कैसे बढ़ाएं अपनी एकाग्रता की शक्ति और दिमाग का पॉवर

कैसे बढ़ाएं अपनी एकाग्रता की शक्ति और दिमाग का पॉवर (How To Improve Mind Concentration in Hindi):अक्सर हम देखते है बहुत से बच्चे ऐसे होते है, जो कठिन मेहनत (Hard Work) करने के बाद भी परीक्षा में अच्छे अंकों (Marks) से पास नहीं हो पाते है। कुछ ऐसे होते है जो बहुत कम पढ़ाई करके भी बहुत अच्छे अंक लाते है। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा किस वजह (Reason) से होता है?

दरअसल इसके पीछे एक ही कारण (Reason) है कुछ बच्चों में एकाग्रता शक्ति (Concentration Power) बहुत अधिक होती है। जिससे वे जितना पढ़ते हैं, उतना उनको याद (Remember) रहता है। कुछ ऐसे होते है जो घंटों पढ़ने (Reading) के बाद भी उन्हें कुछ याद नहीं रहता। क्योंकि वे पढ़ तो रहे है लेकिन मन उनका एकाग्र (Concentrat) नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण उन्हें पढ़ा हुआ याद (Remember) नहीं रहता।

How To Improve Mind Concentration in Hindi

अगर आप भी उनमें से है जिनकी एकाग्रता शक्ति (Concentration Power) अच्छी नहीं है। तो आज हम आपको बतायेंगे कि कैसे अपनी एकाग्रता (Concentration) को मजबूत बनायें। भारत शुरू से ही ऋषि-मुनियों का देश रहा है। दुनिया में मनुष्य के संबंध में जितनी खोज भारत में हुई है, उतनी किसी अन्य देश में नहीं। स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekanand) के बारे में कहते है कि उनकी याददाश्त (Memory) इतनी तेज़ थी कि “वे एक दिन में 10-10 किताबें पढ़ लेते थे और उन्हें किस पेज पर क्या लिखा है” यह तक उनको याद रहता था। अब ऐसे में यह सोचने वाली बात है कि हम कैसे अपनी याददाश्त (Memory) को अच्छी बनायें।

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कैसे बढ़ाएं अपनी एकाग्रता की शक्ति और दिमाग का पॉवर (How To Improve Mind Concentration in Hindi):

ध्यान (Meditation) से ही बढ़ती है एकाग्रता (Concentration)

स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekanand) ने कहा है कि ध्यान (Meditation) ही एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा व्यक्ति जितनी चाहे उतनी अपनी एकाग्रता (Concentration) को बढ़ा सकता है। जो भी व्यक्ति ध्यान (Meditation) करेगा, निश्चित ही उसकी एकाग्र (Concentrat) होने की शक्ति बढ़ेगी।

How To Improve Mind Concentration in Hindi

अब यहाँ कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठेगा कि जो अच्छे नंबरों से पास होते है। वे लोग कहाँ ध्यान (Meditation) करते है? तो उनको मैं कहना चाहूँगा कि निश्चित ही सब ध्यान (Meditation) नहीं करते होंगे लेकिन कुछ लोगों में जल्दी एकाग्र (Concentrat) होने कि शक्ति प्रकृतिक रूप (Naturally) से होती है। अगर वे लोग ध्यान (Meditation) करेंगे तो वे आसानी से एकाग्र (Concentrat) हो पाएंगे और उनकी यह शक्ति और भी अधिक बढ़ेगी।

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कैसे करें ध्यान (Meditation):

ध्यान (Meditation) करने के बहुत से तरीकों में से एक तरीका है, अपनी श्वांस पर ध्यान केंद्रित (Concentrate) करना। इस प्रक्रिया (Process) को आपको दिन में दो बार करना होगा। पहला सुबह जल्दी अगर नहाने के बाद करते है तो और भी अच्छा, नहीं तो बिना नहाये भी कर सकते है। दूसरा रात (Next Night) को सोने से पहले।

यह प्रक्रिया (Process) आपको 2 घंटे करनी है। मतलब एक घंटे सुबह और एक घंटे रात को। शुरू शुरू में यह थोडा परेशानी भरा हो सकता है। लेकिन इसका अभ्यास होने पर यह और भी आसान हो जायेगा।

सबसे पहले शांत कमरे में जमीन पर साफ़ आसन (Posture) लगायें (ऊनी आसन या कम्बल का आसन हो तो और भी अच्छा)। सुखासन या कोई भी आसन जिसमें आप अधिक देर तक बैठ सकें। आरामदायक (Comfortable) स्थिति में बैठ जाएँ और अपनी कमर सीधी रखें। उसके आँखें बंद कर लें याद रखें। आँखों पर अधिक दबाव न दें, हल्के से बंद करें।

श्वांस पर ध्यान देना:

फिर अपनी सहज चल रही श्वांस को देखने का प्रयास करें, याद रहे जानबूझ श्वांस नहीं लेनी है और न ही छोड़नी है। श्वांस लेना और छोड़ना प्राणायाम (Pranayama) के अंतर्गत आता है। ध्यान (Meditation) और प्राणायाम (Pranayama) में बहुत अंतर होता है। केवल अपनी सहज चल रही श्वांस को महसूस करना है, प्रत्येक श्वांस को ध्यान से देखना है। सहज चल रही श्वांस की आपको जानकारी रखनी है कि कब गयी और कब आई। श्वांस कब नाक के उपरी भाग पर टकराई, कहाँ, क्या महसूस (Feel) हुआ केवल इसकी जानकारी रखनी है। आपको केवल जागरूक रहकर देखना है, कोई निर्णय नहीं लेना है कि यह सही है या यह गलत। थोड़े समय बाद आप पाएंगे की आप सहज ही एकाग्र (Concentrat) हो गये।

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मन पर नियंत्रण (Mind Control):

शुरू शुरू में मुश्किल से आप 10 सेकेंड तक ऐसा कर पाएंगे, जैसे ही आप ध्यान (Meditation) करना शुरू करेंगे तुरंत मन भटक जायेगा। लेकिन याद रहे जैसे ही आपको यह पता चलेगा कि मन भटक गया है तो मन स्वतः फिर से श्वांस पर आ जायेगा। मन के भटक जाने पर निराश नहीं होना है, गुस्सा नहीं होना है और बोर भी नहीं होना है। यहाँ बड़े ही धैर्य से काम लेना है। बहुत से लोगों में धैर्य (Patience) की कमी होती है। इसलिए उनको ध्यान (Meditation) जैसी प्रक्रिया उबाऊ लगती है, अगर आप धैर्य (Patience) रखते है तो आप पाएंगे कि इसमें आपको आनंद आने लगा।

How To Improve Mind Concentration in Hindi

याद रखें मन का मूल स्वभाव ही भटकना है, या ऐसा कहें कि भटकने का नाम ही मन है जहाँ भटकना बंद हुआ, वहां मन भी समाप्त हुआ। यहाँ आप मन को प्रशिक्षण (Trening) दे रहे है। उसकी लंबे समय से चली आ रही उसकी मूल आदत को आप बदल रहे है। इसलिए मन भटकेगा। लेकिन बिना कोई परेशानी और ख़ुशी ख़ुशी फिर से श्वांस को देखने की प्रक्रिया में लग जाये। जैसे ही मन भटके और आपको पता चल गया कि मन भटक गया है। तब फिर से उसे इस प्रक्रिया में लगा दें।

अभ्यास (Practice):

थोड़े दिनों के अभ्यास के बाद आप पाएंगे कि ध्यान (Meditation) करना सरल हो गया। एक घंटा कब बीता आपको पता भी नहीं चलेगा। साथ ही आप देखेंगे कि आपकी एकाग्रता शक्ति (Concentrat Power) स्वतः ही बढ़ने लगेगी और आपको कुछ भी याद रखने के लिए पहले जीतनी मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।

ऊपर जो भी बातें मैंने आपको बताई है। वह पूरी तरह से सही है। यह मैं अपने अनुभव (Experience) से कह रहा हूँ। मैं भी निरंतर ध्यान (Meditation) करता हूँ इसलिए इसे अच्छी तरह से जानता हूँ।

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