नेपाल का इतिहास और रोचक तथ्य

History of Nepal in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम आप सभी लोगों को अपने इस महत्वपूर्ण लेख के माध्यम से बताने वाले हैं भारत के उत्तरी सीमा एवं पश्चिमी सीमा के मध्य में सतलुज नदी के पूर्वी क्षेत्र में सिक्किम के इलाके तक लगभग 500 मील दूर तक फैले हुए एक स्वतंत्र देश के विषय में। भारत के इस पड़ोसी देश में बहुत से प्रमुख पर्यटन स्थल मौजूद हैं। हम आज इस लेख के माध्यम से ऐसे देश के बारे में बात करने वाले हैं, जहां पर दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत माउंट एवरेस्ट स्थित है।

अब तो आप सभी लोग समझ गए होंगे कि हम किस देश की बात कर रहे हैं। जी हां, आप सभी लोगों ने बिल्कुल ही सही अनुमान लगाया हम बात कर रहे हैं, भारत के पड़ोसी देश नेपाल के विषय में। नेपाल भारत के उत्तरी तथा पश्चिमी सीमा के मध्य में स्थित एक स्वतंत्र देश है। नेपाल की राजधानी काठमांडू है। नेपाल का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल हिमालय के तराई क्षेत्रों में बसे पोखरा नेपाल को कहा जाता है। नेपाल में ही विश्व का सबसे बड़ा एवं सबसे ऊंचा पर्वत माउंट एवरेस्ट स्थित है।

History of Nepal in Hindi
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आज आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख के माध्यम से नेपाल देश के विषय में संपूर्ण इतिहास और नेपाल देश के विषय में सभी जानकारियां विस्तारपूर्वक से जानने को मिलेगी। आज आप सभी लोगों को इस लेख में जानने को मिलेगा, कि नेपाल देश का इतिहास क्या है? भारत एवं नेपाल के बीच में क्या रिश्ता है? नेपाल का भौगोलिक क्षेत्र नेपाल की अर्थव्यवस्था, नेपाल में बोली जाने वाली भाषाएं और नेपाल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य इत्यादि के विषय में बड़ी ही विस्तार पूर्वक से बताने वाले हैं तो चलिए शुरू करते हैं।

नेपाल का इतिहास और रोचक तथ्य | History of Nepal in Hindi

कहां स्थित है नेपाल?

दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जो कि नेपाल के विषय में नहीं जानता हो। नेपाल एक ऐसा देश है, जहां पर सदैव बाढ़ एवं भूकंप का खतरा बना रहता है। नेपाल हमारे भारतवर्ष के उत्तरीय सीमा एवं पश्चिमी सीमा के मध्य में सतलुज घाटी के सिक्किम के क्षेत्रों तक लगभग 500 मील की दूरी तक फैला हुआ है। नेपाल की राजधानी काठमांडू है। नेपाल में अनेकों प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं।

नेपाल और भारत के बीच संबंधों की गहराइयां

अभी हाल ही में आप सभी लोगों को न्यूज़ के माध्यम से यह तो पता तो ही चला ही होगा कि नेपाल एवं भारत के बीच में रिश्ता गरमाहट हो गया है। हालांकि नेपाल और भारत का रिश्ता बहुत ही पुराना है फिर भी इनके बीच में गर्माहट हो गई है। भारत और नेपाल के बीच लगभग 1850 किलोमीटर लंबा एक बॉर्डर बनाया गया है।

भारत के कुछ ऐसे राज्य है, जिनकी सीमाएं नेपाल से छूती है जैसे कि बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल। वर्ष 1950 ईस्वी में भारत एवं नेपाल के बीच शांति एवं दोस्ती का हाथ बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध इंडो नेपाल संधि ने नेपालियों और भारतीय लोगों के शिक्षा एवं आर्थिक अवसर देने की विशेष बात कही है। भारतीय एवं नेपाली नागरिकों को सिविल सर्विस के साथ-साथ अन्य सरकारी सेवाओं में हिस्सा लेने के लिए आजादी मिल गई है।

