ताजमहल किसने बनवाया था और कब बनवाया था?

जब भी बात प्रेम की होती है तो, सबसे पहला शब्द जो हमारे मन में आता है वह ताजमहल है। भारत का एक अजूबा और विश्व के सात अजूबों में अपना एक खास स्थान रखने वाला ताजमहल हर किसी को अपना दीवाना बना लेता है।

क्या आपके मन में कभी यह प्रश्न आया है कि ताजमहल किसने बनवाया था? या ताजमहल कैसे बना था? अगर इस तरह के प्रश्न ने आपको कभी उलझाया है, तो आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं कि ताजमहल कब और कैसे बना?

Taj Mahal Kisne Banaya Tha

वर्तमान समय में अगर भारत के सबसे खूबसूरत ऐतिहासिक प्रतिमा की बात करें तो, ताजमहल का नाम शायद उस सूची में सबसे पहले लिखा जाएगा। भारत की सबसे खूबसूरत कलाकृति में से एक नाम ताजमहल का है।

ताजमहल भारतीय संस्कृति और भारतीय कलाकृति का एक बेहतरीन नमूना है। इसके बारे में भारत के प्रत्येक नागरिक को मालूम होना चाहिए। ताज महल किसने बनवाया था?, ताजमहल की कहानी क्या है?, क्यों इतनी खूबसूरत महल को बनाया गया? इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी आज इस लेख में दी गई है।

ताजमहल किसने बनवाया था और कब बनवाया था?

ताज महल किसने बनवाया था?

ताजमहल का निर्माण मुगल साम्राज्य के पांचवे राजा शाहजहां के द्वारा अपनी प्रिय बेगम मुमताज के लिए बनाया गया था मगर उस महल के पूरा होने से पहले ही मुमताज की मृत्यु हो गई, जिसके बाद मुमताज की कब्र के नाम पर उस महल को प्रचलित कर दिया गया। आगे चलकर शाहजहां की मृत्यु के बाद उनकी कब्र भी ताजमहल में ही बनवाई गई।

अगर हम मुगल साम्राज्य के सबसे सफल राजा की बात करें तो अकबर के बाद हम शाहजहां का ही नाम लेते हैं। शाहजहां ने ना केवल भारत को सबसे अमीर देश के रूप में दुनिया के समक्ष रखा बल्कि अपनी एक अप्रतिम आर्किटेक्चर का नमूना दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करते हुए खुद को और अपनी बेगम मुमताज को सदैव के लिए अमर कर दिया।

शाहजहां अपनी पत्नी मुमताज के प्यार को इस तरह दर्श आना चाहते थे, जिससे यह बात दुनिया भर में प्रसिद्ध हो कि ऐसा प्यार कभी किसी ने नहीं किया। इसलिए उन्होंने एक ऐसी इमारत की संरचना की जैसी इमारत को ना पहले कभी बनाया गया और ना वैसा कभी बनाया जा सके।

ताजमहल की बनावट को देखकर आज के इंजीनियर का भी मानना है कि पानी के ऊपर ऐसी इमारत बनाना लगभग नामुमकिन है। मगर शाहजहां ने उस जमाने में ताजमहल जैसी एक अविश्वसनीय इमारत की संरचना बिना किसी आधुनिक तकनीक के किया, जो इस बात को दर्शाता है कि भारतीय कलाकृति कौशल उस जमाने में कितना उन्नत था।

ताजमहल का इतिहास

ताजमहल के इतिहास की शुरुआत जहांगीर की मृत्यु से होती है। जहांगीर अकबर का बेटा था, जिसने उसके बाद मुगलिया सल्तनत की बागडोर संभाली थी। अचानक 1627 में उसकी मृत्यु के बाद उसका बेटा शाहजहां राजगद्दी पर बैठा।

शाहजहां के राज्यकाल को भारत का सबसे समृद्ध राज्य काल बुलाया जाता है। यही वह दौर था जब भारत को सोने की चिड़िया का नाम मिला क्योंकि शाहजहां ने अपने पैसे का नमूना आर्किटेक्चर के रूप में अलग-अलग जगहों पर बिखेरा जिसमें पीकॉक थ्रोन, कोहिनूर हीरा और ताजमहल, मुमताज महल, जैसी उन्नत कलाकारी शामिल है।

ताजमहल बनाने का इतिहास शाहजहां की पत्नी मुमताज से शुरू होता है। मुमताज मुगल बादशाह शाहजहां की सबसे प्रिय बेगम थे। शाहजहां इस दुनिया के सामने अपने प्यार की नुमाइश करने के लिए कोई ऐसी इमारत बनाना चाहते थे, जो पूरी दुनिया में ना कभी बनी हो और ना कभी बन सके।

इसके लिए दूर-दूर से कार्य कर बुलाए गए। कुछ शानदार संगमरमर मंगवाए गए, जो उस समय काफी महंगे और रेयर हुआ करते थे। लेकिन ताजमहल बनाने के दौरान ही उनकी पत्नी मुमताज की मृत्यु हो गई, जिसके बाद बादशाह कई दिनों के लिए शोक में चले गए।

मगर ताजमहल का कार्य चलता रहा 20,000 मजदूरों के 22 साल मेहनत के बाद ताजमहल की इमारत बनकर खड़ी है। ऐसी इमारत जिसे देखकर हर किसी की आंखें चौंधिया गई। ताजमहल जैसा ना कोई बना था और न आज 20वीं सदी तक बन पाया है।

ताजमहल कैसे बना?

