शहीद शायरी

Shaheed Shayari in Hindi

Shaheed Shayari in Hindi
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शहीद शायरी |Shaheed Shayari in Hindi

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो

फांसी का फंदा भी फूलो से कम न था
वो भी डूब सकते थे इश्क में किसी के
पर, वतन उनके लिए
माशूक के प्यार से कम न था

आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है,
देश के शहीदों को शत् शत् नमन

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं
इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं
मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं
कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं

ऐ वतन ऐ वतन हमको तेरी कसम,
तेरी राहों में जान तक लुटा जायेंगे
फूल क्या चीज है, तेरे कदमो में हम,
भेंट अपने सरो की चढ़ा जायेंगे

खुशनसीब हैं वो जो वतन पे मिट जाते हैं
मर कर भी वो लोग अमर हो जाते हैं
करता हूँ तुम्हे सलाम ऐ वतन पर मिटने वालो
तुम्हारी हर सांस में बसता तिरंगे का नसीब है

किसी – किसी किस्से में आता है
शहादत, नसीब वालो के हिस्से में आता है

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इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,
लहूँ देकर की है जिसकी हिफाजत हमने,
ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाये रखना

अपनी आज़ादी को हम
हरगिज़ भुला सकते नहीं
सर कटा सकते है
लकिन सर झुका सकते नहीं

****

मैं जला हुआ राख नहीं, अमर दीप हूँ
जो मिट गया वतन पर, मैं वो शहीद हूँ

जब तुम शहीद हुए थे
तो ना जाने कैसे तुम्हारी माँ सोई होगी
एक बात तो तय है
तुम्हे लगने वाली गोली भी सौ बार रोई होगी

Shaheed Shayari in Hindi

जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिसने जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है

जश्न आजादी का मुबारक हो देश वालो को
फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालों को

गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है
सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है
दिल से तुमको नमन हैं करते
ये आजाद वतन जो दिलाया है

कभी वतन के लिए सोच के देख लेना
कभी माँ के चरण चूम के देख लेना
कितना मजा आता है मरने में यारो
कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना

कभी कड़ाके की ठंड में ठिठुर के देखना
कभी तपती धुप में चल के देखना
कैसे होती है हिफाजत अपने देश की
जरा सरहद पर जाकर देखना

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सीनें में ज़ुनू, ऑखों में देंशभक्ति,
की चमक रखता हुँ
दुश्मन के साँसें थम जाए,
आवाज में वो धमक रखता हुँ

हाथ जोड़कर नमन जो करते,
मत समझो कि हम कमजोर हैं
उठाओ कथायें देखो इतिहास,
छाये हुए हम हर ओर हैं

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई
उनकी शहादत का क़र्ज़ देश पर उधार है
आप और हम इस लिए खुशहाल हैं क्योंकि
सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं

आज तिरंगा फहराता है,
अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी,
वीर शहीदों के बलिदान से

*******

वतन वालो वतन ना बेच देना
ये धरती ये चमन ना बेच देना
शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते
शहीदों के कफन ना बेच देना

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा

खौफ नही था मौत का दिल में
जुबान पर था वन्देमातरम् का नारा
आजादी की चाह लिए उतरे रण में
हँसते-हँसते फंदे को खुद गले में उतारा

सीने पर जो जख्म है
सब फूलों के गुच्छे हैं
हमें पागल ही रहने दो
हम पागल ही अच्छे हैं

Shaheed Shayari in Hindi

खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो
लाल हरे रंग में ना बाटों हमको
मेरे छत एक तिरंगा रहने दो

दुश्मन की गोलियों ला सामना कर लेंगे
हम आजाद है और आजाद ही रहेंगे

करता हूँ भारत माता से गुजारिश कि
तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी न मिले
हर जनम मिले हिन्दुस्तान की पावन
धरा पर या फिर कभी जिंदगी न मिले

शहीदों को याद करने का आया दिन
भर लेते है उनकी यादों से अपना मन
देश की खातिर अगर हम कुछ कर पाए
तो इनकी तरह धन्य होगा हमारा जीवन

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

शहीद दिवस पर शायरी हिंदी
चाहे अंग्रेजो ने उन्हें
कितना भी सताया था
मगर सच्चे देशभक्त होने का
उन्होंने फ़र्ज़ निभाया था

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ना पूछो जमाने को
क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो सिर्फ ये है
की हम सिर्फ हिन्दुस्तानी है

देश के लिए कुछ करने वाले
सिर्फ बातें करा नहीं करते
चाहे देनी पड़े अपनी जान
किसी से डरा नहीं करते

चलो फिर से आज वो नजारा याद कर ले
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर ले
जिसमे बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे
देशभक्तों के खून की वो धरा याद कर ले

वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है
मरेगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं

******

दम निकले इस देश की खातिर
बस मेरा यही अरमान है
इक बार इस राह पर मरना
100 जन्मों के समान है

इतनी सी बात हवाओ को बताए रखना
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना

वर्दी में भी छुपा देश का शान हैं
वर्दी को बेईमान कहने वालो
पहले ये देखो कि तुम में कितना ईमान हैं

फिर उड़ गई नींद मेरी यह सोचकर
कि जो शहीदों का बहा
वो खून मेरी नींद के लिए था

Shaheed Shayari in Hindi

वर्दी पहन लो तो बुराइयाँ खत्म
करने की चाहत जगती हैं
पर सियासत जब हाथ बाँध दे,
तो वर्दी सजा सी लगती हैं

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर कतरा इंकलाब लाएगा
मैं रहू या ना रहूँ पर एक वादा है तुमसे मेरा
की मेरे बाद वतन पे मरने वालो का सैलाब आएगा

