सिन्धु सभ्यता के लोग सोना कहाँ से प्राप्त करते थे?

सिंधु घाटी सभ्यता एक अत्यंत प्राचीन और समृद्ध सभ्यता थी, जो अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए जानी जाती है। सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में इतिहासकारों और शोधकर्ताओं ने अनेक तरह के चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास 2600-1900 ईसा पूर्व तथा 3300-2500 ईसा पूर्व बताया जाता है।

इतिहासकारों का कहना है कि इतने शताब्दियों पहले भी सिंधु घाटी सभ्यता के लोग अत्यंत समृद्ध थे और समृद्धि के साथ अपना जीवन यापन करते थे। उनके पास तरह-तरह के उपकरण और कृषि के साधन थे।

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख केंद्र धोलावीरा, मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, कालीबंगा, राखीगढ़ी, लोथल इत्यादि थी। यह सभी शहर अपने समृद्धि के साथ जीवन यापन करते थे। शोधकर्ताओं के अनुसार सिंधु घाटी सभ्यता के लोग मूर्ति पूजा में विश्वास रखते थे एवं मातृदेवी की पूजा करते थे। इतने वर्षों पूर्व उस समय के लोग कपड़ा बनाना जानते थे, मिट्टी के बर्तन बनाना जानते थे तथा तरह-तरह के लोहे के उपकरण कृषि के लिए उपयोग में लेते थे।

Sindhu Ghati Ke Log Sona Kaha Se Ayat Karte The

शोधकर्ताओं के अनुसार उस समय सिंधु घाटी सभ्यता के लोग अत्यंत समृद्ध थे। उस समय सिंधु घाटी सभ्यता के लोग सोने चांदी के तरह-तरह के आभूषण बनाते थे। उन्हें आभूषण बनाने की विशिष्ट कलाकार ज्ञान था।

इसीलिए सवाल खड़ा होता है कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग सोना कहां से लाते थे। शोधकर्ताओं के अनुसार सिंधु घाटी सभ्यता के लोग जोहरी का काम करते थे तो आइए जानते हैं कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग सोना कहां से प्राप्त करते थे?

सिन्धु सभ्यता के लोग सोना कहाँ से प्राप्त करते थे?

सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित अनेक तरह की शोध और खुदाई हो चुकी है, जिसमें अनेक तरह के हैरान कर देने वाले तथ्यों एवं दावे किए गए है। सिंधु घाटी सभ्यता के शोधकर्ता बताते हैं कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग कर्नाटक से सोना प्राप्त करते थे।

कर्नाटक हमारे भारत के दक्षिण में स्थित है, वहां से आज से इतने वर्ष पूर्व सिंधु घाटी सभ्यता के लोग सोना प्राप्त करते थे और सोने से तरह-तरह के आभूषण बनाते थे। सिंधु घाटी सभ्यता के लोग बेशकीमती पत्थर का भी इस्तेमाल करते थे, जो अफगानिस्तान, ईरान तथा गुजरात से आयात करते थे। इससे यह बात साबित होती है कि उस समय के लोग दूसरे देशों से भी व्यापारिक संबंध रखते थे।

सिंधु घाटी सभ्यता के लोग ऊंट पालन, बकरी पालन, गाय पालन इत्यादि पशुपालन का कार्य करते थे। वे लोग हर रोज कृषि से संबंधित नए-नए उपकरण का आविष्कार करते थे तथा लोहे के बने हुए हल और उपकरण कृषि हेतु उपयोग में लेते थे, जिससे उन्हें अधिक से अधिक अनाज की प्राप्ति हो सके।

सिंधु घाटी सभ्यता के अंतर्गत खुदाई में मिलने वाले सभी शहर सुनियोजित तरीके से बनाए गए थे। अपनी समृद्धि से जीने वाले सिंधु घाटी सभ्यता के लोग बड़ी आपदा का शिकार हो गए थे। शोधकर्ता बताते हैं कि अत्यंत भयंकर बाढ़ की वजह से सिंधु घाटी पूरी तरह से बर्बाद हो गई एवं समृद्ध तथा सांस्कृतिक सभ्यता दफन हो गई।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको पूरी जानकारी के साथ विस्तार से बताया है कि सिंधु घाटी के लोग सोना कहां से प्राप्त करते थे? इस आर्टिकल में सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में भी जानकारी दी गई है।

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