कसाई के खूटे से बाँधना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कसाई के खूटे से बाँधना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (kasaee ke khoote se baandhana Muhavara ka arth)

कसाई के खूटे से बाँधना मुहावरे का अर्थ – निर्दयी व्यक्ति को सौंपना, किसी निरीह प्राणी को क्रूर या दुष्ट व्यक्ति या जीव के हवाले करना, निर्दयी या क्रूर मनुष्य के हाथों में देना।

kasaee ke khoote se baandhana Muhavara ka arth – nirdayee vyakti ko saumpana, kisee nireeh praanee ko kroor ya dusht vyakti ya jeev ke havaale karana, nirdayee ya kroor manushy ke haathon mein dena.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: सोहनलाल ने अपने बेटे को एक ऐसी जगह पर रखवा दिया कि उसका मालिक अत्यधिक कठोर और निर्दयी है ऐसी जगह पर सोहनलाल ने अपने बेटे को नौकरी दिला कर अच्छा नहीं किया है क्योंकि उसने कसाई के खूंटी से अपने बेटे को बांध दिया है।

वाक्य प्रयोग: सोहनलाल को मालूम नहीं था कि वह अपनी बेटी का विवाह ऐसे व्यक्ति के साथ कर रहा है जो कि अत्यधिक निष्ठुर और निर्दयी है उसने अपनी बेटी को कसाई के खूंटी से बांध लिया है।

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल को सब कुछ पता था कि वह जहां पर अपने बेटे को नौकरी के लिए रखवा रहा है वहां उसे कसाई के खूंटी से बांध दिया जाएगा लेकिन फिर भी मोहनलाल ने कुछ नहीं किया अब दूसरा क्या करेगा।

वाक्य प्रयोग: सीता ने एक ऐसी जगह नौकरी कर ली है जहां पर उसे कसाई के खूंटी से बांध दिया गया है लेकिन उसने खुद उस नौकरी को चुना है तो आप दूसरा कोई क्या करें।

यहां हमने “कसाई के खूटे से बाँधना” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। कसाई के खूंटी से बांधना मुहावरे का अर्थ होता है कि निर्दयी या क्रूर व्यक्ति को सौंप देना, किसी निष्ठुर क्रूर व्यक्ति को जीव के हवाले कर देना, निर्दयी या क्रूर मनुष्य के हाथों में किसी व्यक्ति को सौंप देना। इसका सबसे अच्छा उदाहरण यही होता है कि जब कोई भी माता पिता अपनी बेटी के लिए शादी का रिश्ता खोजते हैं तो वह अक्सर कुछ चीजों की जानकारी लेना भूल जाते हैं जिस वजह से उनकी बेटियां कसाई के खूंटी से बंध जाती है। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

आपे से बाहर होनाउड़ती चिड़िया के पंख गिनना
बड़ी बात होनाअपना घर समझना
आसमान सिर पर उठानाअक्ल चरने जाना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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