वारि शब्द के रूप

वारि शब्द के रूप | Vari Shabd Roop in Sanskrit

वारि शब्द के रूप: वारि शब्द का अर्थ जल होता है। यह इकारान्त नपुंसकलिंग संज्ञा होता है। वारि के सभी इकारान्त नपुंसकलिंग संज्ञापदों के शब्द रूप इसी तरह लिखे जाएंगे।

विभक्ति  एकवचन  द्विवचन  बहुवचन
प्रथमा  वारि  वारिणी  वारीणि
द्वितीया  वारि  वारिणी  वारीणि
तृतीया  वारिणा  वारिभ्याम्  वारिभिः
चतुर्थी  वारिणे  वारिभ्याम्  वारिभ्यः
पञ्चमी  वारिणः  वारिभ्याम्  वारिभ्यः
षष्ठी  वारिणः  वारिणोः  वारीणाम्
सप्तमी  वारिणि  वारिणोः  वारिषु
सम्बोधन  हे वारि, वारे!  हे वारिणी!  हे वारीणि!

संस्कृत व्याकरण में शब्द रूपों का बहुत महत्व दिया जाता है। और धातु रूप भी बहुत महत्वपूर्ण होते है।

Vari Shabd Roop in Sanskrit
Vari Shabd Roop in Sanskrit

संस्कृत के अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप

संस्कृत व्याकरण

संस्कृत धातु रुपसंस्कृत वर्णमालालकार
संस्कृत में कारकसंस्कृत में संधिसमास प्रकरण
प्रत्यय प्रकरणउपसर्ग प्रकरणसंस्कृत विलोम शब्द

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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