स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के प्रकार और लक्षण

Spinal Muscular Atrophy in Hindi

spinal muscular atrophy in hindi
Spinal Muscular Atrophy in Hindi

सूचना: यहां पर उपलब्ध जानकारी इंटरनेट पर मौजूद विभिन्न स्त्रोतों से ली गई यह सिर्फ आपकी सामान्य जानकारी के लिए है।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी क्या है? 

Spinal Muscular Atrophy in Hindi: SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) शिशुओं और बच्चों को प्रभावित करने वाली एक वंशानुगत बिमारियों के समूह में से एक है। यह रीढ़ की हड्डी में मोटर न्यूरॉन्स तंत्रिका कोशिकाओं को नष्ट करने के साथ ही बच्चों की मांसपेशियों को प्रभावित करती है।

मोटर न्यूरॉन्स तंत्रिका कोशिका शरीर की मांसपेशियों के द्वारा होने वाले काम जैसे बोलना, चुसना, निगलना, चलना-फिरना साँस लेना आदि को अपने नियंत्रण में करता है। अर्थात् हाथ-पैर, गला, छाती, जीभ, चेहरा आदि का नियंत्रण मोटर न्यूरॉन्स तंत्रिका कोशिका द्वारा होता है।

जब मोटर न्यूरॉन्स तंत्रिका कोशिका और मांसपेशियों के सही से सम्पर्क नहीं हो पाता तो शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लग जाती है।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के प्रकार कितने होते हैं?

एसएमए बीमारी के कई प्रकार होते हैं जो 1 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को प्रभावित करते हैं। बच्चों को प्रभावित करने वाली यह बीमारी 3 प्रकार की होती है जबकि यह वयस्कों में दो प्रकार (टाइप IV और फिंकेल) की होती है जो आमतौर पर 30 वर्ष के बाद होती है।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के लक्षण क्या है?

SMA Type 1 के लक्षण

एसएमए टाइप 1 के लक्षण निम्न है:

  1. साँस लेने में परेशानी
  2. रोने में कमजोरी
  3. चूसने में समस्या
  4. मांसपेशियों में कमजोरी
  5. निगलने में परेशानी
  6. बैठने में समस्या

एसएमए टाइप 1 को वर्डनीग-हॉफमैन रोग या इन्फेंटाइल ऑनसेट के नाम से भी जाना जाता है और यह 6 महीने तक के बच्चों में होती है।

SMA Type 2 के लक्षण

एसएमए टाइप 2 के लक्षण निम्न है:

  • हाथ और पैरों की मांसपेशियों में कमजोरी
  • शरीर के निचले हिस्से में कमजोरी
  • रीढ़ की हड्डी में कमजोरी
  • श्वसन सम्बन्धी समस्या

इस बीमारी से ग्रसित बच्चे चल नहीं सकते लेकिन बैठना सिख लेते है। एसएमए टाइप 2 को मध्यवर्ती एसएमए के नाम से भी जाना जाता है। यह 7 महीने से 18 महीने के बच्चों में होती है।

SMA Type 3 के लक्षण

एसएमए टाइप 3 के लक्षण निम्न है:

  • श्वसन सम्बन्धी मांसपेशियों में कमजोरी
  • शरीर की मांसपेशियों में कमजोरी

एसएमए टाइप 3 को कुगेलबर्ग-वैलैंडर रोग के नाम से भी जाना जाता है। यह 18 महीने से 15 साल के बच्चों से में होती है। इस बीमारी से ग्रसित बच्चे चलना सीख जाते हैं लेकिन इनमें से कुछ किशोरावस्था में चलना भूल जाते है जबकि कुछ नहीं भूलते।

SMA Type 4 के लक्षण

एसएमए टाइप 4 के लक्षण निम्न है:

  • शरीर में झटके लगना
  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • चलने में झटके लगना
  • कुछ लोगों को व्हीलचेयर की जरूरत पड़ती है।

एसएमए टाइप 4 वर्ष 18 से 50 वर्ष के वयस्कों में होती है।

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वर्तमान में मैं स्टूडेंट हूँ, साथ ही ब्लॉग्गिंग करना भी मुझे अच्छा लगता है। इसके आलावा मुझे घूमना फिरना व लिखना पसंद है।

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