वर्तमान समय में भारत में लगभग 700000 नेपालियों से भी अधिक नेपाली काम करते हैं। लगभग 45000 से भी अधिक नेपाली नागरिक भारतीय सेना के साथ साथ पैरामिलिट्री में भी काम करते हैं। आपको यह बात जानकर बहुत ही हैरानी होगी कि भारत एवं नेपाल का बॉर्डर सदैव खुला रहता है। आप सभी लोगों को नेपाल जाने या फिर नेपाल से वापस भारत आने के लिए किसी भी प्रकार के वीजा की आवश्यकता नहीं है। नेपाल का लगभग 66% तक कारोबार भारत में ही होता है।

नेपाल का इतिहास

नेपाल बहुत ही प्राचीन समय में अशोक साम्राज्य का ही एक अंग हुआ करता था। तीसरी शताब्दी में ही अशोक साम्राज्य ने नेपाल को अपने अधीन किया था, इसके बाद चौथी शताब्दी में नेपाल राज्य समुद्रगुप्त की सार्वभौमिक सत्ता को स्वीकार कर लिया। चौथी शताब्दी से लेकर सातवीं शताब्दी के शुरुआती समय तक समुद्रगुप्त ने ही नेपाल पर राज्य किया।

इसके बाद सातवीं शताब्दी में नेपाल पर आधिपत्य जमाने के लिए तिब्बत ने हमला कर दिया और नेपाल पर अपना अधिकार जमा लिया। इन सभी हमलों के बाद नेपाल में आंतरिक संघर्षों के कारण बहुत ही अधिक रक्त पात्र होने लगा और 11वीं शताब्दी आते आते नेपाल में ठाकुरी वंश के राजाओं ने अपना अधिकार जमा लिया। इन सभी के बाद जब नेपाल में मल्ल वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक यक्षमल्ल ने लगभग 14 से 28 ईसवी से लेकर 14 से 75 ईसवी तक राज्य किया।

इन सभी के बाद नेपाल पर आक्रमण नहीं रुका अतः बाद में नेपाल देश पर मिथिला के शासक नन्यदेव ने अपना आधिपत्य केवल कुछ ही महीनों के लिए जता पाए। इतना ही नहीं मल्ला वंश के शासक यक्षमल्ल के मृत्यु से पहले ही नेपाल का बटवारा हो गया। इस बंटवारे के बाद भी नेपाल काठमांडू और भारत गांव के दो परस्पर प्रतिद्वंदी राज्यों में स्वयं ही बैठ गया।

इन राजाओं के झगड़े का लाभ उठाकर पश्चिमी हिमालय के क्षेत्रों में निवास करने वाले गोरखा जाति ने सन 1768 हिस्ट्री में अपना अधिकार जमाने के लिए नेपाल पर आक्रमण कर दिया और नेपाल पर अपना एकाधिकार जमा लिया। पश्चिमी हिमालय के गोरखाओं ने अपनी सैनिक शक्ति में बुद्धि का विकास किया और नेपाल पर एक शक्तिशाली राज्य का गठन कर दिया। 19वीं शताब्दी आते आते गोरखाओं ने अपने राज्य की दक्षिणी सीमा को बढ़ाकर ब्रिटिश भारत की उत्तरीय सीमा से मिला दिया।

इन सभी के बाद सीमा समीप बहुत ही गहरा विषय बना और 1814 ईसवी से लेकर 1815 ईसवी में नेपाल और अंग्रेजों के मध्य बहुत ही भयंकर युद्ध हुआ। इस युद्ध में दोनों देशों के मध्य सुगौली की संधि हो गई और इसी के अनुसार नेपाल ने अपने राज्य के कुछ महत्वपूर्ण विभागों को ब्रिटिश सरकार को भेंट स्वरूप दे दिया। नेपाल में एक ध्वज संधि भी हुई, जिसके अनुसार नेपाल की बैदेशिक नीति भारत की ब्रिटिश सरकार के द्वारा नियंत्रित की जाती थी।

1951 ईस्वी से 1960 ईस्वी के मध्य जब भारतीय राजा महेंद्र सिंह ने पंचायत प्रणाली को अधिनियमित किया था। तब नेपाल में एक बहू पार्टी लोकतंत्र का विकास भी हुआ था, इसके बाद वर्ष 1990 ईस्वी में संसदीय सरकार को राजा वीरेंद्र ने बहाल कर दिया और लगभग 1 दशकों तक नेपाल को कम्युनिस्ट माओवादी उग्रवाद का सामना करना पड़ा।

