महाराणा प्रताप के अनमोल विचार

Maharana Pratap Quotes In Hindi

Maharana Pratap Quotes In Hindi
Maharana Pratap Quotes In Hindi

महाराणा प्रताप के अनमोल विचार | Maharana Pratap Quotes In Hindi

“मनुष्य का गौरव और आत्मसम्मान
उसकी सबसे बङी कमाई होती है।
अतः सदा इनकी रक्षा करनी चाहिए।”

शत्रु सफल और
शौर्यवान व्यक्ति के ही होते हैं।

प्रत्येक मनुष्य का गौरव एवं आत्मसम्मान
उसकी सबसे बड़ी कमाई होती है।
अतः सदा इनकी रक्षा करनी चाहिए।

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जो इंसान अपने और अपने
प्रियजनों के अलावा अपने देश के बारे में भी सोचता है,
वही इंसान देश का सच्चा नागरिक होता है।

“मातृभूमि और अपने माँ मे तुलना करना
और अन्तर समझना
निर्बल और मुर्खो का काम है।”

जो लोग अत्यंत विकट परिस्थिति में झुकते नही है,
और हार भी नही मानते है,
वो लोग हारकर भी जीत जाते है।

“सम्मानहीन मनुष्य एक
मृत व्यक्ति के समान होता है।”

****

यदि सर्प से प्रेम रखोगे तो भी वह
अपने स्वभाव के अनुसार डसेगा ही।

जो मनुष्य अपने कतर्व्य और इस सृष्टि
के कल्याण के लिए सदैव प्रयत्नरत रहता है,
उस मनुष्य को युग युगांतर तक स्मरण रखा जाता है।

Maharana Pratap Quotes In Hindi

अपने और अपने परिवार के अलावा
जो अपने राष्ट्र के बारे मे सोचे
वही सच्चा नागरिक होता है।

इंसान का गौरव और आत्मसम्मान
ही उसकी सबसे बड़ी कमाई होती है,
इसलिए हमेशा इंसान को इसकी रक्षा करनी चाहिए।

“ये संसार कर्मवीरो की ही सुनता है।
अतः अपने कर्म के मार्ग
पर अडिग और प्रशस्त रहो।”

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अन्याय, अधर्म आदि का विनाश
करना संपूर्ण मानव जाति का कर्तव्य है।

अपने देश का गौरव, अपनी मान- मर्यादा
और आत्मसम्मान से बढ़कर किसी
चीज़ को कीमती नहीं समझना चाहियें।

अपनी कीमती जीवन को सुख और
आराम कि जिन्दगी बनाकर कर नष्ट
करने से बढिया है कि अपने राष्ट्र कि सेवा करो।

अपनी माता और मातृभूमि में तुलना करना,
और इन दोनों में अंतर
समझना निर्बल और मूर्ख इंसान का काम है।

मातृभूमि और अपनी माँ मे तुलना करना
और अन्तर समझना
निर्बल और मुर्खो का काम है।

समय बहुत बलवान होता है।
यह एक राजा को भी घास
की रोटियां खिला सकता है।

*****

कष्ट,
विपत्ती और संकट ये जीवन
को मजबूत और अनुभवी बनाते है।
इनसे डरना नही बल्कि
प्रसन्नता पूर्वक इनसे जुझना चाहिए।

अगर आपका इरादा नेक और मजबूत है,
तो आपकी की हार नही जीत होती है।

“हल्दीघाटी के युध्द ने
मेरा सर्वस्व छीन लिया हो।
पर मेरी गौरव और शान और बढा दिया।”

जब तक तुम्हें तुम्हारी
मंजिल नहीं मिल जाती,
तब तक परिश्रम करते रहो।

यदि मनुष्य का इरादा नेक और मजबूत होता है,
तो मनुष्य कि पराजय नही विजय होती है।

जो लोग सुख मे बहुत ज्यादा प्रसन्न
और दुःख मे बहुत ज्यादा दुःखी रहते है,
उन्हे ना सफलता मिलती है
और न ही इतिहास मे जगह।

