देख बच्चे भाग गए।

मिश्र वाक्य: तुमसे मिलना था इसलिए मैं यहां पर आया हूं।
संयुक्त वाक्य: तुमसे मिलने के लिए मैं यहां पर आया हूं।

FAQ

मिश्र वाक्य क्या है?

मिश्र वाक्य ऐसे वाक्य है, जिसमें एक प्रधान वाक्य एवं उपवाक्य का भी प्रयोग होता है। इसमें कई तरह के अव्यय का प्रयोग होता है।

क्रिया विशेषण उपवाक्य का एक ऐसा उदाहरण क्या है जिसमें शर्त का घोतन हो?

यदि तुम परीक्षा में पास हो जाओगे तो मैं तुम्हें नया कार लेकर दूंगा।

मिश्र वाक्य में कितने तरह के उप वाक्यों का प्रयोग होता है?

मिश्र वाक्य में तीन तरह के उप वाक्यों का प्रयोग होता है: संज्ञा उपवाक्य, विशेषण उपवाक्य, क्रिया विशेषण उपवाक्य।

उपवाक्य के कितने प्रकार हैं?

उपवाक्य के दो भेद हैं: प्रधान वाक्य एवं आश्रित वाक्य।

हमने क्या सीखा?

हमने यहां पर मिश्र वाक्य किसे कहते हैं (Mishra Vakya), मिश्र वाक्य की परिभाषा (mishra vakya ki paribhasha) आदि के बारे में विस्तार से पढ़ा है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह अच्छे से समझ आ गये होंगे, इन्हें आगे शेयर जरूर करें। यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

वाक्य के अन्य भेद

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 6 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।