मस्त शायरी

Mast Shayari In Hindi

Mast Shayari In Hindi
Mast Shayari In Hindi

मस्त शायरी |Mast Shayari In Hindi

मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं
फिर भी खुश हूँ मुझको उससे कोई गिला नहीं
और कितने आसू बहाऊ उसके लिए
जिसको खुदा ने मेरे नशीब में लिखा नहीं

ख्वाबो में आते हो कभी
हकीकत में भी आओ ना
बहुत तड़प रहा हैं दिल आपकी याद में
आकर इसी की धड़कन बन जाओ ना

खुशबू बनकर तेरी साँसों में शमा जायेंगे,
सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे,
महसूस करने की कोशिश तो कीजिये एक बार,
दूर रहते हुए भी पास नजर आएंगे…

मैं सो नहीं पाता रातो में
लगता हैं तुम याद करती हो जज्बातों में
खुद को समझाकर खुद जो जाता हु
लगता हैं मैं भी आपके सपने में आता हु

यूँ तो अपनी मस्ती में
वो बेहद मस्त हैं,
बस एक मेरे लिए ही
वो काफी व्यस्त हैं।

जब जब वो मेरी वजह से दुखी थी
हमें बड़ा बुरा लगा
पर जब भी मैं उसकी वजह से दुखी था
उसे घंटा फर्क पड़ता था

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सुबह से नासाज़ थी तबियत हमारी,
उनकी एक आवाज़ में
ही मस्त हो गई।

*****

सपना बनाकर मुझे अपनी रात में भर लो,
एक दूजे से दूर न होंगे चलो आज ये वादा कर लो,
टूट जाएंगे हम अगर जो फासले हो गए,
न जाने कल न मिले चलो आज कुछ बाते कर लो

Mast Shayari In Hindi

दर्द कहता है,
ज़ख्मों का समंदर बन जा,
मोहब्बत कहती है,
मस्त कलंदर बन जा।

जो आज मैं तकलीफ में हु
तेरा दिया हुआ ही तोहफा हैं
मैं तो आज भी तुझे माफ कर दू
एक बार आओ तो सही मेरी जान
आखिर तुम्हे किसने रोका हैं

आशिकी के रोग से
जब दिल मेरा ये ग्रस्त हुआ,
एक अरसे तक तो मस्त रहा,
फिर ताउम्र दिल ये पस्त रहा।

काश तुम्हारे बिना भी
हमारी भी कोई हस्ती होती
पर मेरी ज़िन्दगी ही तुम हो

व्यस्त व्यक्तित्व कई मिलेंगे
इस दुनियाँ में,
मस्त व्यक्तित्व कोई
एक पाता है इस जहाँ में।

फर्क तो लोगो की सोच में हैं
वरना सच्ची दोस्ती भी
मोहब्बत से कम नहीं

तुम मस्त रहो तो
मैं स्वस्थ रहूँगा,
तुम स्वस्थ रहो तो
मैं तंदुरूस्त रहूँगा।

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हमे पता हैं इश्क में जल्दी अच्छी नहीं होती
जब आपका दिल चाहे तब मेरे हो जाना
पूरी ज़िन्दगी आपका इंतज़ार कर लेंगे

हम तो मस्त फकीर
अपने ही धुन मे झूमे रे,
न रहे हम दुनियादारी मे
खुद की दुनिया मे जीए रे।

इन आखो में न जाने कितने सपने छाय हैं
हम तो वो आशिक हैं
जो आपकी मोहब्बत के सताय हैं

***

अकेलेपन को पिघला कर
उसमें व्यस्त रहता हूँ,
मजाकियां हूँ मुरझा कर
भी मस्त रहता हूँ।

उनकी आखो की दरिया में
हम यु बह गए
दिल लगा के हम यु रह गए
वो छोड़ गए हमे इस हाल में
आखिर कैसे हम इश्क का गम सह गए

