कोयले की दलाली में हाथ काले मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कोयले की दलाली में हाथ काले मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (koyale kee dalaalee mein haath kaale Muhavara ka arth)

कोयले की दलाली में हाथ काले मुहावरे का अर्थ – कुसंगति से कलंक अवश्य लगता है, बुरी संगत का बुरा असर, खराब काम का परिणाम भी खराब ही होता है, बुरी संगति से बदनामी मिलती है, कुसंग का प्रभाव पड़ता ही है, बुराई​ का प्रतीक।

koyale kee dalaalee mein haath kaale Muhavara ka arth – kusangati se kalank avashy lagata hai, buree sangat ka bura asar, kharaab kaam ka parinaam bhee kharaab hee hota hai, buree sangati se badanaamee milatee hai, kusang ka prabhaav padata hee hai, buraee​ ka prateek.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल बुरी संगत में पड़कर अपना बुरा खुद कर रहा है क्योंकि जब लोग बुरी संगत में पढ़ते हैं तो उसके ऊपर बुरा असर ही होता है इसीलिए कहा जाता है कि कोयले की दलाली में हाथ काले हो ही जाते हैं।

वाक्य प्रयोग: वह एक बदनाम लड़की है और उसकी संगत में सीता भी रहने लगी है और वह भी बदनाम हो गई है इसीलिए कहा जाता है कि कोयले की दलाली में हाथ काले हो ही जाते हैं।

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल आजकल अफीम का व्यापार करने लगा जिससे उसे खूब पैसा तो मिलता है लेकिन साथ ही साथ उसे बदनामी भी मिलती है इसीलिए कहा जाता है कि कोयले की दलाली में हाथ काले हो ही जाते हैं।

वाक्य प्रयोग: अक्सर हमारे बड़े बुजुर्ग हमें यह समझाते हैं कि गलत काम का अंजाम बुरा ही होता है कोयले की दलाली से हाथ ही काले नहीं होते बल्कि उसकी आत्मा भी काली हो जाती है इसीलिए हमें बुरे कार्यों से बुरे लोगों से और बुरे विचार से हमेशा दूर रहना चाहिए।

यहां हमने “कोयले की दलाली में हाथ काले” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। कोयले की दलाली में हाथ काले मुहावरे का अर्थ है कि कुसंगति से कलंक अवश्य लगता है, बुरी संगत का असर बुरा होता है, बुरे कार्य का अंजाम बुरा ही होता है, बुरी की संगति से बदनामी की प्राप्ति होती है, कुसंग का प्रभाव पड़ता ही है, बुराई का प्रतीक होता है, बुरा का साथ देना। जब कोई व्यक्ति किसी बुरे लोग या बुरे व्यक्ति या बुरे विचार या बुरे काम करने में लग जाते हैं तो उसके साथ बुरा ही होगा। क्योंकि गलत काम का अंजाम गलत ही होता है चाहे आप उसके लिए कितने ही भलाई कारी क्यों न कर दे लेकिन गलत का अंजाम गलत ही होता है। इसीलिए हमारे बड़े बुजुर्ग जाते हैं किसी का साथ ना देना चाहिए ना ही किसी गलत कार्य को करना चाहिए। हमेशा सही मार्ग पर रहना चाहिए और सही कार्य करना चाहिए क्योंकि कोयले की दलाली में हाथ काले हो ही जाते हैं। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

आपे से बाहर होना उड़ती चिड़िया के पंख गिनना
बड़ी बात होनाअपना घर समझना
आसमान सिर पर उठानाअक्ल चरने जाना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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