इन सभी के बाद वर्ष 2008 में एक राजशाही की भी संपत्ति की गई और नेपाल की दूसरी वैधानिक असेंबली ने वर्ष 2015 ईस्वी में नए संविधान को प्रतिपादित किया। अनेकों वर्षों के राजनैतिक उत्तल पुथल और महान संघर्षों के कारण 20 सितंबर 2015 को एक नया संविधान लागू किया गया और इससे पहले यह हिंदू राष्ट्र ही था, परंतु वर्तमान समय में संविधान ने नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किया और नेपाल के संविधान को सभी नागरिकों को अपनी इच्छा अनुसार अपने धर्म का पालन करने की आजादी दी गई है।

इन सभी के बाद नेपाल के बहुसंख्यक क्षेत्रों वाले इलाकों में लोग हिंदू धर्म के अनुयाई बने रहें और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में बौद्ध धर्म के विकृत के रूप में अनुयाई का काम करते रहें। प्राचीन नेपाल में संस्कृत के बहुत से हस्तलिखित महत्वपूर्ण ग्रंथ मौजूद हैं। वर्तमान समय में नेपाल महाराज वीरेंद्र के शासन के अंतर्गत जीवन यापन कर रहा है। महाराजा वीरेंद्र के पिता स्व. महाराजा महेंद्र ने एक नया संविधान लागू किया।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत पर्व में नेपाल का उल्लेख करण की दिग्विजय के संबंध में किया जाता है। नेपाल देश में जो भी राजा होते थे, उन्हें जीत कर वह हिमालय पर्वत से नीचे की ओर उतर आए और उसके बाद पूरब की ओर अग्रसर हुए। इन सभी के बाद कर्ण ने अंग भंग आदि पर भी विजय प्राप्त कर लिया।

इससे यह ज्ञात होता है कि प्राचीन समय में भी भौगोलिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से नेपाल को भारत का ही एक हिस्सा माना जाता था। नेपाल नाम कोई वर्तमान नाम नहीं है बल्कि प्राचीन समय से ही अर्थात महाभारत के समय से ही नेपाल नाम प्रचलित है। नेपाल देश में बहुत ही अधिक समय तक अनार्य जनजातियों का राज्य रहा और मध्य युग में राजनीतिक शतक मेवाड़ राजस्थान के राजवंश की एक शाखा के हाथों में आ गई थी।

राजपूतों के द्वारा की गई शाखा मेवाड़ से मुसलमानों के आक्रमण से बचने के लिए नेपाल में आकर छिपे हुए थे और जो छत्रिय वंश नेपाल में जाकर रहने लगे हैं। वर्तमान समय में क्षत्रिय वंश के लोगों का ही अधिकार नेपाल में चलता आ रहा है। नेपाल में अनेक ऐसे स्थान है, जहां पर प्राचीन काल से अब तक हिंदू तथा बौद्ध धर्म के पुण्य तीर्थ आप सभी लोगों को देखने के लिए मिल जाएंगे।

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नेपाल देश की अर्थव्यवस्था

वर्ष 2015 में लागू किए गए संविधान के बाद वर्ष 2018 के लिए नेपाल का एक सकल घरेलू उत्पाद लगभग 28.8 बिलीयन डॉलर हो गया था और वर्ष 2018 में ही 3 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर के साथ वर्ष 2019 में 7.1% तक पहुंच गया। नेपाल ने दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देशों में से एक देश है।

हालांकि वर्तमान समय में देश का प्रति व्यक्ति जीडीपी में लगभग 165 स्थान पर है और पीपीपी के अनुसार प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के क्षेत्र में लगभग 162 स्थान पर है। इतना ही नहीं नेपाल एक ऐसा देश है, जो 23 अप्रैल 2004 से डब्ल्यूटीओ का सदस्य भी है।

