नफरत शायरी

I Hate My Life Shayari

नफरत शायरी | I Hate My Life Shayari

Dil tuta Shayari in Hindi
Image: Dil tuta Shayari in Hindi

हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझपर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा,
ना रोते हम यूँ तेरे लिये,
अगर हमारी जिन्दगी में,
तेरे सिवा कोई ओर होता।

उस मोड़ से शुरू करें
चलो फिर से जिंदगी
हर शय हो जहाँ नई सी
और हम हो अज़नबी।

सिख के गए हैं वो
मोहब्बत हमसे.. इतना तो,
यकीन है की जिस से भी करेंगे,
बेशुमार किया करेंगे।

दर्द ही सही मेरे इश्क का इनाम तो आया,
खाली ही सही हाथों में जाम तो आया,
मैं हूँ बेवफ़ा सबको बताया उसने,
यूँ ही सही, उसके लबों पे मेरा नाम तो आया।

मेरी जिंदगी मै,
खुशियां तेरे बहाने से है,
आधी तुझे सताने से है,
आधी तुझे मनाने से है।

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!…..

एक हाथ जिन्दगी,
दूसरे हाथ मौत थी और,
मैंने ” तुम्हें ” चुन लिया।

जीते थे कभी हम भी शान से
महक उठी थी फिजा किसी के नाम से
पर गुज़रे हैं हम कुछ ऐसे मुकाम से
की नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से

कितनी झूठी होती है मोहब्बत की कसम,
देखो तुम भी ज़िंदा हो , मैं भी ज़िंदा हूँ।

प्यार किया तुझसे
एक खता हो गयी मुझसे
अब सिर्फ जी रहे हैं नफरत से.

सिर्फ साँसों का नाम ज़िन्दगी नहीं होता,
इसलिए हर सांस लेने वाला जिंदा नहीं होता।

I Hate My Life Shayari

कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,
तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको!

प्यार किया बदनाम हो गए,
चर्चे हमारे सरेआम हो गए,
ज़ालिम ने दिल उस वक़्त तोडा,
जब हम उसके गुलाम हो गए|……

तूने जो किया गुनाह
हम तुझे माफ़ न करेंगे
अगर मिल भी गए किसी और जनम में
हम तब भी तुझसे नफरत ही करेंगे

जिस जिस ने मुहब्बत में,
अपने महबूब को खुदा कर दिया,
खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए,
उनको जुदा कर दिया|

तू है मुझमें I शामिल इस तरह;
तेरा तसव्वर ज़िक्र भी करूँ किस तरह;
चाहे दूर सही लेकिन तू है इस दुनिया में;
तेरी उम्मीद रहते हुए मैं मरुँ किस तरह।

आप को खोने का हर पल डर लगा रहता है;
जब कि आपको पाया ही नहीं;
तुम बिन इतना तन्हा हूँ मैं;
कि मेरे साथ मेरा साया भी नहीं।

ज्यादा कुछ नहीं बदला,
उनके और मेरे बीच में,
पहले नफरत नहीं थी,
अब मोहब्बत नहीं हैं।

उड़ रहा था मेरा दिल भी परिंदों की तरह,
तीर जब लग गई तो कोई भी मरहम न हुआ,
देख लेना था मुझे भी हर सितम की अदा,
ऐ सनम तेरे जैसा मेरा कोई दुश्मन न हुआ.

रास्ता ऐसा भी दुशवार न था,
बस उसको हमारी चाहत पे ऐतबार न था,
वो चल न सकी हमारे साथ वरना,
हमे तो जान देने से भी इनकार न था.

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे,
लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी।

बता मुझे ये तेरी तनहाई कैसी है;
समझकर प्यार सारा फिर भी रुसवाई कैसी है;
हमें और भी मजबूर कर दिया है तूने;
तू बता तो सही ये तेरी तनहाई कैसी है?

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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