लबसना (LBSNAA) क्या है? पूरी जानकारी

Lbsnaa Kya Hai: लबसना के लिए यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होना होता है और इस परीक्षा में उत्तीर्ण भी होना पड़ता है। यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद हमें इंटरव्यू देना होता है और इंटरव्यू देने के पास यदि हम सफल होते हैं तो हमें आईएएस अधिकारी के ट्रेनिंग से होकर गुजरना पड़ता है।

यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद ट्रेनिंग के लिए चयनित अभ्यर्थियों को आईएएस, आईपीएस, आई एफ एस आई आर एस जैसी ए ग्रेड के सेवाओं हेतु ट्रेनिंग देने के लिए मंसूरी बोला जाता है और लबसना के द्वारा उन्हें ट्रेनिंग प्रदान की जाती है।

आप सभी लोगों के मन में यह ख्याल आ रहा होगा कि आखिर लबसना क्या है? तो आपको चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, आज के इस लेख में आप सभी लोगों को लबसना के विषय में संपूर्ण जानकारियां विस्तार पूर्वक से जानने को मिलेंगे।

लबसना एक ऐसा संस्थान है, जहां पर यूपीएससी की परीक्षा के बाद चयनित अभ्यर्थियों को इस एकेडमी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कराया जाता है। इस संस्थान में सीनियर प्रशिक्षक अधिकारियों की टीम होती है, जिसके द्वारा सभी अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कराया जाता है।

Lbsnaa Kya Hai
Image: Lbsnaa Kya Hai

लबसना संस्थान में अभ्यार्थियों को बड़े ही कठोर नियमों का पालन करना होता है। लबसना में बड़ी ही कठोरता के साथ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया जाता है, इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग अधिकारी बनने के बाद देश का अच्छे से संचालन कर सकें।

आज आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख में जानने को मिलेगा कि लबसना क्या है? (What is Lbsnaa in Hindi), लबसना का फुल फॉर्म क्या होता है?, ट्रेनिंग के दौरान ड्रेस कोड कैसा होता है?, लबसना ट्रेनिंग प्रोग्राम के चरण?, लबसना में प्रशिक्षुओं की कैसी होती है, दिनचर्या? शिक्षार्थियों को दी जाती है ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद M.A. डिग्री इत्यादि।

यदि आप सभी लोग लबसना के विषय में संपूर्ण जानकारियां प्राप्त करना चाहते हैं तो कृपया हमारे द्वारा लिखे गए इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें। क्योंकि आपको इस लेख में लबसना से संबंधित सभी जानकारियां विस्तारपूर्वक जानने को मिलेंगे तो चलिए शुरू करते हैं।

लबसना (LBSNAA) क्या है? पूरी जानकारी | LBSNAA Kya Hai

लबसना क्या होता है?

लबसना एक ऐसा संस्थान है, जहां पर यूपीएससी अर्थात यूनियन पब्लिक सर्विस ऑफ कमीशन के द्वारा आयोजित की गई सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद चयनित अभ्यार्थियों को बुलाया जाता है और उन्हें इस एकेडमी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। यह एक ऐसी एकेडमी है, जहां पर अभ्यर्थियों को देश को चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। लबसना एक सरकारी कार्यालय है, जहां पर शिक्षार्थियों को फ्री में शिक्षा प्रदान की जाती है।

लबसना अकादमी में सीनियर प्रशिक्षण अधिकारियों की एक टीम नियुक्त की गई होती है और शिक्षार्थियों को इन्हीं प्रशिक्षण अधिकारियों की टीम के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान कराया जाता है। लबसना एकेडमी मसूरी में स्थित है, जोकि उत्तराखंड से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है। लबसना एकेडमी के माध्यम से ट्रेनिंग के दौरान शिक्षार्थियों को बहुत ही कड़े नियमों का पालन करना होता है।

