Home > Shayari > दर्द भरी शायरी

दर्द भरी शायरी

जैसे मोहब्बत जीवन का एक हिस्सा होता है, वैसे ही दर्द भी जीवन का एक हिस्सा है। दर्द की वजह सबसे लिए अलग-अलग हो सकती है जैसी कि किसी को बिछड़ने का दुःख, किसी को कामियाबी ना मिलने का दुःख, किसी को याद करने का दुःख।

अपने दर्द को लोगों के सामने बयां करने के लिए शब्दों की गहराई मुख्य साधन है। ऐसे में यह दर्द भरी शायरी (Dard Bhari Shayari) आपके दर्द को लोगों से सामने रखने में काफी मदद करेंगी।

क्या आप भी इंटरनेट पर दर्द भरी शायरी ढूँढ रहे है, जिसके जरिये आप लोगों को बता सके कि आप किसी दर्द से गुजर रहे है?, तो आपको हमारा यह आर्टिकल मददगार साबित होगा।

Dard Bhari Shayari in Hindi

इस आर्टिकल में हमने यहाँ पर सबसे बहेतरीन दर्द भरी शायरी (Dard Bhari Shayari in Hindi) का कलेक्शन आपके लिए शेयर किया है।

आप अपने व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से इस दर्द भरी शायरी के बारे में अपनी भावनाओं को अपने दोस्तों और अपने प्यार को व्यक्त कर सकते हैं।

दर्द भरी शायरी (Dard Bhari Shayari in Hindi)

अगर मोहब्बत की हद नहीं कोई,
तो दर्द का हिसाब क्यूँ रखूं।

बहुत दर्द हैं ऐ जान-ए-अदा तेरी मोहब्बत में,
कैसे कह दूँ कि तुझे वफ़ा निभानी नहीं आती।

खुद ही रोए और खुद ही चुप हो गए,
ये सोचकर की कोई
अपना होता तो रोने ना देता!!

मेरे दर्द ने मेरे ज़ख्मों से शिकायत की है,
आँसुओं ने मेरे सब्र से बगावत की है,
ग़म मिला है तेरी चाहत के समंदर में,
हाँ मेरा जुर्म है कि मैंने मोहब्बत की है।

नसीहत अच्छी देती है दुनिया,
अगर दर्द किसी ग़ैर का हो।

कितना लुत्फ ले रहे हैं लोग मेरे दर्द-ओ-ग़म का,
ऐ इश्क़ देख तूने तो मेरा तमाशा ही बना दिया।

जरा सी गलतफहमी पर
न छोड़ो किसी अपने का दामन
क्योंकि जिंदगी बीत जाती है
किसी को अपना बनाने में

Dard Bhari Shayari in Hindi

तुझे जब देखता हूँ तो खुद अपनी याद आती है,
मेरा अंदाज़ हँसने का… कभी तेरे ही जैसा था।

गुलशन की बहारों पे सर-ए-शाम लिखा है,
फिर उस ने किताबों पे मेरा नाम लिखा है,
ये दर्द इसी तरह मेरी दुनिया में रहेगा,
कुछ सोच के उस ने मेरा अंजाम लिखा है।

ये सच है कि हम मोहब्बत से डरते हैं,
क्यूँ कि ये प्यार दिल को बहुत तड़पाता है,
आँख में आँसू तो हम छुपा सकते हैं,
दर्द-ए-दिल दुनिया को पता चल जाता है।

आँसू भी आते हैं और
दर्द भी छुपाना पड़ता है
ये जिंदगी है साहब यहां
जबरदस्ती भी मुस्कुराना पड़ता है।

बहुत जुदा है औरों से
मेरे दर्द की कैफियत,
ज़ख्म का कोई पता नहीं और
तकलीफ की इन्तेहाँ नहीं।

खामोशियाँ कर देतीं बयान तो अलग बात है,
कुछ दर्द हैं जो लफ़्ज़ों में उतारे नहीं जाते।

मेरे दर्द का जरा सा हिस्सा लेकर तो देखो,
सदियों तक याद करते रहोगे तुम भी।

Read Also: स्माइल पर स्टेटस

दर्द भरी दुआ शायरी

ना मेरा दिल बुरा था
ना उसमे कोई बुराई थी
बस नसीब का खेल है,
क्योंकि किस्मत में जुदाई थी।

