धोखेबाज शायरी

Dhokebaaz Shayari in Hindi

धोखेबाज शायरी | Dhokebaaz Shayari in Hindi

Dhokebaaz Shayari in Hindi
Image: Dhokebaaz Shayari in Hindi

दर्द इतना था ज़िंदगी में कि
धड़कन साथ देने से घबरा गयी

जो धोखा करना सीख जाते है जनाब,
हर सख़्श उन्हें धोखेबाज़ लगते है।

आंखों से आंसू नहीं रुक रहे ,
और एक तू है के हस के बात कर रही है …
लहजे में माफी और आंखों में शरम तक नहीं ,
ये एक्टिंग का कोर्स तू ला जवाब कर रही है .. ।।

जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिलें,
उनमें पराये कम, अपने ज्यादा मिलें।

जबसे प्यार में धोका खाया है ,
हर हुस्न वालों से डर लगता है …
पहले अंधेरे की आदत नहीं थी मुझे ,
अभी उजालों से डर लगता है … ।।

समय गुज़रते-गुज़रते कुछ लोगो का प्यार
कमज़ोर नहीं और गहरा हो रहा है

हर खेल में हम बाजी मार जाते हैं,
पर धोखेबाज से हम बाजी हार जाते हैं।

की मोहब्बत मोहब्बत बहोत करती हो कभी दिल लगा कर तो देखो ,
पूरी ताकत लगा लो मेरी मोहब्बत के आस पास आकर तो देखो ..
मैंने नंबर आज तक नहीं बदला ,
कभी कॉल लगा कर तो देखो … ।।

तुमने प्यार ना सही पर तुम्हारे धोखे ने
मुझे बहुत हिम्मत दी है

धोखेबाजों का चलन है साहब,
वफ़ा करने वालो की कहाँ कदर है।

भरोसा जितना कीमती होता है ,
धोका उतना ही महंगा हो जाता है …
ईमानदारी का दाम कोन जाने ,
यहां हर बेइमान राजा हो जाता है … ।।

दिल के ज़ख्म भरते-भरते कब वो
दिल ज़ख़्मी कर गए पता ही नहीं चला

बो आयने में खुद को कैसे बर्दाश्त करते होंगे,
उन्हें तो सख्त नफ़रत थी धोखेबाजों से।

मोहब्बत करने वाला में भी अक्सर ये सिला देखा है
जिन्हे अपनी वफ़ा पे नाज़ था उन्हें भी बेवफा देखा है

जमाने को अच्छा समझा,
लेकिन वो चालबाज निकला,
अपने को अपना समझा,
लेकिन वो धोखेबाज निकला।

मोहब्बत में कोई जी गया कोई प्यार में मर गया
मोहब्बत आग को सागर है फिर भी उतर गया कोई
प्यार में जखम का हिसाब बहुत पुरान है मेरे दोस्त,
जख्म दे गया कोई जख्म भर गया कोई … ।।

हर एक चेहरे की फितरत
में वफादारी नहीं होती

Read Also: भरोसा शायरी

Dhokebaaz Shayari in Hindi

दिलों जान से चाहा था उसे,
लेकिन उसने मेरी मजबूरी को
धोखेबाजी का नाम दे दिया।

बड़ी हसीन थी जिंदगी ,
जब ना किसी से मोहब्बत ना किसी से नफ़रत थी …
जिंदगी में एक मोड़ ऐसा आया मोहब्बत उससे हुई ,
और नफ़रत सारी दुनिया से हो गयी … ।।

दीवानगी का सितम तो देखो कि धोखा मिलने
के बाद भी चाहते है हम उनको .

उसकी यादें सदाबहार है,
मगर अब वो मेरी पहुंच से बाहर है,
पाकर भी करूंगा क्या,
वो तो हमेशा से एक धोखेबाज है।

लम्हा लम्हा सांसे ख़तम हो रही है ,
जिंदगी मौत के पहलू में सो रही है …
उस बेवफा से ना पूछो मेरी मौत की वजह ,
वो तो जमाने को दिखाने के लिए रो रही है … ।।

इंकार करते करते इक़रार कर बैठे
हम तो एक बेवफा से प्यार कर बैठे

ये शराब को जब चाढ़ता हूं हर रोज,
ताकी इसका नशा चढ़े,
और तेरे धोखेबाज इश्क़ का नशा उतरे।