इन नियमों का पालन करना प्रत्येक शिक्षार्थियों की मजबूरी होती है। यदि वह इस नियम का पालन नहीं करना चाहते तो वह खुशी-खुशी लबसना छोड़कर जा सकते हैं। इन सभी नियमों के अंतर्गत आप लबसना संस्थान में मोबाइल फोन का उपयोग बिलकुल भी नहीं कर सकते। इतना ही नहीं यदि आपको धूम्रपान या मदिरा का सेवन करते हुए देखा गया तो आपके फॉर्म को रद्द कर दिया जाएगा और आप फिर कभी भी यूपीएससी की परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे और ना ही लबसना सेंटर में वापस आने का मौका मिलेगा।

लबसना एकेडमी की सबसे खास बात यह है कि यहां पर न केवल भारतीय बल्कि इनके साथ साथ भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार इत्यादि देशों से भी कुछ चयनित प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग दी जाती है। यह संस्थान सभी अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षु भारतीय प्रशिक्षु के साथ मिलकर लगभग 3 महीने तक संस्थान के द्वारा प्रदान की जाने वाली फाउंडेशन कोर्स को करते हैं। 3 महीने के बाद यह कोर्स समाप्त हो जाता है और इन्हें इनकी योग्यता के अनुसार नौकरी मिलती है।

लबसना का फुल फॉर्म क्या होता है? (LBSNAA Full Form in Hindi)

आप सभी लोग लबसना के फुल फॉर्म के विषय में जानना चाहते होंगे तो आइए जानते हैं। लबसना का फुल फॉर्म लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकैडमी (LBSNA: Lal Bahadur Shastri National administration academy) है। इस स्थान का नाम लबसना लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखा गया है।

लबसना संस्थान की स्थापना कब की गई थी?

लबसना संस्थान की स्थापना वर्ष 1958 ईस्वी में 15 अप्रैल को की गई थी। उस समय इस संस्थान की स्थापना तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत के द्वारा किया गया था। यह संस्थान की स्थापना पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने लाल बहादुर शास्त्री जी के सम्मान में किया था।

लबसना में ट्रेनिंग के दौरान ड्रेस कोड कैसा होता है?

लबसना में दी जा रही ट्रेनिंग के दौरान सभी प्रशिक्षुओं को ड्रेस कोड का विशेष रूप से पालन करना होता है। लबसना एकेडमी में सभी प्रशिक्षुओं को सिर्फ और सिर्फ फॉर्मल ड्रेस पहनने की अनुमति ही होती है। इतना ही नहीं इसके साथ साथ मेस के खाने के लिए भी ड्रेस कोड का निर्धारण किया गया है। इतना ही नहीं लबसना का इतना कठोर नियम है कि कोई भी शिक्षार्थी अपने रूम से बाहर स्लीपर या फिर सैंडल पहन कर नहीं निकल सकता।

लबसना में प्रशिक्षुओं की सुविधा का विशेष ध्यान दिया जाता है और इसी को ध्यान में रखते हुए इनको सुविधा के लिए सौवेनियर शॉप भी है। यह एक ऐसी साफ है जहां पर प्रशिक्षण के दौरान उपयोग में होने वाली प्रत्येक वस्तुओं को उपलब्ध कराया जाता है, इन सभी चीजों को प्रशिक्षु अपनी आवश्यकता के अनुसार खरीद सकते हैं। इस शॉप पर बिकने वाली सभी चीजों पर लबसना एकेडमी का प्रसिद्ध चिन्ह (Logo) प्रिंट हुआ रहता है।

प्रशिक्षण के दौरान क्लास रूम में बैठते समय पुरुष प्रशिक्षुओं के लिए गर्मी के समय में स्लीव शर्ट, पेंट और नेक टाई तथा ठंडी के समय में फुल स्लीव शर्ट, पैंट, नेक टाई और लेदर के जूते पहनने होते हैं। इसी के विपरीत महिला प्रशिक्षुओं को सलवार कमीज/ साड़ी/ वेस्टर्न बिजनेस सूट/ चूड़ीदार कुर्ता और औपचारिक सैंडल या जूते पहनना अनिवार्य किया गया है।

लबसना ट्रेनिंग प्रोग्राम के चरण क्या है?