यह संसार कर्मवीरो की ही सुनता है।
अतः अपने कर्म के मार्ग
पर अडिग और प्रशस्त रहो।

Maharana Pratap Quotes In Hindi

समय इतना बलवान होता है,
कि एक राजा को भी
घास की रोटी खिला सकता है।

एक शासक का पहला कर्तव्य अपने
राज्य का गौरव और
सम्मान बचाने का होता है।

अपने अच्छे समय में अपने कर्म को
इतना विश्वासपात्र बना लो, जिससे बुरे
वक्त में भी कर्म द्वारा आप बुरे
समय को भी अच्छा समय बना लो।

जो सूरज से प्राप्त हो उसे ताप कहते है,
जो हमें पैदा करें उसे बाप कहते है,
और जो मुगलों से कभी ना डरे और ना हारे,
उसे सरदार महाराणा प्रताप कहते है।

“अगर सर्प से प्रेम रखोगे तो भी वो
अपने स्वभाव के अनुसार डसेगाँ ही।”

संपूर्ण सृष्टि के कल्याण के लिए
प्रयत्नरत मनुष्य को युग युगांतर
तक याद रखा जाता है।

अन्याय एवं अधर्म का विनाश करना
पूरे मानव जाति का कतर्व्य है।

गौरव,
मान- मर्यादा और आत्मसम्मान
से बढ कर कीमती
जीवन भी नही समझना चाहिए।

ये संसार कर्मवीरो की ही सुनता है,
इसलिए अपने कर्म के रास्ते
पर अडिग और प्रशस्त रहो।

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सत्य, परिश्रम और धर्ये सुखमय जीवन के साधन है।
परन्तु अन्याय के प्रतिकार के लिए
हिंसा भी उतनी ही जरूरी है।

जो अत्यंत विकट परिस्तिथत मे
भी झुक कर हार नही मानते।
वो हार कर भी जीते होते है।

अपने इस जीवन को सुख और आराम का
जीवन बनाकर कर नष्ट करने से अच्छा है,
की अपने राष्ट्र कि सेवा करो।

“एक शासक का पहला कर्त्यव अपने
राज्य का गौरव और
सम्मान बचाने का होता है।”

समय एक ताकतवर और साहसी
को ही अपनी विरासत देता है,
अतः अपने रस्ते पर अडिग रहो।

*****

दुःख, संकट और विपत्ती ये तीनों
जीवन को मजबूत और अनुभवी बनाते है,
इसलिए इनसे डरना नही चाहिए,
बल्कि प्रसन्नता पूर्वक इनसे मुकाबला करना चाहिए।

“तब तक परिश्रम करते रहो जब
तक तुम्हे तुम्हारी मंजिल न मिल जाये।”

नित्य अपने लक्ष्य, परिश्रम और आत्मशक्ति
को याद करने पर सफलता
का मार्ग सरल हो जाता है।

जो मनुष्य विकट से विकट परिश्थितियों में
भी झुकते नहीं है, हार नहीं मानते,
वह हार कर भी जीत जाते हैं।

अपने सही समय मे अपने कर्म को इतना
विश्वास पात्र बना लो कि जब बुरा समय
आए तो वो उसे भी सही बना दे।

सम्मानहीन इंसान एक
मरे हुए इंसान के समान होता है।

Maharana Pratap Quotes In Hindi

“मनुष्य अपने कठीन परिश्रम और कष्टो से
ही अपने नाम को अमर कर सकता है।”

भले ही हल्दीघाटी के युद्ध
ने मेरा सर्वस्व छीन लिया
हो परन्तु मेरे गौरव और
शान को बढा दिया है।

शत्रु भी सफल और
शौर्यवान व्यक्ति के ही होते है।

एक अच्छे शासक का पहला कर्तव्य
अपने राज्य का गौरव और
सम्मान बचाने का होना चाहिए।

“अपने और अपने परिवार के अलावा जो
अपने राष्ट्र के बारे मे सोचे
वही सच्चा नागरिक होता है।”

