चाहत शायरी

Chahat Shayari in Hindi

Chahat Shayari in Hindi
Images :- Chahat Shayari in Hindi

चाहत शायरी |Chahat Shayari in Hindi

ना जाने क्यों तुझे देखने के बाद भी,
तुझे देखने की चाहत है।

एक ख्वाब एक ख़याल एक हकीक़त है तू,
जिंदगी में पाने वाली हर ज़रूरत है तू,
जिसको रोज़ प्यार करने का दिल करे,
अरे यार वही प्यारी सी चाहत है तू…!!

चाहत फिक्र इम्तेहान सादगी वफा।
मेरी इन्हीं आदतों ने मुझे मरवा दिया।।

हर कोई पाने की ज़िद में हैं, शायद मुझे कोई
आज़माने की ज़िद में है। जिसकी चाहत है
मुझे बेइंतेहा वो मुझे भूल जाने की ज़िद में है।

जरूरी नही तुम मेरा हर कहना मानो,
दहलीज पर रख दी चाहत अब आगे तुम जानो।

हमें शायर समझ के
यूं नजर अंदाज न करिये।
नजर हम फेर ले तो तेरी
चाहतों का बाजार गिर जायेगा।।

किसी की चाहत मे इतने पागल ना हो, हो सकता हे
वो तुम्हारी मंज़िल ना हो, उसकी मुस्कुराहट को
मोहब्बत ना समझो, कहीं ये मुस्कुराना उसकी आदत ना हो

दिल में चाहत का होना जरूरी है जनाब,
याद तो उधार लेने-देने वाले भी करते हैं।

इतनी चाहत के बाद भी तुझे एहसास ना हुआ।
जरा देख तो ले दिल की जगह पत्थर तो नहीं।।

सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था,
वो मेरी जान चाहती थी
और मैं जान से ज्यादा उसे..

जो फ़ना हो जाऊं तेरी
चाहत में तो ग़ुरूर ना करना,
ये असर नहीं तेरे इश्क़ का,
मेरी दीवानगी का हुनर है।

तु भी तलाशे कभी खुद को मुझमे।
इस फागुन तेरे रंग में यूं रँगने की
फ़क़त चाहत सी हैं।।

तेरी चाहत के सिवा अब ना कोई आरज़ू रही तू रहा,
तेरी ख़्वाहिश रही और बस तेरी आशिकी रही

एक झलक देखकर जिस शक्श की चाहत हो जाए,
उसको पर्दे में भी पहचान लिया जाता है।

सँवर जाऊँ गर तू मेरा हाथ थाम ले,
बिखर जाऊँ खुशबू सी गर तू एक बार देख ले।
हो जाए मुकम्मल चाहत मेरी भी गर,
मेरी बिंदिया और मेहंदी में तू अपना नाम लिख ले।।

मैं कुछ लिखू और तेरा ज़िक्र न हो,
वो तो मेरी चाहत की तौहीन होगी |

एक चाहत होती है अपनों के साथ जीने की,
वरना पता तो हमें भी है की मरना अकेले ही है।

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जर मिली और फसाना हो गया.
दिल उसकी चाहत का दीवाना हो गया।
जब से आए है वो जिन्दगी मे
अंदाज हमारा शायराना हो गया।।

ना जाने क्यों तुझे देखने के बाद भी।
तुझे ही देखने की चाहत रहती है।।

अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा
तो हम तुमसे नही तुम हमसे मोहब्बत करते

*****

सुनो छुआ है जबसे मुझको तेरी चाहत ने,
वो लम्हे जागते रहते हैं रात भर मुझमें।

Chahat Shayari in Hindi

गुलाब की खुशबू भी फीकी लगती है,
कौन सी खूशबू मुझमें बसा गई हो तुम।
जिंदगी है क्या तेरी चाहत के सिवा,
ये कैसा ख्वाब आंखों में दिखा गई हो तुम।।

तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ..
जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ..
मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह..
तमाम उमर बस इक मुलाकात में गुजार लूँ

मोहब्बत में हर चीज कूबूल है यारा,
पर तेरी चाहतो का बँटवारा नही।

धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है।
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।।

अल्फ़ाज़ो के समंदर में आप ऐसे डूबे फिर निकलने
की चाहत न रही,आप याद करने लगे फ़ुर्सत
के लमहों को जैसे खवाईशो की चाहत न रही…

कोई शर्त नहीं है कोई शिकायत नहीं है तुमसे,
बस सीधी सी मुहब्बत है दीदार की चाहत है तुमसे।

तुम्हारी पसंद हमारी चाहत बन जाऐ,
तुम्हारी मुस्कुराहट दिल की राहत बन जाऐ।
खुदा खुशियाों से इतना खुश कर दे आपको,
कि आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाऐ।।

उतर के देख मेरी चाहत की गहराई मै
सोचना मेरे बारे मै रात की तन्हाई मै
अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तो
मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई मै

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चाहता तो हूँ कि अब चूम
लूँ तुम्हारे इन गालों को मैं,
पर अपने ही लबों से ख़ुद
जल भी तो मैं ही जाता हूँ।