जैसा कि हमने अब तक जाना कि लबसना संस्थान में ट्रेनिंग के लिए उन्हें ही बुलाया जाता है, जो सिविल सेवा की परीक्षा में पास हुए रहते हैं। अब हम सभी लोग जानेंगे कि लबसना में अभ्यार्थियों को प्राप्त कराई जाने वाली ट्रेनिंग कितने चरणों में पूरी की जाती है। लबसना सेंटर में शिक्षार्थियों को दी जाने वाली ट्रेनिंग दो चरणों में पूरी की जाती है, जिनका विवरण नीचे लिखे प्रकार से किया गया है:

चरण 1

पहले चरण के अंतर्गत सभी प्रशिक्षुओं को अनेकों विषयों पर शिक्षा प्रदान कराई जाती है और उन्हें प्रदान की जाने वाली शिक्षा बड़ी ही कठोरता के साथ पूरी कराई जाती है, ताकि अधिकारी बनने के बाद नौकरी करते समय आने वाली अनेकों प्रकार की चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षार्थी सक्षम हो सकें। पहले चरण के अंतर्गत दो माड्यूल्स निर्धारित किए गए हैं, जिसके माध्यम से शिक्षार्थियों को शिक्षा प्रदान कराई जाती है।

  1. एकेडमिक मॉड्यूल: इस मॉडल के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को थीम पर आधारित शिक्षा प्रदान की जाती है। थीम आधारित प्रशिक्षण के अंतर्गत कई प्रकार के विषयों पर शिक्षा (ऑफिसर नीति निर्माण, ग्रामीण विकास, विकेंद्रीकरण, कानून और व्यवस्था, कृषि प्रबंध, राष्ट्रीय सुरक्षा, शहरी प्रबंध, कार्यालय प्रबंध, ढांचा, ई गवर्नेंस, प्राइवेट पार्टनरशिप, पंचायती राज, प्रशासन इत्यादि) दी जाती है। इसके अंतर्गत आप सभी लोगों को इन्हीं विषयों पर शिक्षा प्रदान की जाती है और इन विषयों पर शिक्षा प्रदान कराने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आप अधिकारी बनने के बाद अपने क्षेत्र का विकास कर सके।
  2. विंटर स्टडी टूर: लबसना संस्थान के माध्यम से आप सभी प्रशिक्षुओं को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करने के लिए संपूर्ण देश की यात्रा करने का प्रावधान भी निर्धारित किया गया है, जब आप इस संस्था के माध्यम से देश की यात्रा करते हैं, तो इसे भारत दर्शन स्टडी कहा जाता है। इसके साथ साथ आप सभी लोगों को संसदीय अध्ययन के लिए संसदीय अध्ययन ब्यूरो के साथ 1 सप्ताह की ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिसके माध्यम से आपको संसदीय प्रणाली में कामकाज करने के विषय में जानकारी प्राप्त हो जाती है। इस मॉड्यूल के अंतर्गत आप सभी लोगों को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति इत्यादि लोगों से भी मिलवाया जाता है, ताकि आप उनके हाव-भाव को समझ सके।

चरण 2

दूसरे चरण के अंतर्गत आप सभी शिक्षार्थियों को अपने अपने अनुभव का साझा करने का अवसर एक दूसरे से दिया जाता है। आप सभी लोगों को इसमें देश के शासन और प्रशासन की कमियों और अच्छाइयों को समझने के लिए सक्षम बनाया जाता है।

इतना ही नहीं इसके साथ-साथ आप सभी लोगों को सरकारी मशीनरी के रूप में कार्य करने वाले विशेषज्ञ और बाहरी प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के विशेष सत्र भी आयोजित किए जाते हैं, जिसमें आप सभी लोगों की मुलाकात उनसे करवाई जाती है। प्रशिक्षण के दौरान आप सभी शिक्षार्थियों को सरकारी सेवा में अपना करियर शुरू करने से पहले विशेष रुप से सीखने का अवसर दिया जाता है।

लबसना ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रशिक्षुओं की कैसी दिनचर्या होती है?

