काश शायरी

Kaash Shayari in Hindi

Kaash Shayari in Hindi
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काश शायरी | Kaash Shayari in Hindi

काश तू समझ सकती
मोहब्बत के उसूलो को,
किसी की सांसो में
समाकर उसे तन्हा नहीं करते .

काश तू मेरे आँखों का आंसू बन जाये,
मैं रोना ही छोड़ दूँ तुझे खोने के डर से।

काश तुम मुझे एक खत लिख देते,
मुझमे क्या-क्या थी कमी यह तो लिख देते,
मेरे दिल से तुमने नफरत क्यूँ की,
नफरत की ही मुझे कोई वजह तो लिख देते।

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काश मैं ऐसी जरूरत बन जाऊँ,
जिसकी तुम्हे तलब रहे सारी जिंदगी.

उसकी हसरत को मेरे
दिल में लिखने वाले,
काश… उसको भी
मेरी क़िस्मत में लिखा होता।

बरसों बाद भी तेरी
जिद की आदत नहीं बदली,
काश हम मोहब्बत नहीं…
तेरी आदत होते।

****

अपनी खुशियाँ लुटाकर उसपर कुर्बान हो जाऊ,
काश कुछ दिन उसके शहर का मेहमान हो जाऊ,
वो अपना नायाब दिल मुझको देदे, और फिर
वापस मांगे, मैं मुकर जाऊ और बेईमान हो जाऊ।

काश… एक ख्वाहिश
पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आकर गले लगा ले,
मेरी इजाजत के बगैर।

Kaash Shayari in Hindi

काश कभी मेरी कमी ने
तुझे भी उदास किया होता.

तेरे हुस्न पे तारीफों
भरी किताब लिख देता,
काश… तेरी वफ़ा
तेरे हुस्न के बराबर होती।

काश के तुम समझ पाओ
मेरी चाहत की इन्तहा को,
हैरान रह जाओगे तुम
अपनी खुश नशीबी पर।

काश कि तुम कोई दिसम्बर होते,
साल के आखिर मे आ तो जाते.

काश तेरी जुदाई की कोई सरहद होती,
पता तो रहता अभी
कितना सफर और तय करना है.

वो रोज़ देखता है
ढलते सूरज को इस तरह,
काश… मैं भी
किसी शाम का मंज़र होता।

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काश ये मोहब्बत ख्वाब सी होती,
बस आँखे खुलती और किस्सा खत्म।

आँखें भिगोने लगी है
अब तेरी बातें,
काश तुम अजनबी ही
रहते तो अच्छा होता.

काश… फुरसत में उन्हें
भी ये ख्याल आ जाये,
कि कोई याद करता है
उन्हें ज़िन्दगी समझकर।

ऊपर वाले ने कितने लोगो
की तक़दीर सवारी है,
काश वो एक बार मुझे भी
कह दे की आज तेरी बारी है.

काश तुम मेले में मिलने
वाले उन खिलौनों में से होते,
ऊँगली रख कर बस कहने
भर की देर थी, पापा ये चाहिए.

*****

आँसू आ जाते हैं रोने से पहले,
ख्वाब टूट जाते हैं सोने से पहले,
लोग कहते हैं मोहब्बत गुनाह है,
काश कोई रोक लेता इसे होने से पहले।

काश तू इतनी सी मोहब्बत निभा दे,
जब भी मैं रूठूँ तो तू मुझे मना ले.

आज धुंध बहुत है,
काश वो टकरा जाएँ हमसे.

Kaash Shayari in Hindi

उतरा है मेरे दिल में कोई चाँद नगर से,
अब खौफ ना कोई अंधेरों के सफ़र में,
वो बात है तुझ में कोई तुझ सा नहीं है,
काश कोई देखे तुझे मेरी नज़र से।

काश वो उस दिन
नक़ाब में होती तो
आज हम उसकी
क़ैद में ना होते.

काश तुझे सर्दी के
मौसम मे लगे मोहब्बत की ठंड,
और तु तड़प के
मांगे मुझे कंबल की तरह.

काश तू भी बन जाये तेरी यादों की तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आयें।

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए,
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए.

काश कि तुम समझ
सकते मोहब्बत के उसूलों को,
किसी के जीने की वजह बनने के बाद,
उन्हें तन्हा छोडा नहीं करते.

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काश आ जाए वो मुझे जान से गुजरते देखे,
ख्वाहिसे थी कभी मुझको बिखरते देखे।

कितने आँसू बहा दिए हैं,
इस चार दिन की मोहब्बत में,
काश सजदे में बहाते,
तो आज गुनाहों से पाक होते.

काश हमे बेपरवाह रहना सिखाए कोई,
हम थक गए परवाह करते करते।

लौटा देती ज़िन्दगी
एक दिन नाराज़ होकर
काश मेरा बचपन
भी कोई अवार्ड होता.

काश तुम समझ पाते मेरे
अनकहे अल्फ़ाज़ों को,
तो ये एहसास स्याही और
काग़ज़ के मोहताज ना होते.

सब मतलब की बात समझते हैं,
काश कोई बात का मतलब समझता

दिले-ए-गुमराह को
काश मालूम होता,
प्यार तब तक हसीन है
ये जब तक नहीं होता।

काश में बन जाऊ वो झूला
जिस पर तू बैठकर
खिलखिला कर हँसे.

****

ऐ काश… कहीं कुदरत
का यह निजाम हुआ करे,
तुझे देखने के सिवा न
मुझे कोई काम हुआ करे।

गज़ल के रूप में ढ़ल
जाऊँ काश मैं भी,
उदास लम्हों में
शायद वो गुनगुनाऐं मुझे.