मस्त तो हम बहुत थे
पर मस्ती कर बैठे,
मधु की चाह में
छत्ते में उंगली कर बैठे।

Mast Shayari In Hindi

जिसका हक़ हैं उसे ही मिलेगा
इश्क पानी नहीं जो सबको पिला दे

नसीब जिनके ऊंचे
और मस्त होते है,
इम्तिहान भी उनके
जबरदस्त होते है।

क्या जबरदस्त हैं चेहरा तेरा
उसे रेशम सी जुल्फों का पहरा तेरा
हुसन ऐसी जैसे की कोई खवाब हो
और बदन भी सुनहरा तेरा

कौन कहता है पहले प्यार को
भुलाया नहीं जा सकता,
बस दूसरी वाली पहली वाली से
ज्यादा मस्त होनी चाहिए।

उनके हो चुके हो तो अब भी निकल जाओ
खुद को गवा चुके हो तो अब भी संभल जाओ
ऐसा कोई तो जरुर होगा जो तुम्हे खास मानता होगा
क्या पता वो आपको आपसे जादा जनता होगा

मन मस्त हुआ इन ख़यालों में,
कि बागों में फिर से बहार आएगी।

मेरी मोहब्बत मेरी ज़िन्दगी हो तुम
इश्क का दूसरा नाम हो तुम
जरुरत नहीं जरुरी हो तुम
जिसे कभी खोया न जाये वो चीज़ हो तुम

सब हमे नजर अंदाज
करने से खुश हैं,
ओर हम अपने अंदाज में मस्त हैं।

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जिसकी वजह से बिगड़ा सब कुछ
उससे दूर से देखना कितना अजीब हैं
उसने हसकर आज फिर पूछा हाल मेरा
मैंने फिर कह दिया यहाँ सबकुछ ठीक हैं

कुछ काम पड़ने पर सब
हम है व्यस्त कहने लगे,
इसलिए अब हम भी
खुद में ही मस्त रहने लगे।

कभी दुःख भी मुस्कुराकर सह लेता हु
कभी रोकर भी जी लेता हु
क्या करू जिंदगी हैं मरकर भी जी लेता हु

उदास क्यूँ हो जनाब
जिन्दगी बड़ी मस्त है,
मुश्कीलें तो है बहुत
मगर ये खेल जबरदस्त है।

माँगा था जिससे उम्र भर सहारा
चंद दिनों मे उससे मैं हारा

****

हवाओ का रुख तो कभी
बदल नही सकते है,
पर हवाओ के साथ मस्त
फिजाओ में बह सकते है।

कभी लड़ाई तो कभी मस्ती,
कभी रोना तो कभी हसना,
छोटा सी जिंदगी और छोटे से सपने,
एक मोहब्बत की कस्ती
और अपनों के साथ मस्ती

ज़िन्दगी में बड़े कष्ट है,
फिर भी हम बड़े मस्त है।

तुम- तुम ही रहो
Adjust लोगो को करने दो

काश जिन्दगी ऐसी हो,
ना दोस्त हो ना दुशमन हो,
कोई मिले या ना मिले
फ़िर भी खुद मे ही मस्त हो।

Mast Shayari In Hindi

जिनकी हसीं खूबसूरत होती है
उनके जख्म भी बहुत गहरे होते है

वो अपनी मंजिलों में व्यस्त थे,
और हम अपनी राहों में मस्त।

सोने वाले समझ नहीं सकते
जागने वाले के मसले क्या है

व्यस्त हूं मस्त नहीं,
कौन है दोस्तों ऐसा यहां,
जिसे कोई कष्ट नहीं।

अक्सर अपने काम मे
व्यस्त रहता हूं,
जब कुछ करने को
न हो तो मस्त रहता हूँ।

सज़दे में निगाहें,
लब दुआ में व्यस्त रहते हैं,
तेरी यादों में डूबे हैं,
इसलिए इतने मस्त रहते हैं।

एकांत को अपना के
उसमें व्यस्त रहता हूँ,
मैं खुद अपने साथ हूँ,
यही सोच के मस्त रहता हूँ।

कुछ लोग वक्त के साथ चले,
कुछ लोग वक्त के बाद चले,
हम लोग हैं यारो मस्त फकीर,
कभी साथ चले कभी बाद चले।

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