अन्न-जल उठना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अन्न-जल उठना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Ann-jal uthana muhaavare ka arth)

अन्न-जल उठना मुहावरे का अर्थ – मृत्यु के सन्निकट होना, जीवन समाप्त होने के कगार पर आना, एक स्थान को छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर जाना ।

Ann-jal uthana muhaavare ka arth – mrtyu ke sannikat hona, jeevan samaapt hone ke kagaar par aana, ek sthaan ko chhodakar kisee doosare sthaan par jaana .

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: किसी भी व्यक्ति की आयु खत्म होने वाली होती है तब उसे कहा जाता है कि उसका अन्न-जल यहां से उठने वाला है।

वाक्य प्रयोग: सोहन की दादी की आयु इतनी हो गई है कि अब वह मौत के कगार पर आ गई है अब उसका जीवन समाप्त होने वाला है यानि उसका अन्न-जल उठने वाला है।

वाक्य प्रयोग: मोहन अपनी शहर को छोड़कर दूसरे शहर को जाने वाला है उसका अपनी शहर से अन्न-जल उठने वाला है।

वाक्य प्रयोग: रीता की शादी कुछ ही दिनों में होने वाली है अब उसका अपने घर से अन्न-जल उठने का समय आ गया है।

वाक्य प्रयोग: जब लोगों की आयु व जीवन खत्म होने वाला होता है, तब उसे जीवन का असली महत्व समझ में आता है। लेकिन आप उसके पास उतना पर्याप्त समय नहीं होता कि वह अपने जीवन को कुछ काम में ला सके, वह अपने अमूल जीवन को ऐसे ही व्यर्थ में बिता देता है।

यहां हमने “अन्न-जल उठना “जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। अन्न-जल उठना का अर्थ होता है मृत्यु के समीप जाना, जीवन का अंतिम समय आना, जीवन की समाप्ति होने के कगार पर आना, लोगों को जीवन बहुत सारे कार्यों को करने के लिए मिलता है। लेकिन लोग अपने छोटे से सुख और सुविधा में उलझे रहते हैं। थोड़े से मोह माया में फंसे रहते हैं जिसकी वजह से उनका अमूल्य जीवन व्यर्थ चला जाता है और जब व्यक्ति का जीवन समाप्त होने के कगार पर होता है तब उसे जीवन के सही मूल्य का पता होता है और उसे अनुभव होता है कि हमारा जीवन कितना अनमोल था और हमें अपने जीवन में क्या-क्या करना था। लेकिन अब उनका इस धरती से अन्न-जल उठने ही वाला है अब वह सिर्फ इस धरती को छोड़कर दूसरे लोक को जाएंगे। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

आड़े हाथों लेनाअम्बर के तारे गिनना
आसमान सिर पर उठानाआपे से बाहर होना
आकाश-पाताल एक करनाआँख का तारा

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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