कभी कभी हम किसी के लिए उतने जरुरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है !!
तुमसे आज भी हमको प्यार है तुम्हे कैसे समझाऊँ, दिल जब तुम्हे याद करता है तो आँखों को कैसे समझाऊँ !
वो चाँद भी तेरा तलबगार है, मेरे दिल को भी तेरा इंतज़ार है।
नजरों में दोस्तों की जो इतना खराब है, उसका कसूर ये है कि वो कामयाब है।
हर बात पर उंगली ना उठाओ इतने दिल के साफ हो तो चुल्लू भर पानी में डूब मरो !!
दर्द समझना हो मेरा तो कभी मेरे भी दिल में झांक लेना, वक़्त मिले कभी तो दिल से दिल को बदल कर देख लेना !
क्यूँ डरते हो इतना किसी के दूर जाने से, कोई मर तो नहीं जाता किसी के दिल तोड़ जाने से,
आप की खातिर अगर हम लूट भी लें आसमाँ, क्या मिलेगा चंद चमकीले से शीशे तोड़ के।
हम इतने बिगड़े हुए नहीं हैं कि लोग हमें पैर पर समझ ले आज आपका दिन है आ रहा हूं कल मेरा दिन भी आएगा !!
बढ़ चुके हैं आगे ज़िन्दगी में जो उन्हें याद कहाँ मैं,पर दिल टूटा था जहाँ मेरा आज भी हूँ वहाँ मैं !
जो तुम्हारा है वो तुम्हें मिलकर ही रहेगा ज़िन्दगी ख़तम तो नहीं होती किसी एक के छोड़ जाने से।
इन्ही पत्थरों पे चल कर अगर आ सको तो आओ, मेरे घर के रास्ते में कोई कहकशाँ नहीं है।
वो जो तक़दीर में लिखे नहीं होते उनकी आरजू को इश्क़ कहते है !!
नहीं पता मुझे तेरे भविष्य में कहीं मेरा पता होगा, पर देखना मेरे भविष्य में सिर्फ तेरा ही वर्त्तमान होगा !
ज़िन्दगी बेवफा है ये जानते हैं हम, फिर भी कल की सोच कर हम इसका ऐतबार करते हैं, कभी ना कभी समझेंगे वो मेरी मोहब्बत को, बस यही सोच कर हम आज भी उससे बहुत प्यार करते हैं।
बिछड़ कर आप से हमको ख़ुशी अच्छी नहीं लगती, लबों पर ये बनावट की हँसी अच्छी नहीं लगती, कभी तो खूब लगती थी मगर ये सोचते हैं हम, कि मुझको क्यों मेरी ये ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।
आँखों में बसा रखा है तो लकीरों में बसाने की क्या जरूरत !!
उदासी है चेहरे पर फिर भी मुस्कान लेकर बैठे हैं, दिल तोड़ दिया जिन्होंने उन्हें जान बनाकर बैठे हैं !
हम उनसे दीवानों की तरह मोहब्बत करते रहे और वो हमें औरों की तरह गलत समझते रहे, उसने गैरों की बातों में आकर तो बुरा कह दिया हमको मुझे उनसे कितना प्यार है ये बताने के लिए हम आज भी तरसते रहे ।
बहुत जुदा है औरों से मेरे दर्द की कैफियत, ज़ख्म का कोई पता नहीं और तकलीफ की इन्तेहाँ नहीं।
करता वही हूँ जो मुझे पसंद है माना की उम्र कम है लेकिन हौसला बुलंद है !!
प्यार में मेरे जितनी सचाई थी तुम्हारे लिए, तुमने उतना ही मुझे गैर समझा किसी और के लिए !
उसे मुझे मोहब्बत नहीं है मगर मैं अपनी मोहब्बत आज भी निभाता हूँ, वो मेरी है मैं बस ये बात अब नहीं कहता मगर मैं उसका हूँ ये बात मैं सब को बताता हूँ ।
कौन सा वो ज़ख्मे-दिल था जो तर-ओ-ताज़ा न था, ज़िन्दगी में इतने ग़म थे जिनका अंदाज़ा न था, ‘अर्श’ उनकी झील सी आँखों का उसमें क्या क़ुसूर, डूबने वालों को ही गहराई का अंदाज़ा न था।
मुझे इतना याद आकर बेचैन न करों तुम एक यही सितम काफ़ी है कि साथ नही हो तुम !!