आइए हम सभी लोग जानकारी प्राप्त करते हैं कि प्रशिक्षणार्थियों को लबसना में किन-किन नियमों का पालन करना होता है और उनकी दिनचर्या कैसी होती है:

  • लबसना संस्थान में परीक्षार्थियों के दिन की शुरुआत सुबह 6:00 बजे से होती है और लगभग 60 मिनट अर्थात 1 घंटे के अभ्यास के ड्रिल से शुरू हो जाती है।
  • यहां पर सुबह 9:00 बजे से अकादमिक बेल की शुरुआत हो जाती है और लगभग प्रशिक्षण अकादमिक बेल होते हैं, प्रत्येक बेल के लिए 55 मिनट का समय निर्धारित किया गया होता है।
  • शाम के समय में सभी परीक्षार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए खेलने, घुड़सवारी करने और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर दिया जाता है।
  • छुट्टियों के समय में सभी प्रशिक्षणार्थियों को एडवेंचर, स्पोर्ट्स, पैराग्लाइडिंग, शार्ट टैक्स, रॉक क्लाइंबिंग इत्यादि के साथ-साथ हिमालय पर ट्रैकिंग करने का अभी सुनहरा अवसर प्राप्त होता है, ऐसा करके उन्हें विपरीत परिस्थितियों में रहना सिखाया जाता है।
  • सभी प्रशिक्षणार्थियों को इसके साथ साथ ग्रामीण जन जीवन को बेहतर तरीके से समझने के लिए पिछड़े ग्रामीण इलाकों के दौरे पर लेकर जाया जाता है।
  • सभी शिक्षार्थियों को क्लब सोसाइटी की गतिविधियों का हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहन दिया जाता है, इस प्रकार से एक प्रशिक्षित आईएएस अधिकारी बनते हैं, इस प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष लग जाते हैं।

ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद शिक्षार्थियों को दी जाती है एमए की डिग्री?

लबसना ट्रेनिंग सेंटर में 2 वर्षों की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उत्तीर्ण होने के पश्चात अधिकारियों को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अर्थात जेएनयू के द्वारा मान्यता प्राप्त MA इन पब्लिक मैनेजमेंट की डिग्री प्रदान की जाती है। यह डिग्री यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा को क्लियर करने के बाद आईएएस ऑफिसर को दी जाती है। यही डिग्री आईएस ऑफिसर की मान्यता प्राप्त डिग्री मानी जाती है।

लबसना क्या है?

लबसना एक ऐसा संस्थान है, जहां पर यूपीएससी अर्थात यूनियन पब्लिक सर्विस ऑफ कमीशन के द्वारा आयोजित की गई सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद चयनित अभ्यार्थियों को बुलाया जाता है और उन्हें इस एकेडमी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

लबसना की स्थापना कब की गई थी?

लबसना की स्थापना 15 अप्रैल 1958 ईस्वी में की गई थी।

लबसना की स्थापना किसके द्वारा किया गया था?

पंडित गोविंद बल्लभ पंत के द्वारा

लबसना का फुल फॉर्म क्या है?

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकैडमी

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकैडमी में किन अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है?

लबसना अकैडमी में यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

निष्कर्ष

हम आप सभी लोगों से उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख लबसना (LBSNAA) क्या है? पूरी जानकारी (LBSNAA Kya Hai) अवश्य ही पसंद आया होगा। यदि आप हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख वाकई में पसंद आया हो तो कृपया इसे अवश्य शेयर करें और यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल या फिर कोई सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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