जो नजर से गुजर जाया करते हैं,
वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं,
कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते,
बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।

तेरे ऐसे सच्चे आशिक़ है हम
दिलमे जिसके प्यार न हो कभी कम
सच्चे प्यार में तो ज़िन्दगी महक जाती है
ना जाने हमारी आँखे क्यों है नम।

कभी कभी ये क्यों लगता है,
कि तुम मेरी पूरी ज़िन्दगी हो।
और मैं तुम्हारा लम्हा भी नहीं।

रो पड़ा वो फकीर भी
मेरे हाथों की लकीरें देखकर
बोला तुझे मौत नही
किसी की याद मारेगी।

Dard Bhari Shayari Hindi

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है,
जिसका रास्ता बहुत खराब है,
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।

रोता वही है
जिसने कद्र किया हो सच्चा रिश्ता को
मतलब पे रिश्ते रखने
वालो को कोई रुला नहीं सकता।

आज अलफ़ज़ नहीं मिल रहे थे,
दर्द लिख दिया हूँ महसूस कीजिये।

मैंने कभी किसी को आजमाया नही,
जितना प्यार दिया उतना कभी पाया नही,
किसी को हमारी भी कमी महसूस हो,
शायद खुदा ने मुझे ऐसा बनाया नही।

हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे,
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे,
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया,
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।

तुमको लेकर मेरा ख्याल नही बदलेगा
साल बदलेगा मगर
दिल का हाल नहीं बदलेगा।

किताबों के अलावा जो
चीज सबक देती है,
उसका नाम ज़िन्दगी है।

प्यार किया नादान थे हम,
गलती हुई क्योंकि इंसान थे हम,
आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती है
कभी उसकी जान थे हम।

जख्म ही देना तो
पूरा जिस्म तेरे हवाले था
बे रहम तूने वार क्या
वो भी दिल ही वार क्या।

दर्द तो रोज का तमाशा है,
आज तो सदीद है साईं।

हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है
उन्हें कैसे समझाऊं की कुछ ख़्वाब
अधूरे हैं वरना जीना मुझे भी आता है।

अदाएं कातिल होती हैं
आँखें नशीली होती हैं,
मोहब्बत में अक्सर होंठ सूखे होते हैं
और आँखे गीली होती हैं।

आँखों में उमड़ आता है बादल बन कर,
दर्द एहसास को बंजर नहीं रहने देता।

Dard Bhari Shayari

देने आये हैं मेरे दर्द की कीमत मुझको,
इतने हमदर्द हैं न जाने क्यों लोग मेरे।

दिल से महसूस कर सकते हैं उस दर्द को,
जो तेरी कलम ने एक-एक करके तराशा है।

Dard Bhari Shayari in Hindi

उन लोगों का क्या हुआ होगा
जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा
किनारे पर खड़े लोग क्या जाने
डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा।।

वो आज खूने-दिल से मेंहदी लगाये बैठे हैं,
सारे किस्से मेरे दिल से लगाये बैठे हैं,
ख़ामोशी में भी एक शोर है उनकी,
सुर्ख जोड़े में खुद को बेवा बनाये बैठे हैं।

रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे,
एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है।

मुस्कुराने से भी होता है दर्द-ए-दिल बयां,
किसी को रोने की आदत हो ये जरूरी तो नहीं।

वो नही आती पर अपनी निशानी भेज देती है,
ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,
उसकी यादों के पल कितने भी मीठे हैं,
मगर कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है।

दर्द मोहब्बत का ऐ दोस्त बहुत खूब होगा,
न चुभेगा.. न दिखेगा.. बस महसूस होगा।

ग़म सलीके में थे जब तक हम खामोश थे,
जरा जुबान क्या खुली दर्द बे-अदब हो गए।

जाने लागे जब वो छोड़ के दामन मेरा,
टूटे हुए दिल ने एक हिमाक़त कर दी,
सोचा था कि छुपा लेंगे ग़म अपना,
मगर कमबख्त आँखों ने बगावत कर दी।

दुआ करना दम भी उसी
दिन निकले,
जिस दिन तेरे दिल से हम
निकले

Hindi Dard Bhari Shayari

रुलाने वाली शायरी दर्द भरी

लोग मुन्तज़िर ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें,
और हम थे कि दर्द सहते-सहते पत्थर के हो गए।

लफ्ज़-ए-तसल्ली तो बस एक तकल्लुफ है,
जिसका दर्द उसका दर्द बाकी सब अफ़साने।

Read Also: क्यूट शायरी

कभी रो के मुस्कुराए
कभी मुस्कुरा के रोए
जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए
एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा
जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के रोए.

पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है,
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह।

उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ,
हमें यकीन था हमारा क़सूर निकलेगा।

जहर की भी जरुरत नहीं पड़ी
हमें मारने के लिए, तुम्हारे ऐसे
बर्ताव ने ही हमें मार डाला।

तकलीफ ये नहीं कि तुम्हें अज़ीज़ कोई और है,
दर्द तब हुआ जब हम नजरंदाज किए गए।

ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब इलाज सुझाया,
वक्त को दवा बताया ख्वाहिशों से परहेज़ बताया।

अपना कोई मिल जाता तो हम फूट के रो लेते,
यहाँ सब गैर हैं तो हँस के गुजर जायेगी।

तरस आता है मुझे अपनी
मासूम सी पलकों पर,
जब भीग कर कहती है
कि अब रोया नहीं जाता।

अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उमीदों,
बहुत दर्द सह लिए मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने।

कोई समझता नहीं मुझे इसका ग़म नहीं करता,
पर तेरे नजरंदाज करने पर मुस्कुरा देता हूँ,
मेरी हँसी में छुपे दर्द को महसूस कर के देख,
मैं तो हँस के यूँ ही खुद को सजा देता हूँ।

आधा ख्वाब, आधा इश्क़, आधी
सी है बंदगी,
मेरे हो…पर मेरे नही.. कैसी है ये
जिंदगी…

Dard Bhari Shayari in Hindi

प्यार में दर्द भरी शायरी हिंदी में

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।

तुझसे पहले भी कई जख्म थे सीने में मगर,
अब के वह दर्द है दिल में कि रगें टूटती हैं।

अगर खुदा ने पूछा तो कह देंगे, हुई थी
मोहब्बत, मगर जिससे हुई
हम उसके काबिल न थे,,,

हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे,
लफ्ज कागज पर उतर जादूगरी करने लगे,
कामयाबी जिसने पाई उनके घर बस गए,
जिनके दिल टूटे वो आशिक शायरी करने लगे।

बदले हुए लोगो के बारे मैं क्या कहू यारो
मैंने अपने ही प्यार को
किसी और का होते देखा है।

हम अपने दर्द का
शिकवा तुमसे कैसे करें,
मोहब्बत तो हमने की है
तुमतो बेक़ुसूर हो।

सारे जमाने में बंट गया ‘वक्त उनका’
हमारे हिस्से में सिर्फ बहाने ही आए.!

दिल मेरा जो अगर रोया न होता,
हमने भी आँखों को भिगोया न होता,
दो पल की हँसी में छुपा लेता ग़मों को,
ख़्वाब की हक़ीक़त को जो संजोया नहीं होता।

कल रात वो शख्स मेरे
खवाबो का भी काटल कर गया
लोग कितना मुक़ाम रखते है
छोड़ जाने के बाद।

कभी तोडा कभी जोड़ा
कभी फिर तोड़कर जोड़ा,
नाकारा कर दिए दिल
को तेरी पेवन्द कारी ने।

नही कोई इस जहां में
मुझे समझने वाला
एक आस थी तुझे वो भी टूट गई।

लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तकाजा है,
मेरे दिल का दर्द अभी ताजा-ताजा है,
गिर पड़ते हैं मेरे आंसू मेरे ही कागज पर,
लगता है कि कलम में स्याही का दर्द ज्यादा है।

कितना मुश्किल है
मोहब्बत की कहानी लिखना
जैसे पानी से पानी पे पानी लिखना।

Dard Bhari Shayari

दर्द भरी शायरी इन हिंदी

कभी दर्द है तो दवा नहीं,
जो दवा मिली तो शिफा नहीं।
वो ज़ुल्म करते हैं इस तरह,
जैसे मेरा कोई खुदा नहीं।

सोचा था हर दर्द बताएंगे
तुमसे मिलकर
तुमने तो इतना भी नही पूछा कि
तुम खामोश क्यों हो।

वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं,
कहाँ से लाएं लफ्ज़ जब हमको मिलते नहीं,
दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद,
वो ज़ख्म कैसे दिखाए जो दिखते नहीं।