बस दिल लगी थी उसे हमसे मोहब्बत कब थी ,
महफ़िल ए गैर से उन को फुरसत कब थी…
हम थे मोहब्बत में लोट जाने के काबिल ,
उस के वादों में वो हकीकत कब थी … ।।

मोहब्बत जिंदगी बदल देती है
मिल जाए तो भी और न मिले तो भी

धोखेबाज तो हज़ारों मिलेंगे ज़िन्दगी में,
इसका मतलब ये तो नही,
की हम भरोसा करना छोड़ दे।

ये नहीं गम के कसम अपनी भुलाई तुमने ,
गम तो ये है कि रकीबों सी निभाई तुमने …
कोई रजिश थी अगर तुमको तो मुझसे कहते ,
बात आपस की थी सबको क्यों बताई तुमने … ।।

इश्क कहता है मुझे इक बार कर
के देख, तुझे मौत से न मिलवा दिया तो
मेरा नाम बदल देना।

आज नींद ने न आने का वादा लिया हैं मुझ से,
तेरी तरह वो भी धोखे बाज निकली।

बहुत तलाश किया पर कहीं गुम हो गए वो…
ढूंढने की कोशिश की पर नहीं मिले वो,
मेने तो वफ़ाई की लेकिन.. उसके प्यार में शायद खोट था…
इसलिए तो किसी और के बाहों में खो गए वो… ।।

धोका तूने ऐसा दिया.मेरी जिंदगी का
हर मकसद मुझसे छीन लिया.

धुंआ ही धुंआ फैला है ज़माने में आज,
छुप गए इंसानियत और वफ़ा
बढ़ गये है धोखेबाज।

अब तो हम तेरे लिए अजनबी हो गए ,
बातों के सिलसिले भी कम हो गए …
खुशियों से जायदा हमारे पास गम हो गया ,
क्या पता यह Wakt बुरा है या बुरे हम हो गए … ।।

दिल के दर्द को दिखाना बड़ा मुश्किल है.
धोका खा कर बताना बड़ा मुश्किल है.

देखें तो देखे कहां तक,
यहां तो हर शख्स धोखेबाज नजर आता है।

उसने तोडा वो ताल्लुक़ जो हमारी हर बात से ,
था उसको दुःख न जाने मेरी किस बात से था ..
सिर्फ ताल्लुक़ रहा, लोगों की तरह वो भी जो अच्छी ,
तरह वाकिफ मेरी हर बात से था … ।।

Dhokebaaz Shayari in Hindi

आंखें बंद थी किसी कि याद में
और मौत धोखा खा गयी!

तुम धोका करो तब भी धोखेबाज नहीं,
हम वफा करें तो भी गुनहगार है,
ये खता तेरी नहीं जान मेरी,
ये तो वक़्त-वक्त की मार है।

हर लम्हा साँसे बुड्ढी हो रही है ,
जिंदगी मौत के साये में है फिर जिद्दी हो रही है …
बेवफा को बेखबर रखना मेरी मौत की खबर से ,
ज़माने के लिए आंसू है वो अंदर हंस रही है … ।।

दिल किसी से तब ही लगाना
जब दिलो को परखना सिख लो

मुझे तेरा इश्क़ बेइमान सा लगता है,
कभी इधर कभी उधर भटकता तेरा
दिल मुझे धोखेबाज सा लगता है।

हर रोज एक खाब टूट जाने दे ,
हर रोज युही खूद को रूठ जाने दे …
मेरी किस्मत में ही बेवफाई है ,
दिल एक शीशा है आज फिर फूट जाने दे …. ।।

तनहाई मुझे अच्छी लगती है,
महफिल में तो सब धोखेबाज है।

उल्फत का अक्सर यही दस्तुर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,
दिल टूट कर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर होता है …. ।।

धोखा खानेवाले भी ,
क्या एहसान फरमाते हैं,
दुनिया से एक धोखेबाज की ,
पहचान करवाते हैं।

हर मुलाकात पर वक्त का तकाजा हुआ,
हर याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ,
सुनी थी सिर्फ लोगो से जुदाई की बाते,
आज खुद पर बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ

कोई “शक्ल” नहीं होती धोखेबाजो की,
हमेशा चेहरे पर नकाब लेकर घूमते हैं यह लोग।

हम क्या शिकायत करें किसी से ,
यहां तो हर कोई बेवफा है …
इश्क करो भले जी जान से ,
धोखा यहां सबको मिलता है … ।।

बड़ी धोखेबाज है री तेरी नजरे,
अब तो वो मुझे पहचानने से भी इंकार करती है।

मोहब्बत की दुनिया में आकर तो देखो ,
किसी से दिल लगा कर तो देखो …
समझ जाओगे की दर्द क्या होता है ,
कभी इश्क में ठोकर खाकर तो देखो … ।।

झूठी हमदर्दी झूठा प्यार यही सच्चाई है,
एक धोखेबाज इश्क करने वालों की।

पल पल उसका साथ निभाते हम,
एक इशारे पे दुनिया छोड़ जाते हम,
समंदर के बीच में पहुच कर फरेब किया उसने,
वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम … ।।

वो हर दफा झूठ बोलता रहा,
मै सच समझता रहा,
कितने धोखे दिए उसने,
मै रोज मरता रहा।

पहले जिंदगी छीन ली मुझसे,
अब मेरी मौत का भी वो फायदा उठाती है,
मेरी क़ब्र पे फूल चढ़ाने के बहाने,
वो किसी और से मिलने जाती है … ।।

वो शक्स धोखेबाज निकला,
जिससे मैंने बे-वजह,
बे-इंतेहा मोहब्बत की।

मोहब्बत सीखा कर जुदा हो गए ,
न सोचा न समझा खफा हो गए
दुनिया में किसको हम अपना कहे ,
जब तुम ही बेवफा हो गए।

Read Also: सॉरी शायरी फॉर गर्लफ्रेंड

Dhokebaaz Shayari in Hindi

वो तो मेरी किस्मत ही धोखेबाज थी,
वरना वो फरिश्ता तो मेरा ही था।

ज़िन्दगी में एक पल भी सुकून न पाया ,
दुनिया की इस भीड़ में खुद को तनहा न पाया …
तेरे दिए ज़ख्मो को प्यार समझते रहे ,
तेरे धोके में आके किसी से दिल न लगाया …. ।।

तेरी बेवफाई का किस्सा जब जब याद आएगा ,
मेरे तन बदन में एक आग सी भड़कायेगा …
जो तूने किया कोई दुश्मन भी नहीं ऐसा करता
देख लेना एक दिन तू भी बोहत पछतायेगा … ।।

मुझसे खता हुई जो ये दिल तुझसे लगा लिया,
गम को हमेशा के लिए अपना बना लिया …
अब जीने की चाहत न रही हमको,
इसलिए हमने अपनी मौंत का जनाजा खुद ही सजा लिया … ।।

खुशी कम वह मेरे लिए गम ज्यादा छोड़ गए,
गैरों से मिलकर प्यार की मर्यादा तोड़ गई
अब गम से ही जिंदगी बसर हो जाएगी,
तड़पने के लिए वह हमें जिंदा आधा छोड़ गए … ।।

आदत थी मेरी मुस्कुराने की
तुमने रोना सीखा दिया …
इन प्यार वाली बातों से ,
तुमने दूर रहना सीख दिया … ।।

हर बात पर आंसू बहाया नहीं करते ,
दिल की बात हर किसीको बताया नहीं करते …
लोग मुट्ठी में नमक लेकर घूमते है
दिल के जख्म हर किसीको दिखाया नहीं करते … ।।

उन्होंने हमें आजमाकर देख लिया,
इक धोखा हमने भी खा कर देख लिया,
क्या हुआ हम हुए जो उदास,
उन्होंने तो अपना दिल बहला के देख लिया..!!

सब के होते हुए भी तन्हाई मिलती हे,
यादो में भी गम की परछाई मिलती हे,
जितनी भी दुआ करते हे किसी को पाने की,
उतनी ही उनसे बेवफाई मिलती है..!!

