स्वसृ शब्द के रूप

स्वसृ शब्द के रूप | Swasr Shabd Roop in Sanskrit

स्वसृ शब्द के रूप (Swasr Shabd Roop in Sanskrit): स्वसृ शब्द का अर्थ बहन है। स्वसृ शब्द ऋकारान्त स्त्रील्लिंग संज्ञा है। स्वसृ शब्द रूप भी सभी ऋकारान्त स्त्रील्लिंग संज्ञापदों के रूप के सामान होता है।

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा स्वसा स्वसारौ स्वसारः
द्वितीया स्वसारम् स्वसारौ स्वसॄः
तृतीया स्वस्रा स्वसृभ्याम् स्वसृभिः
चतुर्थी स्वस्रे स्वसृभ्याम् स्वसृभ्यः
पञ्चमी स्वसुः स्वसृभ्याम् स्वसृभ्यः
षष्ठी स्वसुः स्वस्रोः स्वसॄणाम्
सप्तमी स्वसरि स्वस्रोः स्वसृषु
संबोधन हे स्वसः ! हे स्वसारौ ! हे स्वसारः !

संस्कृत व्याकरण में शब्द रूपों का बहुत महत्व दिया जाता है। और धातु रूप भी बहुत महत्वपूर्ण होते है।

Swasr Shabd Roop in Sanskrit

संस्कृत के अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप

संस्कृत व्याकरण

संस्कृत धातु रुपसंस्कृत वर्णमालालकार
संस्कृत में कारकसंस्कृत में संधिसमास प्रकरण
प्रत्यय प्रकरणउपसर्ग प्रकरणसंस्कृत विलोम शब्द

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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