तद् (वह) नपुंसकलिंग शब्द रूप

तद् (वह) नपुंसकलिंग शब्द रूप | tad (vah) napunsakaling shabd roop in sanskrit

तद् (वह) नपुंसकलिंग शब्द रूप: तद् (वह) नपुंसकलिंग एक सर्वनाम संज्ञा है। यदादि का यद्, तद्, एतद्औ र किम् यह सभी शब्द क्रमशः य:, स:, एष:, स्य: और क: के साथ लिखे जाते है और इसके अलावा सर्व्वादि के तुल्य रूप भी इसी तरह होते हैं और तद् नपुंसकलिंग में प्रथमा और द्वतीया के एकवचन में भी यत्, एतत्, तत्, किम्, त्यत् होता है।

विभक्ति एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथमा तत् ते तानि
व्दितीया तत् ते तानि
तृतीया तेन ताभ्याम् तै:
चतुर्थी तस्मै ताभ्याम् तेभ्य:
पंचमी तस्मात् ताभ्याम् तेभ्य:
षष्ठी तस्य तयो: तेषाम्
सप्तमी तस्मिन् तयो: तेषु
tad (vah) napunsakaling shabd roop in sanskrit
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संस्कृत व्याकरण

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प्रत्यय प्रकरणउपसर्ग प्रकरणसंस्कृत विलोम शब्द

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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