नेपाल देश में बोली जाने वाली भाषाएं

नेपाल देश में निवास करने वाले लोगों को नेपाली तथा वहां पर बोली जाने वाली सबसे प्रमुख भाषा अर्थात नेपाल की राजभाषा नेपाली ही है। नेपाल देश की संस्कृति, तिब्बत एवं भारत से काफी मिलती जुलती है। नेपाल में नेपाली भाषा को छोड़कर मुख्य रूप से 6 भाषाएं बोली जाती हैं: गुरुंग, तामंग, नेपा भाषा नेवा, गोरखाली, किराती और मगर। 

नेपाल देश में घटित ऐतिहासिक घटनाओं की सूची

वर्षघटित हुई घटना
15 सितंबर 1846जंग बहादुर राणा के द्वारा कब्जा
16 दिसंबर 1862संविधान को मिली स्वीकृति
21 दिसंबर 1923स्वतंत्र एवं संप्रभुता राष्ट्र के लिए नेपाल और यूनाइटेड किंगडम ने किया हस्ताक्षर
15 जनवरी 19348.7 की तीव्रता से आया भूकंप और लगभग 11000 लोगों की गई जाने
16 जुलाई 1951नेपाल हुआ स्वतंत्र
29 मई 1953माउंट एवरेस्ट पर चढ़े सर एडमंड हिलेरी और नेपाली भारतीय शेरपामाउंटेन तेनजिंग नोर्गे
14 मार्च 1955महेंद्र बने राजा
25 मई 1955दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे पर्वत कंचनजंगा पर चढ़ाई

नेपाल के किन-किन शहरों में सबसे अधिक है आबादी?

नेपाल में भी कुछ ऐसे शहर मौजूद है, जहां की आबादी धीरे-धीरे भारत को भी पीछे छोड़ रही है आइए जानते हैं:

  • जुमला
  • धनगढ़ी
  • काठमांडू
  • नेपालगंज
  • ललितपुर
  • बीरगंज
  • भीम खेड़ी
  • सल्याण
  • राज विरार
  • बक लूंग

नेपाल के पड़ोसी देश

नेपाल के मात्र दो ही पड़ोसी देश हैं पहला भारत और दूसरा चाइना।

नेपाल के प्रसिद्ध व्यक्तियों की सूची

नामआयु का समयकार्यक्षेत्र
अंबर गुरुंग1938 से 2016संगीतकार
कृष्ण प्रसाद भट्टराई1924 से 2011राजनेता
सुशील कोइराला1939 से 2016राजनेता

नेपाल देश से जुड़े रोचक तथ्य

  • विश्व बैंक के अनुसार वर्ष 2016 में नेपाल के कुल जनसंख्या लगभग 2.9 करोड थी।
  • नेपाल की सीमाएं दक्षिण पूर्व एवं पश्चिम में भारत से और उत्तर में चीन से जुड़ी हुई है।
  • नेपाल में ही लुंबिनी नामक स्थान पर 623 ईसा पूर्व गौतम बुध का जन्म हुआ था।
  • नेपाल में लगभग 80 से भी अधिक जातियां निवास करती है, परंतु नेपाली एक ऐसा देश है, जहां पर कभी भी जाति को लेकर संघर्ष नहीं होता।
  • नेपाल में निवास करने वाले ज्यादातर लोग हिंदू धर्म, बौद्ध, धर्म इस्लाम धर्म और इसाई धर्म के हैं।
  • नेपाल देश का कुल क्षेत्रफल लगभग 56827 वर्ग मील है।
  • वर्ष 2015 में 7.8 से लेकर 8.1 की तीव्रता से आए भूकंप में लगभग 11000 लोगों की जानें चली गई।
  • दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत माउंट एवरेस्ट नेपाल में ही स्थित है, माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई लगभग 8848 मीटर है।
  • आधिकारिक रूप से नेपाल में शनिवार का अवकाश रहता है, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार भारत में रविवार का।
  • नेपाल में निवास करने वाले प्रमुख जातीय समूह क्षत्रिय, बहू, मग्र इत्यादि है।
  • नेपाल में उपयोग में लाई जाने वाली मुद्रा नेपाली रुपया है।
  • नेपाल में बोली जाने वाली राष्ट्रभाषा नेपाली है।

निष्कर्ष

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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