मिलता भी नहीं तुम्हारे जैसे इस शहर में
हमको क्या मालूम था
के तुम भी किसी और के हो।

मत पूछना की दर्द
किस किस ने दिए,
वरना कुछ अपनों
के सर भी झुक जाएंगे।

ग़म के दरिया से मिलकर बना है यह सागर,
तुम क्यों इसमें समाने की कोशिश करते हो,
कुछ नहीं है और इस जीवन में दर्द के सिवा,
तुम क्यों ज़िंदगी में आने की कोशिश करते हो।

मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे,
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे,
तो सारी उम्र मुस्करा न सकोगे।

और भी कर देता है मेरे दर्द में इज़ाफ़ा,
तेरे रहते हुए गैरों का दिलासा देना।

चलते रहेंगे काफिले मेरे बाद भी यहाँ,
एक सितारा टूट जाने
से फलक तनहा नहीं होता।

Dard Bhari Shayari in Hindi

वक़्त ख़ुशी से काटने का मशवरा देते हुये,
रो पड़ा वो ख़ुद ही मुझे हौंसला देते हुये ।

Dard Bhari Shayari in Hindi

मुझे बहुत प्यारी है तुम्हारी दी
हुई हर एक निशानी,
अब चाहे वो दिल का दर्द हो या
आँखों का पानी..!!

सब सो गए अपना दर्द अपनों को सुना के,
कोई होता मेरा तो मुझे भी नींद आ जाती।

न जाने किस तरह के हैं
दुनिया के लोग भी,
प्यार भी प्यार से करते हैं
और बर्बाद भी प्यार से।

अपना बनाकर फिर कुछ दिन में
बेगाना बना दिया,
भर गया दिल हमसे तो मजबूरी
का बहाना बना दिया।

झूठी हँसी से जख्म और बढ़ता गया,
इससे बेहतर था खुलकर रो लिए होते।

एक दिन हम भी कफन ओढ़ जायेंगे,
सब रिश्ते इस जमीन के तोड़ जायेंगे
जितना जी चाहे सता लो मुझको
एक दिन रोता हुआ सबको छोड़ जायेंगे।

दिल के ज़ख्मों को हवा लगती है,
साँस लेना भी यहाँ आसान नहीं है।

वो सिलसिले वो शौक वो ग़ुरबत न रही,
फिर यूँ हुआ के दर्द में शिद्दत न रही,
अपनी ज़िन्दगी में हो गए मसरूफ वो इतना,
कि हम को याद करने की फुर्सत न रही।

ना आंसूओं से छलकते हैं
ना काग़ज़ पर उतरते हैं,
दर्द कुछ होते हैं ऐसे जो बस
भीतर ही भीतर पलते हैं…

dard bhari shayari hindi

मुझको तो दर्द-ए-दिल का मज़ा याद आ गया,
तुम क्यों हुए उदास तुम्हें क्या याद आ गया?
कहने को जिंदगी थी बहुत मुख्तसर मगर,
कुछ यूँ बसर हुई कि खुदा याद आ गया।

बैठे है रहगुज़र पर दिल का दिया जलाये,
शायद वो दर्द जाने, शायद वो लौट आये।

तुम पर भी यकीन है और
मौत पर भी एतबार है,
देखते हैं पहले कौन मिलता है
हमें दोनों का इंतजार है।

Dard Bhari Shayari Hindi

किस दर्द को लिखते हो इतना डूब कर,
एक नया दर्द दे दिया है उसने ये पूछकर।

इसी ख्याल से गुज़री है शाम-ए-ग़म अक्सर,
कि दर्द हद से जो बढ़ेगा तो मुस्कुरा दूंगा।

एक दो ज़ख्म नहीं जिस्म है सारा छलनी,
दर्द बेचारा परेशान है कहाँ से निकले।

Dard Bhari Shayari in Hindi

आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला
मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा।

दिल के टूटने से नही होती है आवाज़,
आंसू के बहने का नही होता है अंदाज़,
गम का कभी भी हो सकता है आगाज़,
और दर्द के होने का तो बस होता है एहसास।

गुनाह मालूम नही।
पर सजा लाज़वाब मिली है।

दर्द कितना है बता नहीं सकते,
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते,
आँखों से समझ सको तो समझ लो,
आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते।

