उलटी गंगा पहाड़ चली मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

उलटी गंगा पहाड़ चली मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Ulatee ganga pahaad chalee Muhavara ka arth)

उलटी गंगा पहाड़ चली मुहावरे का अर्थ – असंभव या विपरीत बात होना, असंभव काम करने की कोशिश करना, असंभव या विपरीत कार्य, अनहोनी होना।

Ulatee ganga pahaad chalee Muhavara ka arth – asambhav ya vipareet baat hona, asambhav kaam karane kee koshish karana, asambhav ya vipareet kaary, anahonee hona.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: मोहन तो पढ़ाई में बिल्कुल ही अच्छा नहीं है लेकिन फिर भी उसने परीक्षा में उत्तीर्ण कर लिया यह तो ऐसी बात हो गई उलटी गंगा पहाड़ चली।

वाक्य प्रयोग: सोहन के पिताजी तो एक छोटी सी नौकरी करते हैं लेकिन सोहर एक बड़ा व्यापारी बन गया यह तो वही बात हो गई उल्टी गंगा पहाड़ चली।

वाक्य प्रयोग: सीता गांव में रहकर भी उसने आईएएस का एग्जाम पास कर लिया यह तो वही बात हो गई उल्टी गंगा पहाड़ चली।

वाक्य प्रयोग: मोहनलाल गरीब होने के बावजूद भी उसने मेहनत मजदूरी करके अपना साथ में अपने परिवार का पेट चलाया लेकिन आज वह एक अरबपति बन गया यह तो वही बात हो गई उल्टी गंगा पहाड़ चली।

यहां हमने “उलटी गंगा पहाड़ चली” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा। उलटी गंगा पहाड़ चली मुहावरे का अर्थ होता है जब कोई असंभव या फिर जो कभी संभव हो ही नहीं सकता और आशा कार्य संभव हो जाए या विपरीत बात हो जाए अनहोनी होनी हो जाए तो वैसी परिस्थिति में कहा जाता है कि उल्टी गंगा पहाड़ चली जब कोई व्यक्ति अत्यधिक गरीब हो नीची जाति का हो कोई भी संसाधन उसके पास ना हो जिससे कि वह आगे बढ़ जाए लेकिन एक दिन वह एक बड़ा अमीर आदमी बन जाए तो वैसे व्यक्ति को देख कर मन से यही आवाज निकलती है कि उल्टी गंगा पहाड़ चली। चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

अक्ल पर पत्थर पड़नाउड़ती चिड़िया के पंख गिनना
बड़ी बात होनाअपना घर समझना
आसमान सिर पर उठानाअक्ल चरने जाना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here