हमसफर शायरी

Humsafar Shayari In Hindi

हमसफर शायरी (Humsafar Shayari In Hindi)

Humsafar Status Hindi

राह भी तुम हो राहत भी तुम ही हो,
मेरे सुख और दुख को बांटने वाली हमसफर भी तुम ही हो.

आप जैसा हँसी हमसफ़र हो अगर,
जा रहे हैं कहाँ सोचता कौन है?

मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती,
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती,
दोस्त की कमी हर पल रहती है यार,
दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती।

Humsafar Shayari In Hindi
Humsafar Shayari In Hindi

हमारी तो सिर्फ एक ही ख्वाहिश है
हर जन्म मेरे हमसफर तुम ही बनो

‏ये सितम की रात हैं ढलने को है अन्धेरा गम को पिघलने को है,
ज़रा देर इस में लगे अगर ना उदास हो मेरे हमसफ़र.

Humsafar Quotes

ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो,
तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हों,
कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम,
कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो।

दर्द की दास्ताँ अभी बाकी है,
महोबत का इम्तेहान अभी बाकी है,
दिल करे तो फिर से वफ़ा करने आ जाना,
दिल ही तो टुटा है, जान अभी बाकी है..

जिंदगी की राहो में मिलेंगे तुम्हें हजारों हमसफर
लेकिन उम्र भर भूल ना पाओगे वह मुलाकात हु मैं

फिरते हैं कब से दरबदर अब इस नगर अब उस नगर
एक दूसरे के हमसफ़र, मैं और मेरी आवारगी

ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती
मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती
कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता
मुझे ही क्यूँ मुहब्बत नहीं मिलती ।

बातें तो हर कोई समझ लेता है
हमसफर ऐसा हो जो खामोशी भी समझे

Humsafar Shayari In Hindi

अब इस के बाद घने जंगलो की मंजिल है,
ये वक़्त है के पलट जाएँ हमसफ़र मेरे.

हमसफर बन गए हमनवा बन
तुम मेरे आसमां मेरी जमीन बन गए

जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गये
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की
वो जो साथ चलने वाले रास्ता मोड़ गये।

जिंदगीकी राहों में मुस्कुराते रहो हमेशा
उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं हमसफर न

शाम आयी तो बिछड़े हुए हमसफ़र,
आंसुओं से इन आंखों में आके रहे,
हर मुसाफिर है तन्हा-तन्हा क्यों,
एक-एक हमसफ़र से पूछते हैं.

तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नज़र आता है……
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नज़र आता है…..
कैसी उदास है जिंदगी… बिन तेरे… हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में…. तेरी मौजूदगी का अहसास नज़र आता है।

बेस्ट हमसफर शायरी

गगन से भी ऊंचा मेरा प्यार है
तुझी पर मिटूंगा ये इकरार है
तू इतना समझ ले मेरे हमसफ़र
तेरे प्यार से मेरा संसार है

‏मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना ..
तेरी ही धड़कन कहेगी कि उसकी वफ़ा में
कुछ और ही बात थी।

रुस्वाई ज़िंदगी का मुकद्दर हो गयी,
मेरे दिल भी पत्थर हो गया,
जिसे रात दिन पाने के ख्वाब देखे,
वो बेवफा किसी और की हमसफर हो गई.

शाम आई तो बिछुड़े हुए हमसफ़र
आंसुओं से इन आंखों में आने लगे।
आंखें मंज़र हुई, काम नग़्मा हुए
घर के अन्दाज़ ही घर से जाते रहे।

अकेला छोड़ने वालों को ये बताए कोई
कि हम तो राह को भी हमसफ़र समझते हैं -सऊद उस्मानी

मुद्दतों के बाद कोई हमसफर अच्छा लगा,
गुफ़्तगु अच्छी लगी ज़ौक़-ए-नज़र अच्छा लगा.

उल्फत में अक्सर ऐसा होता है,
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है,
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी,
हमसफर उनका कोई और होता है!

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Humsafar Status Hindi

हमसफ़र मेरे हमसफ़र पंख तुम परवाज़ हम
ज़िंदगी का साज़ हो तुम साज़ की आवाज़ हम
‏मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तेरा क्या भरोसा ए हमसफ़र,
तेरी यु प्यार करने की अदा, कहीं मेरा दर्द और न बढ़ा दे.

ना तो कारवाँ की तलाश है, ना तो हमसफ़र की तलाश है
मेरे शौक़-ए-खाना खराब को, तेरी रहगुज़र की तलाश है
साहिर

हमसफ़र खूबसूरत हो या ना हो,
लेकिन सच्चा होना चाहिए.

रात तनहाईयों की दुश्मन है
हर सफ़र हमसफ़र से रोशन है,
मौज के पास जो किनारा है
वो किनारा हसीन लगता है
-निदा फ़ाजली

हम नादां थे जो उन्हें हमसफ़र समझ बैठे,
वो चलते थे मेरे साथ पर किसी और की तलाश में.

सच्चा हमसफ़र चेहरे का नहीं,
दिल का दीवाना होता है.

उन्हीं रास्तों ने जिन पर कभी तुम थे साथ मेरे,
मुझे रोक रोक पूछा तेरा हमसफर कहाँ है.