प्यार निभाने के लिए ,
मैं हमेशा झुकता रहा …
और तुम इसे मेरी ,
औकात समझ बैठे … ।।

अर्ज़ किया है-
तुमने हमें धोखा दिया,
मगर तुम्हे प्यार मिले ….
मुझसे भी ज़्यादा दीवाना,
तुम्हे कोई यार मिले … ।।

पहले इश्क़ फिर धोखा फिर बेवफाई ,
बड़ी तरकीब से एक इश्क़ ने तबाह कर दिया।

तुम्हे शिकायत है की मुझे बदल दिया वक़्त ने
खुद से पूछो, क्या तुम वही हो … ।।

वो तो अपने प्यार का प्रसाद
सबको बांट रहे थे
हम ही अनजाने में सारा प्रसाद
अपना समझ बैठे … ।।

मेरी तन्हाई को मेरा शौक ना समझना ,
बड़े प्यार से दिया है तोहफा किसी ने … ।।

जितना गहरा भरोसा था उन पर ,
उससे भी गहरा धोखा देकर चले गए वो … ।।

बेवजह छोड़ गए हो ,
बस इतना बताओ सुकून मिला की नहीं …. ।।

धोखा देकर ऐसे चले गए ,
जैसे कभी जानते ही नहीं थे …
अब ऐसे नफरत जताते हो,
जैसे प्यार को मानते ही नहीं थे … ।।

इश्क़ अधूरा रहा तो क्या हुआ ,
हम तो पूरे बर्बाद हुए

प्यार के बदले मुझे धोखा मिला ,
फिर भी नहीं तुमसे कोई गिला ….
बस दुआ है जिससे तुम प्यार करो,
वो तुम्हे कभी ना दे रुला … ।।

Dhokebaaz Shayari in Hindi

कितने मकसदो के साथ जी रहे थे हम ,
उस बेवफा ने धोखा क्या दिया …
मेरी जिंदगी का हर मकसद हमसे छीन लिया … ।।

तू कभी मुझे मिले या न मिले ,
बस इतनी से दुआ है मेरी …
तू जिसे भी मिले ,
तुझे उससे जिंदगी की हर ख़ुशी मिले … ।।

प्यार नहीं है तुमको फिर किस बात का फ़साना है ,
चल दिए हो मुझसे बहुत दूर अब तुम्हे क्या दिखलाना है

मेरी बर्बादी का इल्जाम ना आता तुझ पर जाना ,
उस शाम गली में अगर मैं तुझसे ना टकराया होता …
जख्म मिलते तुझे भी अगर इश्क़ में मेरी ही तरह ,
अश्क़-ए-लहू कुछ तेरी आँखों ने भी बहाया होता … ।।

जीते जी मौत से रूबरू होना है ,
तो किसी बेवफा से मोहब्बत कर लो .. ।।

साथ जीने मरने का वादा था ,
मर के भी साथ न छोड़ने का वादा था …
सारी बातों से तू मुखर क्यूँ गयी ,
ए सनम तू मुझे धोका दे कर चली गयी … ।।

जो जले थे हमारे लिऐ बुझ रहे है ,
वो सारे दिये, कुछ अंधेरों की थी ,
साजिशें कुछ उजालों ने धोखे दिये … ।।

तेरे बाद मैंने मोहब्बत को
जब भी लिखा गुनाह लिखा… ।।

वो मुझसे ज्यादा चाहेगा इसे कुछ
दिनों में ये भरम टूट जायेगा ,
मैं ज़रूर याद आऊंगा उस बेवफा
को जब उसका साथ बेवजह उस
से रूठ जायेगा … ।।

साथ रहना था ही नहीं तो ,
तुमने हमसे नाता क्यों जोड़ा …
हमे धोका देकर तुमने ,
हमे कही का नहीं छोड़ा … ।।

सब कुछ मिला बस खुदा के सिवा ,
ज़िन्दगी बहुत पसंद आयी रुस्वाई के सिवा …
मेरी चाहत का एहसास भी ना होगा
उसकी हर अदा पसंद आयी बेवफाई के सिवा … ।।

शोक मनाओ साहब,
अब हम तुम्हारे नहीं रहे।

अल्फ़ाज़ सिर्फ चुभते हैं,
खामोशियां मार देते है।।

शुक्र है खुदा का ,
जिसने रंगीन नहीं रखे आंसू …
वरना रात में भीग जाने वाले तकिये ,
हमारे राज बया कर देते … ।।

Read Also

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here