एक करेला, दूसरे नीम चढ़ा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

एक करेला, दूसरे नीम चढ़ा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Ek karela, doosare neem chadha Muhavara ka arth)

एक करेला, दूसरे नीम चढ़ा मुहावरे का अर्थ –एक दोष होने के साथ ही साथ दूसरा दोष भी होना, कुटिल स्वभाव वाले मनुष्य बुरी संगत में पड़ कर और बिगड़ जाते है, पहले से ही दोष होने पर दूसरा दोष भी आ मिलना, बुरे के साथ और बुरे का मेल।

Ek karela, doosare neem chadha Muhavara ka arth –ek dosh hone ke saath hee saath doosara dosh bhee hona, kutil svabhaav vaale manushy buree sangat mein pad kar aur bigad jaate hai, pahale se hee dosh hone par doosara dosh bhee aa milana, bure ke saath aur bure ka mel.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: सोहन तो पहले से ही बिगड़ा हुआ था और उसने और बिगड़े हुए लोगों से दोस्ती कर ली अब तो वह एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा जैसा हो गया।

वाक्य प्रयोग: मोहन को शोर के कारण पढ़ाई करने में ऐसे ही दिक्कत आ रही थी और उसी समय बिजली भी चली गई इसे कहते हैं एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा।

वाक्य प्रयोग: मोहन-लाल में पहले से तो शराब पीने की बुरी लत लगी हुई थी अब वह सिगरेट भी पीने लगा था इसे कहते हैं एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा।

वाक्य प्रयोग: सीता वैसे तो बहुत ही शरारती है लेकिन जब उसे अपने दादा दादी का साथ मिल जाता है तब तो वह शेरनी बन जाती है और ऐसी परिस्थिति में कहा जाता है एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा।

यहां हमने “एक करेला, दूसरे नीम चढ़ा” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा मुहावरे का अर्थ होता है कि किसी भी व्यक्ति में एक दोष तो पहले से ही मौजूद थी और उसके साथ-साथ उसने दोष को भी अपने अंदर डाल लिया है या फिर कोई व्यक्ति कुटिल स्वभाव वाले मनुष्य के बुरी संगत में पड़कर और भी बिगड़ जाता है। तो वैसी परिस्थिति में कहा जाता है कि एक करेला दूसरा नीम चढ़ा अर्थात किसी भी व्यक्ति में पहले से एक दोष तो मौजूद था ही और उसने दूसरे दोष को भी अपने अंदर डाल लिया है जैसे कि बुरे के साथ और बुरे का मेल। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

अपने पाँव पर आप कुल्हाड़ी मारना चाँद पर थूकना
चार चाँद लगाना अक्ल चरने जाना
आसमान सिर पर उठानाआड़े हाथों लेना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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