गौरव, मान – मर्यादा और आत्मसम्मान
से अधिक कीमती अपने जीवन
को भी नहीं समझना चाहिए।

जो सुख मे अतिप्रसन्न और
विपत्ति सेडर कर झुक जाते है,
उन्हे ना ही सफलता मिलती है
और न ही इतिहास मे जगह।

धन्य हुआ रे राजस्थान,
जो जन्म लिया प्रताप ने,
धन्य हुआ रे सारा मेवाड़,
जहां कदम रखें थे प्रताप ने।

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“अगर इरादा नेक और मजबूत है।
तो मनुष्य कि पराजय नही विजय होती है।”

जो लोग अत्यंत विकट परिस्थितियों में
भी झुक कर हार नहीं मानते हैं।
वो हार कर भी जीते जाते हैं।

यदि सर्प से प्रेम रखोगे तोभी वो
अपने स्वाभाव के अनुसार डसेगा ही।

~ मनुष्य का गौरव और आत्मसम्मान
उसकी सबसे बड़ी कमाई होती है।
अतः सदा इनकी रक्षा करनी

अगर इरादा नेक और मजबूत है,
तो जीत ही होती है हार नही।

अपनो से बडो के आगे झुक कर
समस्त संसार को झुकाया जा सकता है।

सत्य,परिश्रम,और संतोष
सुखमय जीवन के साधन है,
लेकिन अन्याय के विरोध
के लिए हिंसा भी जरूरी है।

*****

अपने अच्छे समय में अपने कर्म से इतने
विश्वास पात्र बना लो कि बुरा वक्त
आने पर वो उसे भी अच्छा बना दे।

नित्य, अपने लक्ष्य,
परिश्रम और आत्मशक्ति
को याद करने पर
सफलता का मार्ग सरल हो जाता है।

अपने कीमती जीवन को सुख और आराम
की जिन्दगी बनाकर कर नष्ट
करने से बढिया है कि अपने राष्ट्र की सेवा करो।

जब-जब तेरी तलवार उठी,
तो दुश्मन टोली डोल गयी,
फीकी पड़ी दहाड़ शेर की,
जब-जब तुने हुंकार भरी।

“अपनो से बङो के आगे झुक कर
समस्त संसार को झुकाया जा सकता है।”

Maharana Pratap Quotes In Hindi

जो सुख में अति प्रसन्न और विपत्ति में डर
कर झुक जाते हैं। उन्हें ना सफलता मिलती है
और न ही इतिहास में कोई स्थान।

कष्ट, विपत्ति और संकट हमारे जीवन को
मज़बूत और अनुभवी बनाते हैं।
इनसे घबराना या दूर भागना नहीं चाहियें
बल्कि धैर्य और प्रसन्तापूर्वक इनका सामना करना चाहियें।

इंसान अपने कठीन परिश्रम और कष्टो
से ही अपने नाम को अमर कर सकता है।

कष्ट, विपत्ति और संकट ये
जीवन को मजबूत और अनुभवी बनाते हैं।
इनसे डरना नहीं बल्कि
प्रसन्नता पूर्वक इनसे जूझना चाहिए।

अन्याय, अधर्म,आदि का विनाश
करना पुरे मानव जाति का कतर्व्य है।

“अपने कतर्व्य,और पुरे सृष्टि के कल्याण के
लिए प्रयत्नरत मनुष्य को युग
युगांतर तक स्मरण रखा जाता है।”

हर मां कि ये ख्वाहिश है,
कि एक प्रताप वो भी पैदा करे,
देख के उसकी शक्ती को,
हर दुश्मन उससे डरा करे।

जो दृढ़ राखे धर्म को तिही राखे करतार जो
इण धर्म रो पालन करे वो हे मेवाड़ी सरदार।

चेतक पर चढ़ जिसने,
भाला से दुश्मन संघारे थे,
मातृभूमि के खातिर,
जंगल में कई साल गुजारे थे।

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