हिमालय से ऊंचा साहस उनका,
सर जो किसी के आगे ना झुका,
मात्रिभुमी के खातिर किया सब अर्पन,
ऐसे वीरो को मेरा नमन

सीनें में ज़ुनून ऑखों में
देंशभक्ति की चमक रखता हुँ
दुश्मन के साँसें थम जाए,
आवाज में वो धमक रखता हुँ

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा

पुलिस वालों पर ज़िम्मेदारी
का सवाल होता हैं
इन्हें खुद से ज्यादा
दूसरों का ख्याल होता हैं

लड़े वो वीर जवानों की तरह
ठंडा खून भी फौलाद हुआ
मरते – मरते भी कई मार गिराए
तभी तो देश आजाद हुआ

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मन को खुद ही मगन कर लो
कभी-कभी शहीदों को भी नमन कर लो

पुलिस वाला हूँ, मुश्किल वक्त में भी मुस्कराऊंगा
मुझे याद करना, तूफानी बारिश में भी आपकी
सुरक्षा के लिए आऊंगा

वतन की आबरू का पास देखें कौन करता है
सुना है आज मक़तल में हमारा इम्तिहाँ होगा

होगा तेरा हीरो सलमान खान
जो जमानत न मिलने पर रोया था
मेरा हीरो तो भगतसिंह है
जो फांसी मिलने पर भी मुस्कुराया था

शहीदों के त्याग को हम
बदनाम नही होने देंगे
भारत की इस आजादी की
कभी शाम नही होने देंगे

खुशबू बन के महका करेंगे
हम लहलहाती हर फसलो में,
साँस बन के गुनगुनायेंगे
आने वाली हर नस्लों में

********

मुझे तन चाहिए , ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरू तो तिरंगा कफ़न चाहिये

जब देश में थी दिवाली….. वो खेल रहे थे होली…
जब हम बैठे थे घरो में…… वो झेल रहे थे गोली…
क्या लोग थे वो अभिमानी… है धन्य उनकी जवानी…
जो शहीद हुए है उनकी… ज़रा याद करो कुर्बानी…
ए मेरे वतन के लोगो… तुम आँख में भर लो पानी…

यदि प्रेरणा शहीदों से नहीं लेंगे तो ये
आजादी ढलती हुई साँझ हो जायेगी
और पूजे न गए वीर,
तो सच कहता हूँ कि नौजवानी बाँझ हो जायेगी

मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूँ
वतन की शान की खातिर हथेली पर जान रखता हूँ
क्यों पढ़ते हो मेरी आँखों में नक्शा किसी और का
देशभक्त हूँ दिल में हिंदुस्तान रखता हूँ

कुछ पन्ने इतिहास के
मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गएँ
जो लड़े, जो मरे वो शहीद हो गएँ
जो डरे, जो झुके वो वजीर हो गएँ

मिटा दिया है वजूद उनका जो
भी इनसे भिड़ा है
देश की रक्षा का संकल्प लिए
जो जवान सरहद पर खड़ा है

Shaheed Shayari in Hindi

यहाँ आरती है अज़ान है,
हिन्दू हैं मुसलमान हैं
गर्व है मुझे इस देश पर
क्यूंकि ये मेरा हिन्दुस्तान है

वतन के लिए जो फ़ना हो गए हैं
तिरंगा उन्हीं की सुनाता कहानी
किया दिल से हर फैसला ज़िंदगी का
कोई बात समझी, न बूझी, न जानी

हम अपने खून से लिखेंगे कहानी ऐ वतन मेरे
करे कुर्बान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे
दिली ख्वाइश नहीं कोई मगर ये इल्तजा बस है
हमारे हौसले पा जाये मानी ऐ वतन मेरे

तिरंगा हमारा हैं शान- ए-जिंदगी
वतन परस्ती हैं वफ़ा-ए-ज़मी
देश के लिए मर मिटना कुबूल हैं हमें
अखंड भारत के स्वपन का जूनून हैं हमें

खून से खेलेंगे होली
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है

फौजियों के लिए शहीद दिवस पर शायरी
मेरी जिंदगी में सरहद की कोई शाम आए
काश मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए
ना खौफ है मौत का ना आरजू है जन्नत की
ख्वाईश बस इतनी सी है जब भी
जिक्र हो शहीदों का तो मेरा भी नाम आए

किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत मा
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ

वतन की सर बुलंदी में,
हमारा नाम हो शामिल
गुजरते रहना है हमको,
सदा ऐसे मुकामो से

जशन आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को
फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को
ज़माने भर मे मिलते है आशिक कई
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों मे लिपट कर, सोने मे सिमटकर मरे है कई
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
देश के शहीदो को नमन
जय हिन्द जय शहीद

चूमा था वीरों ने फांसी का फंदा
यूँ ही नहीं मिली थी आजादी खैरात में

सो गये जो ओढ़ तिरंगा भारत माँ की गोद मे
होंगे ऐसे वीर पैदा फिर से माँ की कोख में

फिर उड़ गयी नींद मेरी ये सोचकर
के जो शहीदों का बहा
वो खून मेरी नींद के लिए था

तिरंगे में लिपटी लाशो में दी थे नाम
एक था अली तो एक था श्याम
हिंदुस्तान-ए-मोहब्बत में दोनों ने दी थी जान
फिर भी हमने उनको बांट
दिया कहकर हिंदू और मुसलमान

आजाद, भगत सिंह जैसे
इस देश में जन्में वीर यहाँ
कुर्बानी की इनकी गाथाएं
गाता है ये सारा जहाँ

प्रेम गीत कैसे लिखूँ
जब चारो तरफ गम के बादल छाये है
नमन है उन वीर शहीदों को
जो तिरंगा ओढ के आए है

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