तुमसे प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे साथ समय नहीं बिता रहा, तुमको नहीं है यकीं फिर भी तो मैं कोई सफाई नहीं दे रहा !
कुछ अरमान को दिल में दफन किया और कुछ को आंसुओं में वफ़ा दिया हमें इतनी मोहब्बत है उससे की उसकी ख़ुशी के लिए उसे ही भला दिया।
परखा बहुत गया है मुझे लेकिन समझा नहीं गया..!
आंसू पोंछना भी सीखो जनाब इसके लिए भी अब सौदे होने लगे है !!
तुम नहीं मिले तो अब किसी को पाने की ख्वाइश नहीं रही, ज़िन्दगी है पर ज़िन्दगी में दिल्लगी नहीं रही !
जिस जिस पर हमें नाज़ था उन सब ने सबक सिखाया है, जो कहते थे हम तुम्हे भूल नहीं पाएंगे सबसे पहले ही हमें उसी ने भुलाया है।
जो कुछ भी था, सब कुछ खो चुका हूं मैं. करके सबका भला… अब बुरा बन चुका हूं मैं.
माना की मै बुरा हूँ पर दुसरो की तरह किसी पर कीचड़ नहीं उछालता !!
आखिर इतना डरते क्यों हो दिल के टूट जाने से, प्यार में मिला दर्द भी बड़े प्यार का होता है !
दौरे इश्क़ चल रहा था हम भी दिल लगा बैठे एक अनजान को अपना सब कुछ बना बैठे, जब उसने मुझे छोड़ दिया तब अहसास हुआ किसी को अपनाने के लिए कितना कुछ गवा बैठे ।
पहले चुभा बहुत अब आदत सी है, यह दर्द पहले था अब इबादत सी है!
मेरी जिंदगी में एक ऐसा शख्स आया जिसने मुझे प्यार करना सिखाया और आज वो खुद ही प्यार करना भूल गया !!
ये ज़ख्म भी मुझे बहुत प्यारा है, आखिर मुझे ये प्यार उनसे जो मिला है !
कभी उसे याद करके मुस्कुराता तो कभी खुद से ही खफा होता है अक्सर ये दिल क्यूँ दिल तोड़ने वालों पर ही फ़िदा होता है।
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती!
काटने की औकात कहाँ आपकी आपको बराबरी में जो हम ले आए !!
लोग अक्सर मुझसे कहते हैं कि बदल गए हो तुम मैं मुस्कुरा कर कहता हूं कि “टूटे हुए फूलों” का रंग अक्सर बदल जाया करता है……
सहारे ढूंढने की आदत नहीं है हमारी हम अकेले ही दुनिया हिलने की ताकत रखते है !!
जिनकी मोहब्बत सच्ची होती है, उनके नसीब में दर्द ही लिखा होता है…
जब भी आप किसी व्यक्ति पर हद से ज्यादा अधिकार जताने लग जाते हो तो वो व्यक्ति धीरे धीरे आपकी कद्र करना कम कर देता है !!
बड़ा गजब किरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है मगर खत्म नहीं!
क्या फर्क़ पड़ता है किसी के होने और ना होने में एहसास सिर्फ होता उसके खोने में !!
ख़त जो लिखा मैनें वफादारी के पते पर, डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते.
सही करने के लिए कोई भी वक्त गलत नहीं होता है और गलत करने के लिए कोई भी वक़्त सही नहीं होता है !!
तुम क्या जानो कैसे जी रहे है हम अंदर से रोते है और बहार से हँस रहे है हम ऐसे लगता है की जीते जी मर गए है हम !!
मरने के नाम से जो रखते थे मुँह पे उँगलियाँ ….. अफ़सोस वही लोग मेरे दिल के क़ातिल निकले…
क्या नजारे हैं इस दुनिया के लोग बटोरते भी दूसरों के लिए हैं सबको जाना तो खाली ही है !!
तकलीफ ये नही की किस्मत ने मुझे धोखा दिया, मेरा यकीन तुम पर था किस्मत पर नही.
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही !!
अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती.
बहाने क्यों ढूंढते हो हमसे दूर जाने के साफ साफ कह दो की अब मन नहीं करता बात करने का !!
घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए, मैं खुद से रूठ गया हूँ, तुम्हे मनाते हु.
बुरे से बुरे हालात ने घेरा है जब अपनों ने नजरों से फेरा है !!