Shayari on Humsafar

जो ब-जाहिर हमसे सदियों की मुसाफ़त-बर रहे,
हम उन्हें हर शाम अपना हमसफ़र देखा किये

सामने मंजिल थी और पीछे उसका वजूद क्या करते हम भी यारों,
रुकते तो सफर रह जाता चले तो हमसफर रह जाता.

किसी राह में, किसी मोड़ पर
चल न देना मुझको तू छोड़कर
मेरे हमसफर, मेरे हमसफर,
मेरे हमसफर, मेरे हमसफर

मिल गया होगा कोई गज़ब का हमसफर,
वरना मेरा यार यूं बदलने वाला ना था.

सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
की तेरी साँसे चलती जिधर
रहूँगा बस वही उम्र भर
रहूँगा बस वही उम्र भर हाय

Humsafar Shayari 2 Line

उम्र भर का पसीना उसकी गोद मे सुख जायेगा,
हमसफर क्या चीज है ये बुढापे मे समझ आयेगा.

तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है,
मेरी अधूरी सी जिंदगी का.. ख्वाब नजर आता है,
कैसी उदास है जिंदगी तेरे बिन हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरा अहसास नजर आता है!

बस सफर हमारा है, बाकी सफर के हिस्से है जो,
साथ चले वो हमसफर जो छुट गए वो किस्से है.

मेरे हमसफर मेरे हमनवां,बस सिर्फ दो कदम मेरे साथ चल
ये इल्तिज़ा तो तू मेरी मान ही ले,ऐसा न हो मैं हो जाऊं कल
हमनवां-मित्र इल्तिज़ा-अनुरोध

मेरे साथ रिशता निभाओगे क्या ?
कहो ना ,मेरे साथ आओगे क्या ?
हमें आरज़ू है तुम्हारे साथ की
मुझे हमसफ़र तुम बनाओगे क्या ?
मेरा कोई घर या ठिकाना नहीं
मेरे साथ घर बसाओगे क्या ?
सुना है तुम्हें सिर्फ झूठे ही मिले
मुझे एक दफ़ा आजमाओगे क्या ?

एक ही मंजिल है उनकी‚
एक ही है रास्ता, क्या सबब फिर
हमसफ़र से हमसफ़र लड़ने लगे

Humsafar Shayari For Facebook

आज तुझसे नही शायद खुद से ही मेरी रुसवाई है
तुझसे करके प्यार मैने जिंदगी में पाई सिर्फ तन्हाई है
दामन छुड़ा के प्यार का मेरे तूने अपनी दुनियां बसाई है
मैने समझा तुझे हमसफर अपना तू निकला हरजाई है

ये लकीरें, ये नसीब, ये किस्मत
सब फ़रेब के आईनें हैं…
हाथों में तेरा हाथ होने से ही
मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं…

अगर हमसफ़र साथ देने वाला हो,
तो रास्ते कितने भी मुश्किल भरे हो,
ज़िन्दगी का सफर खूबसूरत हो ही जाता है.

फिर नींद से उठकर इधर उधर देखते है तुम्हे
क्यों ख्वाबों में मेरे इतने करीब चले आते हो तुम
‏बातें मंज़िलों की तू न कर मुझसे,
है हमसफ़र… तो मेरे साथ आ !!

राह के हमसफ़र ऐ मेरे साथिया,
ख्वाब में तुम सदा आते जाते रहें!
जिंदगी जंग है,कण्टकाकीर्ण पथ,
शूल या फूल तुम मुस्कुराते रहे ! !

Humsafar Status 2 Line

तलाश कर मेरी मोहब्बत को अपने दिल में,
ए मेरे हमसफ़र दर्द हो तो समझ लेना की मोहब्बत अब भी बाकि है..!!
तुम बन के उजाला यकीन का
साथ साथ चलना मेरे सतगुरु हमसफ़र
अँधेरा है…यूँ ही सिमट जायेगा

हमसफ़र साथ-साथ चलते हैं
रास्ते तो बेवफ़ा बदलते हैं
आपका चेहरा है जब से मेरे दिल में
जाने क्यों लोग मेरे दिल से जलते हैं
जो अपने हमसफ़र थे दुबारा नहीं मिले,

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा,
बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया !

जो उड़ाते थे मेरे सफर का मजाक
रफ्ता रफ्ता मेरे हमसफर हो गए

Humsafar Shayari

‏खुबसूरत बात ये, चार पल का साथ ये
सारी उम्र मुझको को रहेगा याद
मैं अकेला था मगर, बन गयी वो हमसफ़र, वो मेरे साथ हो गयी..

इतनी अकेली क्यों है ये ज़िंदगी
कोई हमसफ़र क्यों नहीं साथ मेरे
तुम भी दो क़दम साथ चल
छोड़ गए बीच मँझधार
अब कटेगी ये ज़िंदगी किसकेसहारे

मेरे साथ जुगनू है हमसफ़र मगर इस शरर की बिसात क्या,
ये चराग़ कोई चराग़ है न जला हुआ न बुझा हुआ
मेरे रास्ते मेरी मंजिलें मेरे हमसफ़र मेरे हमनशीं
मुझे लूट कर सभी चल दिए, मेरे पास कुछ भी बचा नहीं.
मेरे हमसफ़र मेरे पास आ, मुझे शोहरतें का कोई काम नहीं||
जो तू मुझे मिल जाये तो ,मुझे किसी बात की हया न हो|||

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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