सवाल शायरी

Sawaal Shayari in Hindi

Sawaal Shayari in Hindi
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सवाल शायरी | Sawaal Shayari in Hindi

तुम्हें शिकायत है
कि मुझे बदल दिया है वक़्त ने,
कभी खुद से भी तो
सवाल कर कि क्या तू वही है।

सवालों में सवाल ये भी है
मुझ में सिर्फ मैं हूं कि तू भी है

हजार जवाबों से अच्छी है
खामोशी,
ना जाने कितने सवालों
की आबरू रखती है !

जब दिल से हमारा रिश्ता था बहुत कमाल था
तुमने दिमाग लगाकर बड़ा सवाल कर दिया

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ज़िन्दगी कितने मोड़ देती है,
हर मोड़ पर एक सवाल देती है,
ढूंढते रहते हैं,
हम जबाब उम्र भर, जब
जबाब मिल जाता है तो…
ज़िन्दगी सवाल ही बदल देती है।

मेरी निगाह-ए-कमाल का इन्तिखाब हो तुम
वफ़ा के फूलों में हसीन गुलाब हो तुम
लोग कहते हैं दोस्तों में वफ़ा नहीं होती
लोगों के सब सवालों का जबाब हो तुम

शिकायतें तुम बड़ी
खूबी से टाल देती हो
सवाल होठों के और
आंखों से जवाब देती हो

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख़यालों के बाद,
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।

****

काँटों के बदले फूल क्या दोगे
आँसुओं के बदले खुशी क्या दोगे
हम चाहते हैं आपसे उम्र भर का साथ
हमारे इस सवाल का जबाब क्या दोगे

तकिये पर अश्क़ देख कर सवाल सौ उठे
हँस कर हमने कह दिया ख्वाबों के दाग हैं

ठुकरा के उसने मुझे कहा ​कि मुस्कुराओ,
मैं हँस दिया सवाल उसकी ख़ुशी का था,
मैंने खोया वो जो मेरा था ​ही नहीं कभी,
उसने खोया वो जो सिर्फ उसी का था।

ज़िन्दगी के सवालों का जबाब ढूढता हूँ
दर्द को कम कर सके वो शराब ढूढता हूँ
वक्त के हाथों मजबूर एक शख्स हूँ मैं
जो जीने का दे बहाना वो किताब ढूढता हूँ

Sawaal Shayari in Hindi

वो बचपन कितना अच्छा था
जब सरेआम रो लेते थे
अब एक भी आंसू निकले
तो लोग हजारों सवाल पूछते हैं

जवाब तो था मेरे पास
उनके हर सवाल का
पर खामोश रहकर मैंने
उनको लाजवाब बना दिया

तकिए पर अश्क
देखकर सवाल सौ उठे
हंसकर हमने कह दिया
ख्वाबों के दाग हैं

जवाब तो था
मेरे पास उनके हर सवाल का
पर खामोश रहकर
मैंने उनको लाजवाब बना दिया।

उसने पूछा सबसे ज्यादा क्या पसंद है तुम्हे
मैं बहुत देर तक देखता रहा उसे
बस ये सोचकर कि
खुद जवाब होकर उसने सवाल क्यूँ किया

एक मैं हूँ, किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो, जिसका कोई जवाब नहीं

सवाल बदलते रहे…मगर मेरा जवाब
हमेशा वही रहा…तुम…. सिर्फ तुम

हमें अब खो कर कहते हो मुझे तुम याद आते हो,
किसी का हो कर कहते हो मुझे तुम याद आते हो,
न पूछ उसकी बद-नसीबी का आलम क्या है,
के सब कुछ खो के कहते हो मुझे तुम याद आते हो।

न सवाल बन कर मिला करो,
न जवाब बन कर मिला करो,
मेरी ज़िन्दगी मेरा ख्वाब हैं,
मुझे ख्वाब बन कर मिला करो।

मैंने उस से बस इतना ही पूछा था कि
एक पल में किसी की जान कैसे निकल जाती है
उस ने चलते चलते अपना हाथ
मेरे हाथ से छुड़ा लिया

मैं उसका हूँ ये तो मैं
जान गया हूँ लेकिन,
वो किसका है
ये सवाल मुझे सोने नहीं देता।

वो ही ज़मीं है वो ही
आसमान वो ही हम तुम
सवाल ये है ज़माना बदल गया कैसे

मुझे वास्ता नहीं रखना तो,
फिर मुझ पे नज़र क्यों रखता है?
मैं किस हाल में जिंदा हूँ
तू मेरी खबर क्यों रखता है?

ये जो तुम मेरा हाल-चाल पूछते हो
बड़ा ही मुश्किल सवाल पूछते हो

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मुझसे बहुत करीब है तू फिर ऐ मुनीर,
पर्दा सा कोई तेरे मेरे दरमियाँ तो है।

उसकी जीत से होती है खुशी मुझको,
ये ही जवाब मेरे पास अपनी हार का था।

दु:ख देकर भी सवाल करते हो
तुम भी ग़ालिब क्या कमाल करते हो

तुझे मनाऊं के अपनी अना की बात सुनु,
उलझ रहा है मेरे फैसलों का रेशम फिर।

जी चाहता है फिर
कोई तुझ से करूँ सवाल
तेरी नहीं नहीं
ने ग़ज़ब का मज़ा दिया

*****

मोहब्बत है के नफरत है,
मुझे तू इतना समझा दे,
कभी मैं दिल से लड़ता हूँ,
कभी दिल तुझसे लड़ता है।

जवाब सोच के वो दिल में मुस्कुराते हैं
अभी ज़बान पे मेरी सवाल भी तो न था

Sawaal Shayari in Hindi

तू तो हँसकर जी रहा है
जुदा होकर भी,
कैसे जी पाया होगा वो
जिसकी ज़िन्दगी है तू।

सवाल ये है हवा आई किस इशारे पर
चराग़ किसके बुझे ये सवाल थोड़ी है

आप होते जो मेरे साथ तो अच्छा होता
बात बन जाती अगर बात तो अच्छा होता
सबने माँगा है मुझसे मुहब्बत का जवाब
आप करते जो सवालात तो अच्छा होता

इतने कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम,
आज कल दिल दुखाने भी नहीं आते।

दर्द देते हो और खुद ही सवाल करते हो
तुम भी ओ सनम, क्या कमाल करते हो
देख कर पूछ लिया है हाल मेरा
चलो शुक्र है कुछ तो ख्याल करते हो

दिल की महफ़िल में बुलाया है किसी ने,
खुद बुला कर सताया है किसी ने,
जब तक जली शमा मचलता रहा परवाना,
क्या इस तरह साथ निभाया है किसी ने।

जाने किस बात पे
उसने मुझे छोड़ दिया है,
मैं तो मुफ्लिश था
किसी की दुआओं की तरह।

इतने सवाल थे मेरे पास के,
मेरी उमर से न सिमट सके,
जितने जबाब थे तेरे पास के,
सभी तेरी एक निगाह में आ गये।

मैं उम्र भर जिनका न दे
सका जवाब,
वो एक नजर में ही
इतने सवाल कर गए।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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