बहुत गुमनाम से है चाहत के रास्ते
तू भी लापता…मैं भी लापता

कब तक रहेगी आखिर ये दर्द की मुद्दत,
चली आओ कि मेरा भी जीने को जी चाहता है।

******

मेरी चाहत देखनी है तो,
मेरे दिल पर अपना दिल रखकर देख।
तेरी धडकने न बढ़ जाये दिलबर,
तो मेरी महोब्बत ठुकरा देना।।

मोहब्बत में हर चीज़ क़ुबूल है यारा,
पर तेरी चाहतों का बंटवारा नहीं।

Chahat Shayari in Hindi

एक चाहत थी,तेरे साथ जीने की।
वरना, मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।।

प्यार है मुझसे तो सारी खुशियाँ समेट लो मेरी,
गमों का क्या है,ये चाहत से खुशियों में बदल जायेंगे”

लबों से चाहत की खुशबू चुरायेगें।
बहुत हो गई दूरियाँ चलो अब पास आयेगें।।

दिलों में कुछ ऐसे लगाव और चाहतें होती हैं की
हाथों में हाथ न हो मगर रूह से रुह बंधी होती है।

कब तलक रहियेगा दूर की चाहत बनकर।
दिल में आ जाईये ना
इकरार -ए- मोहब्बत बनकर।।

रिहा कर ख़ूबसूरत दिखने की चाहत से मुझे
ऐ आईने तू मेरी सादगी को ज़मानत दे दे

जरुरी तो नहीं की हर चाहत
का मतलब इश्क ही हो,
कभी कभी किसी अंजान सूरत
के लिए भी दिल बेचैन हो जाता है।

तुझे पाने की उम्मीद नहीं फिर भी इंतज़ार है।
चाहत अधूरी ही सही पर तेरे लिए बेशुमार है।।

एक तो मेरी चाहत
और दुसरा इश्क का बुखार।
शहर का तापमान
50 डिग्री ना हो तो क्या हो?

“दिल की धड़कन और मेरी सदा हो तुम ..
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा हो तुम
…. मेने चाहा है तुम्हे चाहत से बढ़कर क्युकी
मेरी चाहत और चाहत की इन्तेहाँ हो तुम”…

दिल चाहता है कि बहोत
करीब से देखे तुम्हे,
पर नादान आंखें तेरे करीब
आते ही बंद हो जाती है।

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मुक्कमल इश्क की
तलबगार नहीं हैं आँखें।
थोड़ा-थोडा ही सही,
रोज़ तेरे दीदार की चाहत है।।

अभी नादाँ हु इश्क में, जताऊ कैसे,
प्यार कितना है, तुमसे बताऊ कैसे,
बहुत चाहत है, दिल में तुम्हारे लिये,
तुम ही कहो, तुम्हें अपना बनाऊ कैसे,

अन्दाजा नहीं था इतनी
गहरी चाहत होगी तुम्हारी,
ज़रा सा क्या उतरे तुम्हारे
दिल में डूबते चले जा रहे है।

तेरी चाहत का रंग चढ़ा है मुझ पर।
बो उतरे तो खेलूं होली।।

तुम्हारी पसंद हमारी चाहत बन जाये
तुम्हारी मुस्कुराहट दिल कि राहत बन ज़ाये !
खुदा खुशियो से इतना खुश कर दे आपको
कि आपको खुश देख़ना हमारी आदत बन जाये !

मुहब्बत भरी है दिल में हम प्यार करें किसको,
अबतक नहीं मिला वो हम चाहते थे जिसको।

*****

ना चाहतों का ना ही ये दौलतों का रिश्ता है।
ये तेरा मेरा तो बस रूह का रिश्ता है।।

एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है;
इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है;
उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद;
फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है!

Chahat Shayari in Hindi

ये दिल की चाहतें भी अजीब हैं,
जो दर्द दे रहे हैं वो ही अज़ीज़ हैं।

गर मेरी चाहतों के मुताबिक,
जमाने में हर बात होती।
तो बस मैं होता वो होती,
और सारी रात बरसात होती।।

अच्छा लगता है उसका मेरे कांघो पे सर रखना,
बस यही पल मैं जिंदगी में बार बार चाहता हूँ।

हाथ की लकीरें पढने वाले ने
तो मेरे होश ही उड़ा दिये।
मेरा हाथ देख कर बोला तुझे
मौत नहीं किसी की चाहत मारेगी।।

रख भी सकता था नुमाइश में सजा कर मुझको,
दर्द की तरह रखा जिसने छुपा कर मुझको.
मेरी चाहत थी पसीने की कमाई जैसी,
मुफ़लिसी में भी रखा उसने बचा कर मुझको.

