एक मुँह दो बातें मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

एक मुँह दो बातें मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Ek munh do baaten Muhavara ka arth)

एक मुँह दो बातें मुहावरे का अर्थ –अपनी बात से पलट जाना, अपनी बात से पलटना, एक ही मुंह से दो प्रकार की बात करना।

Ek munh do baaten Muhavara ka arth –apanee baat se palat jaana, apanee baat se palatana, ek hee munh se do prakaar kee baat karana.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: अक्सर आपने देखा होगा कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान से कई बार संवाद किया जाता है लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान कई बार एक मुंह से दो बातें करता है अर्थात वह अपनी बातों से पलट जाता है और इसका यह नतीजा होता है कि दोनों देशों के बीच संवाद तो होती है लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकलता है इसीलिए आज तक कोई ठोस नतीजे पर नहीं आ पाए।

वाक्य प्रयोग: हाल ही में चीन ने भारत देश पर कई बार हमले किए और इसके लिए भारत और चीन के बीच कई बार बातें हुई लेकिन चीन अपनी आदतों से लाचार है वह एक मुंह से दो बातें करता है वह कहता कुछ और है लेकिन वह करता कुछ और है अर्थात वह अपनी बातों से पलट जाता है इसीलिए कई बार हमारी सरकार ने चीन से संवाद की लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला अभी भी दोनों देशों के बीच विवाद जैसा बना हुआ है।

वाक्य प्रयोग: सोहन एक बेईमान लड़का है उसने कई बार कई लोगों से कई वादे किए लेकिन वह एक मुंह से दो बातें करता है अर्थात वह अपनी बातों से पलट जाता है इसीलिए सोहन पर कोई विश्वास नहीं करता है।

वाक्य प्रयोग: सीता अक्सर एक मुंह से दो बातें करती है अक्सर वह हमेशा अपनी बात से पलट जाती है इसीलिए कोई भी सीता पर विश्वास नहीं करता।

यहां हमने “एक मुँह दो बातें” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। एक मुँह दो बातें मुहावरे का अर्थ होता है कि अपनी बात से पलट जाना, एक ही मुंह से दो प्रकार की बातों को करना या अपनी बात से पलट जाना। अक्सर आपने नेताओं को देखा होगा कि वह जो भी बात कहते हैं जैसे कि वह जनता की भलाई के लिए सड़क का निर्माण, रोजगार के अवसर निकालने का बात करते हैं। लेकिन वह से पलट जाते हैं इन सारी चीजों में वह कुछ भी कार्य नहीं करते हैं अपने कार्यकाल के समय में ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है कि एक मुंह से दो बातें करना अर्थात अपनी बातों से पलट जाना और अपनी बात जो भी कह रहा है उसे पूरा ना करना। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

बड़ी बात होना अपना घर समझना
आपे से बाहर होनाअक्ल चरने जाना
आसमान सिर पर उठानाआड़े हाथों लेना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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