ऊपर बताई गई जानकारियों को पढ़ने के बाद सबसे पहला सवाल हमारे दिमाग में आता है कि ताजमहल कैसे बना होगा? आपको बता दें कि ताजमहल उत्साद अहमद लाहौरी नाम के प्रसिद्ध आर्किटेक्चर के द्वारा बनाया गया था। उत्साद अहमद लाहौरी अफगानिस्तान के एक प्रसिद्ध आर्किटेक्चर थे, जिन्होंने अलग-अलग तरह की इमारत बनाई थी।

उस जमाने में उनका बहुत अधिक नाम था। शाहजहां ने उन्हें अपने दरबार बुलवाया और एक ऐसी इमारत बनाने का नक्शा तैयार करने को कहा जिसे ना कभी बनाया गया और ना ऐसा कभी बन सकेगा। उन्होंने कई दिनों तक की मशक्कत के बाद ताजमहल का नक्शा बादशाह के सामने प्रस्तुत किया और यह नक्शा उन्हें बहुत पसंद आया।

ताजमहल 1632 से 1653 ईस्वी तक बना। इस महल को तैयार करने में कुल 21 साल की मेहनत लगी थी। उस जमाने में आज के समय की तरह आधुनिक तकनीक नहीं थी। इस वजह से इतना वक्त लगा था। मगर आज के इंजीनियरों का मानना है कि तकनीक और यंत्र होने के बावजूद अगर हम इस महल को बनाते हैं तो, हमे बहुत अधिक समय लगेगा।

आपको बता दें कि ताजमहल का निर्माण करने में जो मजदूर आए थे, उनकी तो एक पीढ़ी पार हो गई थी। इसे बनाने में एक ही काम उनकी पूरी पीढ़ी को नौकरी की तरह करना पड़ा। 21 साल तक कुल 20,000 मजदूर इस कार्य में लगे रहे थे। उस जमाने में ताजमहल को बनाने में ₹70,00,00,000 खर्च हुए थे। आज के जमाने में उसकी कीमत कई हजार करोड़ में होगी।

हम सब जानते हैं कि ताजमहल को सफेद संगमरमर से बनाया गया था। मगर क्या आपको पता है?, इस सफेद संगमरमर को राजस्थान के मकराना से लाया गया था। जैस्पर को पंजाब से लाया गया था। जेड, सेफ्टिक और क्रिस्टल को चीन से लाया गया था। लैपिज को अफगानिस्तान से लाया गया था इंद्रगोप को अरब से लाया गया था।

इस तरह दुनिया के अलग-अलग क्षेत्र से अलग अलग तरह की बहुमूल्य रत्नों को लाया गया था। आपको पता है ताजमहल यमुना नदी के ऊपर बनाया गया है। इस महल के तैयार हुए लगभग 460 साल बीत चुके है, मगर आज तक इसकी नींव में खरोच तक नहीं आई है। इस तरह के नमूने को पानी पर तैयार करके रखने के लिए खास किस्म की लकड़ी को मिस्र से मंगाया गया था।

ताजमहल से जुड़ी रोचक बातें

आपको बता दें कि ताजमहल भारत का एक सर्वश्रेष्ठ इमारत है, जिसे देखने के लिए प्रत्येक वर्ष 20 लाख से 40 लाख लोग आते है, जिसमें 500000 से अधिक तो विदेशी होते है। ताजमहल को घूमने के लिए अधिकतर लोग अक्टूबर, नवंबर और फरवरी के महीने में आते है क्योंकि ताजमहल के चारों तरफ खूबसूरत बगीचा है, जिसमें अलग-अलग तरह के फल और फूल लगे हुए है। इस महीने में उनकी खूबसूरती दुगनी हो जाती है।

2007 में New 7 Wonders of the World नाम से एक सर्वेक्षण करवाया गया। जिसका मकसद था विश्व के सबसे खूबसूरत इमारत का चयन करना। इसके लिए दुनिया भर से कोई लाख लोगों के बीच इस सवाल को रखा गया, जिसमें एक नाम ताजमहल का भी था। लोगों को विश्व की सबसे खूबसूरत इमारत में एक इमारत ताजमहल भी लगती है, जिस वजह से उसे विश्व के सात अजूबे में शामिल किया गया।

ताजमहल से जुड़ी एक रोचक बात यह भी है कि जिन मजदूरों ने ताजमहल को बनवाया था, शाहजहां ने उनके हाथ कटवा दिए थे। हालांकि किसी भी इतिहासकार को इसका कोई प्रमाण नहीं मिलता है। किसी भी काव्य खंड में इसके बारे में कोई वर्णन नहीं किया गया है। इस वजह से आप इसे कोरी बकवास समझ सकते है।

ताज महल जैसा दूसरा इमारत का ही नहीं बना इसके पीछे कारण है कि ताजमहल को बनवाने में काफी खर्च लगा था और उस तरह की इमारत बनाना बहुत जटिल है। साथ ही किसी के पास वैसी इमारत बनाने का कोई मकसद भी नहीं है।

निष्कर्ष

ऊपर बताई गई जानकारियों को पढ़ने के बाद अगर आप समझ पाए कि ताजमहल किसने बनवाया था?, ताजमहल कैसे बना था? और ताजमहल कब बना था?

साथ ही ताजमहल से जुड़ी कुछ खास बातों को जानने के बाद अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि यह भारत की एक सबसे खूबसूरत संरचना है, जिसके बारे में हर किसी को विस्तार से जानकारी होनी चाहिए तो इस लेख को अपने मित्रों और अन्य लोगों के साथ अवश्य साझा करें। इससे जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी अगर आप लेना चाहते हैं तो, इसके बारे में कमेंट करके हमसे अवश्य पूछें।  

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