आसमान का थूका मुँह पर आता है मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आसमान का थूका मुँह पर आता है मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Aasamaan ka thooka munh par aata hai Muhavara ka arth)

आसमान का थूका मुँह पर आता है मुहावरे का अर्थ –बड़े लोगों की निंदा करने से अपनी ही बदनामी होती है।

Aasamaan ka thooka munh par aata hai Muhavara ka arth –bade logon kee ninda karane se apanee hee badanaamee hotee hai.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: सोहन ने महात्मा गांधी की बुराई की लेकिन उसके आसपास के लोग जिन्होंने महात्मा गांधी का बुराई सुना उसने सोहन को काफी कुछ उल्टा पुल्टा सुना दिया ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है कि आसमान का थूका मुँह पर आता है ।

वाक्य प्रयोग: सोहन ने स्वामी विवेकानंद की बुराई की कि वह विदेश जाकर मांस खाता था जबकि वह एक संत था तब उसके उसके आसपास के लोगों ने काफी कुछ सुनाया ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है कि आसमान का थूका मुँह पर आता है ।

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल अपने मोहल्ले का बहुत ही प्रतिष्ठित व्यक्ति है लेकिन उसके मोहल्ले के कुछ व्यक्ति उसका दूसरों के सामने शिकायत कर रहे थे यह तो वही बात हो गई आसमान का थूका मुँह पर आता है ।

वाक्य प्रयोग: श्री रामकृष्ण परमहंस जी को सभी जानते हैं कि वह मां काली के एक परम भक्त हैं और मां काली को अपने हाथों से खाना खिलाते थे लेकिन कुछ व्यक्ति हैं । जो कि श्री रामकृष्ण परमहंस जी को ढोंगी बोलते हैं और उनके किए गए कार्यों को गलत बताते हैं ऐसी स्थिति में उन लोगों के लिए सिर्फ यही कहा जा सकता है कि आसमान का थूका मुँह पर आता है अर्थात जब आप किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के किए गए कार्यों का अपमान करते हैं या उसकी बुराई करते हैं तो इससे केवल आपकी ही बुराई होती है ना कि उस प्रसिद्ध व्यक्ति की।

यहां हमने “आसमान का थूका मुँह पर आता है” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा।आसमान का थूका मुँह पर आता है मुहावरे का अर्थ है कि जब आप किसी प्रसिद्ध या किसी बड़े लोगों की निंदा करते हैं तो उसका परिणाम यह होता है कि लोग आप ही को ही बदनाम करना शुरू कर देते हैं क्योंकि जो प्रसिद्ध लोग होते हैं वह बहुत लोगों के प्यारे होते हैं, पूजनीय होते हैं, गुरु के समान होते हैं इसीलिए हमें इन सारी बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जो लोग प्रसिद्ध है जो बड़े लोग होते हैं उनकी निंदा नहीं करनी चाहिए उनकी निंदा करने से आसमान का थूका मुँह पर आता है जैसे मुहावरे जैसी बात हो जाती है। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

आपे से बाहर होना आकाश-पाताल एक करना
आकाश-पाताल एक करना अपने पाँव पर आप कुल्हाड़ी मारना
आपे से बाहर होना कठपुतली बनना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here