काश आँसुओ के साथ यादें भी बह जाती,
तो एक दिन तसल्ली से बैठ कर देख लेते।

काश ऐसी भी हवा चले,
कौन किसका है पता तो चले.

Kaash Shayari in Hindi

तेरे हुस्न पर तारीफों
भरी किताब लिख देता,
काश तेरी वफ़ा तेरे
हुस्न के बराबर होती।

काश की लम्हे भर के
लिये रुक जाये ज़मी की गर्दिशे,
और कोई आवाज ना हो
तेरी धड़कने के सिवा.

काश हमे भी कोई समझने वाला होता,
तो आज हम इतने नासमझ न होते,
काश कोई इश्क का जाम पिलाने वाला होता,
तो आज हम भी इस शराब के दीवाने न होते।

काश मैं बन जाऊ वो झूला,
जिस पर तू बैठकर खिलखिला कर हँसे.

काश आप मेरी आँखों
का आँसू बन जाएँ,
और मैं रोना ही छोड़ दूँ
आपको खोने के डर से.

काश दिल की अबाज़
में इतना असर हो जाए,
हम याद करे उनको
और उन्हें खबर हो जाए।

काश की ज़िन्दगी में किसी के काश न रहे,
खुश हों सब ज़िंदगी से नई तलाश न रहे.

नहीं बस्ती किसी और
की सूरत अब इन आँखों में,
काश की हमने
तुझे इतने गौर से न देखा होता।

सरक गया जब उसके
रुख से पर्दा अचानक,
फ़रिश्ते भी कहने
लगे काश हम भी इंसां होते.

काश तू भी बन जाए तेरी यादों की तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये।

काश कि दिल पर
अपना अख्तियार होता,
ना नफरत होती ना प्यार होता.

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काश मेरा घर तेरे घर
के करीब होता,
बात करना न सही
देखना तो नसीब होता.

काश एक सर्जिकल स्ट्राइक
मेरे दिल की भी हो बिन बताए?
तुझे भी तो पता चले तेरी
चाहत के कितने कैंप लगा रखे हैं मैंने.

ख्वाहिशों का आदी
दिल काश ये समझ सकता,
कि साँस टूट जाती है
इक आस टूट जाने से.

काश एक बार
आवाज तो दी होती तुमने
हम तो वहाँ से भी लौट
आते जहाँ से कोई नहीं आता.

काश इस गुमराह दिल
को ये मालूम होता कि
मोहब्बत उस वक्त
तक ही दिलचस्प होती है.
जब तक नहीं होती है.

थाम लो हाथ उसका
जो आपसे प्यार करे,
इससे पहले के आपके
होठों पर काश रह जाए.

वो दुआएं काश मैने
दीवारों से मांगी होती,
ऐ खुदा सुना है
कि उनके तो कान होते है.

जिन्दगी में बस यही
एक मलाल है कि
काश तुम समझ
सकती मुझे और मेरी बातों को.

जाता हुआ मौसम लौटकर आया है,
काश वो भी कोशिश करके देखे.

ना चाँद अपना था,
ना तू अपना था,
काश दिल भी मान
लेता की सब सपना था.

*****

काश मै पलट जाऊं बचपन कि वादी में
जहाँ न कोई जरुरत थी न कोई जरुरी था.

काश वो आ जायें
और देख कर कहें मुझसे,
हम मर गये हैं क्या?
जो इतने उदास रहते हो.

उसने कहा,
कहाँ रहते हो आज कल,
काश उसने एक बार
अपने दिल में देखा होता.

बेबस सी आँखे ढूंढ
रही है तुमको,
काश की इस
दुनिया में तुम ही तुम होते.

दिल की आरजू से पहले,
जरा सोच लिया होता,
काश की हम मोहब्बत में,
तुम्हारी तरह दिमाग लगाते.

खवाहिशों का आदी
दिल काश यह समझ सकता
साँस टूट जाती है
आस टूट जाने से.

काश के कुछ यूँ होता,
होता कुछ और
अगर तू बेवफा ना होता.

इक ये कोशिश कि कोई
देख ना ले दिल के जख्म
इक ‘ख्वाहिश’ ये
कि ‘काश कोई देखने वाला होता

काश निगाहें फेर लेने से,
ताल्लुक भी खत्म हो पाते.

Kaash Shayari in Hindi

काश आदमी के
गिरने की हद भी तय होती,
तो बेटियाँ इस मुल्क
की शायद महफूज़ होतीं.

काश कि तुझे वक़्त
के सेहरा में लगे प्यास,
और तू तड़प के
मांगे मुझे पानी की तरह.

काश कि वो लौट के
आयें मुझसे ये कहने,
कि तुम कौन होते हो
मुझसे बिछड़ने वाले.

काश कोई मिले मुझे इस
तरह कि फिर जुद़ा ना हो,
जो समझे मेरे मिजाज़ को
और कभी मुझसे खफ़ा ना हो.

चल दिया वो सब
को तन्हा छोड़ कर,
काश वो दुनिया
में रहता देर तक.

बदलती रहती हैं हकीकतों
की बारिश वक्त के साथ
काश उम्मीदों के
घरौंदे समझ के पत्थरों से बनातें.

मैं हँसता हूँ
तो बस अपने ग़म छिपाने के लिए,
और लोग देख के कहते है
काश हम भी इसके जैसे होते.

काश तू मुझसे बस इतनी
सी मोहब्बत निभा दे,
जब मै रुठु तो तू मुझे मना ले.

काश कभी तुम समझ
पाओ इस प्यार के जुनून को,
हैरान रह जाओगे मेरे
दिल में अपनी कदर देख कर

बहुत असर रखता है,
हर लफ्ज़ उसकी जुबान का,
ए काश के वो मुझसे
मिलने की दुआ मांगे.
उन्हें ज़िन्दगी समझकर.

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 5 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।

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