अटकेगा सो भटकेगा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अटकेगा सो भटकेगा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Atakega so bhatakega Muhavara ka arth)

अटकेगा सो भटकेगा मुहावरे का अर्थ – दुविधा या सोच –विचार में पड़ जाते हैं, तो काम अधूरा ही रह जाता है।

Atakega so bhatakega Muhavara ka arth – duvidha ya soch –vichaar mein pad jaate hain, to kaam adhoora hee rah jaata hai.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: अक्सर जो लोग किसी परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं तो वह सबसे पहले यह सोचते हैं कि वह पास करेंगे या नहीं करेंगे जबकि उसे इन सारी बातों पर ध्यान न देकर केवल अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और यह विश्वास रखना चाहिए कि वह जो भी तैयारी कर रहा है उसे उसे सफलता मिलेगी लेकिन अक्सर लोग इन फालतू की बातों में अटक जाता है इसीलिए यह कहा जाता है कि जो अटकेगा सो भटकेगा।

वाक्य प्रयोग: सोहन बाजार से आम लाने के लिए गया और उसे एक फल वाले के पास थोड़े से अच्छे आम बचे हुए मिले। लेकिन सोहन उस आम वाले का दाम सुनकर संकोच में पड़ गया इतनी देर में वह आम किसी और व्यक्ति ने खरीद लिया। तब दुकानदार ने उसे कहा अटकेगा सो भटकेगा अर्थात दुविधा यह सोच में पड़ जाने पर काम अधूरा ही रह जाता है।

वाक्य प्रयोग: सीता एक अच्छी विद्यार्थी है लेकिन वह विज्ञान और कला के क्षेत्र में से किस क्षेत्र में जाए। इसमें वह दुविधा में पड़ गई और जब कला और विज्ञान दोनों ही क्षेत्र के प्रवेश पत्र भरने का समय निकल गया तो उसे अपना साल गवाना पड़ा ऐसी स्थिति में कहा जाता है अटकेगा सो भटकेगा।

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल अच्छे बीज के लिए शहर जाने के बारे में सोच रहा था लेकिन वह पैसों के वजह से शहर जाकर बीज नहीं ला पाया और गांव के ही दुकान से बीज खरीद कर अपने क्षेत्र में बो दिया इसका परिणाम यह हुआ कि उसका फसल अच्छा नहीं हुआ वह इस दुविधा में था कि शहर जाकर अगर अच्छे बीच ना मिले तो मेरा पैसा और समय दोनों का नुकसान होगा इसीलिए यह कहा जाता है कि दुविधा या सोच –विचार में पर जाने पर काम अधूरा ही रह जाता है अर्थात अटकेगा सो भटकेगा।

यहां हमने “अटकेगा सो भटकेगा” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। अटकेगा सो भटकेगा मुहावरा का अर्थ है कि जो व्यक्ति ज्यादा सोच विचार दुविधा में असमंजस में पड़ा रहता है उसका काम अधूरा ही रह जाता है क्योंकि जब हम किसी कार्य को लेकर अत्यधिक सोच विचार करते हैं तब हमारा जो निर्णय होता है वह यह होता है कि हम उस काम को नहीं कर पाते हैं हमें सोच विचार के काम तो करना चाहिए लेकिन अत्यधिक सोच विचार करने से हम उस काम को करने से पीछे हट जाते हैं उस काम को अधूरा ही छोड़ देते हैं इसीलिए हमें सोच विचार तो करना चाहिए लेकिन अत्यधिक सोच विचार में नहीं पड़ना चाहिए इसीलिए कहा जाता है अटकेगा सो भटकेगा। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

अपने पाँव पर आप कुल्हाड़ी मारनाअक्ल पर पत्थर पड़ना
आपे से बाहर होनाअक्ल चरने जाना
आसमान सिर पर उठानाआड़े हाथों लेना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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