तुम लाख छुपाओ चेहरे से
एहसास हमारी चाहत का।
दिल जब भी तुम्हारा धड़का है
आवाज़ यहां तक आयी है।।

तेरे ख़त की इबारत की मैं स्याही बन गया होता
तो चाहत की डगर का मैं भी राही बन गया होता

लिखना चाहता था इतिहास नया कोई मोहब्बत में
पर एक अधूरी कहानी बनकर रह गए

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बस एक एहसास की कमी है उसमें।
वरना चाहत में बेमिसाल है वो।।

बिन बात के ही रूठने की आदत है;
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है;
आप खुश रहें, मेरा क्या है;
मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है

वो खुद पर गरूर करते है
तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं,
जिन्हें हम चाहते है,
वो आम हो ही नहीं सकते।

किसी के पैगाम को ज़रा प्यार से पढ़ा कीजिये।
किसी की चाहत का एहसास किया कीजिये।।

कौन लिखता है वाह-वाह पाने की चाहत में,
यहाँ तो सुकून तब बरसता है,
जब कोई अहसासों को पढ़ता है।

तेरी चाहत मेरी आँखों में है,
तेरी खुशबू मेरी सांसो में है।
मेरे दिल को जो घायल कर जाए,
ऐसी अदा सिर्फ तेरी बातो में है।।

पता नहीं तुम्हें यकीन क्यों नहीं आता,
मेरा दिल तुम्हारे सिवा
किसी और को नहीं चाहता।

किसी की चाहत और मोहब्बत
पर दिल से यकीं करना।
दिल टुटे न उसका इतनी फिक्र करना।।

हर किसी के नसीब में कहा
लिखी होती हैं चाहते,
कुछ लोग दुनिया में आते हैं
सिर्फ तन्हाइयों के लिए।

टूट सा गया है मेरी चाहतों का वजूद।
अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते।।

तेरे गुरूर को देख के तेरी तमन्ना भी छोड़ दी हमने,
ज़रा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुझे हमारी तरह।

अपने होने पर इतना भी ना इतरा।
लत हैं तू, चाहत नहीं।।

बदलना कौन चाहता है,
मजबूर कर देते है लोग।

किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बांधेगा।
अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बांधेगा

******

उनका गुरूर देखकर हमने
भी उनसे बात करने की तमन्ना,
छोड़ दी अब हम भी देखे जरा
कौन चाहता है उन्हें हमारी तरह।

आरज़ू मेरी, चाहत तेरी,
तमन्ना मेरी, उल्फत तेरी।
इबादत मेरी, मोहब्बत तेरी,
बस तुझ से तुझ तक है दुनिया मेरी।।

मेरी उम्र फक़त तेरी चाहत में गुजरे,
दिल ए नादान की ये आखिरी ख्वाहिश है।

अकेले वारिस हो तुम।
मेरी बेशुमार चाहतों के।।

गम ना कर ज़िंदगी बहुत बड़ी है,
चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है,
बस एक बार मुस्कुरा कर तो देख,
तक़दीर खुद तुझसे मिलने बाहर खड़ी है।

कातिल नजरो से जो कत्ल किया तो
इश्क की चाहत उभर आई है।
मोहब्बत को छुपालूँ दिल में
आँखें तो हरजा़ई है।।

कुछ उलझे सवालो से डरता हे दिल जाने,
क्यों तन्हाई में बिखरता हे दिल,
किसी को पाने कि अब कोई चाहत न रही,
बस कुछ अपनों को खोने से डरता हे ये दिल।

Chahat Shayari in Hindi

इन निगाहों से ओझल न होना,
मेरे दिल की इबादत हो तुम।
तुम ही तुम हो हर धड़कनों में,
इन धड़कनो की चाहत हो तुम।।

दर्द की चाहत किसे होती है मेरे यारो।
ये तो मोहब्बत के साथ मुफ़्त में मिलता है।।

मुझे क़ुबूल है तेरी चाहत में,
हर दर्द, हर तक़लीफ़।
क्या तुझे क़ुबूल है मुहब्बत मेरी?

वफ़ा का लाज हम वफ़ा से निभाएंगे,
चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे।
कभी जो गुज़ारना हो तुम्हे दुसरे रास्तो से,
हम फूल बनकर तेरी राहो में बिखर जायेंगे।।

एक दिन जब मेरी साँस थम जाएगी
मत सोचना चाहत कम हो जाएगी।

फ़र्क सिर्फ़ इतना होगा
आज हम आपको याद करते हैं
कल मेरी याद आपको रुलाएगी।।

तड़प के देखो किसी की चाहत में,
तो पता चले कि इंतज़ार क्या होता है।
यूँ ही मिल जाये अगर कोई बिना तड़पे,
तो कैसे पता चले के प्यार क्या होता है।।

वक्त चाहत नही होती तो
तेरे करजज़ार होते।
एक पल के लिए भी
हम तलाबदार न होते।।

सनम तेरी नफरत में वो दम नहीं
जो मेरी चाहत को मिटा दे।
ये मोहब्बत है कोई खेल नहीं
जो आज हंस के खेला और कल रो कर भुला दे।।

अधूरी रहें इश्क की दास्तानँ,,
वहीं चाहत कहलाती है।
समंदर से मिलनें के बाद तो,,
नदी भी समंदर कहलाती है।।

गुस्सा करने के बाद भी कोई तुमसे प्यार करे।
तो यही मोहाबत है यही चाहत है।।

तेरे हर गम को अपनी रूह में उतार लूँ।
ज़िन्दगी अपनी तेरी चाहत में संवार लूँ।।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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