अफ़सोस होता है उस पल जब अपनी पसंद कोई ओर चुरा लेता है.. ख्वाब हम देखते है.. और हक़ीक़त कोई और बना लेता है.
हम दिल को बेचते हैं कोई दिल को मोल ले इस दिल का यही मोल है कोई हंस के बोल दे !!
वो गुस्से में तेरा लब से मेरे सिगरेट हटा देना-उसी दिलकश अदा की याद में अब कश लगाते हैं.
हसरतें पूरी ना हों तो ना सही ख्वाहिश करना कोई गुनाह तो नहीं तेरे साथ का मतलब जो भी हो तेरे बाद का मतलब कुछ भी नहीं !!
हम भी किसी की दिल की हवालात में कैद थे..!! फिर उसने गैरों के जमानत पर हमें रिहा कर दिया..!!
हमें नहीं अब आदत जानते हैं आदत जिसकी लगती है तड़पाते भी वही हैं !!
अपनी जवानी में रखा ही क्या है,, कुछ तस्वीरें यार की बाकी बोतलें शराब की.
सीने में धङकता जो हिस्सा है उसी का तो ये सारा किस्सा है !!
बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ …. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत.
तेरी याद में आँखे भिगो लू उदास रात की तन्हाई में सो लू अकेले गम का बोझ अब संभलता नहीं तू मिल जाये तो तुझसे लिपट कर रो लू !!
मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया…. दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.
शब्दों के करोड़पति बने थे उनको चिल्लर वाले महबूब चाहिए !!
जो दिल में आये वो करो…. बस किसी से अधूरा प्यार मत करो.
इतना ही गुरुर था तो मुकाबला इश्क का करती ऐ बेवफा हुस्न पर क्या ईतराना जिसकी ओकात ही बिस्तर तक हौ !!
आँखें थक गई है आसमान को देखते देखते पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ….
जज़्बातो का बहीखाता न रख ये बेहिसाब ही अच्छे लगते है रब ने न जाने कितनों की तकदीर संवारी है काश आज वो मुस्कुरा के कह दे आज तेरी बारी है !!
जो उड गये परिंदे उनका क्या अफसोस करें…. यहां तो पाले हुए भी गैरों की छतों पर उतरते हैं…!
तकलीफों का क्या उन्हें खबर होती हमारी तकलीफ की तो छोड़ते क्यूँ !!
तेरे बिना जीना मुश्किल है …! ये तुझे बताना और भी मुश्किल है.
तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे !!
किस किस से वफ़ा के वादे कर रखे हैं तूने ??? हर रोज़ एक नया शख्स मुझसे तेरा नाम पूछता.
वो दिन नहीं वो रात नहीं वो पहले से जज्बात नहीं होने को तो हो जाती है बाते अब भी पर इन बातों में वो बात नहीं !!
बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे धीरे, इक शहर अब इनका भी होना चाहिऐ.
बेशर्मी की भी हद होती है यूँ ही हर बात पर हाँ में हाँ मिलाना ठीक नहीं !!
मै फिर याद आऊंगा उस दिन जब तेरे ही बच्चे कहेंगे-मम्मी आपने कभी किसी से प्यार किया ?
हमारी चर्चा छोडो दोस्तों, हम ऐसे लोग है जिन्हें, नफरत कुछ नहीं कहती और मोहब्बत मार डालती है.
जिसकी वजह से मेंने छोड़ी अपनी साँस आज वो ही आके पूछती हे किसकी हे ये लाश !!
आज कल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं, हमें ऑनलाइन देखते ही ऑफलाइन हो जाते हैं.
हुई हो गलती तो माफ़ कर देना क्या पता ये जिंदगी की आखरी रात हो !!
चाहत से ज्यादा, चाहने की चाहत, मुझे भी थी उसे लेकिन क्या फायदा ऐसी चाहत का, जो चाहकर भी ना बन सके मेरी चाहत.
हर चीज़ खुलेआम है मेरी जिन्दगी में तुम छिपकर शराब पीना हम खुलेआम चाय पियेंगे !!
ढूंढ तो लेते अपने प्यार को हम, शहर में भीड़ इतनी भी न थी.. पर रोक दी तलाश हमने, क्योंकि वो खोये नहीं थे, बदल गये हैं.
Sad Status for Boys in Hindi
ऐ जीन्दगी जा ढुंड॒ कोई खो गया है मुझ से अगर वो ना मिला तो सुन तेरी भी जरुरत नही मुझे !!
