अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Akela chana bhaad nahin phod sakata Muhavara ka arth)

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता मुहावरे का अर्थ – अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता, अकेला मनुष्य अपने दम पर किसी बड़े काम को अंजाम नहीं दे सकता, कोई बड़ा कार्य करने के लिए सहयोग और संगठन की आवश्यकता होती है, अकेला आदमी बिना दूसरों के सहयोग के कोई बड़ा काम नहीं कर सकता।

Akela chana bhaad nahin phod sakata muhaavare ka arth – akela vyakti bada kaam nahin kar sakata, akela manushy apane dam par kisee bade kaam ko anjaam nahin de sakata, koee bada kaary karane ke lie sahayog aur sangathan kee aavashyakata hotee hai, akela aadamee bina doosaron ke sahayog ke koee bada kaam nahin kar sakata.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: जब सोहन को एक ऐसा कार्य दिया गया जो कि कुछ लोगों की मदद से ही हो सकता था। लेकिन वह लोगों की मदद नहीं ले रहा था ऐसी परिस्थिति में कहा जाता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है उसे दूसरों की मदद लेनी ही पड़ती है।

वाक्य प्रयोग: सीता एक संस्था का कार्य संभालती है लेकिन एक संस्था में कई कार्य होते हैं जो कि अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता है उसे दूसरों की मदद लेनी ही पड़ती है और ऐसी परिस्थिति में कहा जाता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है।

वाक्य प्रयोग: रमेश एक गुंडा है लेकिन उससे डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि जब वह अकेला होता है तब वह ताकतवर नहीं होता है इसीलिए वह अकेला कुछ नहीं कर सकता है अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है।

वाक्य प्रयोग: सोहन समाज कल्याण के लिए एक बहुत ही अच्छा कार्य कर रहा था। लेकिन वह चाहे लाख हाथ पैर मार ले लेकिन जब तक दूसरे लोग उसका साथ नहीं देंगे तब तक वह वह कार्य नहीं कर सकता है, क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है।

यहां हमने “अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता”जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता का अर्थ होता है कि अकेला व्यक्ति कोई भी कार्य कोई बड़ा कार्य नहीं कर सकता उसके लिए लोगों का उनका साथ देना अति आवश्यक होता है ऐसे गाड़ी जैसे कि सामाजिक कल्याण के कार्य में ही लोगों का साथ होना आवश्यक होता है और ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है । चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

आकाश-पाताल एक करनाअपने पाँव पर आप कुल्हाड़ी मारना
बड़ी बात होनाआपे से बाहर होना
कठपुतली बननाअक्ल पर पत्थर पड़ना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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