कोई मरता नहीं किसी ले लिए ये सच है
मगर ये सच है
कोई मर मर के जीता है किसी के लिए।

तुमने तो कहा था
हर शाम तेरा हाल पूछा करेंगे,
तुम बदल गए हो या
तुम्हारे शहर में शाम नहीं होती।

किसी को इश्क़ की अच्छाई ने मार डाला,
किसी को इश्क़ की गहराई ने मार डाला,
करके इश्क़ कोई ना बच सका,
जो बच गया उसे तन्हाई ने मार डाला।

वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।

लोग कहते है हम मुस्कुराते बहुत है,
और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते।

दुख भरी शायरी हिंदी में

एक अजीब सा मंजर नज़र आता है,
हर एक आँसूं समंदर नज़र आता है,
कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना,
हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता है।

वो जान गयी थी हमें दर्द
में मुस्कराने की आदत है,
देती थी नया जख्म वो
रोज मेरी ख़ुशी के लिए।

कांटो सी चुभती है तन्हाई,
अंगारों सी सुलगती है तन्हाई,
कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे,
मैं रोता हूँ तो रोने लगती है तन्हाई।

अभी मसरुफ हूँ
काफी फुर्सत में सोचूंगा तुम्हे
के तुझे याद रखने में
क्या क्या भूले है हम।

अगर खुश है तो मुझसे दूर रहकर,
तो खुदा करे तु मुझसे कभी न मिले।

न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।

अगर वो खुश है देखकर आंसू मेरी आंखों में
तो रब की कसम हम मुस्कुराना छोड़ देंगे
तड़पते रहेंगे उसे देखने के लिए
लेकिन उसकी तरफ नज़रें उठाना छोड़ देंगे।

अब दर्द उठा है तो गज़ल भी है जरूरी,
पहले भी हुआ करता था इस बार बहुत है।

जब्त कहता है कि खामोशी से बसर हो जाये,
दर्द की जिद है कि दुनिया को खबर हो जाये।

टूट जायेगी तुम्हारी
जिद की आदत भी उस दिन,
जब पता चलेगा की
याद करने वाला अब याद बन गया

वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,
हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे।

ख़ामोशी को इख़्तियार कर लेना,
अपने दिल को थोड़ा बेक़रार कर लेना,
ज़िन्दगी का असली दर्द लेना हो तो,
बस किसी से बेपनाह प्यार कर लेना।

सुना भी कुछ नही,
कहा भी कुछ नही,
पर ऐसे बिखरे हैं जिंदगी की कश्मकश में…
कि टूटा भी कुछ नही,
और बचा भी कुछ नही…

हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम,
हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम,
अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला,
ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।

Read Also: आरज़ू शायरी

जब फुरसत मिले चाँद से
मेरे दर्द की कहानी पूछ लेना,
सिर्फ एक वो ही है मेरा हमराज
तेरे जाने के बाद।

दर्द भरी शायरी फोटो

हम हंसते तो हैं लेकिन सिर्फ
दूसरों को हंसाने के लिए
वरना ज़ख्म तो इतने हैं कि
ठीक से रोया भी नही जाता।

ज़हर देता है कोई कोई दवा देता है,
जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है।

कहाँ कोई मिला ऐसा जिस पर दिल लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया किस किस को भुला देते,
अपने दर्द को अपने दिल ही में दबाये रखा,
अगर बयां करते तो महफिलों को रुला देते।

तुम्हें पा लेते तो किस्सा खत्म हो जाता,
तुम्हें खोया है तो यकीनन कहानी लंबी चलेगी।

मंजिलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा,
है रात बेसहर मेरी दर्द बेअसर मेरा।

तुम मेरी लाश पर रोने मत आना
मुझसे बहुत प्यार था ये जताने मत आना
दर्द दो मुझे जब तक दुनिया में हूं
जब सो जाऊं फिर जगाने मत आना

अब तो हाथों से लकीरें भी मिटी जाती हैं,
उसे खोकर मेरे पास रहा कुछ भी नहीं।

ये जरूरी तो नहीं हर शख़्स मसीहा ही हो,
प्यार के ज़ख़्म अमानत हैं दिखाया न करो।

Dard Bhari Shayari in Hindi

ऐसे गये दिल की ज़मी बंजर कर के
आज तक कोई फूल ना खिल सका
बस्ती बस्ती लोग मिले हमराह मगर
फिर कभी तेरा पता ना मिल सका..

लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर,
मैंने दर्द की अपने नुमाईश न की
जब जहाँ जो मिला अपना लिया,
जो न मिला उसकी ख्वाहिश न की।

मुझे क़बूल है हर दर्द,
हर तकलीफ़ तेरी चाहत में..
सिर्फ़ इतना बता दे,
क्या तुझे मेरी मोहब्बत क़बूल है?

ख़ामोश फ़ज़ा थी कहीं साया भी नहीं था
इस शहर में हमसा कोई तनहा भी नहीं था
किस जुर्म पे छीनी गयी मुझसे मेरी हँसी
मैंने किसी का दिल तो दुखाया भी नहीं था..

यूँ तो हर एक दिल में दर्द नया होता है,
बस बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
कुछ लोग आँखों से दर्द को बहा लेते हैं
और किसी की हँसी में भी दर्द छुपा होता है।

फैसला ये भी मेरे यार बहुत मुश्किल है,
तेरे ज़ुल्म सहें या कि फ़ना हो जाएँ।

प्यार सभी को जीना सिखा देता है
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है,
प्यार नहीं किया तो कर के देख लो यारों
जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है..,

मेरे इस दर्द की वजह भी वो हैं,
और मेरे दर्द की दवा भी तो वो हैं,
वो नमक ज़ख्मों पे लगाते हैं तो क्या,
मोहब्बत करने की वजह भी तो वो हैं।

दर्द में भी ये लब मुस्कुरा जाते हैं,
बीते लम्हे हमें जब भी याद आते है।

dard bhari shayari image

जीते थे हम भी कभी शान से
महक उठी थी जिंदगी किसी के नाम से
मगर फिर गुज़रे उस मुकाम से
कि नफ़रत सी हो गई मोहब्बत के नाम से

एक नया दर्द मेरे दिल में जगा कर चला गया,
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,
जिसे ढूंढते रहे हम लोगों की भीड़ में,
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।

वो दर्द ही न रहा वरना ऐ मता-ए-हयात,
मुझे गुमान भी न था मैं तुझे भुला दूंगा।

इश्क़ की नासमझी में
हम अपना सबकुछ गवां बैठे,
उन्हें खिलौने की जरूरत थी…
और हम अपना दिल थमा बैठे!!

Read Also: ईगो शायरी

तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दर्द,
तू किसी रोज मेरे घर में उतर शाम के बाद।

शीशा टूटे और बिखर जाये वो बेहतर है,
दरारें न जीने देती हैं न मरने देती हैं।

छोड़ते भी नही हाथ मेरा और
थामते भी नही
ये कैसी मोहब्बत है उनकी
गैर भी नही कहते हमे और
अपना मानते भी नही!!

शायरी में कहाँ सिमटता है दर्द-ए-दिल दोस्तो,
बहला रहे हैं खुद को जरा कागजों के साथ।

हर दर्द को दफ़न कर गहराई में कहीं,
दो पल के लिए सब कुछ भुलाया जाए,
रोने के लिए घर में कोने बहुत से हैं,
आज महफ़िल में चलो सबको हँसाया जाए।

तू मेरे बिना ही खुश है
तो शिकायत कैसी,
अब मैं तुझे खुश भी ना देखूं
तो मोहब्बत कैसी!

आरजू नहीं के ग़म का तूफान टल जाये,
फ़िक्र तो ये है तेरा दिल न बदल जाये,
भुलाना हो अगर मुझको तो एक एहसान करना,
दर्द इतना देना कि मेरी जान निकल जाये।

न जाने उस पर इतना यकीन क्यूँ है,
उसका ख्याल भी इतना हसीं क्यूँ है,
सुना है प्यार का दर्द मीठा होता है,
तो आँख से निकला आँसू नमकीन क्यूँ है।

जब आख़िरी मुलाकात हो तो हंस
कर देख लेना मुझे, क्या पता
अगली बार तुम हमें कफन में
देखो और मुस्कुरा भी ना पाओ।

दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएं,
हंसते हुए ये ज़ख्म किसे दिखाएँ,
कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब,
मगर इस नसीब की दास्ताँ किसे बताएं।

लगी है चोट दिल पे दिखा नही सकते,
भुलाना भी चाहे तो भुला नही सकते,
मोहब्बत का अंजाम यही होता है
जिसके लिए तरसते हैं उसे पा नही सकते

इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे,
दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।

कभी कभी करते हैं जिंदगी की तमन्ना
कभी मौत का इंतजार करते हैं,
वो हमसे क्यों दूर हैं पता नही, जिन्हें हम
जिंदगी से भी ज्यादा प्यार करते हैं

जिंदगी को मिले कोई हुनर ऐसा भी,
सबमे मौजूद भी हो और फना हो जाए।

खून बन कर मुनासिब नहीं दिल बहे,
दिल नहीं मानता कौन दिल से कहे,
तेरी दुनिया में आये बहुत दिन रहे,
सुख ये पाया कि हमने बहुत दर्द सहे।

ज़िंदगी रही तो याद सिर्फ
तुम्हे ही करते रहेंगे
भूल गए तो समझ जाना
अब हम ज़िंदा नही रहे।।

मोहब्बत का मेरे सफर आख़िरी है,
ये कागज कलम ये गजल आख़िरी है,
मैं फिर ना मिलूँगा कहीं ढूंढ लेना,
तेरे दर्द का अब ये असर आख़िरी है।

Dard Bhari Shayari in Hindi

ना कोई मंजिल है ना
कोई किनारा है,
ना हम किसी के ना कोई
हमारा है..!!

दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,
गम में आँसू न बहते तो और क्या करते,
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम अपना दिल न जलाते तो और क्या करते।

आज उस ने एक दर्द दिया तो मुझे याद आया,
हमने ही दुआओं में उसके सारे दर्द माँगे थे।

हम बहुत हंसते थे,
जिंदगी ने आज रोना सीखा दिया,,
सबके साथ बैठना अच्छा लगता था,
आज अकेले रहना सीखा दिया,,
बात करने का शौक तो बहुत था, पर
जिंदगी ने आज चुप रहना सीखा दिया,,,

हमें नही आता अपने दर्द का दिखावा करना
बस अकेले रोते हैं, और सो जाते हैं…

जिस दिल पे चोट न आई कभी,
वो दर्द किसी का क्या जाने,
खुद शम्मा को मालूम नहीं,
क्यूँ जल जाते हैं परवाने।

कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग,
दर्द लिखते हैं और आह तक नहीं करते।

ना किया कर अपने दर्द को
शायरी में बयान ऐ दिल,
कुछ लोग टूट जाते हैं
इसे अपनी दास्तान समझकर।

फिर कोई सवाल सुलगता रहा रात भर,
फिर कोई जवाब सिसकता ही रह गया।

नफ़रत करना तो हमने कभी सीखा ही नहीं,
मैंने तो दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर।

शमा जाओ मुझ में तो पता लगे कि दर्द क्या है?
ये वो किस्सा है जो जुबान से बयाँ नही होता।

मेरी हर शायरी दिल के
दर्द को करेगी बयाँ,
तुम्हारी आँख ना भर
आयें कहीं पढ़ते पढ़ते।

बहुत दर्द हैं ऐ जान-ए-अदा तेरे इश्क में,
कैसे कह दूँ कि तुझे वफ़ा निभानी नहीं आती।

ज़ख्म दे कर ना पूछ तू मेरे दर्द की शिद्दत,
दर्द तो फिर दर्द है कम क्या ज्यादा क्या।

Read Also: नफरत शायरी

गुजरता वक़्त हमें एहसास दिला देता है,
जिसे चाहते हैं हम वो ही दिल दुखा देता है,
वक़्त मरहम लगा देता है जिन ज़ख्मो पर,
कोई अपना उस दर्द को फिर से जगा देता है।

आवाज़ में ठहराव था आँखों में नमी सी थी,
और कह रहा था मैंने सब कुछ भुला दिया।

इलाजे-दर्दे-दिल तुमसे
मेरे मसीहा हो नहीं सकता,
तुम अच्छा कर नहीं
सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता।

मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,
फिर भी खुश हूँ मुझे उससे कोई गिला नहीं,
और कितने आँसू बहाऊँ मैं उसके लिए,
जिसको खुदा ने मेरे नसीब में लिखा नहीं।

बेवफा वक़्त था..?तुम थे..?
या मुकद्दर था मेरा..?
बात इतनी ही है कि अंजाम जुदाई निकला ।

तेरे मेरे बीच कुछ भी आखिरी नही..!
सिवाय आख़िरी सांस के..!!