बड़ी हिम्मत दी उसकी जुदाई ने ना अब किसी को खोने का दुःख ना किसी को पाने की चाहत.
जब अंदर से दिल टूट जाता है तो खामोशी के सिवा हर आवाज तकलीफ देती है !!
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है .. पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
यही तो बात है जो हर वक़्त तू मेरे साथ है इन्हीं कुछ बातों का हर वक़्त विवाद है !!
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं …. जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिये.
ए नसीब ज़रा एक बात तो बता तू सबको आज़माता है या मुझसे ही दुश्मनी है !!
हजारो गम है सीने मे मगर शिकवा करें किस से… इधर दिल है तो अपना … उधर तुम हो तो अपने.
कौन चाहता है खुद को बदलना किसी को प्यार तो किसी को नफरत बदल देती है !!
भरोसा जितना कीमती होता है– धोका उतना ही महँगा हो जाता है.
मौत से इतनी ही तक़रार रहेगी ये कलम जो थम जायेगी !!
बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी…… पहले पागल किया..फिर पागल कहा.. फिर पागल समझ कर छोड़ दिया.
अब सभी सच बोलते तो बिछड़ कर मरने वालों से शमशान में जगह ना बचे !!
मुझे भी शामिल करो गुनहगारों की महफ़िल में , मैं भी क़ातिल हूँ अपनी हसरतों का , मैंने भी अपनी ख्वाहिशों को मारा है.
कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे यूँ घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है मैं कभी न जागु मुझे ऐसी नींद सुला दे !!
आज उस की आँखों मे आँसू आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है.
समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया उसने वो कहता तो सही किनारे पर ही डूब जाते हम !!
मुमकिन नहीं शायद किसी को समझ पाना … बिना समझे किसी से क्या दिल लगाते.
कुछ लोगों को हम तब याद आते है जब उनके पास कोई बात करने वाला नहीं होता !!
अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको, यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है.
इतना कुछ हो रहा है..दुनिया में, …… क्या तुम मेरे नही हो सकते.
अब अकेला नहीं रहा मैं यारों …. मेरे साथ अब मेरी तन्हाई भी है.
रोज़ ख्वाबों में जीता हूँ वो ज़िन्दगी … जो तेरे साथ मैंने हक़ीक़त में सोची थी.
हमने तो एक ही शख्स पर चाहत ख़त्म कर दी .. अब मोहब्बत किसे कहते है मालूम नहीं.
खुद से मिलने की भी फुरसत नहीं है अब मुझे, और वो औरो से मिलने का इलज़ाम लगा रहे है.
तेरे होने तक मैं कुछ ना था…. तेरा हुआ तो मैं बर्बाद हो गया.
लफ्ज़ बीमार से पड़ गये है आज कल….. एक खुराक तेरे दीदार की चाहता है.
इश्क लिखना चाहा तो कलम भी टूट गयी…. ये कहकर अगर लिखने से इश्क मिलता तो आज इश्क से जुदा होकर कोई टूटता नही.
वो सुना रहे थे अपनी वफाओं के किस्से हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गये.
आज के बाद ” ये रात और तेरी बात ” नहीं होगी.
काश तू मेरी मौत होती तो एक दिन मेरी ज़रूर होती.
ना मेरा दिल बुरा था ना उसमें कोई बुराई थी , सब नसीब का खेल है , बस किस्मत में जुदाई थी दिया.
भुला देंगे तुमको ज़रा सब्र तो कीजिये , आपकी तरह मतलबी बनने में थोड़ा वक़्त तो लगेगा हमे.
अबकी बार सुलह करले मुझसे ए दिल वादा करता हूँ की फिर नहीं दूँगा तुझे किसी ज़ालिम के हाथों मै.
कहाँ पूरी होती है दिल की सारी ख्वाइशें —- कि बारिश भी हो , यार भी हो …. और पास भी हो.
Rahul Singh Tanwar
राहुल सिंह तंवर पिछले 7 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे हैं। इनको SEO और ब्लॉगिंग का अच्छा अनुभव है। इन्होने एंटरटेनमेंट, जीवनी, शिक्षा, टुटोरिअल, टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन अर्निंग, ट्रेवलिंग, निबंध, करेंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान जैसे विविध विषयों पर कई बेहतरीन लेख लिखे हैं। इनके लेख बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं।