दादी माँ पर निबंध

नमस्कार दोस्तों, यहां पर दादी माँ पर निबंध हिंदी भाषा में (Essay on Grandmother in Hindi) शेयर किया है। दादी मां के प्रेम और रिश्ते को बहुत ही अच्छे से एक निबंध के माध्यम से शेयर किया है। यह निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और उच्च कक्षा के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होगा।

Essay on Grandmother in Hindi

दादी माँ पर निबंध – Essay on Grandmother in Hindi

Short Essay on Grandmother in Hindi – 200 Words

मेरी दादी मां मुझे बहुत प्यार करती है। वह सुबह जल्दी उठ जाती है। उठने के बाद स्नान करके भगवान की पूजा भी करती है। यह काम दादी मां हमेशा करती है। दादी मां जब सुबह उठती है तो मुझे भी साथ में उठा देती है और पढ़ने के लिए बोलती है। फिर सुबह होने पर मैं उनके साथ मंदिर भी जाता हूँ। मेरी दादी मां धार्मिक महिला है और उन्हें हर धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेना अच्छा लगता है।

दादी मां हमेशा सुबह गीता के कुछ छंद पढ़ती है और मुझे सुनाती है। मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है। वह मेरे को कभी कभी स्कूल तक छोड़ने के लिए भी चलती है और मैं उनके साथ कई बार बाजार भी जाता हूँ। मैं मेरा अधिकतर समय दादी मां के साथ ही गुजरता हूं। वह मुझे पौराणिक कथाएं, राजा रानी की कहानियां, मजेदार चुटकुले आदि जैसी कई चीजे सुनाती है।

उनकी हमेशा से एक ही इच्छा है कि मैं अच्छे से पढ़ाई करू और एक महान व्यक्ति बन जाऊं। मुझे पूरा विश्वास है कि दादी के आशीर्वाद से मुझे एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। मेरे परिवार के सभी सदस्य दादी मां से बहुत प्यार करते हैं और उनका बहुत अच्छे से ध्यान रखते हैं। उनकी हर जरूरत को पूरा करते हैं।

My Grandmother Essay in Hindi – 600 Words

प्रस्तावना

दादी मां का महत्व हर किसी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होता है। दादी मां से ही व्यक्ति को जीवन के शुरूआती गुण मिलते है। मां का प्यार जितना शीतल होता है उतना ही दादी मां का प्यार मीठा और मधुर होता है। दादी मां के प्यार में मिठास भरी होती है। दादी मां के रिश्ते से अपने पोते या पोती की भावनात्मक भावनाएं जुड़ी रहती है। उनके बीच प्रेम और बंधन बहुत अधिक होता है।

जिस घर में दादी-दादी होते हैं उनके घर में हर समय खुशियां छाई रहती है और हमेशा परिवार में हर रिश्ते का सम्मान होता है। उस घर के सभी सदस्यों में संस्कार भरे होते हैं। यदि बच्चे के जीवन में उनके दादा-दादी का प्यार नहीं मिलता तो उनका बचपन पूरी तरह से अधूरा रह जाता है। दादी के प्यार का जिस बच्चे को मिला है वही दादी मां के प्यार के महत्व को समझ सकता है।

धार्मिक महिला

मेरी दादी मां हमारे परिवार में सबसे पहले उठती है। वह सुबह जल्दी उठ कर स्नान करके पूजा पाठ करने बैठ जाती है और साथ में मुझे भी उठा देती है और मुझे पढ़ने के लिए बैठाती है। पूजा पाठ करने के साथ ही वह मुझे गीता के कुछ दोहे और छंद मुझे सुनाती है और उनका अर्थ अच्छे से समझाती है। फिर जब सूर्य उदय हो जाता है तो दादी में हमेशा मंदिर जाती है और उनके साथ मैं भी मंदिर जाता हूँ।

मंदिर में हम हमेशा आरती में शामिल होते हैं। कभी-कभी मंदिर में आयोजित हुए धार्मिक कार्यक्रम में अपनी दादी मां के साथ में मैं भी जाता हूँ। मेरी दादी मां को धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेना अच्छा लगता है और वह हर धार्मिक कार्यक्रम में जाती है और मुझे भी साथ ले जाती है। शाम के समय घर में भी दादी मां पूजा पाठ करती है और सभी को प्रसाद भी बांटती है।

मेरी मार्गदर्शक और मित्र

मैं मेरा अधिकतर समय अपनी दादी मां के साथ ही बिताता हूँ। मुझे दादी मां के साथ रहना बहुत अच्छा लगता है। मुझे दादी मां के साथ बहुत अच्छा अनुभव होता है। दादी मां मुझे कई बार अपने बचपन की बातें भी सुनाती है और इसके साथ ही मेरी दादी मां मुझे हमेशा राजा रानी की कहानियां, मजेदार चुटकले, पौराणिक कहानियां, जैसी और भी कई सारी चीजें सुनाती है। मुझे उनकी कहानियां सुनना बहुत अच्छा लगता है और मेरी दादी मां मुझे हर समय अच्छे अच्छे काम करना सिखाती है। दादी मां मेरी सबसे अच्छी मित्र हैं। वह हर समय मेरा मार्गदर्शन करती है।

दादी से मिलने वाले गुण

  • दादी के पास रहने से धार्मिक चीजों का ज्ञान होता है जो विद्यार्थियों के जीवन बहुत महत्वपूर्ण है।
  • दादी से हर कोई रिश्तों के महत्व को अच्छे से समझ सकता है।
  • सभी से प्रेम भाव से रहने का तरीका दादी से सिखने को मिलता है।
  • अच्छे संस्कार दादी से ही मिलते हैं।
  • अपने जीवन में हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहती है।
  • दादी के पास रहने से अनुशासन की भावना आती है।

दादी के प्रति हमारे कर्तव्य

  • हमेशा ही दादी की सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए।
  • उन्हें कोई भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  • हमेशा ही उनका सम्मान करना चाहिए।
  • हमेशा उनकी जरूरतों को पूरा करना चाहिए।
  • उनके द्वारा बताई गई हर बात का अनुसरण करना चाहिए।
  • दादी के साथ हमेशा घूमने के लिए जाना चाहिए।

उपसंहार

पोता-पोती और दादी मां के बीच का रिश्ता बहुत ही गहरा और मीठा होता है। इनका रिश्ता हमेशा से ही मधुरता से भरा रहता है। आज की युवा पीढ़ी को उनकी तरफ ध्यान देने की जरूरत है। अपने बच्चों को संयुक्त परिवार में न रखकर उन्हें दादा और दादी के प्रेम से वंचित नहीं करना चाहिए।

उन्हें हर कोशिश करनी चाहिए कि उनके बच्चों को दादा-दादी का प्यार मिले और उनके बीच का रिश्ता गहरा हो जिससे बच्चे रिश्तों के महत्व को समझ सके। दादा-दादी के प्यार के बिना हर बच्चे का जीवन अधूरा ही होता है।

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